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Sunday, 9 June 2019

ढाई साल की मासूम ट्विंकल की हत्या असलम के घर की गई थी

अलीगढ़ -- ढाई साल की मासूम को अगवाकर उसकी हत्या को अंजाम असलम के घर में दिया गया था।  अलीगढ़ के एसएसपी ने आकाश कुलहरि बताया कि असलम आपराधिक प्रवृत्ति का है। जिसकी वजह से उसकी पत्नी छोड़कर जा चुकी है। गांव के ही जाहिद से असलम की दोस्ती थी। 30 मई को जब मासूम अपने घर के बाहर थी, तभी उसका अपहरण कर लिया गया था। जिसके बाद असलम ने अपने ही घर में जाहिद के साथ मिलकर घटना को अंजाम दिया। वारदात के समय जाहिद की पत्नी शाइस्ता और भाई मेहंदी हसन भी वहां मौजूद थे। रात करीब एक से डेढ़ बजे के बीच शाइस्ता के दुपट्टे में लपेटकर घर के सामने खाली पड़े प्लाट में पड़े कूड़े के ढेर पर फेंक दिया था।

एसआईटी ने भी टप्पल थाने से की जांच की शुरुआत-  मासूम की हत्या की जांच को गठित एसआईटी  शनिवार को थाना टप्पल पहुंची। नोडल अधिकारी एसपी देहात मणिलाल पाटीदार ने टीम के सभी सदस्यों के साथ बैठक की। फॉरेंसिक टीम ने भी घटना स्थल, आरोपियों के घर जाकर साक्ष्य जुटाने का कार्य किया। एसआईटी टीम ने मामले से जुड़े लोगों की एक सूची तैयार की है। जिनसे अलग-अलग पूछताछ की जाएगी। तीन सप्ताह के भीतर एसआईटी मामले की जांच कर रिपोर्ट देगी।  डीएम चंद्रभूषण सिंह ने बताया है कि थाना टप्पल क्षेत्र में मासूम की हत्या के बाद से तनावपूर्ण स्थिति बनी हुई है। शांति व कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए सात मजिस्ट्रेट ड्यूटी लगाई गई है। पीड़ित परिजनों को इंसाफ दिलाया जाएगा।

लाड़ली के परिवार को निर्भया कोष से दिलाएंगे मदद -  टप्पल में मासूम की हत्या के मामले की जांच करने के लिए शनिवार को राज्य बाल संरक्षण आयोग की टीम पीड़ित परिजनों से मिली। आयोग के अध्यक्ष डा. विशेष गुप्ता ने बताया कि पूरे मामले की रिपोर्ट मुख्यमंत्री को सौंपी जाएगी। वहीं परिवार को निर्भया कोष से आर्थिक मदद दिलाए जाने के साथ ही आरोपियों पर गैंगेस्टर एक्ट के तहत कार्यवाही करने के लिए लिखा जाएगा।

टप्पल में आसपास के गांव के युवाओं ने किया प्रदर्शन-  वहीं जिलेभर में लाडली को इंसाफ दिलाए जाने की मांग को लेकर प्रदर्शन हुए। टप्पल क्षेत्र में स्थानीय लोगों ने हत्यारों को फांसी दो-फांसी दो लिखी तख्तियां हाथों में लेकर नारेबाजी की। भाजपा युवामोर्चा, अखंड भारत हिन्दू सेना, यूथ कांग्रेस, भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी सहित कई सामाजिक संगठनों ने मासूम की हत्या के विरोध में प्रदर्शन किया। 

Friday, 7 June 2019

तड़पा-तड़पा कर मासूम को दरिंदों ने मारा पीएम रिपोर्ट में चौंकाने वाला खुलासा- अलीगढ़ मामला

अलीगढ़ - किसी मासूम के साथ कोई इतनी हैवानियत कैसे कर सकता है। टप्पल में मारी गई ढाई साल की बच्ची की पोस्टमार्टम रिपोर्ट देखने के बाद रोंगटें खड़े हो जाते हैं। मन कांप जाता है, दिल दहल जाता और दिमाग सुन्न हो जाता है। दरिंदगी की इंतहा हो गई। बच्ची की किडनी तक दरिंदों ने निकाल ली। एक हाथ भी शरीर से अलग कर दिया। मासूम को दरिंदों ने इस कदर मारा कि उसकी नेजल ब्रिज (नाक व माथे को जोड़ने वाली हड्डी) और एक पैर में फ्रेक्चर तक हो गया। जिसके चलते बच्ची की मौत शॉक (सदमा) की वजह से होना पीएम रिपोर्ट में आया है।

अलीगढ़ के टप्पल थाना क्षेत्र के मोहल्ला कानून गोयान निवासी ढाई साल की मासूम 30 मई को लापता हो गई थी। दो जून की सुबह शव घर के पास ही कूड़े के ढेर पर मिला था। शव का पोस्टमार्टम तीन डॉक्टरों के पैनल द्वारा किया गया था। डॉ. नवीन कुमार, डॉ. केके शर्मा और डॉ. उज्मा शामिल थीं। पोस्टमार्टम रिपोर्ट के अनुसार मरने के बाद शरीर में जो बदलाव होते हैं। उसके बारे में एंटीमार्टम इंजरी (एएमआई) में डॉक्टरों ने विस्तार से लिखा है।

रिपोर्ट में सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि बच्ची की किडनी व यूरिनली ब्लेडर नहीं पाया गया। बच्ची का सीधा हाथ धड़ से अलग था। जिसकी वजह से उस जगह पर कीड़े पड़ चुके थे। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में डॉक्टरों ने हत्या तीन से चार दिन पूर्व होने की आशंका जताई है। यानि बच्ची की हत्या 30 मई को लापता होने के बाद ही कर दी गई थी। इस वजह से शव सड़ चुका था। जगह-जगह कीड़े पड़ चुके थे। 

दूसरी सबसे बड़ी बात रिपोर्ट में यह है कि मासूम की मौत शॉक यानि सदमे की वजह से हुई है। रिपोर्ट में मौत का कारण डॉक्टरों ने शॉक ड्यू टू एंटी मार्टम इंजरी लिखा है। मेडीकल एक्सपर्ट के मुताबिक ऐसी स्थिति जब होती है जब किसी को कोई सदमा बैठता है।

 पोस्टमार्टम रिपोर्ट की मुख्य बातें:
-शव में नाक-मुंह, वैजानिया, छाती के पीछे लेफ्ट साइड में कीड़े पड़ चुके थे।
-शरीर पर जगह-जगह से खाल छूटी हुई थी।
-सर के बाल व नाखून आसानी से निकल रहे थे।
-नेजल ब्रिज टूटा हुआ था।
-बायें घुटने के पांच सेंटीमीटर नीचे फ्रेक्चर था।
-दोनों आंखें बंद थीं।
-पेट पर काले-सफेद धब्बे पड़े हुए थे।
-सीधा हाथ खींचकर शरीर से अलग मिला।  जिसकी वजह से उस जगह पर इतने कीड़े पड़ चुके थे कि हड्डी तक नजर आ रही थी।
-लेफ्ट साइड-छाती के नीचे पसलियां दिख रहीं थीं। एक्सपर्ट डॉक्टरों के पैनल ने मासूम बच्ची के शव का पोस्टमार्टम किया है। रेप की पुष्टि नहीं हुई है। क्योंकि शव इतनी बुरी तरह से सड़ चुका था। जिसके चलते स्लाइड बनाकर प्रयोगशाला भेज दी गई है। बच्ची के पैर, नेजल ब्रिज में फ्रेक्चर मारने-पीटने की वजह से हुआ है।
-डॉ. एमएल अग्रवाल, सीएमओ।

पिता ने की सरकार से मांग- दोषी को मिले फांसी की सजा - 

अलीगढ़ में करीब तीन साल की बच्ची की हत्या की झकझोर देने वाली वारदात में लापरवाही बरतने के आरोप में सम्बन्धित थाना प्रभारी समेत पांच पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया गया है। इस मामले में मृतक मासूम बच्ची के पिता ने सरकार से मांग की है कि दोषी को फांसी की सजा दी जाए। समाचार एजेंसी एएनआई के मुताबिक, अलीगढ़ में बच्ची की हत्या मामले में उसके पिता बनवारी लाल ने कहा है कि हम सरकार से मांग करते हैं कि आरोपी को फांसी की सजा दी जाए।  बता दें कि वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक आकाश कुलहरि ने  बताया कि पुलिस क्षेत्राधिकारी पंकज श्रीवास्तव द्वारा की गयी जांच के आधार पर गुरूवार को थाना प्रभारी समेत पांच पुलिसकर्मियों के निलंबन की कार्रवाई की गयी है। उन्होंने बताया कि मामले की आगे जांच के लिए पुलिस अधीक्षक ग्रामीण एवं एक महिला इंस्पेक्टर सहित छह सदस्यीय विशेष जांच टीम (एसआईटी) बनायी गयी है ।

Sunday, 25 November 2018

युवती हुई गर्भवती – पिता की मौत के बाद दादा व बड़ा भाई करते थे गैंगरेप


गुरुग्राम – (विद्रोही आवाज )गुरुग्राम में दादा-पोती और भाई-बहन से पवित्र रिश्ते को कलंकित करने का एक बेहद खौफनाक और शर्मनाक मामला सामना आया है। पीड़ित युवती बचपन से ही आरोपियों के हाथों यौन शोषण का शिकार हो रही थी।

जानकारी के अनुसार, सूरत नगर में रहने वाली एक युवती ने अपने सगे भाई और दादा के खिलाफ लंबे समय से दुष्कर्म करने का आरोप लगाया है। पिछले दिनों आरोपियों के इस कृत्य की वजह से वह गर्भवती हो गई। इसकी जानकारी होने पर उसकी मां ने पूरी बात पूछी। मां की मदद से युवती ने पुलिस में आकर अपने भाई एवं दादा के खिलाफ दुष्कर्म का मामला दर्ज कराया है।

युवती की शिकायत पर महिला थाना पुलिस सिविल लाइंस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। युवती ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि बचपन में ही उसके पिता का देहांत हो गया था। तब से उसके दादा ही उसका पालन पोषण कर रहे हैं। करीब पांच साल पहले जब वह महज 13 या 14 साल की थी। उसके दादा ने उसके साथ दुष्कर्म किया। इसके बाद उसके बड़े भाई ने भी कई बार उसके साथ दुष्कर्म किया। हर बार वारदात के बाद दोनों आरोपी लोकलाज का हवाला देकर उसे चुप कर देते थे। पुलिस के मुताबिक युवती की शिकायत पर दोनों आरोपियों से पूछताछ की जा रही है। पुलिस का कहना है कि इस मामले से जुड़े सभी पहलुओं की गंभीरता के साथ जांच की जा रही है। इसके साथ ही साथ कई अन्य बातों पर भी ध्यान दिया जा रहा है। पुलिस का कहना है कि इस मामले में अभी कई लोगों से पूछताछ की जाएगी।

Wednesday, 14 March 2018

बेवफाई के शक में प्रेमिका की हत्या की और ट्रेन से कटकर दे दी जान

नई दिल्ली  - बेवफाई के शक में एक शख्स ने प्रेमिका की हत्या कर दी। हत्या करने के बाद वह बाहर से कमरे का ताला बंद करने के बाद फरार हो गया। तफ्तीश में पुलिस को पता चला कि महिला की हत्या करने के दो दिन बाद आरोपी प्रेमी ने भी शामली (यूपी) में ट्रेन से कटकर खुदकुशी कर ली।

पुलिस को प्रेमी के पास से चार पेज का एक सूइसाइड नोट मिला था। इसके साथ-साथ मृतक ने अपने हाथ पर भी सूइसाइड नोट लिखा था। नोट में उसने प्रेमिका की बेवफाई का जिक्र किया था।  पुलिस ने बताया कि पुरानी कोंडली में रहने वाले ओमप्रकाश ने मंगलवार दोपहर पुलिस को कॉल करके बताया कि उन्होंने कमरा पवन को रेंट पर दिया है। इसका ताला बाहर से बंद है, लेकिन उससे बहुत तेज बदबू आ रही है। दो दिनों से पवन का कुछ अता-पता नहीं है। पुलिस ने वहां पहुंचकर कमरे का दरवाजा खोला तो अंदर एक महिला की सड़ी-गली लाश पड़ी थी। महिला की पहचान मोनिका के रूप में हुई। पुलिस को यह भी पता चला कि महिला पति सोनू उर्फ दीपक और तीन बच्चों के साथ लोनी में रहती थीं। पुलिस ने महिला के पति और पिता को मौके पर बुलाया। उन्होंने शव की पहचान की। 

छानबीन में पुलिस को पता चला कि महिला की 2010 में शादी हुई थी। 8-10 दिन पहले वह लोनी से अपने मायके आई थीं। 9 मार्च को वह घर से अचानक गायब हो गईं। परिवारवालों ने महिला की तलाश की, लेकिन उनका कोई सुराग नहीं मिला। परिवारवालों ने उसी दिन सीलमपुर थाने में महिला की गुमशुदगी दर्ज करा दी थी।

पुलिस को यह पता चला कि 9 मार्च को महिला घर से अपने प्रेमी पवन के साथ गई थीं। पवन महिला को पुरानी कोंडली स्थित अपने कमरे पर लेकर आया था। उसी रात वह महिला का मर्डर कर कमरे का बाहर से ताला बंदकर वहां से फरार हो गया था। पुलिस ने जब पवन की तलाश शुरू की तो पता चला कि पवन ने मोनिका की हत्या करने के दो दिन बाद रविवार को शामली स्टेशन के पास मालगाड़ी के आगे पटरी पर लेटकर खुदकुशी कर ली थी। पुलिस को यह भी पता चला कि उनका पांच साल से अफेयर चल रहा था। पवन की शादी नहीं हुई थी। 

Wednesday, 7 March 2018

अंडरवर्ल्ड डॉन दाऊद इब्राहिम भारत लौटना चाहता है

नयी दिल्ली: अंडरवर्ल्ड डॉन दाऊद इब्राहिम ने एक बार फिर भारत लौटने की इच्छा जतायी है. इसकी जानकारी भारत में दाऊद इब्राहिम के वकील श्याम केसवानी ने दी है. उन्होंने कहा कि अंडरवर्ल्ड डॉन कुछ शर्तों के साथ भारत लौटने को सहमत है, लेकिन भारत सरकार ने उसकी शर्तों को नहीं माना है.

केसवानी ने यह बात थाने कोर्ट के बाहर कही. जहां वह दाऊद के भाई इकबाल इब्राहिम पर चल रहे उगाही के मामले की सुनवाई के लिए पहुंचे थे. उन्होंने कहा कि दाऊद चाहता है कि उसे भारत में सबसे सुरक्षित जेलों में से एक मुंबई के आर्थर रोड सेंट्रल जेल में ही रखा जाए.

आगे केसवानी ने कहा कि दाऊद ने कुछ साल पहले भी भारत आने की इच्छा व्यक्त की थी. उस वक्त उसने जाने मानें वकील राम जेठमलानी से बात भी की थी. हालांकि इन खबरों का खंडन करते हुए उज्ज्वल निकम ने कहा कि यह दाऊद का पुराना स्टाइल है....बेगर्स हैव नो चॉइस... दाऊद के वकील को यह किसने बताया कि वह (दाऊद) सरेंडर करने की इच्छा जता रहा है. यदि दाऊद ने अपने वकील से संपर्क किया है तो हमारी जांच एजेंसियों को उसका पता लगाना चाहिए. उन्होंने इन खबरों को एक अफवाह करार दिया है.

यहां बता दें कि आर्थर रोड जेल वही जेल है जहां मुंबई आतंकवादी हमले के आरोपी अजमल कसाब को फांसी देने से पहले चार साल तक रखा गया था.

गौर हो कि दाऊद के भारत लौटने की इच्छा को लेकर केसवानी का यह बयान महाराष्ट्र नव-निर्माण सेना के अध्यक्ष राज ठाकरे के उस बयान के छह महीने बाद आया है जिसमें उन्होंने भी दाऊद को लेकर कुछ इसी तरह की बातें कही थी. ठाकरे ने कहा था कि दाऊद इब्राहिम काफी बीमार चल रहा है और वह भारत लौटना चाहता है. 

Sunday, 7 January 2018

ससुरालवालों ने बेटी को जन्म देने पर महिला के हाथ-पैर बांध जला दिया जिंदा

कोलकाता  : केंद्र सरकार की 'बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ' एवं राज्य सरकार की 'कन्याश्री' योजना से लाखों लोग लाभान्वित हुए हैं. लेकिन आज भी कई लोगों की बेटियों के प्रति सोच नहीं बदली है. बेटी का जन्म का लेना आज भी कुछ लोग अभिशाप मानते हैं और इसका ताजा उदाहरण उत्तर 24 परगना जिले के राजारहाट में देखने को मिला. यहां बेटी को जन्म देने की सजा एक महिला को जान देकर चुकानी पड़ी. ससुरालवालों ने बेटी जनने पर महिला के हाथ-पैर बांध जिंदा जला दिया.

यह घटना शुक्रवार रात राजारहाट के पानापुकुर ग्राम की है. मृतका के परिवारवालों ने पति, सास और ससुर समेत आठ लोगों के खिलाफ थाना में शिकायत दर्ज करायी है. मृतका का नाम फतेमा बीबी (34) है. फतेमा को पहले से तीन बेटियां हैं. ससुराल वाले बेटे की चाह रख रहे थे. बेटी जन्म देने पर फतेमा पर तरह-तरह से अत्याचार करते थे. आरोप है कि चौथी बार बेटी जन्म देने पर फतेमा की उसके ससुराल वालों ने हत्या कर दी.   
मायके से 50 हजार रुपये लाने को कहा था
फतेमा को ससुरालवालों ने मायके से 50 हजार रुपए लाने को कहा था. वह रुपये लेने मायके गयी थी. लेकिन गत मंगलवार को बिना रुपए लिए वापस आई तो उसे बेहरमी से पीटा गया. शुक्रवार शाम में पड़ोसियों ने फतेमा के मायकेवालों को बताया कि उनकी बेटी जल गयी है. जब मायकेवालों ने ससुराल वालों से पूछा तो उन लोगों ने बताया कि फतेमा बीमार है. इसके बाद वे लोग ससुराल पहुंचे तो देखा कि फतेमा झुलसी हुई अवस्था में बिस्तर पर पड़ी है और उसके हाथ-पैर बंधे हुए हैं. मायकेवाले उसे अस्पताल ले गए, जहां उसकी मौत हो गयी.

15 वर्ष पहले हुई थी शादी

15 साल पहले फतेमा की शादी मोहम्मद असगर अली के साथ हुई थी. फतेमा की चार बेटियां थी. लड़की की मां का आरोप है कि ससुरालवालों ने पहली बेटी होने के बाद से ही उसपर तरह तरह से अत्याचार शुरू कर दिए थे. बार-बार मायके से रुपए लाने के लिए दबाव डाला जाता था. फतेमा की मृत्यु के बाद उसके परिजनों ने थाने में जाकर पति मोहम्मद असगर अली सहित ससुरालवालों के खिलाफ मामला दर्ज कराया. इस संबंध में पुलिस का कहना है कि आइपीसी की धारा 302 के तहत मामला दर्ज किया गया है. मामले में आठ लोगों के खिलाफ शिकायत दर्ज करायी गयी है और आरोपियों को गिरफ्तार करने के लिए अभियान चलाया जा रहा है. पुलिस मामले की जांच कर रही है

Thursday, 28 September 2017

वर्जिनिटी ख़त्म न हो जाए, इसलिए थी सऊदी अरब में थी ड्राइविंग पर पाबंदी?

एक ऐतिहासिक फैसले में सऊदी अरब में महिलाओं को ड्राइविंग की इजाज़त दी गई है. सऊदी शाह सलमान ने आदेश जारी कर महिलाओं पर से ड्राइविंग की पाबंदी हटाने को कहा है.सऊदी प्रेस एजेंसी के मुताबिक, सऊदी मंत्रालयों को इस मामले में तीस दिन के अंदर रिपोर्ट तैयार करनी है और ये आदेश जून 2018 से लागू होगा.सऊदी अरब में महिलाओं के गाड़ी चालने पर प्रतिबंध पहले चलन के रूप में था, जिसे यहां की सरकार ने 1990 में क़ानूनी रूप दिया. यहीं से इसका विरोध शुरू हुआ ! 

विरोध का पहल---पहली बार 6 नवंबर, 1990 को 47 महिलाओं ने सार्वजनिक रूप से इस क़ानून का बहिष्कार किया. उन्होंने विरोध में रियाद प्रांत की सड़कों पर गाड़ी चलाई. जिसके बाद उन्हें गिरफ्तार भी किया गया था इसके बाद वरिष्ठ इस्लामिक विद्वानों के परिषद् ने फ़तवा जारी कर महिलाओं के ड्राइविंग पर रोक लगा दी. फ़तवा में इसे अशुभ और नकारात्मक परिणामों को आमंत्रण देने वाला बताया गया था.यह कहा गया कि इससे महिलाएं की नजदीकी पुरुषों के साथ बढ़ेगी. वे विपरीत सेक्स के प्रति आकर्षित होंगी.इसका विरोध करने वाली महिलाओं को गिरफ्तार किया जाने लगा और उनके पासपोर्ट तक जब्त किए जाने लगें. इसके बावजूद महिलाएं इस क़ानून के ख़िलाफ़ आवाज उठाती रहीं.

सोशल मीडिया और अभियान---- विरोध ने 2011 में अभियान का रूप ले लिया. अभियान का नाम दिया गया 'वीमेन टू ड्राइव मूवमेंट'. अभियान के तहत दर्जनों महिलाओं ने गाड़ी चलाते हुए अपना वीडियो बनाया और उसे सोशल मीडिया पर शेयर की.इसके बाद सोशल मीडिया पर अभियान फैलता चला गया. इसी बीच 2011 में एक सरकारी रिपोर्ट जारी की गई, जिसमें कहा गया कि महिलाओं को अगर ड्राइविंग की इजाजत दी जाती है तो इससे उनकी वर्जिनिटी ख़त्म हो जाएगी. यह रिपोर्ट सऊदी अरब के शूरा प्रांत ने जारी किया था.महिलाओं के विरोधी स्वर तेज होने लगे. उनका कहना था कि प्रतिबंध की मूल वजह है कि सरकारें चाहती हैं कि महिलाएं पुरुषों की देखरेख में रहे.पुरुषों को भी महिलाओं की इस आजादी से आपत्ति थी. 3 अक्टूबर 2011 को बीबीसी से बात करते हुए 25 साल के युवा नवाफ ने कहा था, "अगर महिलाओं को ड्राइविंग की इजाज़त दी जाएगी तो वो अपनी मर्जी से कहीं भी जा सकेंगी. यह पाबंदी सऊदी अरब का नहीं, बल्कि इस्लाम को बचाने के लिए है. आज वो ड्राइविंग की इजाज़त मांगेंगी, कल छोटे कपड़े पहनने की इजाज़त मांगेंगी."

लामबंदी----महिलाएं सोशल मीडिया पर लामबंद होना शुरू हुई. फ़ेसबुक पर ड्राइविंग के समर्थन में कई पेज बनाए गए.वीमेन टू ड्राइव इनमें से प्रमुख फ़ेसबुक पेज था. अभियान ने ट्वीटर और यूट्यूब पर भी अपने पांव पसारने लगा.26 अक्टूबर 2013 को एक अभियान शुरू किया गया, जिसका समर्थन 11 हजार महिलाओं ने किया. धीरे-धीरे अभियान को पुरुषों का भी साथ मिलने लगा. महिलाओं ने सरकार से पाबंदी की तर्कपूर्ण कानूनी वजह बताने की मांग की.महिलाओं के बढ़ते विरोध ने सरकार को इस पर सोचने को मजबूर कर दिया और अंततः उन्हें ड्राइविंग की इजाजत दी गई है. मंगलवार को जारी आदेश के मुताबिक ट्रैफिक नियमों के कई प्रावधानों को लागू किया जाएगा जिसमें महिलाओं और पुरुषों के लिए एक जैसे ड्राइविंग लाइसेंस जारी करना भी शामिल है.

महिला जिसकी वजह से मिला अधिकार----सउदी अरब सामाजिक कार्यकर्ता लुजैन अल हथलौल को एक दिसम्बर 2014 में कार चलाने के आरोप में सउदी अरब की पुलिस ने गिरफ़्तार कर लिया था.समाचार एजेंसी एएफपी के मुताबिक़, लुजैन को कार चलाकर देश की सीमा में दाख़िल होते वक्त गिरफ़्तार किया गया था.इसके विरोध में पेशे से पत्रकार मायसा अल अमौदी भी, हथलौल के समर्थन में गाड़ी चलाते हुए सीमा पर जा पहुंचीं और पुलिस ने उन्हें भी गिरफ़्तार कर लिया. दोनों को जेल में बंद कर दिया गया.उस दौरान कोर्ट ने यह आदेश दिया था कि इन महिलाओं पर रियाद की उस अदालत में मुकदमा चलाया जाए जो आतंकवादी मामलों को देखती है.उसके बाद अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार संस्था, एमनेस्टी इंटरनेशनल समेत पूरी दुनिया के मानवाधिकार संगठनों ने सउदी अरब की तीखी आलोचना की.आख़िरकार 73 दिनों की क़ैद के बाद लुजैन को रिहा किया, लेकिन तबतक महिलाओं के अधिकार का मामला एक मुहिम बन चुकी थी.


Friday, 24 March 2017

गुंडागर्दीः विमान में MP ने की मारपीट, AIR INDIA ने किया ब्लैक लिस्ट

शिवसेना सांसद रवींद्र गायकवाड़ पर एयर इंडिया के एक अधिकारी से मारपीट करने का आरोप लगा है। जिसके बाद सांसद की मुश्किलें बढ़ती नजर आ रही हैं। मामले में पीड़ित एयरलाइन कर्मी ने एफआईआर दर्ज की है, जिबकी एयर इंडिया ने सांसद के खिलाफ दिल्ली हवाई अडडे पर कथित रूप से हमला करने को लेकर पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है। उधर शिवसेना ने भी अपने सांसद से सफाई मांगी है।
शिवसेना ने मांगी सफाई- इस पूरे मामले पर शिवसेना का बयान भी सामने आया है। पार्टी की ओर से कहा गया है कि उनकी ओर से रवींद्र गायकवाड से इस घटना पर सफाई मांगी गयी है। शिवसेना किसी भी तरह की हिंसा का समर्थन नहीं करती है। हमने एयर इंडिया के कर्मचारियों के पक्ष की भी सफाई मांगी है।
पूरा मामला?
दरअसल इस विवाद की शुरूआत पुणे से दिल्ली आ रही एयर इंडिया की फ्लाइट में सीट को लेकर हुई थी। शिवसेना के सांसद रवींद्र गायकवाड़ का दावा है कि उनके पास इस फ्लाइट की फर्स्ट क्लास का टिकट था, जबकि सच्चाई ये है कि एयर इंडिया की इस रूट की फ्लाइट में सिर्फ इकॉनमी सीट ही होती है।
एयर इंडिया के मुताबिक, इसकी जानकारी गायकवाड़ के स्टाफ को दे दी गयी थी, बावजूद इसके गायकवाड़ इसी फ्लाइट में आकर बैठे। जैसे ही फ्लाइट दिल्ली पहुंची सासंद रवींद्र गायकवाड़ ने फ्लाइट से उतरने से इंकार कर दिया। इसी फ्लाइट में आए 115 मुसाफिरों को इसी जहाज से गोवा जाना था। सांसद की वजह से देरी होते देख एक-एक कर चार अफसर सांसद को समझाने आए लेकिन वो नहीं माने, बात बढ़ी तो उन्होंने ड्यूटी मैनेजर एस कुमार को पीटना शुरू कर दिया। गायकवाड़ का कहना है कि अधिकारी बार-बार उनकी शिकायत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से करने की धमकी दे रहा था।
उस्मानाबाद से हैं सांसद
पहली बार संसद में पहुंचे महाराष्ट्र की उस्मानाबाद सीट से सांसद रविंद्र गायकवाड़ ने कहा, "मैं सांसद हूं, तो क्या गालियां खाऊं..." यहीं नहीं, उन्होंने यहां तक कह डाला, "मैं शिवसेना का सांसद हूं, भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) का नहीं..." सांसद ने शेखी बघारते हुए कहा कि मैंने उसे अपनी सैंडल से 25 बार मारा, क्योंकि वह बदतमीजी कर रहा था...।
पीड़ित एयर इंडिया स्टाफ का बयान
एमपी ने जिस एयर इंडिया के स्टॉफ को मारा है। उनका नाम सुकुमार है। उन्होंने बताया कि उन्होंने मेरे साथ अभद्रता की और चश्मा तोड़ दिया। यह मामला काफी बढ़ गया है। एयर इंडिया के प्रवक्ता ने कहा है कि सांसद ने एयरलाइन स्टाफ के एक सदस्य को सीट को लेकर विवाद करते हुए चप्पल से पीटा है। एयर इंडिया ने मामले की जांच के आदेश दे दिए हैं, और जांच टीम का गठन कर दिया है।
एयर इंडिया ने सांसद को किया ब्लैक लिस्ट
एस कुमार एयर इंडिया के वरिष्ठ कर्मचारी हैं। अपने साथ हुई मारपीट के बाद बेहद आहत हैं। सांसद रवींद्र गायकवाड़ के खिलाफ दो शिकायतें दर्ज की गयी हैं। एयर इंडिया के कर्मचारी पर हमला करने और फ्लाइट को जबरदस्ती 40 मिनट तक रोक कर रखने की शिकायतें। यही नहीं इस घटना के बाद एयर इंडिया ने सांसद रवींद्र गायकवाड़ को ब्लैक लिस्ट कर दिया है। अब रवींद्र गायकवाड एयर इंडिया की फ्लाइट में सफर नहीं कर पाएंगे।
केंद्रीय मंत्री का बयान
नागरिक उड्डन मंत्री अशोक गणपित राजू ने इस मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा है कि किसी भी पार्टी को हाथापाई को बढ़ावा नहीं देना चाहिए। ऐसा नहीं होना चाहिए था।
कानूनी राय ले रही है दिल्ली पुलिस
दिल्ली पुलिस का भी इस पर बयान आया है। दिल्ली पुलिस की ओर से कहा गया है कि एयर इंडिया के फ्लाइट हैंडलिंग को-ऑर्डिनेटर एस कुमार की ओर से इंदिरा गांधी एयरपोर्ट थाने में शिकायत दर्ज करायी गयी है। शिकायतकर्ता का मेडिकल किया गया, लेकिन उनके शरीर पर चोट के ताजा निशान नहीं मिले हैं। इसके अलावा एक और शिकायत एयर इंडिया की ओर से दर्ज करायी गयी है। जिसमें कहा गया है कि सांसद रवींद्र गायकवाड़ की वजह से फ्लाइट में देरी हुई। शिकायतें मिल चुकी हैं और हम इस पर कानूनी राय ले रहे हैं और उसके मुताबिक कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

Sunday, 26 February 2017

दिल्ली में रोज 10 पत्नियां प्रताड़ना का शिकार, बढ़े पतियों के जुल्म

राजधानी में महिलाएं घर के अंदर भी सुरक्षित नहीं हैं। दिल्ली में महिलाओं के साथ पति द्वारा उत्पीड़न करने के मामले तेजी से बढ़े हैं। औसतन 10 महिलाओं को हर दिन उनके पति किसी न किसी तरह से प्रताड़ित करते हैं।
महिला अपराध को लेकर दिल्ली पुलिस की एक रिपोर्ट में इस बात का खुलासा हुआ है। रिपोर्ट के मुताबिक, महिलाओं के साथ गाली-गलौच व मारपीट से लेकर घर से बाहर निकालने तक की घटनाएं आए दिन होती हैं।
पांच से दस फीसदी की दर से मामले बढ़े
चौंकाने वाली बात यह है कि दिल्ली में ‘पति-प्रताड़ना’ की इन घटनाओं का शिकार होने वाली महिलाओं की संख्या में पिछले तीन सालों में 5-10 फीसदी का इजाफा हुआ है। खासबात यह है कि ज्यादातर मामलों में दहेज को एक प्रमुख कारण माना गया है। इसके अलावा घरेलू ¨हसा व अन्य पारिवारिक कारणों जैसी घटनाएं भी सामने आई हैं। हालांकि, महिला अपराध में देश के दूसरे शहरों से तुलना करने पर दिल्ली का स्थान कई पायदान नीचे है।
दिनोंदिन बढ़ते पतियों के जुल्म
29 सितंबर 2016
अमन विहार में मां से मिलने की जिद करने पर पति ने पत्नी की गर्दन काटकर हत्या कर दी।
12 सितंबर 2016
दूसरी महिला से संबंध रखने से मना करने पर पत्नी की चाकू घोंपकर हत्या।
9 सितंबर 2016
नरेला में पति ने मामूली कहासुनी के बाद अपनी पत्नी की बड़ी बेरहमी से हत्या कर दी।
23 अगस्त 2016
कल्याणपुरी में कहासुनी पर पत्नी को दूसरी मंजिल से फेंककर मार डाला।
24 जून 2016
बाबा हरिदासनगर में मना करने पर भी टचस्क्रीन मोबाइल खरीदने पर पत्नी को गोली मारी।
दिल्ली पुलिस में महिलाओं का अनुपात
वर्तमान पद - 77,776
इसमें महिलाएं - 7453
देशस्तर पर दिल्ली के तुलनात्मक आंकड़े
- 14वें स्थान पर है दिल्ली पति प्रताड़ना के मामलों में
- 14वें स्थान पर है दहेज हत्या जैसे मामलों में
- 6वें स्थान पर है महिलाओं के अपहरण के मामले में
- 6वें स्थान पर है महिलाओं से दुष्कर्म के मामले में
- 5वें स्थान पर है महिला से छेड़छाड़ की घटनाओं में
(स्त्रोत: एनसीआरबी रिपोर्ट-2015)
'पति-प्रताड़ना' में दर्ज मामले
2016 - 3877
2015 - 3536
2014 - 3194
2013 - 3045
(स्त्रोत: दिल्ली पुलिस)

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