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Sunday, 31 December 2017

वायुसेना का क्रेज, राजस्थान में 600 युवाओं का हुआ चयन

जयपुर-  वायुसेना को लेकर युवाओं में हमेशा से ही क्रेज देखने को मिला है। पिछले कुछ सालों में वायुसेना भी युवाओं को आकर्षित करने के लिए कारगर कदम उठाती रही है। इसी का नतीजा है कि राजस्थान में एक अनौखा रिकॉर्ड बना है।

दरअसल, जोधपुर वायुसेना केन्द्र की ओर से विभिन्न पदों के लिए हुई चयन प्रक्रिया में राजस्थान में 600 युवाओं को एक साथ चयन हुआ है । ऐसा पहली बार हुआ है कि राजस्थान से एक साथ इतने युवा वायुसेना में शामिल हुए है। चयनित सभी 600 युवाओं को ट्रेनिंग के लिए भेज दिया गया है ।

जोधपुर स्थित एयरफोर्स भर्ती केन्द्र के कमांडिंग आॅफिसर विंग कमांडर फर्नाडो डकोस्टा ने बताया कि इस साल आयोजित भर्ती परीक्षा में 600 युवाओं को चयन किया गया है । ट्रेनिंग के बाद इन सभी को देश के विभिन्न हिस्सों में स्थित वायुसेना केन्द्रों पर इन युवाओं को तैनात किया जाएगा ।

उल्लेखनीय है कि थल सेना और वायुसेना की ओर से पहले से रिक्त पदों की घोषणा नहीं की जाती है । सेना के इन दोनों अंगों में चयन प्रक्रिया काफी मुश्किल मानी जाती है । 

मोदी की रैली में 5 लाख लोग जुटाने का टारगेट, बीजेपी ने शुरू की तैयारियां

जोधपुर.भारतीय जनता पार्टी आगामी 14 जनवरी को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बाड़मेर दौरे के दौरान पचपदरा रिफाइनरी के शिलान्यास पर होने वाली जनसभा में 5 लाख लोगों की भीड़ जुटाने का प्रयास करेंगी। इस सभा में मोदी के साथ मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे भी मौजूद रहेंगी। शनिवार को पोलो ग्रांउड के निकट एक होटल में पार्टी की जोधपुर संभाग स्तर की बैठक हुई, जिसमें विभिन्न जिलों के जनप्रतिनिधियों व संगठन से जुड़े प्रमुख पदाधिकारियों की बैठक पार्टी के प्रदेशाध्यक्ष अशोक परनामी की अध्यक्षता में संपन्न हुई।

इस बैठक में चर्चा के दौरान पीएम की सभा में तीन लाख लोगों के जुटने का लक्ष्य प्रदेशाध्यक्ष ने रखा, लेकिन पार्टी के उत्साहित पदाधिकारियों व कार्यकर्ताओं ने पांच लाख लोगों के शामिल होने का आश्वासन दिया। पीएम के बाड़मेर दौरे पर होने वाली जनसभा में संभाग के जिलों के साथ आठ जिलों के पार्टी कार्यकर्ता एवं समर्थक भाग लेंगे।

रिफाइनरी पर कांग्रेस ने प्रदेश को कर्ज में डुबाेने वाला करार किया था : परनामी

भारतीय जनता पार्टी के प्रदेशाध्यक्ष अशोक परनामी ने कहा कि पचपदरा में शुरू होने वाली रिफाइनरी के मामले में पिछली कांग्रेस सरकार ने 56 हजार करोड़ का एमओयू कर प्रदेश को कर्ज में डुबाेने का प्रयास किया। वहीं मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे ने अपने कुशल वित्तीय प्रबंधन से प्रदेश को कर्ज के बड़े संकट से बचाकर 16 हजार करोड़ का एमओयू किया है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 14 जनवरी को अपने बाड़मेर दौरे के दौरान पचपदरा में रिफाइनरी का शिलान्यास करेंगे। जोधपुर प्रवास पर पत्रकारों से बातचीत करते हुए भाजपा प्रदेशाध्यक्ष परनामी ने कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने ट्वीट कर रिफाइनरी का कांग्रेस शासन में शिलान्यास होने की जो बात की है, उससे वे अपने अव्यवहारिक फैसले पर पर्दा डालने का प्रयास कर रहे हैं।

रिफाइनरी लगेगी तो युवाओं को राेजगार तो मिलेगा और जोधपुर शहर को इसका हर तरह से फायदा पहुंचेगा। उन्होंने कहा कि आगामी लोकसभा चुनाव को ध्यान में रखकर रिफाइनरी के शिलान्यास को इससे जोड़ना गलत है। हमारी सरकार ने हर शहर-गांव को सड़कों से जोड़ने के साथ कई विकास कार्य किए हैं। आने वाले चुनाव में विकास व जवाबदेही सरकार जैसे इश्यू ही जनता के सामने रखे जाएंगे। पूर्व सांसद हरीश चौधरी द्वारा रिफाइनरी के शिलान्यास पर विरोध व्यक्त करने के सवाल पर परनामी का कहना था कि कांग्रेस विरोध ही करती रही है। बीते साढ़े तीन साल में उसके पास और कोई रास्ता नहीं बचा है।

उप चुनाव में सेलिब्रिटी नहीं, कार्यकर्ता मैदान में होंगे- प्रदेश में अगले माह होने वाले उप चुनावों का जिक्र करते हुए भाजपा प्रदेशाध्यक्ष परनामी ने कहा कि इन चुनावों मेें पार्टी किसी सेलिब्रिटी को मैदान में नहीं लाएगी, पार्टी कार्यकर्ताओं को ही प्रत्याशी बनाया जाएगा।

Tuesday, 12 December 2017

स्कूल में दो टीचर भिड़ीं, एक ने दूसरी का गाल चबाकर लहूलुहान किया

बनेड़ा (भीलवाड़ा). भीलवाड़ा जिले के बनेड़ा इलाके में बरण पंचायत के ऐराड़ीखेड़ा गांव के शिक्षाकर्मी राजकीय प्राथमिक विद्यालय में दो शिक्षिकाओं के बीच झगड़ा हो गया। दोनों के बीच जमकर गाली-गलौच हुई और नौबत मारपीट तक आ गई। इस पर एक शिक्षिका ने दूसरी शिक्षिका के बाल और मुंह पकड़कर गाल चबा दिया। इससे शिक्षिका लहूलुहान हो गई। यह देखकर बच्चे चिल्लाए। ग्रामीणों ने बताया कि दोनों के बीच कुछ समय से किसी बात को लेकर विवाद चल रहा है। इससे आए दिन दोनों के बीच स्कूल में झगड़ा हो जाता है। दोनों शिक्षिकाओं को हटाने की मांग को लेकर सोमवार को ग्रामीण धरने पर बैठ गए। बीईईओ ने जब दोनों शिक्षिकाओं को हटाया तब जाकर ग्रामीण शांत हुए। पीड़ित शिक्षिका ने बनेड़ा थाने में रिपोर्ट दी है। फिलहाल पुलिस ने कोई मामला दर्ज नहीं किया है ऐराड़ीखेड़ा प्राथमिक स्कूल में शिक्षिका तारा चौहान व माया जाट के बीच कुछ दिनों से किसी बात को लेकर विवाद चल रहा था। आए दिन दोनों के बीच कहासुनी होती रहती है। 9 दिसंबर को सुबह 11 बजे दोनों के बीच किसी बात को लेकर कहासुनी हो गई। बात बढ़ने पर दोनों भिड़ गईं। इस दौरान शिक्षिका माया जाट ने अध्यापिका तारा चौहान का गाल चबाकर लहूलुहान कर दिया।

धरने पर बैठे ग्रामीण बोले-शिक्षिकाओं को हटाओ

घटना शनिवार सुबह 11 बजे की है। स्कूल की छुट्टी के बाद बच्चों ने घटना की जानकारी परिजनों को दी। इस पर ग्रामीण सोमवार सुबह स्कूल पहुंच गए। ग्रामीणों ने बच्चों को स्कूल भी नहीं भेजा। उनका कहना था कि आए दिन शिक्षिकाएं स्कूल में झगड़ती हैं। इससे बच्चों की पढ़ाई खराब हो रही है वहीं बच्चों पर इसका असर भी ठीक नहीं होता है। जब तक दोनों शिक्षिकाओं को यहां से नहीं हटाया जाता तब तक बच्चों को स्कूल नहीं भेजेंगे। शिक्षिकाओं को हटाने की मांग को लेकर ग्रामीण स्कूल के बाहर धरने पर बैठ गए।

ऐराड़ीखेड़ा स्कूल में लगाया दूसरा शिक्षक
ऐराड़ीखेड़ा गांव के शिक्षाकर्मी राजकीय प्राथमिक विद्यालय में दो शिक्षिकाओं के बीच झगड़े की शिकायत मिली। ग्रामीणों ने दोनों को हटाने की मांग की। इस पर दोनों शिक्षिकाओं को हटाकर अन्य स्कूल में लगा दिया। ऐराड़ीखेड़ा स्कूल में शिक्षक भैरूलाल जाट को लगाया गया। मामले की जांच की जा रही है।
सुरेशचंद्र पारीक, बीईईओ बनेड़ा

Saturday, 18 November 2017

पद्मावती फिल्म के विरोध में आज कुंभलगढ़ फोर्ट किया गया बंद

कुंभलगढ़(राजसमंद). फिल्म पद्मावती के विरोध में करणी सेना ने शनिवार को ऐतिहासिक कुंभलगढ़ फोर्ट बंद किया गया है। किले पर सर्व समाज के करीब 150 लोग आमसभा करने पहुंचे हैं। बता दें कि करणी सेना के राष्ट्रीय महासचिव गोविंद सिंह सोलंकी ने कहा था कि कुंभा के दुर्ग पर अंहिसात्मक आंदोलन शुरू किया जाएगा
क्या है मामला.. सोलंकी ने बताया कि विदेशी पर्यटकों को परेशानी नहीं हो, इसे ध्यान में रखते हुए उन्हें दुर्ग पर जाने की छूट दी गई है। जबकि भारतीय पर्यटकों को दुर्ग पर प्रवेश नहीं करने दिया जाएगा। वहीं प्रदर्शन स्थल पर भारी पुलिसदल मौजूद है। इसके साथ कुंभलगढ़ फोर्ट पर भंसाली के खिलाफ नारे बाजी भी की गई। यहां पहुंचे प्रदर्शन कारियों ने किले का गेट बंद करवा दिया। जिससे पहले अंदर जा चुके टूरिस्ट वहीं फंद गए। जिन्हे कुछ देर प्रदर्शन रोक कर बाहर निकाला गया। जिसके बाद प्रदर्शन फिर से शुरू हुआ।
फिल्म पर रोक की राष्ट्रपति से मांग  - विद्याप्रचारिणी सभा के मंत्री डॉ. महेन्द्रसिंह राठौड़ ने फिल्म के प्रदर्शन पर रोक की मांग को लेकर राष्ट्रपति को ज्ञापन भेजा है। इधर, भाजयुमो के प्रदेश उपाध्यक्ष गजपाल सिंह राठौड़ ने भी केन्द्रीय सूचना एवं प्रसारण मंत्री को ज्ञापन प्रेषित किया है।
फिल्म पद्मावती को लेकर क्या आपत्ति है?
 राजस्थान में करणी सेना, बीजेपी लीडर्स और हिंदूवादी संगठनों ने इतिहास से छेड़छाड़ का आरोप लगाया है।  राजपूत करणी सेना का मानना है कि ​इस फिल्म में पद्मिनी और खिलजी के बीच इंटीमेट सीन फिल्माए जाने से उनकी भावनाओं को ठेस पहुंची है। लिहाजा, रिलीज से पहले यह फिल्म पार्टी के राजपूत रिप्रेजेंटेटिव्स को दिखाई जानी चाहिए। राजस्थान के राजघराने भी फिल्म के विरोध में हैं। उन्होंने इसके एक गाने में घूमर नृत्य के दौरान दीपिका के पहनावे पर सवाल उठाए हैं।
कहां से शुरू हुआ विवाद?
 राजस्थान में इस फिल्म की शूटिंग के दौरान इसके विरोध की शुरुआत हुई थी। शूटिंग के वक्त राजपूत करणी सेना ने कई जगह प्रदर्शन किए थे और पुतले फूंके थे। जयपुर में शूटिंग के दौरान कुछ लोगों ने संजय लीला भंसाली से बदसलूकी की थी, जिसके बाद कोल्हापुर में फिल्म का सेट लगाया तो इसे जला दिया गया। इसके बाद मूवी का विरोध देशभर में बढ़ता गया।
कई राजघराने भी विरोध में- राजस्थान के कई राजपूत घराने भी इस फिल्म के विरोध में हैं। जयपुर राजघराने की राजकुमारी दीया कुमारी ने पिछले दिनों इस फिल्म के खिलाफ सिग्नेचर कैम्पेन शुरू किया। इस दौरान उन्होंने कहा कि इस कैम्पेन में ज्यादा से ज्यादा लोगों और ऑर्गनाइजेशन को जोड़ने के लिए इसे डिविजन लेवल पर भी ऑर्गनाइज किया जाएगा।

Tuesday, 26 September 2017

सरकारी कर्मचारियों को दिवाली का तोहफा, बढ़कर आएगी सैलरी



राजस्थान सरकार के 8 लाख 54 हजार 119 कर्मचारी हैं. इन सभी को 7वें वेतनमान का लाभ देने के लिए सरकार को 10,500 करोड़ रु खर्चने होंगे. सरकार से यह रिपोर्ट ग्रेड पे विसंगतियों को लेकर बनी कैबिनेट कमेटी के पास जाएगी !

त्योहारों के सीजन में राजस्थान के सरकारी कर्मचारियों के लिए अच्छी खबर आई है. इस बार राजस्थान के सरकारी कर्मचारियों की सैलरी बढ़कर आएगी. पूर्व मुख्य सचिव डीसी सामंत कमेटी ने राज्य कर्मचारियों के लिए सातवें वेतनमान की रिपोर्ट राज्य सरकार को सौंप दी है. सातवें वेतनमान में कर्मचारियों के वेतन में करीब 15 प्रतिशत तक का इजाफा होगा. दिवाली से पहले कर्मचारियों के लिए सातवें वेतनमान की घोषणा की जा सकती है. यानी अक्टूबर के वेतन में पैसे बढ़कर आएंगे. यानी एक नवंबर को कर्मचारियों को जो वेतन मिलेगा वह 7वां वेतनमान होगा. भत्तों का निर्णय सरकार करेगी.
राजस्थान सरकार के 8 लाख 54 हजार 119 कर्मचारी हैं. इन सभी को 7वें वेतनमान का लाभ देने के लिए सरकार को 10,500 करोड़ रु खर्चने होंगे. सरकार से यह रिपोर्ट ग्रेड पे विसंगतियों को लेकर बनी कैबिनेट कमेटी के पास जाएगी. 
अंतिम मंजूरी के लिए कैबिनेट में रखा जाएगा. सरकार ने 23 फरवरी को पे कमेटी गठित की थी.
केंद्र में सातवें वेतनमान की सिफारिशों में मूल वेतन को 2.57, 2.67 और 2.72 से गुण कर फिक्सेशन किया गया है. 
सामंत पे कमेटी ने एक जनवरी, 2016 को निर्धारित वेतन को आधार बनाकर ही सरकार को अपनी सिफारिशें सौंपी हैं. 
इस अवधि में कर्मचारियों का डीए 125% था, लेकिन सिफारिशें एक जनवरी, 2017 से लागू होती हैं तो कर्मचारियों को अवधि तक बढ़ चुके 7% डीए की भरपाई के लिए एक फिक्सेशन ज्यादा दे सकती है.
-एरियर इस बार कैश मिलेगा. सरकार के पास फिलहाल एरियर देने के पैसे नहीं हैं, इसलिए यह अगले साल से किश्तों में मिलेगा. पिछले पे कमीशनों में मिलने वाला एरियर का मोटा हिस्सा सरकार जीपीएफ में जमा करवाती थी.
पहले माना जा रहा था कि रिपोर्ट मिलने के बाद 7 वेतनमान को लागू करने में सरकार करीब 2 से 3 महीन का समय लगा सकती है. लेकिन अब ऐसा कयास लगाया जा रहा है कि 19 अक्टूबर को दिवाली से पहले ही सरकार इसे लागू कर सकती है.
सन उप सचिव (वित्त) डॉ. प्रेम सिंह चारण के अनुसार गठित की गई समिति में डीके मित्तल और एमपी दीक्षित (राजस्थान लेखा सेवा के पूर्व अधिकारी) को शामिल किया गया था. इस समिति को तीन महीने में सरकार को अपनी रिपोर्ट देनी थी लेकिन अब सितंबर में रिपोर्ट सौंपी जा रही है.

Sunday, 24 September 2017

स्कूल में रेप किया, अबॉर्शन भी करा दिया

सीकर-- वो अपना भविष्य संवारने के लिए स्कूल में दाखिल हुई थी. मगर उसी स्कूल में बलात्कार और गर्भपात के बाद अब उसकी हालत नाजुक है.मामला है राजस्थान के सीकर के एक निजी स्कूल का. रेप के आरोप में स्कूल के एक शिक्षक और प्रबंधक को गिरफ़्तार किया गया है. स्कूल को फिलहाल बंद कर दिया गया है. राज्य महिला आयोग ने भी घटना की जांच के आदेश दिए हैं.
पीड़ित बच्ची का जयपुर में इलाज चल रहा है ! सीकर पुलिस के अनुसार यह घटना उस वक्त सामने आयी जब पीड़िता के पेट में दर्द हुआ और उसके अभिभावक उसे डॉक्टर के पास ले गए. आरोप है कि उसी वक्त स्कूल प्रबंधक ने एक निजी अस्पताल से मिलीभगत करके बच्ची का गर्भपात करवा दिया. मगर जब बालिका की हालत बिगड़ी तो उसे जयपुर के सवाई मान सिंह अस्पताल में भर्ती कराया गया. तब से बच्ची बेसुध है. पुलिस बयानों के लिए उसके होश में आने का इंतजार कर रही है.  पुलिस के मुताबिक, सीकर ज़िले के एक गांव में संचालित निजी स्कूल 'जनता बाल निकेतन' के प्रबंधक जगदीश यादव और शिक्षक जगत सिंह गुर्जर को गिरफ़्तार कर लिया गया है.  उस क्षेत्र में पुलिस उप अधीक्षक कुशाल सिंह ने  बताया दोनों आरोपियों से पूछताछ की जा रही है. कुशल सिंह ने कहा, ''यह गंभीर घटना है और इसमें दोषियों के ख़िलाफ़ सख़्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी.'' पुलिस उस निजी अस्पताल के ख़िलाफ़ भी जांच कर रही है जहां पीड़िता का गर्भपात कराया गया. 
इस घटना से क्षेत्र में तनाव फ़ैल गया है, लोगों ने स्कूल के बाहर जमकर हंगामा किया. ग्रामीणों ने स्कूल में तोड़फोड़ भी की. पुलिस को जानकारी मिली है कि स्कूल का शिक्षक 12वीं की छात्रा को अतिरिक्त कक्षा के नाम से बुलाकर लंबे समय से ज़्यादती कर रहा था.
सीकर के जिला शिक्षा अधिकारी दयाल सिंह यादव ने बताया, ''फिलहाल इस स्कूल को बंद कर दिया गया है और जांच की जा रही है. हम प्राइवेट स्कूलों को स्टाफ का वेरिफिकेशन कराने के लिए पाबंद करेंगे. स्कूल के 300 बच्चों को दूसरे स्कूलों में दाखिल करने की कोशिश की जा रही है.''
राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के अध्यक्ष जस्टिस के.एस झावेरी ने पीड़िता की मदद के लिए ढाई लाख रूपये की रकम मंजूर की है और दोषियों के ख़िलाफ कार्रवाई का निर्देश दिया है. अखिल राजस्थान विद्यालय शिक्षक संघ के अध्यक्ष रामकृष्ण अग्रवाल ने इस घटना पर गहरा दुख जताया और कहा ''सरकार को हरियाणा की घटना से सबक लेना चाहिए. निजी स्कूलों में अभिभावकों के साथ नियमित बैठक नहीं होती, जबकि सरकारी स्कूलों में समयबद्ध रूप से अभिभावक स्कूल प्रबंधन के साथ बैठक करते है. सरकार निजी स्कूलों पर मेहरबान है और सरकारी स्कूलों को पीपीपी मॉडल पर दिया जा रहा है.'

उदयपुर: 5वीं कक्षा के कपिल काे पीएम मोदी 2 अक्टूबर को करेंगे सम्मानित

उदयपुर। खेरवाड़ा क्षेत्र में राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालय, पलसिया के छात्र कपिल को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 2 अक्टूबर को गांधी जयंती के अवसर पर नई दिल्ली में सम्मानित करेंगे। पांचवीं कक्षा के छात्र कपिल को यह सम्मान स्वच्छता का मैसेज देने वाली पेंटिंग बनाने के लिए दिया जाएगा। कपिल ने स्वच्छता पर पेंटिंग बनाकर देशभर में विजेता रहकर उदयपुर का नाम रोशन किया है।देशभर में मेरे सपनों का स्वच्छ भारत विषय पर पेंटिंग प्रतियोगिता आयोजित की गई थी। कपिल की पेंटिंग देश में सर्वश्रेष्ठ तीन पेंटिंग्स में शामिल की गई थी। पहले जिला स्तर पर प्रथम, फिर प्रदेश स्तर पर प्रथम और अब राष्ट्र स्तर तक विजेता रहने वाले कपिल काे प्रधानमंत्री के हाथों सम्मान से पहले शुक्रवार को जिला कलेक्टर बिष्णु चरण मल्लिक और जिला परिषद के सीईओ अविचल चतुर्वेदी ने सम्मान किया।

पोकरण फायरिंग रेंज में जवानों से मिलीं डिफेंस मिनिस्टर, फायर पावर को जाना

जोधपुर. डिफेंस मिनिस्टर निर्मला सीतारमण शनिवार को पोकरण फायरिंग रेंज मेें जवानों से मिलीं। निर्मला सीतारण ने यहां पर तोपों और टैंकों का अभ्यास देखा। उन्होंने मिलिट्री ऑफिसर्स से फायर पावर के बारे डिटेल जानकारी भी ली। इस दौरान डिफेंस मिनिस्टर ने जवानों से मिलकर उनकी परेशानियों को भी सुना।
- निर्मला सीतारमण ने यहां धनुष तोप की फायरिंग देखी। उन्होंने इस तोप के बारे में पूरी जानकारी हासिल की। इसके बाद वे फायरिंग रेंज में चल रहे अर्जुन टैंक का टेस्ट देखने पहुंचीं। उन्होंने टैंक के बारे में भी जानकारी ली और उसे अंदर से देखा।
 
जवानों से मिलने का नहीं था शेड्यूल
- डिफेंस मिनिस्टर के शेड्यूल में जवानों से मिलना नहीं था। लेकिन, इससे अलग वे जवानों की टुकड़ी के बीच पहुंची।
- निर्मला सीतारमण ने उनसे परेशानियों के बारे में सवाल किए। जवान उन्हें अपने बीच पाकर चौंक गए थे। हालांकि, जवानों ने डिफेंस मिनिस्टर को कुछ सजेशन दिए।
 
डिफेंस साइंटिस्टों से मिलने जोधपुर पहुंचीं
- निर्मला पोकरण से सीधे जोधपुर पहुंची। जोधपुर एयर बेस पर डीआरडीओ के डायरेक्टर ने उनका स्वागत किया। यहां से वे सीधे डिफेंस लैबोरेटिरी पहुंची और साइंटिस्टों से मिलकर जानकारी ली। बता दें कि डिफेंस मिनिस्ट्री संभालने के बाद निर्मला सबसे पहले बाड़मेर में पाकिस्तान बॉर्डर के पास उत्तरलाई एयरबेस गई थीं।

कानून व्यवस्था पर HC ने लगाई फटकार, कहा जो पुलिस की ड्यूटी है वो गुंडे कर रहे हैं

जोधपुर- राजस्थान उच्च न्यायाधीश ने शनिवार गृह सचिव को जोधपुर की खराब कानून व्यवस्था के लिए फटकार लगाते हुए जल्द से जल्द इसे दुरस्त करने का निर्देश दिया है, जिससे लोगों में फिर भरोसा कायम हो सके.उच्च न्यायालय की जोधपुर मुख्यपीठ के वरिष्ठ न्यायाधीश ने गृह विभाग के प्रमुख शासन सचिव दीपक उप्रेती से कहा कि जो पुलिस की ड्यटी है, वो गुंडे कर रहे हैं. गुंडे सिक्योरिटी देने के लिए लोगों से रंगदारी मांग रहे हैं.

उच्च न्यायालय की खंडपीठ ने जोधपुर में रंगदारी वसूलने के लिए कारोबारियों पर फायरिंग की घटनाओं पर एक जनहित याचिका की सुनवाई के दौरान स्वप्रेरणा से प्रसंज्ञान लिया था. इसमें तलब किए जाने पर जब शुक्रवार गृह विभाग के प्रमुख शासन सचिव हाजिर नहीं हुए तो उनको शनिवार को पेश होने का आदेश दिया था.
प्रमुख शासन सचिव दीपक उप्रेती हाजिर हुए तो वरिष्ठ न्यायाधीश गोविंद माथुर ने उनसे पूछा कि जोधपुर और आस-पास के इलाके में कानून व्यवस्था सुधारने के लिए क्या इंतजाम किए गए हैं. गृह सचिव ने नफरी की कमी और अपराधियों द्वारा नवीनतम तकनीक प्रयोग किए जाने की बात कही.

इस पर न्यायाधीश माथुर ने हैरत जताई और कहा यह कैसे संभव है कि गुंडों के पास सरकार से एडवास टेक्नॉलोजी है. यह तो जंगल फीलिंग है. रंगदारी शब्द ही राजस्थान में अब सुना जाने लगा है जो पहले बिहार व अन्य प्रदेशों में ही सुना जाता था. हाईवे पर बदमाशों के घूमने का मुद्दा उठाते हुए न्यायाधीश माथुर ने कहा कि जयपुर और बीकानेर हाईवे भी सुरक्षित नहीं है.
गृह सचिव ने जोधपुर में पुलिस कंट्रोल रूम को आधुनिक बनाने के लिए कमांड एंड कंट्रोल सेंटर स्थापित करने और योजना लागू जल्दी ही लागू करने की बता कही और बताया कि इसमें पूरे शहर में आठ सौ सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएंगे.
न्यायाधीश माथुर ने जल्द से जल्द प्रभावी कदम उठाने के निर्देश देते हुए तीन अक्टूबर को प्रोग्रेस रिपोर्ट पेश करने के लिए कहा. सुनवाई के दौरान कई लोग अपनी शिकायतें लेकर हाईकोर्ट के बाहर इकट्ठे हो गए. वे स्थानीय अफसरों के पास अपनी सुनवाई नहीं होने की शिकायत गृह सचिव को करना चाहते थे. गृह सचिव बाहर आए तो पत्रकारों ने उनसे बात करनी चाही, लेकिन वे कार में बैठ कर चले गए. शिकायतें लेकर आए लोग भी खड़े रह गए. इन लोगों ने खुलकर अपनी नाराजगी जाहिर की.

Friday, 15 September 2017

बाइक को बचाने के प्रयास में स्कूल बस पेड़ से टकराई, 22 बच्चे हुए घायल

खंडेला (सीकर)।सीकर के खंडेला में शुक्रवार को बाइक को बचाने के प्रयास में एक स्कूल बस पेड़ से टकरा गई। हादसे में 22 बच्चे घायल हो गए। तीन बच्चाें को ज्यादा चोट आई है। बच्चों को खंडेला सीएचसी में भर्ती कराया गया है। 
- खंडेला में ब्राइटसन सीनियर स्कूल की एक बस बच्चों को लेकर स्कूल जा रही थी। बस में 35 बच्चे सवार थे। उदयपुरवाटी-खंडेला रोड पर बस के सामने अचानक एक बाइक आ गई।
- बाइक को बचाने के प्रयास में जैसे ही ड्राइवर ने बस मोड़ी वह एक पेड़ से टकरा गई जिससे एक दर्जन बच्चे घायल हो गए। तेजी से हुई टक्कर में बस आगे से क्षतिग्रस्त हो गई।
- हादसा होते ही बच्चे घबराकर रोने लगे। वहां से गुजर रहे वाहन चालक मदद को आए तथा बच्चों को बस से निकाला। वे अपने वाहनों से बच्चों को खंडेला सीएचसी में ले गए।
- लोगों ने पुलिस को भी फोन कर दिया। थोड़ी देर में पुलिस भी वहां पहुंच गई।
तीन बच्चों को ज्यादा चोट आई--
- हादसे में 19 बच्चों को प्राथमिक उपचार के बाद घर भेज दिया गया। तीन बच्चों को ज्यादा चोट आई। उनका वहां इलाज किया गया

Saturday, 9 September 2017

जयपुरः पुलिस और स्थानीय लोगों में हिंसक झड़प के बाद रामगंज इलाके में कर्फ्यू, मोबाइल इंटरनेट बंद

जयपुर- शहर के रामगंज थाना क्षेत्र में कल देर रात दंगा भड़कने के बाद रामगंज समेत चार इलाकों में कर्फ्यू लगा दिया गया है। जानकारी के मुताबिक मामूली बात को लेकर शुक्रवार को यहां स्थानीय लोगों और पुलिस के बीच झड़प हो गई जिसके बाद कई वाहनों में आग लगा दी गई। भीड़ ने पावर हाउस को भी आग के हवाले कर दिया और कई गाड़ियों में तोड़फोड़ की। इसके बाद यहां तनाव की स्थिति को देखते हुए मोबाइल इंटरनेट सेवाएं बंद कर दी गई हैं और कर्फ्यू लगा दिया गया है।

स्थानीय लोगों के मुताबिक रामगंज में चौराहे के पास ठेला हटवाने की कोशिश करने के दौरान बाइक पर जा रहे कपल को पुलिस का डंडा लग गया। इसके बाद कहासुनी शुरू हुई जो हिंसा में तब्दील हो गई। गुस्साई भीड़ ने थाने में घुसने की भी कोशिश की। घटना में कई पुलिसवाले घायल हो गए हैं और 1 व्यक्ति की मौत की भी खबर है। भीड़ ने कई पुलिस के वाहनों के साथ अन्य को भी नुकसान पहुंचाया।

बता दें कि तनाव बढ़ता देख कर पुलिस को अतिरिक्त फोर्स की मदद लेनी पड़ी। इसी बीच भीड़ ने पथराव शुरू कर दिया जिसमें कई पुलिसकर्मी बुरी तरह से जख्मी हो गए। इस दौरान पुलिस की ओर से फायरिंग की सूचना भी सोशल मीडिया पर वायरल हो रही है जिसमें एक युवक के मारे जाने की बात कही जा रही है। हालांकि इस वायरल सूचना की अभी तक कोई पुष्टि नहीं हो सकी है।
रामगंज में वाहनों को आग के हवाले की खबर के तुरंत बाद वहां दमकल की पांच गाड़ियां पहुंच गईं। जल्द ही आग बुझाने का काम शुरू कर दिया गया लेकिन तब तक वाहन जलकर खाक हो चुके थे। वहीं पुलिस कमिश्नर संजय अग्रवाल मौके पर पहुंचे और लोगों से शांति की अपील की।

थाने का घेराव करने के बाद उग्र भीड़ ने आगजनी और पथराव शुरू कर दिया तो पुलिस के हाथ पांव फूल गए। आनन-फानन में भीड़ को वहां से हटाने के लिए आंसू गैस के गोले छोड़ने पड़े। भीड़ को खदेड़ने के लिए हल्का बल प्रयोग भी करना पड़ा लेकिन तब तक पुलिस के कई जवान पत्थरबाजों के हाथों जख्मी हो चुके थे।
भीड़ जब हिंसा पर उतर आई तो पुलिस ने लाठीचार्ज के साथ आंसू गैस का इस्तेमाल किया। लाठीचार्ज में स्थानीय लोग भी घायल हुए हैं। इलाके में पुलिसबल तैनात है और कर्फ्यू लगा दिया गया है

Saturday, 2 September 2017

मेवाड़ से पीएम मोदी जोधाणा की जनता से होंगे मुखातिब - शेखावत-

नई दिल्ली, -  प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मंगलवार को मेवाड़ के उदयपुर दौरे पर जा रहे हैं। इस दौरान प्रधानमंत्री मोदी बकायदा जोधाणा (जोधपुर) की जनता से भी मुखातिब होंगे। प्रधानमंत्री मोदी उदयपुर से सीधे जोधपुर की जनता की रैली को न केवल सम्बोधित करेंगे बल्कि उनसे बातचीत भी करेंगे। 
जोधपुर से भाजपा सांसद गजेंद्र सिंह शेखावत ने  बातचीत में बताया कि जोधपुर में प्रधानमंत्री मोदी की वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिये जोधपुर की जनता से भी वार्तालाप करेंगे| इसके लिए संगठन की तरफ से बकायदा सभी तैयारियां पूर्ण कर ली गयी है।  शेखावत ने बताया कि भाजपा संगठन इसकी व्यापक स्तर पर तैयारी कर रहा है। यह पूछे जाने पर कि क्या प्रधानमंत्री मोदी के जोधपुर दौरे की सितंबर माह में संभावनाएं हैं, इस पर शेखावत ने बताया कि इसके लिए बकायदा उन्होंने एक माह पूर्व ही निवेदन प्रधानमंत्री कार्यालय को दिया है।  शेखावत ने बताया कि जोधपुर में नवनिर्मित उच्च न्यायालय का उद्घाटन, बाड़मेर के पचपदरा में रिफाइनरी शिलान्यास, एम्स भवन का उद्घाटन और द्वितीय फेज का शिलान्यास और आई आई टी परिसर जैसे मुख्य योजनाएं प्रधानमंत्री मोदी के हाथों करवाने की योजना है। शेखावत ने उम्मीद जताई कि प्रधानमंत्री मोदी जल्द ही मारवाड़ का दौरा कर यहां की विभिन्न विकास योजनाओं का उद्घाटन करेंगे और क्षेत्र को नई सौगात भी देंगे।  वहीं सूत्रों के अनुसार प्रधानमंत्री मोदी का सितंबर में अजमेर जाने का दौरा लगभग फाइनल हो चुका है। इसके लिए सुरक्षा ड्रिल जारी है। इसके बाद उनका जोधपुर का दौरा भी हो सकता है।

राजस्थान के अस्पताल में 51 दिनों में 81 बच्चों की मौत

 बांसवारा- उत्तरप्रदेश के गोरखपुर में ऑक्सिजन की कमी की वजह से बच्चे मरे अब राजस्थान के बड़े अस्पताल में भारी संख्या में बच्चों की मौत का मामला सामने आया है। खबर है कि बांसवारा के महात्मा गांधी चिकित्सालय के अंदर 51 दिनों में 81 बच्चों की मौत हो गई है। डॉक्टरों का कहना है कि मौत कुपोषण की वजह से हो रही है।

बांसवारा के अस्पताल में हो रही बच्चों की मौतों पर वहां के सीएमएचओ ने कहा है कि वह अपनी टीम के साथ हर केस की जांच अलग से कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि जांच पूरी होने पर ही सच सामने आ पाएगा। आपको बता दें कि गोरखपुर के बीआरडी हॉस्पिटल में अगस्त के महीने में ही 415 बच्चों की मौत हुई है। जिसके बाद से यूपी की योगी सरकार इस मामले पर घिर गई थी। योगी सरकार की तरफ से बयान आया था कि अगस्त में तो बच्चों की मौत होती ही है। इसपर भी विपक्षी दलों ने निशाना साधा था। इससे पहले छत्तीसगढ़ और झारखंड में बच्चों के मरने की खबर आई थी। राजस्थान के साथ-साथ इन तीनों राज्यों में भी बीजेपी की सरकार है। झारखंड के दो अस्पतालों में इस साल अब तक 800 से ज्यादा बच्चों की मौत हो गई और इसमें से ज्यादातर मौतें इंसेफलाइटिस की वजह से हुई हैं। 

जोधपुर: ऑपरेशन के दौरान बहस करने वाले डॉक्टर को हटाया

जोधपुर- जोधपुर के एक अस्पताल में गर्भवती महिला की सर्जरी के दौरान ऑपरेशन थिअटर में डॉक्टरों के बीच कहासुनी हो गई। इस मामले में राज्य सरकार ने उमैद अस्पताल के डॉक्टर नैनीवाल को हटा दिया गया है। राजस्थान सरकार के चिकित्सा शिक्षा विभाग की तरफ से जारी प्रेस विज्ञप्ति में कहा गया है कि डॉक्टर नैनीवाल जो कि संस्थान में सहायक आचार्य आधार पर कार्यरत थे, उनकी सेवा को राज्य सरकार द्वारा यहां से समाप्त कर चिकित्सा एवं स्वास्थ्य सेवाओं के लिए जयपुर भेज दिया गया है। हालांकि राज्य के सूचना विभाग ने इस बात की भी पुष्टि की, कि ऑपरेशन के बाद नवजात और मां दोनों ठीक हैं। बता दें कि इससे पहले खबर थी कि ऑपरेशन के दौरान बच्चे की मौत हो गई है।

Friday, 17 February 2017

आरक्षण मुद्दे पर सरकार से नाराज गुर्जर समुदाय, 25 को करेंगे महापंचायत

राजस्थान हाईकोर्ट के द्वारा आरक्षण रद्द करने के दो महीने बाद गुर्जर नेताओं ने आंदोलन करने की चेतावनी दी है। सरकार की तरफ से कोई कारगर कानूनी कदम नहीं उठाने से गुर्जर एक बार फिर सड़कों पर उतरने की तैयारी में हैं। गुर्जर संघर्ष समिति के नेता कर्नल किरोड़ी सिंह बैंसला ने 25 फरवरी को करौली जिले के गुडला में समाज की महापंचायत बुलाई है। इसमें ही आंदोलन की रणनीति तैयार करने का ऐलान किया गया है।
बैंसला द्वारा ये मांग रखी गई है कि 50 प्रतिशत के बाहर गुर्जरों को आरक्षण दिलाया जाएं और इसके लिए राज्य सरकार सुप्रीम कोर्ट में प्रभावी पैरवी कराएं। बैंसला और उनके साथियों ने आरक्षण मुद्दे पर मंत्रिमंडल की उप समिति की बैठक में हिस्सा नहीं लिया। इस बैठक में गुर्जर नेताओं को भी बुलाया गया था। संघर्ष समिति के नेताओं का कहना है कि गुर्जर आंदोलन के दौरान दर्ज मुकदमों को भी सरकार ने वापस नहीं लिया है। सरकार ने इन्हें वापस लेने का भी समझौता किया था। कोटा जिले के रामगंजमंडी में 18 गुर्जर आंदोलनकारियों को 5-5 साल की सजा हो गई दूसरी तरफ यहां शासन सचिवालय में हुई मंत्रिमंडल की उप समिति की बैठक में फैसला किया गया कि विशेष पिछड़ा वर्ग की भर्तियों के लिए कानूनी राय लेकर सरकार फैसला करेगी। इसमें आरक्षण निरस्त होने के पहले और बाद के बारे में कानूनी राय ली जाएगी। बैठक की अध्यक्षता ग्रामीण विकास मंत्री राजेंद्र राठौड़ ने की। राठौड़ ने बताया कि विशेष पिछड़ा वर्ग के पांच फीसद आरक्षण को फिर से स्थापित करने के लिए सरकार पूरे प्रयास कर रही है। गुर्जरों का विशेष पिछड़ा वर्ग का आरक्षण निरस्त होने के बाद उनकी स्थिति सामान्य वर्ग की हो गई है।
 पूरा मामला- बीजेपी सरकार ने गुर्जर और चार अन्य समुदायों को स्पेशल बैकवर्ड क्लासेज के जरिए सरकारी नौकरियों में पांच प्रतिशत कोटा दिया था। सरकार के इस फैसले को राजस्थान हाईकोर्ट ने पिछले साल दिसंबर में रद्द कर दिया था क्योंकि इसके कारण कुल आरक्षण 50 फीसदी से ज्यादा हो गया था। कोर्ट ने कहा था कि इन पांच समाजों के पिछड़ेपन को लेकर आंकड़े सही रूप से एकत्रित नहीं किए गए थे।
पहले गुर्जर और दूसरी जातों को अन्य पिछड़ा वर्ग की कैटेगरी के तहत आरक्षण दिया गया था लेकिन 2015 में सरकार ने इन जातियों को स्पेशल बैकवर्ड क्लासेज के अंदर रखा था और इस बात को सुनिश्चित किया था कि उन्हें पांच फीसदी आरक्षण का लाभ मिले। हाईकोर्ट के आदेश के अनुसार, ये जाति किसी दूसरी श्रेणी में आरक्षण का लाभ नहीं पा सकती हैं। गौरतलब है कि गुर्जर आरक्षण के लिए पहले भी उग्र आंदोलन कर चुके है जिसमें कई लोगों की मौत हुई थी। 

जीवन के मकान में रहे अच्छाइयों का प्रवास : आचार्य महाश्रमण

कडूर और बिरूर में अहिंसा यात्रा का भव्य स्वागत  कडूर, कर्नाटक-  सद्भावना नैतिकता और नशामुक्ति इन तीनों आयामों से जन-जीवन का कल्याण कर...