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Saturday, 14 December 2019

जीवन के मकान में रहे अच्छाइयों का प्रवास : आचार्य महाश्रमण


  1. कडूर और बिरूर में अहिंसा यात्रा का भव्य स्वागत
 कडूर, कर्नाटक- सद्भावना नैतिकता और नशामुक्ति इन तीनों आयामों से जन-जीवन का कल्याण करने वाली अहिंसा यात्रा अपने महानायक शांतिदूत आचार्यश्री महाश्रमणजी के पावन नेतृत्व में कडूर पहुंची तो कडूरवासी खुशियों से झूम उठे। आधी सदी बाद अपने आराध्य का अपनी भूमि पर पाकर श्रद्धालुजनों के पांव धरती पर नहीं टिक रहे थे। विभिन्न सम्प्रदायों के लोगों की सहभागिता से स्वागत जुलूस अहिंसा यात्रा के प्रथम आयाम सद्भावना की मिशाल बना हुआ था। आचार्यश्री स्थानीय मूर्तिपूजक समाज की भावभरी प्रार्थना पर कडूर के जैन उपाश्रय में भी गए और श्रद्धालुओं को आशीर्वाद प्रदान किया। लगभग 8 कि.मी. की पदयात्रा कर आचार्यश्री महाश्रमण गवर्नमेंट जूनियर कॉलेज में पहुंचे।

कॉलेज ग्राउंड में आयोजित कार्यक्रम में अहिंसा यात्रा प्रणेता आचार्यश्री महाश्रमण जी ने समुपस्थित जनमेदिनी को संबोधित करते हुए अपने मंगल प्रवचन में कहा कि आदमी के जीवन में अच्छाइयों का प्रवास होना चाहिए। जीवन एक प्रकार का मकान है। इसमें अच्छाइयां भी रह सकती हैं तो बुराइयां भी रह सकती हैं। आदमी के लिए यह ध्यातव्य है कि उसके जीवन रूपी मकान में किसका प्रवास हो रहा है। उन्होंने कहा कि जीवन में ज्ञान का प्रकाश और सदाचार की सुगंध रहनी चाहिए। ज्ञान चेतना प्रकाश करे और संयम में विश्वास रहे।जीवन मे संयम रहे तो मानों सदाचार जीवन में आ जाता है।

आचार्यश्री ने आगे कहा कि शराब का नशा जीवन की दुर्दशा कर सकता है। शराब पीने वाले व्यक्ति का चित्त भ्रांत हो सकता है। चित्त भ्रान्त होने पर आदमी पापों , अपराधों में प्रवृत्त हो सकता है। पाप करने वाला व्यक्ति दुर्गति को प्राप्त कर सकता है। इसीलिए आदमी को शराब का सेवन नहीं करना चाहिए। गरीब व्यक्ति श्रम करके पैसा कमाता है और उसे शराब में उड़ा देता है तो उसकी गरीबी मिटे कैसे? नशे से अनेक कठिनाइयां हो सकती है। आदमी अपने जीवन को नशामुक्त रखे। आचार्यश्री की प्रेरणा से प्रभावित होकर बड़ी तादाद में उपस्थित कडूर के जैन एवं जैनेतर लोगों ने अहिंसा यात्रा की प्रतिज्ञाएं स्वीकार कीं।

श्री तरुण सियाल, स्थानकवासी समाज के श्री शिवरत्न संचेती, मूर्तिपूजक समाज की ओर से श्री महावीर सुराणा, बालक चयन सियाल, श्रीमती श्वेता सुकलेचा और श्रीमती सीमा सियाल आदि ने आचार्यश्री के स्वागत में अपनी अभिव्यक्ति दी। स्थानीय तेरापंथ समाज की महिलाओं ने स्वागत गीत प्रस्तुत किया। सियाल परिवार की पुत्रियों ने आचार्य श्री के स्वागत में गीत का संगान किया।

सूरत चातुर्मास सम्पन्न कर 27 दिनों में लगभग 1125 कि.मी. की यात्रा कर आचार्यश्री महाश्रमणजी के सान्निध्य में पहुंचे उग्रविहारी तपोमूर्ति मुनि कमलकुमारजी ने अपने हृदयोदगार व्यक्त किए।

अपराहन में आचार्य श्री कडूर से 8 किमी की पदयात्रा कर विरूर पहुंचे। जहां जैन समाज के लोगों ने उनका भव्य स्वागत किया। आचार्यश्री ने रात्रिकालीन कार्यक्रम में उन्हें संबोधित करते हुए सद्भावना, नैतिकता और नशामुक्ति को स्वीकार करने का आह्वान किया।

Friday, 21 June 2019

तेरापंथ भवन सिटीलाइट सूरत में विश्व योग दिवस का आयोजन

सूरत - (अलका सांखला) अभातेयुप के निर्देशन में तेरापंथ युवक परिषद सूरत और सहयोगी संस्था प्रेक्षा फाउंडेशन ने शासन श्री सरस्वती जी के सानिध्य में तेरापंथ भवन सिटीलाइट सूरत में विश्व योग दिवस का आयोजन किया। साध्वी श्री संवेगप्रभा जी ने नमस्कार महामन्त्र के साथ कार्यक्रम की शुरुआत की।प्रेक्षा फाउंडेशन की टीम ने "आत्म साक्षात्कार प्रेक्षाध्यान के द्वारा ..." गीत के संगान से मंगलाचरण किया।
     विश्व योग दिवस के बैनर का अनावरण  सभा के मैनेजिंग ट्रस्टी श्री बालचंदजी बेताला,सभा के पूर्वाध्यक्ष श्री सुशील जी सुराणा,महिला मण्डल अध्यक्षा श्री सुनिता जी सुराणा,प्रेक्षा फाउंडेशन सूरत के संयोजक श्री गौतमचंदजी गादिया,अभातेयुप योग दिवस राष्ट्रीय संयोजक श्री कमलेश जी गादिया, अभातेयुप सदस्य श्री राजेश जी मादरेचा,दीपक जी रांका, तेयुप अध्यक्ष श्री प्रकाश जी छाजेड़ व मंत्री श्री सुनील श्रीश्रीमाल ने किया।
    साध्वी श्री संवेगप्रभा जी ने योग दिवस पर कहा कि अगर हमें हमारा जीवन संतुलित रखना है तो जीवन मे योग ज़रूरी है।प्रेक्षा फाउंडेशन सूरत के संयोजक श्री गौतमचंदजी गादिया,अभातेयुप से अंतराष्ट्रीय योग दिवस के संयोजक श्री कमलेश जी गादिया,तेयुप अध्यक्ष श्री प्रकाश जी छाजेड़,आदि ने अपनी भावनाएं व्यक्त की व आचार्य श्री महाप्रज्ञ का अवदान प्रेक्षाध्यान को जनजन तक पहुचाने का आह्वान किया।
 इंटरनेशनल योग कॉम्पिटिशन सिल्वर मेडलिस्ट योगेश जीरावला ने आसन करवाये और प्रेक्षा प्रशिक्षक श्री गौतमचंदजी गादिया द्वारा  कौन से योग से क्या लाभ होता है की जानकारी दी गयी और यौगिक क्रियाएँ करवाई गई।
  श्री मति अलका जी सांखला व उनकी टीम ने श्वाश प्रेक्षा के प्रयोग करवाये।
प्रेक्षा प्रशिक्षिका श्री मति रेणु बैद द्वारा प्रेक्षाध्यान एवं संकल्प करवाये गये ,प्रेक्षा प्रशिक्षिका डॉ.मायाबेन ने हास्य के प्रयोग करवाये।
इस योग शिविर में करीब 300 लोंगो ने भाग लिया,सभी का अच्छा सहयोग रहा।कार्यक्रम के पर्यवेक्षक श्री अमित सेठिया,संयोजक श्री अमित सुराणा व तेयुप सूरत के कार्यकारिणी सदस्यों ने अथक श्रम कर योग दिवस को सफल बनाया।
आभार ज्ञापन कार्यक्रम संयोजक श्री अमित सुराणा ने किया।कार्यक्रम का कुशल संचालन मंत्री श्री सुनील जी श्रीश्रीमाल ने किया।

Sunday, 16 June 2019

तपो मूर्ति मुनि श्री कमल कुमार जी की प्रेरणा से पारले प्वाइंट स्थित धर्म पैलेस में प्रेक्षा वाहिनी का आयोजन

सूरत -(अलका साखला)  पारले प्वाइंट स्थित धर्म पैलेस में प्रेक्षा वाहिनी का आयोजन उत्साही उपासक श्रीमती कमला जी मादरेचा  द्वारा किया। गत वर्ष से उनके मन में भाव थे, जो इस बार साकार हुए।
जिसमें अलका जी सांखला ने ओम के प्रयोग , सामायिक की विशेषताओं तथा जीवन जीने की कला के बारे में बताया। प्रेक्षाध्यान  मंच्र प्रेक्षा करवायी! 
प्रेक्षावाहिनी सहसंचालिका रेनू नाहटा ने खानपान के विषय में बताया जिसमें क्या खाना और उसके शरीर पर होनेवाले परिणाम की जानकारी सबको अच्छी लगी। रंजना भोलावत ने  योैगिक क्रियाएं करवाई  । सभी का मन प्रसन्नता और उल्लास से भर  गया  अलका साखला, चंदु दुगड़, रेखा जैन, रेणु नाहटा द्वारा प्रेक्षा वाहिनी की किटों का वितरण भी  किया गया और कार्यक्रम सामायिक की संपूर्णता के साथ संपन्न हुआ। आचार्य श्री महाप्रज्ञ  जी जन्म शताब्दी वर्ष निमित्त तपो मूर्ति मुनि श्री कमल कुमार जी की प्रेरणा से सूरत में सब में बहुत जागृती आयी है। अंत में "आत्म साक्षात्कार प्रेक्षाध्यान के व्दारा" गीत गुनगुनाते हुए, फिर जल्दी कार्यक्रम रखें यह सब की मांग,सकारात्मक उर्जा से कार्यक्रम का समापन हुआ।

Friday, 17 May 2019

आचार्य महाश्रमण की अहिंसा, संयम और साधना अद्वितीय है -- " उग्रविहारी " " तपोमूर्ति " मुनि श्री कमलकुमारजी

आचार्य महाश्रमण की अहिंसा, संयम और साधना अद्वितीय है -- " उग्रविहारी " " तपोमूर्ति " मुनि श्री कमलकुमारजी

तेरापंथ युवक परिषद द्वारा आचार्य श्री महाश्रमण जी का 46 वां दीक्षा दिवस "युवा दिवस" के रूप में मनाया गया।

तेरापंथ धर्मसंघ के वर्तमान अधिशास्ता महा तपस्वी आचार्य श्री महाश्रमणजी का 46 वां दीक्षा दिवस "युवा दिवस" के रूप में समग्र देश में मनाया गया। अखिल भारतीय तेरापंथ युवक परिषद् के तत्वावधान में तेरापंथ युवक परिषद् की सूरत, उधना, लिंबायत एवं पर्वत पाटिया शाखाओं द्वारा संयुक्त रूप से "युवा दिवस" का आयोजन आचार्य श्री महाश्रमणजी के सुशिष्य "उग्र विहारी" "तपोमूर्ति" मुनि श्री कमलकुमार जी के सान्निध्य में तेरापंथ भवन, सिटीलाइट में किया गया।
इस अवसर पर एक विशाल रैली का आयोजन भी किया गया। रैली को सूरत महानगरपालिका के पार्षद तेरापंथी सुश्राविका श्रीमती सुधाजी नाहटा ने हरी झंडी दिखाकर प्रस्थान करवाया।तेयुप. सूरत के अध्यक्ष श्री संजयजी भंशाली ने युवाओं को मार्गदर्शन दिया। यह रैली वी.आई.पी. रोड स्थित श्री श्यामबाबा मंदिर से प्रारंभ होकर न्यू सिटीलाइट रोड होते हुए तेरापंथ भवन, सिटी लाइट पहुंची,और वहां विशाल धर्मसभा के रूप में परिवर्तित हो गई। धर्मसभा को संबोधित करते हुए तपोमूर्ति मुनि श्री कमलकुमारजी ने कहा -- आचार्य श्री महाश्रमणजी इस कलयुग में भी सतयुग की सौरभ फैलाने वाले महान संत हैं। वर्तमान भौतिक युग में भी वे प्रखर संयम की अनुपालना कर रहे हैं। जन-जन में आध्यात्मिक चेतना का जागरण करने हेतु वे चिलचिलाती धूप या कड़कड़ाती ठंड की परवाह किए बिना कोलकाता से कन्याकुमारी तक निरंतर पदयात्रा कर रहे हैं और बैगलुरू चातुर्मास हेतु प्रवासरत हैं। उनकी अहिंसा, उनकी साधना, उनका संयम, उनका अनुशासन सब कुछ अनुत्तर एवं अद्वितीय है। ऐसे महान गुरु के प्रति श्रावक समुदाय की प्रगाढ़ आस्था सोने में सुहागा बन रही है। यह आस्था विकास का नया मार्ग प्रशस्त करेगी। पूज्य आचार्य श्री के जीवन से हम सब को विशेष रूप से युवाओं और किशोरों को प्रेरणा लेने की जरूरत है।
मुनि श्री ने युवाओं और किशोरों को नसीहत देते हुए प्रतिदिन कम से कम एक सामायिक अवश्य करने की प्रेरणा दी। मुनि श्री ने हाल ही में आकस्मिक दिवंगत हुए गंगाशहर निवासी सुरत प्रवासी सुश्रावक श्री पूनमचंद जी गुलगुलिया की स्मृति सभा में परिवारजनों को संबल दिया। मुनि श्री ने दिवंगत पूनमचंदजी की सेवाओं और संघनिष्ठा को अनुकरणीय बताया।
मुनि श्री नमिकुमार जी ने कहा -- आचार्य श्री महाश्रमणजी समूची मानव जाति के उत्कर्ष के लिए विरल पुरुषार्थ कर रहे हैं। वे हम सबके प्रेरणा स्त्रोत हैं। उनके जीवन से सभी प्रेरणा लें और अपने जीवन को अध्यात्म की ओर मोड़ें। उन्होंने कहा पूज्य प्रवर की मुझ पर असीम कृपा रही है। और उनकी कृपा से ही मुझे आत्म कल्याण का मार्ग प्राप्त हुआ है। मुनि श्री अमन कुमार जी ने सुंदर मधुर गीत का संगान किया।
तेरापंथी सभा, सूरत के अध्यक्ष श्री सुशीलजी सुराणा, मंत्री श्री जीतूभाई मेहता, "अणुव्रत सेवी" श्री अर्जुनजी मेड़तवाल, तेरापंथ युवक परिषद्, सूरत, उधना, लिंबायत एवं पर्वत पाटिया के अध्यक्ष /पदाधिकारी क्रमशः श्री प्रकाशजी छाजेड़, सुभाषजी चपलोत, सुशीलजी रांका, युवा दिवस के गुजरात राज्य प्रभारी श्री कुलदीपजी कोठारी आदि ने प्रासंगिक अभिव्यक्ति की। तेयुप. सूरत के पूर्व अध्यक्ष श्री नरपतजी कोचर ने मुनि श्री के आगामी प्रवास की जानकारी दी। तेरापंथ किशोर मंडल ने इस अवसर पर रोचक परिसंवाद प्रस्तुत किया।


संकलन -- अर्जुन मेड़तवाल
उपाध्यक्ष, तेरापंथी सभा, उधना (सूरत)

प्रिन्ट मीडिया विभाग प्रमुख,
अणुव्रत महासमिति, नई दिल्ली

Sunday, 25 November 2018

श्री जैन श्वेतांबर तेरापंथ धर्मसंघ उधना के "श्रद्धानिष्ठ श्रावक" श्री मिश्रीलाल जी चपलोत का संथारा साधना के साथ देवलोक गमन

श्री जैन श्वेतांबर तेरापंथ धर्मसंघ उधना के "श्रद्धानिष्ठ श्रावक" श्री मिश्रीलाल जी चपलोत का संथारा साधना के साथ देवलोक गमन 

ऐतिहासिक अंतिम प्रयाण यात्रा (पालकी) में जैन ध्वज एवं जैन वेशभूषा के साथ अभूतपूर्व श्रावक समुदाय उमड़ पड़ा

    उधना -   जैन परंपरा में संथारा यानी आजीवन अनशन की साधना को श्रेष्ठ साधना माना गया है। श्री जैन श्वेताम्बर तेरापंथ जैन धर्मसंघ उधना के सुश्रावक श्री मिश्रीलाल जी चपलोत जो कि "बासा" के उपनाम से सुविख्यात थे, उन्होंने श्रावकों के तीन  मनो रथों में से अंतिम मनोरथ संथारा साधना के साथ कल देवलोक गमन किया था।
        आज प्रातः 10:00 बजे उनकी अंतिम यात्रा (पालखी) में तेरापंथ के अलावा जैनों के श्वेतांबर, दिगंबर, मूर्तिपूजक, स्थानकवासी आदि सभी संप्रदायों के श्रावक-श्राविका विशाल संख्या में उमड़ पड़े थे। 
अंतिम प्रयाण-यात्रा उनके निवास स्थान चंदनवन सोसायटी उधना से प्रारंभ होकर आचार्य तुलसी मार्ग, साउथ जोन, नवजीवन हुंडई शोरूम, चौंसठ जोगणिया माता मंदिर होकर उमरा स्मशान भूमी पहुँची जहां पर साधक जनों के लिए विशेष निर्मित स्थान "पुण्य आत्मा भूमि" में उनके पार्थिव देह को परिवारजनों द्वारा मुखाग्नि देते हुए अंत्येष्टि की गई।
     
           आज सोमवार को साध्वी श्री ललितप्रभा जी के सानिध्य में तेरापंथ भवन, उधना में प्रातः 9:30 बजे से उनकी स्मृति-सभा का आयोजन होगा।
विशेष उल्लेखनीय है कि सौम्य एवं मिलनसार प्रकृति के संघ समर्पित सुश्रावक श्री  मिश्रीलाल जी "बासा" को कुछ वर्षों पूर्व उनकी सेवाओं का मूल्यांकन करते हुए आचार्य श्री महाप्रज्ञ जी ने "श्रद्धानिष्ठ श्रावक" का अलंकरण प्रदान किया था।
इससे पूर्व सदगत की संथारा साधना की अंतिम इच्छा अनुसार आचार्य श्री महाश्रमण जी की विशेष अनुज्ञा से उधना में चतुर्मासार्थ विराजित उनकी सुशिष्या "शासन श्री" साध्वी श्री ललितप्रभाजी ने 86 वर्ष के सुश्रावक श्री मिश्रीलालजी "बासा" को समाज के अग्रणियों एवं परिवारजनों की साक्षी में तिविहार संथारा साधना के प्रत्याख्यान करवाए। 

Sunday, 9 September 2018

अखिल भारतीय तेरापंथ महिला मंडल की म.प्र. संगठन यात्रा


                                             पेटलावद से पंकज जे.पटवा की रिपोर्ट


बोरी (म.प्र.))अखिल भारतीय तेरापंथ महिला मंडल द्वारा संगठन यात्रा निकाली जा रही है जो देश के कोने कोने तक पहुँचेगी।इस यात्रा का मुख्य उद्देश्य अ.भा.ते.म.म की सम्पूर्ण योजनाओ की जानकारी महिला मंडल से जुड़ी प्रत्येक महिलाओ को देना और प्रतिभाशाली महिलाओ को समाज मे आगे लाने हेतु विशेष प्रशिक्षण देना है।इसी क्रम में अ. भा.ते.म.म.की राष्ट्रीय प्रचारमंत्री प्रभा घोड़ावत और ते.म.म.इंदौर की निवर्तमान अध्यक्षा सुमन दुगड़* ने अ.भा.ते.म.म के निर्देशन में गत दिनों झाबुआ जिले के प्रमुख क्षेत्र रतलाम,करवड़,झाबुआ,बोरी केसुर, 
शाखा की सार सम्भाल करते हुए महिला मंडल को आगामी योजनाओ की जानकारी प्रदान की।
इस अवसर पर सभी क्षेत्रों की बहिनो ने बडे ही उत्साह से इस संगठन यात्रा का हर्षोउल्लास के साथ स्वागत किया।संगठन यात्रा के दौरान राष्ट्रीय प्रचार मंत्री प्रभा घोड़ावत,और महिला मंडल इंदौर की पूर्व अध्यक्षा सुमन दुग्गड़* ने क्षेत्र की उक्त सभी महिला मण्डल टीम का आभार माना और कहा कि झाबुआ जिले की महिलाओं में धर्मसंघ ऒर समाजसेवा करने का अपना एक अलग ही जुनून है।यहां की महिलाएं निस्वार्थ भाव से धर्मसंघ के साथ साथ समाजसेवा में अपना अहम योगदान दे रही है। इस अवसर पर आपने संगठन यात्रा में सहयोग देने वाली धर्मसंघ की विभिन्न सभी संस्थाओं के प्रति अपना आभार भी व्यक्त किया।

Tuesday, 21 August 2018

उधना मे युवती कार्यशाला शासन श्री साध्वी श्री ललित प्रभा जी के सानिध्य में

उधना –  युवती कार्यशाला शासन श्री साध्वी श्री ललित प्रभा जी के सानिध्य में करे अपनी पहचान कार्यशाला का आयोजन हुआ। नमस्कार महा मंत्र व महिला मण्डल की बहनो द्वारा मंगलाचरण के द्वारा कार्यशाला की शुरुआत हुई। मंडल अध्यक्ष श्रीमती सुनीता जी कुकड़ा ने स्वागत अभिनंदन कीया ।साध्वी अमित श्री जी ने हमारी पहचान बनाने के लिए गणपति जी की उपमा देते हुए नाक बड़ा इज्जत बढ़ाने के लिए पेट बड़ा बात को पचाने के लिए हाथ में लड्डू हमेशा मिठास रखने के लिए सभी बहनों को अपने विचारों से लाभान्वित किया। साध्वी श्री लब्धि यशा जी ने हम सब प्रश्नों का उत्तर दे सकते हैं लेकिन हम कौन हैं इसका उत्तर हमारे पास है ? व्यक्ति की पहचान उसके कपड़े से नहीं उसके व्यवहार से होती है। साध्वी श्री दिव्ययशा जी अपने नाम से पहचान बनाएं हमारे भीतर में शब्द उसे हटाए सभी एक दूसरे से जुड़े रहें विनम्रता व प्रोत्साहन दोनों का समावेश होगा तभी हम दूसरों की पहचान के साथ-साथ हमारी स्वयं की पहचान बना पाएंगे ।

शासन श्री साध्वी श्री ललित प्रभा जी ने महिलाओं के दिमाग को भानुमती का पिटारा बतया उसे सही यूज करें 9 मंगल भावनाएं जो एक नारी के भीतर है उसमें अपने व्यक्तित्व को सजाये और संवारे हमें हमें धीर वीर और गंभीर बनकर जीवन को कैसे कलात्मक बना सकते है तरीका बताया। संरक्षिका श्रीमति चंदा जी गोखरू; लाड देवी हिंगड़; सुनीता जी चौरड़िया स्वीटी बाफना अपने विचार व्यक्त किए । कार्यशाला में हस्तनिर्मित राखी कॉन्पिटीशन में 30 बहनों भाग लिया ।कार्यक्रम का संचालन श्री मति दीप्ति डांगी ने व आभार ज्ञापन मंत्री श्रीमती जशु जी बाफना ने किया

शांतिदूत आचार्यश्री महाश्रमणजी की सन्निधि में प्रेक्षाध्यान शिविरार्थी आचार्यश्री ने शिविरार्थियों को स्वीकार कराईं उपसंपदाएं

आठ दिवसीय शिविर में ध्यान-साधना की दिशा में आगे बढ़ने का प्रयास करेंगे शिविरार्थी
माधावरम, चेन्नई (तमिलनाडु) 21.08.2018 : ‘ठाणं’ आगमाधारित पावन प्रवचन में प्रेयस प्रत्यया के दो भेद माया और लोभ को किया वर्णित   जैन श्वेताम्बर तेरापंथ धर्मसंघ के वर्तमान अनुशास्ता, अहिंसा यात्रा के प्रणेता शांतिदूत आचार्यश्री महाश्रमणजी की मंगल सन्निधि में मंगलवार से आठ दिवसीय प्रेक्षाध्यान शिविर का शुभारम्भ हुआ। शिविर के प्रथम दिन आचार्यश्री की मंगलवाणी का श्रवण करने को उपस्थित शिविरार्थियों को आचार्यश्री ने जहां ‘ठाणं’ आगमाधारित अपनी मंगलवाणी से पावन पाथेय प्रदान किया तो वहीं शिविरार्थियों को अपने मंगल आशीष के साथ शिविर के लिए उपसंपदाएं स्वीकार करवाईं और लोगों को इस शिविर का पूर्ण लाभ उठा अपने जीवन में सार्थक बदलाव लाने की प्रेरणा भी प्रदान की। शिविरार्थी इस शिविर में आठ दिनों तक ध्यान के विभिन्न क्रियाओं के माध्यम से अपने जीवन को बेहतर बनाने का अभ्यास करेंगे।
मंगलवार को ‘महाश्रमण समवसरण’ में उपस्थित श्रद्धालुओं को आचार्यश्री महाश्रमणजी ने अपनी मंगलवाणी से ‘ठाणं’ आगम के दूसरे स्थान में वर्णित तेजस प्रत्यया मूर्छा के दो प्रकार-माया और लोभ का वर्णन करते हुए कहा कि राग के कारण आदमी माया भी कर लेता है और लोभ भी कर लेता है। माया मित्रों का नाश करने वाली होती है। माया के करने वाले मित्र भी धीरे-धीरे उससे दूर हो जाते हैं। जिस आदमी के जीवन में माया हो उसके जीवन में सत्य रूपी सूय का अस्त हो जाता है। माया के कारण आदमी झूठ बोलने लग जाता है और फिर उसका विश्वास भी समाप्त हो जाता है। माया के कारण आदमी दुर्गति का वरण कर लेता है। आदमी चाहे कितनी भी माया कर ले या लोभ कर ले आदमी को भाग्य से अधिक और समय से पहले कुछ नहीं मिलने वाला। इसलिए आदमी को माया से बचने का प्रयास करना चाहिए। लोभी आदमी लोभ के वशीभूत होकर पाप कर्म भी कर लेता है। इसलिए आदमी को माया और लोभ से बचने का प्रयास करना चाहिए। माया और लोभ से बचने वाला अपने जीवन का कल्याण कर सकता है।
आगमाधारित मंगल प्रवचन के पश्चात् आचार्यश्री ने ‘मुनि मुनिपत का व्याख्यान’ क्रम को आगे बढ़ाया। इसके उपरान्त आचार्यश्री ने आज से ही प्रारम्भ हो रहे प्रेक्षाध्यान शिविर में आए शिविरार्थियों पावन पाथेय प्रदान करते हुए उन्हें समय से पूर्व उपस्थित होने के लिए भी अभिप्रेरित किया तथा आचार्यश्री ने उन्हें शिविर के संदर्भ  में उपसंपदाएं भी प्रदान की। अनेकानेक लोगों ने आचार्यश्री के समक्ष अपनी-अपनी तपस्याओं का प्रत्याख्यान भी किया।
संप्रसारक
सूचना एवं प्रसारण विभाग
जैन श्वेताम्बर तेरापंथी महासभा

संसार में भटकने एव दुखों का सबसे बड़ा कारण अज्ञानता एव अविवेक है:-उपाध्याय प्रवर मनोज्ञसागर जी म सा

                                                सूरत 20 अगस्त (चंपालाल छाजेड़)

सूरत - संसार में भटकने एव दुखों का सबसे बड़ा कारण अज्ञानता एव अविवेक है ये उदगार कुशल दर्शन दादावाड़ी में चतुर्मास हेतु विराजित खरतरगछीय उपाध्याय प्रवर श्री मनोज्ञसागर जी म सा ने अपने नियमित प्रवचन में कहे।आगे उन्होने कहा कि जानते हुए भी जानबुझ कर गलत कार्य करना अविवेक का परिचय है। अज्ञानता के कारण ही मानव संसार के भव भव के जाल में फसा हुवा है और गलत कार्य करता है जिससे वह खुद दुखों का कारण बनता है। गुरुदेव की पावन निश्रा में बाड़मेर जैन श्री संघ में 50 दिवसीय श्रेणिक तप के अलावा,साकलिया तेला,आयम्बिल,एकासना,रोजाना 5 युवाओ को 1-1 उपवास की श्रखला चल रही है।हर रविवार को नवकार मंत्र का सामूहिक जाप भी लगातार चल रहा है।अन्य कई ज्ञानवर्धक परीक्षाएं साध्वी जी श्री अनंत दर्शना श्री जी एव नयज्ञसागर जी म सा के सानिध्य में बड़े ही हर्षोलास से चल रही है।

Friday, 3 August 2018

विनम्रता एव विनय से ही पुरुष आगे बढ़ता है :-उपाध्याय प्रवर श्री मनोज्ञसागर जी म सा


सूरत - कुशल दर्शन दादावाड़ी,पर्वत पाटिया में चतुर्मास हेतु विराजित खरतरगछिय उपाध्याय प्रवर श्री मनोज्ञसागर जी म सा ने अपने नियमित प्रवचन में कहा कि विन्रमता एव विनय रखने वाला पुरुष ही आगे बढ़ता है।उन्होंने आगे कहा कि विवेक शील आदमी हमेशा नम्र स्वभाव का रहता है ओर व्व हमेशा आगे बढ़ता है क्रोध वाला व्यक्ति कभी भी आगे नही बढ़ता है।
उपाध्याय प्रवर श्री मनोज्ञसागर जी म सा की पावन निश्रा में संघ में 50 दिवसीय पच परमेष्टि श्रेणिक तप,साकलिया तेला,उपवास,आयम्बिल,एकासना एव 5 अलग अलग युवाओ को रोजाना 1 उपवास की श्रंखला चल रही है।हर रविवार को दोपहर में लाटरी द्वारा चयनित भाग्यशाली परिवार के घर पर सकल चतुर्विद संघ के साथ नवकार मंत्र का जाप जारी है।प्रवचन श्रंखला में राजा चंद की कहानी चल रही है।
आगामी रविवार को सामूहिक एकासना है जिसमे एकासना वालो को कोई भी एक आइटम अपने घर से बनाकर उपाश्रय में लाना है तथा वही पर सभी को तपस्वियों द्वारा लाये गए 56 भोग से ही एकासना करना है।
रिपोर्ट -समाचार संकलन चंपालाल छाजेड़ सूरत

Thursday, 2 August 2018

जहां कन्या की सुरक्षा एवं नारी का सम्मान होता है वहां साक्षात स्वर्ग की अनुभूति होती है -- " शासन श्री " साध्वी श्री ललितप्रभाजी


गुजरात स्तरीय तेरापंथ महिला मंडल कार्यशाला में राष्ट्रीय अध्यक्षा श्रीमती कुमुद कच्छारा का उपयोगी मार्गदर्शन। उद्घाटन के अवसर पर सूरत के महापौर ने कन्या सुरक्षा संबंधित जागरूकता की सराहना की।



उधना - अणुव्रत अनुशास्ता आचार्य श्री महाश्रमण जी की सुशिष्या " शासन श्री " साध्वी श्री ललितप्रभाजी के सान्निध्य में तेरापंथ महिला मंडल उधना द्वारा गुजरात राज्य स्तरीय महिला प्रशिक्षण कार्यशाला *अस्तित्व* का आयोजन तेरापंथ भवन, उधना में किया गया, जिसका शुभारंभ सूरत शहर के प्रथम नागरिक महापौर डॉ.जगदीश पटेल एवं मुंबई से समागत अखिल भारतीय तेरापंथ महिला मंडल की राष्ट्रीय अध्यक्षा श्रीमती कुमुद कच्छारा ने बैनर अनावरण करते हुए किया। इस अवसर पर सूरत महानगर पालिका की ड्रेनेज समिति की पूर्व अध्यक्षा श्रीमती सुधाजी नाहटा भी उपस्थित थीं। 

इस अवसर पर अपने मंगल उद्बोधन में शासन श्री साध्वी श्री ललित प्रभा जी ने कहा -- अस्तित्व की सुदीर्घता के लिए नींव की मजबूती आवश्यक है। जिस इमारत की नींव मजबूत होती है उसका आयुष्य अधिक होता है। भूकंप भी उसे हिला नहीं सकता। जिस वृक्ष की जड़ें गहरी होती है उस वृक्ष को तूफान भी धराशाई नहीं कर सकता। उसी प्रकार जिस व्यक्ति या समाज में अहिंसा, करुणा, समता एवं सहिष्णुता जैसे तत्व होते हैं वह व्यक्ति या समाज का अस्तित्व भी दीर्घजीवी होता है।

उन्होंने कहा समाज या परिवार के अस्तित्व में सबसे उपयोगी भूमिका है नारी की। नारी त्याग एवं बलिदान की प्रतिमूर्ति होती है। नारी समता एवं सहिष्णुता की निशानी है। दुनिया में जितने भी रिश्ते हैं वे सभी नारी के साथ जुड़े हुए हैं। लक्ष्मी, सरस्वती एवं दुर्गा नारी के ही रूप हैं। इसीलिए भारतीय संस्कृति में नारी की पूजा होती है। जिस घर में कन्या की सुरक्षा एवं नारी का सम्मान होता है उस घर में साक्षात स्वर्ग की अनुभूति होती है।
साध्वी श्री अमित श्री जी ने कहा आज कन्या सुरक्षा सर्कल का उद्घाटन हुआ यह एक महत्वपूर्ण एवं ऐतिहासिक दस्तावेज है। भारतीय संस्कृति में कन्यादान का विशेष महत्व है और कन्या के बिना कन्यादान संभव नहीं होता। कन्यादान करने वाला सबसे बड़ा दानी कहलाता है।
सूरत के मेयर डॉ. जगदीश भाई पटेल ने कहा -- जीवन में शिक्षा एवं सत्संस्कारों का विशेष महत्व है। समाज की प्रगति के लिए कन्याओं को अच्छा शिक्षण देना और अच्छे संस्कार दे कर उन्हें आगे बढ़ाने का माहौल उपलब्ध कराना यह अभिभावकों का कर्तव्य है। सदभाग्य से तेरापंथ जैन समाज इस कार्य में आगे है। कन्या सुरक्षा की भावना के साथ सर्कल का निर्माण एवं अस्तित्व कार्यशाला का आयोजन इसके उत्तम प्रमाण हैं। मैं यहां आकर अनन्य खुशी का अनुभव कर रहा हूँ।
साध्वी श्री दिव्ययशाजी ने कहा -- जिंदगी जीने के दो प्रकार है : जो पसंद है उसे प्राप्त करना सीखो और जो प्राप्त है उसे पसंद करना सीखो।वर्तमान शिक्षण में BA, MBA,Ph.D जैसी अनेक डिग्रीयां उपलब्ध है लेकिन सभीको एक डिग्री जरूर प्राप्त करनी चाहिए और वह है MBBSS. अर्थात अच्छी मां, बेटी, बीबी, सास और श्राविका। यह डिग्री मिल गई तो जीवन में दुःख आएगा ही नहीं। दुख में से भी सुख प्राप्त हो जाएगा।
साध्वी श्री लब्धियशाजी ने कहा - अध्यात्म की चेतना जगाए बिना मोक्ष पथ की ओर प्रयाण संभव नही है।कर्म चेतना का विश्लेषण करते हुए उन्होंने कहा -- जब तक मिथ्यात्व के चश्मे नहीं उतरेंगे तब तक सम्यक्त्व की प्राप्ति संभव नही है।
आज के मुख्य अतिथि एवं दक्षिण गुजरात (उधना-वेस्मा ) क्षेत्र की सुपुत्री अखिल भारतीय तेरापंथ महिला मंडल की अध्यक्षा श्रीमती कुमुद कच्छारा ने कहा - व्यक्ति के अस्तित्व की बात उसके भीतर में अवस्थित मानवीय गुणों पर आधारित है। प्रत्येक बीज में वटवृक्ष बनने की क्षमता होती है। लेकिन उसके लिए जरूरी है उपयुक्त वातावरण, उर्वरक एवं समय-समय पर सिंचन। कन्याएं हमारा भविष्य है। कन्याओं में भरपूर क्षमता है लेकिन उन्हें योग्य वातावरण, प्रोत्साहन, प्रशिक्षण एवं संस्कार देने की जिम्मेदारी अभिभावकों की है। उन्होंने कहा - सुदृढ़ समाज एवं सुदीर्घ अस्तित्व की अपेक्षा को पूर्ण करने के लिए अहंकार एवं आडंबर को तिलांजलि देकर संयमित जीवन शैली को अपनाना पड़ेगा। जीवन की असली उड़ान भरनी है प्रगति के पथ पर प्रयाण करना है तो जीवन में अध्यात्म को स्थान देना होगा। सम्यक्त्व को पुष्ट करना होगा। हम ऊंचे आकाश में उडान भले ही भरें लेकिन जमीन के साथ जुड़ाव बनाए रखना जरूरी है।
स्वागत वक्तव्य में तेरापंथ महिला मंडल उधना की अध्यक्षा श्रीमती सुनीताजी कुकड़ा ने राष्ट्रीय अध्यक्ष जी का स्वागत किया। उन्होंने साध्वी श्री जी के प्रति कृतज्ञता ज्ञापित करते हुए कार्यकर्ताओं के श्रम की सराहना की। अभातेम. मंडल ट्रस्टी श्रीमती कनक जी बरमेचा, राष्ट्रीय कन्या मंडल प्रभारी श्रीमती मधु देरासरिया, राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्य श्रीमती निधि सेखाानी एवं श्री मंजूजी नौलखा , तेरापंथी सभा उधना के अध्यक्ष श्री बसंतीलाल जी नाहर, प्रवक्ता उपासक एवं अणुव्रत महासमिति प्रिंट मीडिया राष्ट्रीय प्रभारी श्री अर्जुनजी मेडतवाल, अणुव्रत समिति अध्यक्ष श्री नेमीचंदजी कावड़िया, तेयुप अध्यक्ष श्री सुभाषजी चपलोत आदि ने प्रासंगिक अभिव्यक्ति की। उद्घाटन सत्र का संचालन तेरापंथ महिला मंडल की मंत्री श्रीमती जस्सू बाफना एवं अन्य सत्रों का संचालन श्रीमती सोनू बाफना, श्रेया बाफना व महिमा चोरड़िया ने किया। कार्यशाला आयोजन में पूर्व अध्यक्षा श्रीमती चंदाबेन गोखरू एवं श्रीमती तेजुबेन कावड़िया का उपयोगी मार्गदर्शन रहा। आभार ज्ञापन श्रीमती सुनीता चोरड़िया व मधु मारू ने किया।
कार्यशाला में समग्र गुजरात की 18 शाखाओं में से 450 से अधिक बहनों ने भाग लिया। तेरापंथी महासभा के गुजरात प्रभारी श्री लक्ष्मीलालजी बाफना, राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्य श्री अनिलजी चंडालिया, अणुव्रत महासमिति के राष्ट्रीय सहमंत्री श्री राजेशजी कावड़ीया अभातेयुप किशोर मंडल राष्ट्रीय प्रभारी श्री अर्पितजी नाहर, रा.का. सदस्य श्री सुनीलजी चंडालिया आदि उपस्थित थे।

रिपोर्ट-अर्जुन मेड़तवाल (उधना-सूरत)

राष्ट्रीय प्रिन्ट मीडिया प्रभारी,- अणुव्रत महासमिति-नई दिल्ली

Wednesday, 6 June 2018

धार्मिकता विनय विवेक और सहनशीलता के संस्कारों द्वारा बालिकाएं जीवन का निर्माण करें -- " शासन श्री " साध्वी श्री ललितप्रभाजी

उधना में पंचदिवसीय संस्कार निर्माण शिविर का  समापन




उधना -(अर्जुन मेड़तवाल) शांतिदूत आचार्य श्री महाश्रमण जी की सुशिष्या " शासन श्री" साध्वी श्री ललितप्रभाजी एवं " शासन श्री " साध्वी श्री शिवमालाजी के सान्निध्य में श्री जैन श्वेताम्बर तेरापंथी सभा, उधना द्वारा आयोजित पंचदिवसीय संस्कार निर्माण शिविर का आज आनंदोल्लास के साथ समापन हुआ।
     शिविर में समणी श्री विनितप्रज्ञाजी, जगतप्रज्ञाजी आदि के साथ-साथ श्री पूजा व्यास, डॉ. योगिनिबहन, श्री शैलेश शाह आदि मोटिवटरों द्वारा टाइम मैनेजमेंट, होम मैनेजमेंट, शारीरिक स्वास्थ्य, स्व-सुरक्षा जैसे विषयों पर उपयोगी मार्गदर्शन प्राप्त हुआ। इस शिविर में समग्र गुजरात और पालघर से समागत 567 बालिकाओं ने भाग लिया।
        समापन समारोह में " शासन श्री " साध्वी श्री ललित प्रभा जी ने कहा - इस शिविर में बालिकाओं को जीवन के विविध पहलुओं पर मार्गदर्शन दिया गया है। बालिकाएं इस मार्गदर्शन का अपने जीवन निर्माण में उपयोग करें यह अपेक्षित है।
        साध्वी श्री ने आगे कहा - बालिकाएं धर्म के संस्कारों को दृढ़ करें। विनय-विवेक, विनम्रता और सहनशीलता जैसे गुणों को जीवन में स्थान दें। वे वर्तमान भौतिक युग में भटकाव से दूर रहें एवं लव-ज़िहाद जैसे षड़यंत्र से अपने आपको मुक्त रखें। शादी एक जीवनभर का रिश्ता हैं। बालिकाएं भावुकता से मुक्त रहें एवं शादी जैसे विषय में माता-पिता की आज्ञा में रहकर ही अपना निर्णय करें।
        मुख्य अतिथि RSS के श्री राजेशभाई शाह ने कहा - भारतीय संस्कृति उदारता पूर्ण संस्कृति है। सदियों से कुछ लोग इस उदारता का लाभ उठा रहे हैं एवं भारतीय संस्कृति का ही ध्वंस करना चाहते हैं। हमें पूरी ताकत के साथ इन तत्वों का मुकाबला करना है । "लव जिहाद" आज की सुलगती हुई समस्या है और यह हिंदू बालिकाओं को फुसलाकर मुस्लिम बनाने का षड़यंत्र है। बालिकाएं इस षड्यंत्र में नहीं फंसे इस हेतु उन्होंने विस्तृत समझ दी।
          उन्होंने कहा -  बालिकाएं अपनी चिंतन शक्ति का विकास करें और अपने माता-पिता जिन्होंने उन्हें जन्म दिया, पाला-पोषा उनकी भावनाओं का आदर करते हुए हमारी भारतीय संस्कृति की सुरक्षा के साथ शादी का निर्णय करें।स्वधर्म में मनुष्य की रक्षा है स्वधर्म छोड़कर विधर्म में न जाएं, अन्यथा जीवनभर पछताना पड़ेगा।
         तेरापंथी सभा, उधना के अध्यक्ष श्री बसंतीलालजी नाहर ने शिविर की सफलता में कार्यकर्ताओं की भूमिका की मुक्त भाव से प्रशंसा की।
           केंद्रीय संयोजक श्री अनिल जी चंडालिया, स्थानीय संयोजक श्री राजेश जी बाफना एवं अरुण जी चंडालिया ने मंच संचालन किया। श्रीमती महिमा चौरड़िया, श्रेया बाफना एवं दिलखुशबहन मेड़तवाल ने शिविर की विशेषताओं का संवादमय प्रस्तुतीकरण किया। शिविर में संभागी बालिकाओं के विविध ग्रुपों द्वारा रोचक परिसंवाद की प्रस्तुति की गई। कार्यक्रम में उधना सभा के पूर्व अध्यक्ष श्री सुवालालजी बोल्या, महासभा गुजरात प्रभारी श्री लक्ष्मीलालजी बाफना, उधना सभा के महासभा प्रभारी श्री नानालाल जी राठौड़, सूरत सभा के मंत्री श्री जीतूभाई मेहता, उपाध्यक्ष श्री ललितजी खोखावत आदि उपस्थित रहे। तेरापंथी सभा द्वारा शिविर के आयोजकों प्रायोजकों एवं विशिष्ट कार्यकर्ताओं का प्रतीक चिन्ह भेंट कर सम्मान किया गया।

Sunday, 21 January 2018

ऑल इंडिया जैन माइनॉरिटी फेडरेशन से अधिक से अधिक युवाओं को जोड़ा जाए -अल्प संख्यक राज्य मंत्री डॉक्टर श्री वीरेंद्र सिंह

ऑल इंडिया जैन माइनॉरिटी फेडरेशन से अधिक से अधिक युवाओं को जोड़ा जाए, ताकि सरकारी योजनाओं को जन-जन तक पहुंचाया जा सके– अल्प संख्यक राज्य मंत्री डॉक्टर श्री वीरेंद्र सिंह

जीरावला – (गणपत  भंसाली )अरावली की पहाड़ियों के मध्य बसे जीरावला पार्श्वनाथ तीर्थ परिसर के कालिकाचार्य-2 सभागृह में ऑल इंडिया जैन माइनॉरिटी फेडरेशन के राष्ट्रीय चिंतन महाधिवेशन के दूसरे दिन के समापन सत्र में सान्निध्य जैन सन्त मुनि श्री अजयसागर सुरीश्वर जी व भट्टारक जी के सान्निध्य में प्रारम्भ हुआ, समारोह के मुख्य अतिथि एंव केंद्रीय अल्पसंख्यक तथा महिला एंव बाल विकास मंत्री डॉ श्री वीरेंद्र सिंह ने अपना वक्तव्य शायर की इन पंक्तियों के साथ शुरू किया
“हम रास्ते की धूल हैं, आपने हमे पलकों पर बिठा दिया….”
डॉ सिंह ने कहा कि अभी श्री ललित गांधी मेरे बारे में बता रहे थे कि डॉक्टर साहब जैसा स्वागत आज तक किसी राजनेता का नही हुआ, तो में आपको बता दूं कि मे आपके बीच एक राजनेता की हैसियत से नही बल्कि एक श्रावक के रूप में आया हूँ, डॉक्टर साहब के इस कथन से पूरा सभागृह तालियों से गुंजायमान हो उठा,
आपने आगे कहा कि ललित जी ने अभी बहुत सारी बाते रखी, 4 साल ऑल इंडिया की स्थापना को हुए, पिछले तीन वर्षों में सरकार के समक्ष ललित जी ने अनेक प्रश्न रखे, निश्चित रूप से अनेक समस्याओं का समाधान हुआ भी है और होता भी रहेगा, जैन धर्म व इसके श्रावकों की विशेषताओं का वर्णन करते हुए आपने बताया कि भामाशाह ने अपना सर्वत्र लूट दिया, वे महाराणा प्रताप के साथ कंधे से कंधा मिला कर सहयोग करने में जुटे थे, आप उसी महाराणा प्रताप की सन्तान हो, हमारी पूजा पद्दति अलग अलग हो सकती है, लेकिन मां हमारी एक है, औऱ वो है भारतमाता, इस मां भारती की रक्षा हमें करनी हैं क्यो कि अब विघटन कारी शक्तियां सिर उठाने लग गई है, ऑल इंडिया जैन माइनॉरिटी फेडरेशन द्वारा सरकार के समक्ष जो प्रश्न आए व आ रहे हैं, उसके समाधान हेतु सरकार प्रयत्नरत है, जैन समाज के युवाओं को आगे बढ़ाने में सरकार आप के साथ है, अल्प संख्यक मंत्री श्री मुख्तार अहमद ने मुझे विशेष रूप से इस महाधिवेशन में उपस्थित रहने का संकेत दिया था, डॉक्टर साहब ने श्री ललित गांधी की कर्मठता तथा अपने समुदाय के प्रति समर्पण की अद्वितीय भावना को सराहते हुए कहा कि में श्री ललित जी के पिता श्री को नमन करता हूँ कि उन्होंने अपने सपुत्र को सद संस्कारों की अमूल्य निधि सौंपी है, यह कितना विरला उदाहरण हैं कि ललित जी अपने समाज के उत्थान व विकास तथा प्रत्येक समस्या के समाधान हेतु तन-मन के साथ-साथ धन से भी जुटे हुए हैं, तभी उन्होनें विधवा, परित्यक्ता व आर्थिक रूप से कमजोर जैन महिलाओं के हितार्थ 51 लाख रु की राशि प्रदान करने की घोषणा की हैं,

आपने कहा कि ललित जी अमूमन मेरे पास 25-30 प्रतिनिधियों के साथ किसी न किसी मुद्दे को लेकर मंत्रालय में आते रहते हैं, ये समाज के प्रति उनकी समर्पण भावना का सटीक उदाहरण हैं, ये ललित जी की विशेषता है कि वे कभी भी अपने व्यक्तिगत समस्या या लाभ के लिए नही आते, उनके मन मे सदैव समाज से जुड़े मुद्दे ही रहते हैं, उन्होंने कहा कि भले ही में जन्म से जैन नही हूं लेकिन कर्म से में पूर्ण तया जैन ही हूं, मेरा मानना है कि जैन समाज मे ही जन्म लेने से जैन नही होता, जो व्यक्ति जिन शासन के गुणों व संस्कारों को स्वीकारता है वही जैन होता हैं, मेरे घर पर चाय तक नही बनती, अन्य नशे तो दूर की बात हैं, मेरा घर जैन मंदिर के समीप हैं, मेरी शिक्षा भी जैन स्कूल में हुई, में सबसे पहले प्रात में मन्दिर जाता हूँ, फिर अपनी दिनचर्या तय करता हूँ, में पर्युषण पर्व के दौरान अमूमन प्रवचन श्रवण करने जाता हूँ, अतः ऐसे परिवेश में ये संस्कार रहते ही हैं, मुनि श्री प्रमाण सागर जी के भी दर्शन करता रहता हूँ, में जब मेरे संसदीय क्षेत्र टिकमनगर जाता हूँ तो वहां जैन समुदाय द्वारा आयोजित अनेक कार्यक्रमों में मुझे आमन्त्रित किया जाता हैं, उन्होंने अपने जीवन का संस्मरण साझा करते हुए बताया कि कभी-कभी में दोस्तों के साथ चाय की दुकान पर बैठते थे तो वहां छोटे-छोटे गरीब बच्चों को देखता तो मन मे चिन्तन उभरता की इनकी सहायता करनी चाहिए, संयोग से मेरा Phd का सब्जेक्ट भी चाइल्ड लेबर ही था, इंसान कोई 500-700 वर्षों के लिए जीने नही आता, उसका आयुष सीमित है, अतः अपने लिए नही बल्कि औरों के लिए भी जिएं, ये ही सही मायनों में जीना हैं, डॉक्टर साहब ने कहा कि प्रत्येक व्यक्ति अपनी निष्ठा व लगन से कार्य करता रहे, जब आप ईमानदारी पूर्वक काम करते हैं तो समाज मे आपके प्रति निष्ठा व विश्वास बढ़ जाता हैं, कोई अगर आलोचना भी करें तो विचलित न हो, उन्होंने आगे बताया कि आज इस महाधिवेशन में जैन धर्म के सभी पंथों, सम्प्रदायों से जुड़े लोग हैं, हर व्यक्ति के मन में समर्पण का भाव देखा, आपके कार्यों की सफलता ही आपकी पहचान हैं, यहां सारी योजनाओं का जिक्र किया गया, डॉक्टर वीरेंद्र सिंह ने सुझाव दिया कि संगठन से युवाओं को अधिक से अधिक जोड़ें, ताकि इंटरनेट आदि के उपयोग से प्रत्येक योजना की बारीकी से परिचित हो सके, व जरूरतमंद लोगों तक इन योजनाओं को पहुंचाया जा सके, आपने कहा कि में आपकी सारी बातें व सारे सुझाव मुख्तार अहमद जी के समक्ष रखूंगा व समाधान के प्रयास करूंगा, हमारी आपको जहां जरूरत पड़ेगी, आप याद करें, में वहां पहुंच जाऊंगा, शीघ्र ही हम सभी सम्मेतशिखर जी तीर्थ पर चल कर चन्द्र प्रभु जी की वंदना करेंगे, उन्होंने अंत मे कहा कि में उम्मीद करता हूँ कि अगला चिंतन महाधिवेशन और भी विशाल होगा, इस अवसर पर श्री ललित गांधी ने डॉक्टर श्री वीरेंद्र सिंह की व्यवहार कुशलता की अनुशंसा की तथा उनको श्रेष्ठ मानवीय गुणों से सम्पन्न व्यक्तित्व बताया, श्री गांधी ने कहा कि सम्मेत शिखर में मजदूर हड़ताल डॉक्टर साहब के अथाह प्रयासों से ही टल पाई थी, इस अवसर पर डॉक्टर साहब का AIJMF तथा जीरावला तीर्थ ट्र्स्ट द्वारा शॉल, साफा, माल्यार्पण आदि से सम्मान किया गया, समारोह में मौजूद अहमदनगर के सांसद श्री दिलीप गांधी ने डॉक्टर श्री वीरेंद्र सिंह जी को सुझाव दिया कि आप अपने नाम के साथ “जैन” शब्द भी कोष्ठक में जोड़ थें, श्री गांधी के इस सुझाव पर खूब तालियां बजी।

Sunday, 7 January 2018

श्री मेवाड़ जैन युवक परिषद - सूरत द्वारा MJYP क्रिकेट टूर्नामेन्ट - 2018 का भव्य शुभारंभ

श्री मेवाड़ जैन युवक परिषद - सूरत द्वारा MJYP क्रिकेट टूर्नामेन्ट - 2018 का भव्य शुभारंभ 6 जनवरी को हुआ...
सूरत ( रुचि दक )- सूरत मे रहने वाले समस्त जैन समाज मदारिया क्षेत्र के युवाओं में खेलकूद की प्रतिभा को जागृत ओर परखने के उद्देश्य से MJYP क्रिकेट टूर्नामनेट का आयोजन अडाजण स्थित क्रिकेट ग्राउंड में किया जा रहा है, यह प्रतियोगिता 6 जनवरी से 28 जनवरी के अंतर्गत शनिवार और रविवार को होगा,
इस टूर्नामनेट का आगाज 6 जनवरी को प्रातः 7.30 बजे हुआ, जिसमे समाज के गणमान्य महानुभव एवं समाज के युवा वर्ग की गरिमामय उपास्तिथि रही, इस आयोजन का शुभारंभ श्री ओसवाल साजनान समाज-सूरत के निवर्तमान अध्यक्ष श्रीमान इन्द्रमलजी पोखरणा ने नमस्कार महामंत्र से किया,

आयोजन का मंच अनावरण कार्यक्रम के मैन स्पोन्सर “महाविर मोबाइल- पर्वत पाटिया के श्रीमान लक्ष्मीलालजी सा गन्ना ने किया, साथ मे पिच अनावरण मैन स्पोन्सर श्रीमान लक्ष्मीलालजी सा गन्ना, को- स्पोन्सर श्रीमान राजीवजी कोठारी - श्रीमान आनंद जी मेहता ओर कैप स्पोन्सर श्रीमान सतीशजी सामरा  की मौजूदगी में हुआ, कार्यक्रम शुभारंभ में श्रीमान सुवालालजी बोल्या,भवरलालजी पोखरणा ओसवाल साजनान समाज के वर्तमान अध्यक्ष श्रीमान बाबुलालजीसा मेहता ओर पदाधिकारी गण, श्री मेवाड़ जैन युवक परिषद के अध्यक्ष श्रीमान पीयूषजी कटारिया ओर परिषद परिवार के सभी पदाधिकारी गण एवं कार्यकर्ता भी उपस्तिथ थे,
इस क्रिकेट टूर्नामेन्ट के संयोजक के रूप में परिषद के विक्रम मांडोत, महाविर कोठारी, कमलेश भटेवरा, विनोद पितलिया एवं राजू गांधी ओर वॉलीबाल टूर्नामेन्ट के संयोजक आशीष देरासरिया एवं सतीश सामरा की नियुक्त्ति की गई, पीछले 1 महीने की कड़ी मेहनत का फल स्वरूप आज शुभारंभ में नजर आया, इस आयोजन में सूरत के सभी विस्तार से कुल 42 टीम भाग ले रही है जो कि इस वर्ष के जैन समाज का अभी तक का सबसे बड़ा आयोजन होने जा रहा है और परिषद के लीये गर्व की बात है, प्रतियोगिता में हिस्सा लेने वाली सभी टीम 1 महीने से अथाग परिश्रम और अभ्यास कर अपनी टीम को मजबूती प्रदान कर इस आयोजन में हिस्सा ले रही है, विजेता टीम एवं रनर अप टीम को आकर्षक ट्रॉफी दी जायेगी ओर हर मैच के मैन ऑफ द मैच भी दिया जायेगा, इस टूर्नामेन्ट का फाइनल मैच 28 जनवरी रविवार को होगा..समग्र कार्यक्रम का संचालन परिषद मंत्री श्री अमित जी गन्ना ने किया..
सूरत समाज मे निवास कर रहे सभी युवाओ के प्रेम, आपस का मिलनभाव, भाईचारा ओर एक दूसरे से जुड़े रहने का ये स्वर्णिम अवसर है...
श्री मेवाड़ जैन युवक परिषद - सूरत..

Tuesday, 5 December 2017

बुंदेलखंड में कत्लखाने की जगह कारखाने खुलें

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झाँसी में आधुनिक स्लॉटर हाउस खोलने की अनुमति के विरोध में अनेक संग़ठनों जताया तीव्र विरोध, प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजा
ललितपुर।(डॉ सुनील संचय )  अहिंसा प्रधान भारतीय संस्कृति को बचाने के लिए क्षेत्रवासियों की आवाज बुलंद होने लगी है। झांसी में खोले गए बूचड़खाना के विरोध में अनेक अहिंसाप्रेमी संगठनों ने अपना तीव्र विरोध दर्ज कराते हुए प्रधानमंत्री, राज्य के मुख्यमंत्री की ज्ञापन भेजकर आधुनिक स्लाटर हाउस खोलने की अनुमति वापस लेने की मांग की है।बूचड़खाना खोलने का आदेश वापस नहीं होने पर प्रभावना जनकल्याण परिषद (रजि.) ने जहां विरोध में हस्ताक्षर अभियान छेड़ने की बात कही है वहीं भारत स्वाभिमान न्यास ने जबर्दस्त विरोध करने की बात कही है।
इस अवसर पर आयोजित बैठक में भारत स्वाभिमान न्यास के जिला प्रभारी अरविंद जैन ने कहा कि वैज्ञानिक अनुसंधान में भी इस बात की पुष्टि हो चुकी है कि कत्लेआम के कारण ही पृथ्वी पर भूकम्प आ रहे हैं। ग्लोबल वार्मिंग भी पशुधन की कटाई का दुष्परिणाम है। यदि हमें जलवायु परिवर्तन पर काबू पाना है तो पशुओं का वध रोकना होगा। बूचड़खाना बुंदेलखंड के लिए और अधिक आपदाएं लेकर आएगा। यदि सरकार ने अपना निर्णय वापस नहीं लिया तो हम अपने सभी साथी संगठनों के साथ जबर्दस्त विरोध प्रदर्शन करेंगे।
प्रभावना जनकल्याण परिषद के मानद निदेशक डॉ सुनील संचय ने बताया कि झाँसी के भगवंतपुरा में भारी विरोध के बाद भी आधुनिक स्लाटर हाउस खोलने की अनुमति दे दी गई है और चोरी-चोरी चुपके चालू भी हो गया है। यह खबर सुनकर समस्त अहिंसा प्रेमी आहत हैं । इस यांत्रिक कत्लखाने में 600 निरीह पशुओं की गर्दन पर खंजर चलाने की योजना है। बुंदेलखंड में कत्लखाना नहीं रोजगार एवं कल कारखानों की जरुरत है। गौ शाला खोली जाय। सरकार यदि उक्त आदेश वापस नहीं लेती है तो परिषद पूरे बुंदेलखंड में हस्ताक्षर अभियान छेड़ेगी।
पतंजलि योग समिति के जिला प्रभारी डॉ हरिश्चन्द्र झां ने कहा कि बुंदेलखंड की धरती कई वर्षों से सूखे की मार झेल रही है। यहां की पशु संपदा अगर हजारों की संख्या में रोज मौत के घाट उतारी जाएगी तो इसके दुष्प्रभाव खेती, किसानी, पर्यावरण को नष्ट करने वाले प्राकृतिक आपदाओं के कारण बनेगें। वधशालाएं खोलना हमारे देश की संस्कृति नहीं है। हम इसका पुरजोर विरोध करते हैं।
युवा भारत के जिला प्रभारी राजेन्द्र शर्मा ने कहा कि भगवंतपुरा झांसी में इसी मार्ग से रामराजा सरकार ओरछा, प्रसिद्ध जैन तीर्थ करगुवां जी, मां कैमासन जैसे क्षेत्र लगे हुए हैं और आबादी भी खूब फैल रही है। पशु कत्लखाने की दुर्गंध उससे उत्पन्न विषमताएँ झांसी के नाम पर महाकलंक होंगी।
श्रीमती प्रीति जैन, जिला महिला प्रभारी पतंजलि योग प्रभारी ने कहा कि वीरांगना लक्ष्मी बाई की नगरी झांसी में आधुनिक स्लॉटर हाउस खोलने की अनुमति दिए जाने पर अहिंसाप्रेमी आहत और व्यथित हैं।
दिगम्बर जैन महासमिति मड़ावरा इकाई के अध्यक्ष डॉ राकेश सिंघई और महामंत्री पुष्पेन्द्र जैन ने अहिंसा की आधारशिला वाले इस देश में पशुबध खोलने की अनुमति देना वह भी जबकि केंद्र और राज्य में बूचड़खाना के विरोधी माने जाने वाली पार्टी सत्ता पर बैठी है, प्रश्न चिह्न खड़ा करती है।
करूणा इंटरनेशनल के जिला संयोजक सुधाकर तिवारी ने कहा कि झांसी जैसी धार्मिक, आध्यात्मिक व तीर्थों से सम्पन्न नगरी में पशु हत्या का तांडव होना भारी कष्टप्रद और दुखी करने वाला निर्णय है। इसे तुरंत वापस होना चाहिए।
अहिंसाप्रेमी कार्यकर्ता विकास जैन , आंनद प्रकाश ने शासन और क्षेत्र के राजनेताओं से सवाल उठाया है कि चुनाव से पूर्व जनता से वादा किया था कि प्रदेश के सभी यांत्रिक कत्लखाने बंद किये जायेग। कोई भी नया कत्लखाना नहीं खोला जाएगा। फिर जनता से यह विश्ववासघात क्यों? झांसी से सांसद और केंद्रीय मंत्री उमाभारती, झांसी विधायक रवि शर्मा, राज्यमंत्री मनोहर लाल पंथ इस विषय पर मौन क्यों हैं? जबकि पूर्व में उमाभारती ने जनता को यह आश्वासन दिया था कि उनके रहते पशुबध शाला खोलने की अनुमति नहीं दी जाएंगी।
युवा भारत के मंडल प्रभारी अनुराग चतुर्वेदी और पंतजलि किसान सेवा समिति के जिला प्रभारी शिवराज सिंह ने कहा कि किसान और किसानी बचाने के लिए हमें हर कीमत पर मूक प्राणियों को बचाना होगा। झांसी में आधुनिक स्लॉटर हाउस खुलने की अनुमति निंदनीय है।
ज्ञापन में अहिंसाप्रेमी संगठनों ने मांग की है कि जनहित में इस कत्लखाने पर रोक लगाई जाय, अन्यथा अहिंसा प्रधान भारतीय संस्कृति को बचाने के लिए आंदोलन के लिए मजबूरन सड़कों पर आना पड़ेगा।
ज्ञापन भेजते हुए बूचड़खाना खोलने के आदेश को वापस लिए जाने की मांग करने वालों में प्रमुख हैं अरविंद जैन (जिला प्रभारी, भारत स्वाभिमान न्यास ललितपुर), सुरेश मरौरा, डॉ सुनील संचय, डॉ हरिश्चंद्र झां, प्रीति जैन, डॉ निर्मल जैन, अनिल शास्त्री, राजेन्द्र शर्मा, शिवराज सिंह, राजेश जैन, मुकेश शास्त्री, अनुराग चतुर्वेदी, डॉ राकेश सिंघई, सुधाकर तिवारी, शिक्षक आशीष जैन,शिक्षक पुष्पेन्द्र जैन,मनीष शास्त्री, सुरेन्द्र जैन,नरेश पस्तोर, अभिषेक जैन, विकाश जैन, अमित जैन, मुकेश साहू एडवोकेट, परशुराम साहू, भवानी शंकर लोधी, प्राचार्य विनीत जैन, संतोष शास्त्री, सचिन जैन, सोमचंद शास्त्री, प्रियंका जैन, शीलचंद्र शास्त्री, शीतलचंद्र जैन, सुमित गुप्ता, प्रमोद सेन,राजेश रागी, सुनील जैन आदि के साथ प्रभावना जन कल्याण परिषद (रजि.), पंतजलि योग समिति, भारत स्वाभिमान न्यास, महिला पतंजलि योग समिति, युवा भारत समिति, पतंजलि किसान सेवा समिति, करूणा इंटरनेशनल केन्द्र मड़ावरा और ललितपुर, दिगम्बर जैन महासमिति इकाई मड़ावरा, अखिल भारत वर्षीय दिगम्बर जैन शास्त्री परिषद, अखिल भारत वर्षीय दिगम्बर जैन विद्वत परिषद, अखिल भरवर्षीय दिगम्बर जैन महासभा आदि संगठन , संस्थाएं प्रमुख हैं।
ज्ञापन की प्रतिलिपि राष्ट्रपति महोदय, उमाभारती सांसद और केंद्रीय मंत्री, पशु अधिकारवादी और केंद्रीय मंत्री मेनका गांधी, रवि शर्मा विधायक झाँसी, जिलाधिकारी महोदय झांसी, मनोहर लाल पंथ राज्यमंत्री, मंडलायुक्त झांसी, नगर निगम झांसी और केंद्रीय पर्यावरण मंत्री को भी भेजी गई है।

जीवन के मकान में रहे अच्छाइयों का प्रवास : आचार्य महाश्रमण

कडूर और बिरूर में अहिंसा यात्रा का भव्य स्वागत  कडूर, कर्नाटक-  सद्भावना नैतिकता और नशामुक्ति इन तीनों आयामों से जन-जीवन का कल्याण कर...