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Friday, 14 June 2019

‘वायु’ से अब और खतरा नहीं, अपने-अपने घर लौट सकते हैं लोग: रुपाणी

गुजरात के मुख्यमंत्री विजय रुपाणी ने शुक्रवार को कहा कि चक्रवाती तूफान ‘वायु’ से राज्य को अब और खतरा नहीं है क्योंकि इसने पश्चिम दिशा की ओर रुख कर लिया है। गांधीनगर में शीर्ष अधिकारियों के साथ बैठक के बाद रुपाणी ने प्रशासन को सुरक्षित जगह पर भेजे गए करीब 2.75 लाख लोगों को उनके अपने-अपने घर वापस भेजने का निर्देश दिया। 

अहमदाबाद-  गुजरात के मुख्यमंत्री विजय रुपाणी ने शुक्रवार को कहा कि चक्रवाती तूफान ‘वायु’ से राज्य को अब और खतरा नहीं है क्योंकि इसने पश्चिम दिशा की ओर रुख कर लिया है। गांधीनगर में शीर्ष अधिकारियों के साथ बैठक के बाद रुपाणी ने प्रशासन को सुरक्षित जगह पर भेजे गए करीब 2.75 लाख लोगों को उनके अपने-अपने घर वापस भेजने का निर्देश दिया।  मुख्यमंत्री ने कहा, ‘गुजरात अब पूरी तरह सुरक्षित है। चक्रवाती तूफान ‘वायु’ से अब कोई खतरा नहीं है क्योंकि तूफान अब अरब सागर में पश्चिम की ओर बढ़ गया है।’ उन्होंने पत्रकारों को बताया, ‘तटीय इलाकों से करीब 2.75 लाख लोगों को सुरक्षित जगह पहुंचाया गया था जो अब अपने-अपने घरों को लौट के लिये स्वतंत्र हैं।’

उन्होंने घोषणा की कि राज्य सरकार अगले तीन दिनों तक शरणार्थियों के दैनिक खर्च के लिए तकरीबन 5.50 करोड़ रुपये की राशि का भुगतान करेगी। यहां के मौसम विज्ञान केंद्र के ताजा मौसम रिपोर्ट के अनुसार तूफान तट से धीरे-धीरे दूर जा रहा है और फिलहाल यह पोरबंदर से करीब 150 किलोमीटर दूर अरब सागर में स्थित है।  रुपाणी ने कहा, ‘स्कूल और कॉलेज कल से अपने नियत समय पर शुरू हो जाएंगे। राहत और बचाव अभियान की निगरानी के लिए तटीय जिलों में नियुक्त किए गए वरिष्ठ अधिकारियों और मंत्रियों को भी वापस आने का निर्देश दे दिया गया है। उन इलाकों में आज से सड़कों पर बस सेवा शुरू हो गई है।’ उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ) अगले 48 घंटे तक तटीय इलाकों में बने रहेंगे

Tuesday, 11 June 2019

साबरमती नदी में कुड़ा फेकने वालों पर होगी कार्रवाई

                                                       साबरमती के आए अच्छे दिन 
vidrohiawaz
अहमदाबाद। गुजरात की महत्वपूर्ण नदियों में से एक साबरमती नदी में कुड़ा फेकने वालों के खिलाफ अब कड़ी कार्रवाई की जाएगी। अहमदाबाद महानगर पालिका ने साबरमती नदी को स्वच्छ बनाने का अभियान चलाया है। इसके तहत अब साबरमती नदी में पूजा सामाग्री सहित कुड़ा फेकने वालों को 200 रुपये से लेकर 500 रुपये का दंड किया जाएगा। इसके लिए प्रशासन ने शहर के बीच से गुजरती साबरमती नदी के दोनों तरफ सीसीटीवी कैमरा लगाने का निर्णय किया है।
अहमदाबाद महानगर पालिका ने बताया कि गुजरात के मुख्यमंत्री विजय रुपाणी ने साबरमती नदी को स्वच्छ बनाने के लिए अनोखा अभियान चलाया है। इसके तहत केवल पांच दिनों में नदी में से कुल 500 टन कुड़ा बाहर निकाला गया है। इसमें से 352 टन अर्थात 65 फीसदी पूजा सामाग्री है। मनपा अधिकारियों के मुताबिक नदी में विविध धार्मिक त्यौहारों के दौरान भगवान की मूर्ति विसर्जित की जाती है। इसी समय लोगों द्वारा नदी में पूजा साम्रागी भी फेंक दी जाती है। प्रशासन ने पिछले कई वर्षों से नदी के किनारे एक कुंड बनाकर मूर्ति उसमें वसर्जित करने का आदेश दिया है। लेकिन, इसके बाद भी लोगों द्वारा नदी में मूर्तियां विसर्जित की जाती है। इस दौरान पूजा सामाग्री भी विर्सजित की जाती है।

Monday, 26 November 2018

SJYC द्वारा किया गया जैन ज्योतिष कार्यशाला एवं CAKE BAKING AND DECORATION SHOW का विशेष आयोजन


SJYC द्वारा किया गया जैन ज्योतिष कार्यशाला एवं CAKE BAKING AND DECORATION SHOW का विशेष आयोजन

सूरत - 25/11/2018, रविवार - (रिपोर्टर -लोकेश जैन) भारत प्राचीन विद्याओं का देश है। यहाँ अति प्राचीन काल से कई विद्याएँ प्रचलित है। जैन ज्योतिष शास्त्र भारत की ज्योतिष विद्याओं में अपना विशिष्ट स्थान रखता है। भगवान ऋषभ ने अपने पुत्र एवं पुत्रियों को अनेक विद्याओं का ज्ञान दिया था उसमें ज्योतिष विद्या का ज्ञान भी था। आज ज्योतिष को लेकर कई भ्रांतियां जनमानस में प्रचलित है। इन सभी भ्रांतियों को सूरत जैन यूथ क्लब द्वारा विशेष जैन ज्योतिष प्रशिक्षण कार्यशाला द्वारा प्रख्यात ज्योतिष विद, ज्योतिषाचार्य ज्योतिष सम्राट, ज्योतिष महर्षि, वास्तु सम्राट, पतितपावन सम्राट आदि कई उपाधियों से विभूषित राज्यपाल सम्मान से सम्मानित जयपुर से डॉ मनोज श्रीमाल की उपस्थिति द्वारा निवारण किया गया। साथ ही साथ महिलाओं के लिए विशेष CAKE BAKING N DECORATION SHOW का आयोजन भी किया गया है जिसमें सुप्रसिद्ध केक प्रशिक्षक श्रीमती रिचा गुरनानी द्वारा प्रशिक्षण प्रदान किया गया। इस कार्यक्रम में करीब 300 मेंबर्स की उपस्थिति दर्ज की गई।

Sunday, 24 June 2018

अंगदान हेतु सामाजिक स्तर पर जन-जाग्रति पैदा की जाए-श्री नीलेश भाई माण्डलेवाला


अंगदान हेतु सामाजिक स्तर पर जन-जाग्रति पैदा की जाए-श्री नीलेश भाई माण्डलेवाला







सूरत 24 जून 18 ( विद्रोही आवाज )  जैन लाइफ संगठन द्वारा रविवार सुबह 10 बजे पारले पोइन्ट स्थित विद्या-सुधा जैन भवन में अंगदान-जीवनदान विषय पर एक सेमिनार का आयोजन किया गया, सेमिनार में मुख्य वक्ता डोनेट लाइफ के अध्यक्ष श्री नीलेश भाई मांडले वाला ने बताया कि वर्तमान दौर में ऑर्गन डोनेट के बारे में लोगों में काफी जागृति पैदा हुई हैं, एक दौर था जब अनेक धार्मिक मान्यताएं बाधक बन जाती थी और लोग ब्रेन डेड व्यक्ति का अंगदान कराने से कतराते थे, हमने जब वर्ष 2005-2006 के वर्ष में अंगदान की मुहिम सूरत में प्रारम्भ की तो लोग अंगदान के नाम पर मारपीट पर उतर आते थे, लेकिन हमने धीरे-धीरे लोगों में जन-जागृति पैदा की तो अब अलबता यह मुहिम रंग लाने लगी, लेकिन आज भी अंगदान के क्षेत्र में जागरूकता की बहुत आवश्यकता हैं, श्री मांडले वाला ने कहा कि भारत मे करीब 20 लाख लोगों को किडनी की जरूरत हैं, हर वर्ष 2 लाख किडनी रोग से झुंझते नए मरीज जुड़ जाते हैं, यही स्थिति हार्ट, पेनक्रियाज आदि अंगों की हैं, किडनी ट्रांसप्लांट हेतु हमें अभी अहमदाबाद जाना पड़ता है तथा हार्ट के प्रत्यारोपण हेतु मुम्बई चेन्नई आदि शहरों के हॉस्पिटलों का सहारा हैं, सूरत से ब्रेन डेड लोगों के जो अंग मिले वे गुजरात,महाराष्ट्रा, कर्नाटका, तमिलनाडु आदि राज्यों के अलावा विदेशी मूल के मरीजों के भी उपयोग में आये व सेकड़ों लोगों को नवजीवन मिल पाया, श्री नीलेश भाई ने आगे बताया कि अंगदान करने वालों में नन्ही उम्र से बड़ी उम्र के ब्रेनडेड ग्रसित व्यक्ति भी शामिल है, यह जन जागृति से ही सम्भव हो पाया कि अब तक सूरत व आस-पास विस्तार के गांवों व शहरों से ब्रेनडेड व्यक्तियों के परिवार जनों की पहल से 264 किडनी, 107 लिवर,6 पेनक्रियाज, 17 हार्ट व 224 चक्षु मिल पाए, इस जागृति की वजह से करीब 615 लोगों को नवजीवन मिल पाया, आपने बताया कि गत 3 जून से 14 जून के 11 दिनों में 7 ब्रेन डेड व्यक्तियों से 13 किडनी, 6 लिवर,10 कॉर्निया व 26 चक्षु मिल पाए, इससे जिंदगी व मौत से झुंझते अनेक लोगों को नई जिंदगी मिल पाई। श्री नीलेश भाई ने कहा कि शरीर जल कर राख हो जाएगा लेकिन उसी ब्रेन डेड शरीर से जब अंगदान कराया जाता हैं तो अनेकों लोगों को नवजीवन मिल जाता हैं, देश मे सड़क दुर्घटनाओं में प्रतिवर्ष लाखों लोग ब्रेनडेड हो जाते हैं, लेकिन जन जागृति की कमी से उन लाखों लोगों से अंगदान नही करा पाते, अंगदान के कारण हमारे नही होने के बावजूद हम होते हैं, ब्रेन डेड व्यक्ति का हार्ट किसी औऱ व्यक्ति के सीने में धड़कता हैं, मृतक की आंखे किसी नेत्रहीन व्यक्ति को रोशनी दे देती हैं, इस अवसर पर अनेक जिज्ञासु लोगों के प्रश्नों का उत्तर देकर नीलेश भाई ने समाधान दिया, श्री नीलेश भाई का जैन लाइफ परिवार की औऱ से स्मृति चिन्ह, दुपट्टा व तिलक कर सम्मान किया गया, इस अवसर पर मंच संचालक एंव जैन लाइफ के सरंक्षक श्री गणपत भंसाली का भी दुपट्टे,स्मृति चिन्ह व तिलक से सम्मान किया गया, इस अवसर पर डोनेट लाइफ के श्री हेमंत भाई देसाई, श्री राकेश जैन, तथा दिगम्बर जैन समाज के श्री कमलेश भाई गांधी, श्री रमेश गंगवाल, विद्रोही आवाज के सम्पादक व जैन लाइफ के सरंक्षक उत्तम जैन, जिग्नेश गांधी,श्री प्रदीप शाह, तथा डॉ श्री जयेश शाह, डॉ श्री ज्ञानचंद पाटनी वाला, डॉ जयेश कोठारी, कमल विनायकिया, सुभाष रावल आदि का सम्मान किया गया, इस अवसर पर गौतम बुद्ध सोसायटी की महिलाओं का भी सम्मान किया गया, दिगम्बर जैन महा सिमिति, वेसु सम्यक मण्डल आदि का भी आभार प्रकट किया गया, स्वागत भाषण जैन लाइफ की अध्यक्षा चेलना जैन ने दिया, कार्यक्रम को सफल बनाने मद श्री संजय बड़जात्या, श्री लोकेश जैन, राजलक्ष्मी जैन, मंजू गोधा, उषा पहाड़िया व पुष्पा विनायकिया आदि का पूर्ण सहयोग रहा, कार्यक्रम का संचालन जैन लाइफ के सरंक्षक श्री गणपत भंसाली ने किया।

Thursday, 21 June 2018

महावीर इंटरनेशनल, सूरत (मॉडल टाउन शाखा) द्वारा आयोजित योग शिविर में 300 विद्यार्थियों ने की योग क्रियाएं


सूरत 21 जून 18 ( गणपत भंसाली ) महावीर इंटरनेशनल, सूरत (मॉडल टाउन) द्वारा 21जून को प्रात:6 बजे अंतरराष्ट्रीय योग दिवस पर सूरत के मॉडल टाउन विस्तार में स्थित दिगम्बर जैन मन्दिर ग्राउंड में योग शिविर आयोजित किया गया, शिविर में सिद्धार्थ नर्सरी स्कूल के लगभग 300 विद्यार्थियों ने विभिन्न योग क्रियाएं की, पतंजलि योग समिति के जिला प्रभारी एंव योग प्रशिक्षक श्री सुरेश सुथार ने योग प्रशिक्षण प्रदान किया, मॉडल टाउन शाखा के चेयरमेन वीर श्री रमेश वोहरा, सचिव वीर श्री गणपत वी भंसाली, उपाध्यक्ष वीर श्री गौरव धारीवाल, कोषाध्यक्ष वीर श्री हनुमान मालू आदि पदाधिकारी व सदस्य गण शिविर में मौजूद रहे। इस अवसर पर पतंजलि फूड की और से पतंजलि जल की बोतलें योग प्रेमियों में वितरित की गई, जबकि आयोजको द्वारा ज्यूस बोतलें प्रदान की गई। शिविर में सिद्धार्थ नर्सरी स्कूल की प्रबन्धक रंजना कोठारी व अन्य अध्यापकाएँ उपस्थित रही

Monday, 21 May 2018

लोगों ने देखते ही देखते लाखों रुपए उड़ा दिए लोक गायकों पर हुई नोटों की बारिश

वलसाड : भारत में कार्यक्रमों के दौरान नोट उड़ाना कोई नई बात नहीं है। खास तौर पर गुजरात अक्सर इसके लिए चर्चा में बना रहता है। हाल ही में गुजरात से नोट उड़ाने से जुड़ी एक और खबर सामने आई है। इस बार वलसाड जिला नोट उड़ाने की घटना को लेकर सुर्खियों में है। यहां एक कार्यक्रम के दौरान लोक गायकों पर 50 लाख रुपए उड़ा दिए गए।  बीते शनिवार को गुजरात के वलसाड जिले में एक चैरिटी कार्यक्रम का आयोजन किया गया था। इसी कार्यक्रम में लोक गायकों ने अपनी प्रस्तुति दी और इस दौरान गायकों पर 50 लाख रुपए उड़ा दिए गए। नोट उड़ाने के दौरान ऐसा लग रहा था जैसे कार्यक्रम में नोटों की बारिश हो रही हो।
लोगों ने लोक गायक गीता रबारी और ब्रिजराज गढवी की प्रस्तुति पर जमकर 10, 200 और 500 रुपए के नोट उड़ाए। जिले के कलवाड़ा गांव में सरपंच आशीष पटेल ने इस कार्यक्रम का आयोजन किया था। चैरिटी के लिए हुए कार्यक्रम का उद्देश्य 'मानव सेवा ट्रस्ट' के लिए चंदा इकट्ठा करना था। इस चंदे से गांव के लिए एक एंबुलेंस खरीदने की योजना थी। इस बारे में बात करते हुए गांव के सरपंच आशीष पटेल ने कहा कि,'कार्यक्रम के दौरान 50 लाख रुपए इकट्ठा हुए हैं। इन पैसों को सामाजिक संस्था को दान कर दिया जाएगा।' इससे पहले साल 2016 में गुजरात के नवसारी जिले में गायकों के एक ऐसे ही कार्यक्रम में 40 लाख रुपए उड़ाए जाने की खबर भी आई थी। बता दें कि इस दौरान सारा देश नोटबंदी के दौर से गुजर रहा था।

Tuesday, 24 April 2018

अनशन पर बैठे अभिभावको का हाल जानने आये कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष

सूरत। आंदोलन को चलाते रहे लेकिन अनशन करके अपने आप को प्रताड़ित ना करें-अमित चावड़ा
सूरत। सूरत पेरेंट्स एसोसिएशन की और से स्कूल फीस के विरोध में अनशन पर बैठे हितेश संकलेचा, लीना सबनानी का छठवा दिन था। साथ मे 20 अन्य पेरेंट्स में शुक्रवार को उपवास में जुड़े। स्कूल फीस व स्कूल परेशान के मनामानी वसूली के खिलाफ पेरेंट्स लगातार आंदोलन कर रहे है शुक्रवार सुबह 10 बजे कांग्रेस के गुजरात प्रदेश अध्यक्ष श् अमित चावड़ा, व बड़ी संख्या कांग्रेस कार्यकर्ता अनशन व धरणा स्थल पर पहुचकर पेरेंट्स से बात की तथा पेरेंट्स की मांगो की जानकारी प्राप्त की। और कुछ सुझाव देते हुए कहा आंदोलन को चलाते रहे लेकिन अनशन करके अपने आप को प्रताड़ित ना करें। क्यो की सरकार बाहरी, गूंगी, और अंधी है। सत्ता में आने के लिए अभिभावको से झूठे वादे कर दिए और सत्ता प्राप्त होते ही रंग बदलते हुए स्कूल संचालको की गौद में जाकर बैठ गए।
शिक्षा जैसे संवेदनशील विषय पर राजनीति करना बहुत ही तुच्छ किस्म की हरकत है।
अब लगता है न्यायालय को भी सरकार ही चला रही है। तभी तारीख पर तारीख ही मिल रहा है न्याय नहीं।
25 तारीख को कांग्रेस विरोध प्रदर्शन करेगी जिसके अंर्तगत शिक्षा अधिकारी के कार्योलयों का घेराव किया जाएगा। पेरेंट्स एसोसिएशन भी समर्थन करेगा।
जितेंद्र सुराणा ने बताया वहाँ पहुंचे 500 अभिभावक शिक्षामंत्री के खिलाफ़ नारे भी लगाएं।
शाम को 4 बजे क्राइम एंड करप्शन कंट्रोल एसोसिएशन ने भी आकर सूरत पेरेंट्स एसोसिएशन की हौसला अफजाई की और एक पत्र दे कर सम्मानित किया और कहा आप शहर के बच्चों के भविष्य के लिए अच्छा काम कर रहे है। कांग्रेस नेताओं के समर्थन से पेरेंट्स का हौसला बढ़ा है।एक पेरेंट्स ने बताया कि सूरत के स्थानीय प्रतिनिधियों ने 6 दिन से पर अनशन पर बैठे अभिभावको की सार सम्भाल नही ली।कांग्रेस के नेताओ ने अभिभावको का समर्थन किया है जिससे अभिभावको में जोश का संचार हुआ है।आंदोलन जब तक अभिभावको की मांगें स्वीकार नही होगी तब तक जारी रहेगा।

Monday, 23 April 2018

महावीर इंटरनेशनल, सूरत साउथ-वेस्ट की विराओं ने झुग्गी झोपड़ी विस्तार की महिलाओं में वितरित किए सेनेटरी नेपकिन


महावीर इंटरनेशनल, सूरत साउथ-वेस्ट की विराओं ने झुग्गी झोपड़ी विस्तार की महिलाओं में वितरित किए सेनेटरी नेपकिन




विद्रोही आवाज - सूरत 23 अप्रेल 18 ( गणपत भंसाली )
महावीर इंटरनेशनल, सूरत साउथ-वेस्ट की विराओं द्वारा सचिन के ओद्योगिक विस्तार स्थित झुग्गी-झोपड़ियों में करीब 100 महिलाओं को सेनेटरी पैड का वितरण किया गया, विराओं ने वहां की महिलाओं को स्वच्छता अभियान के प्रति जागरूक भी किया, वहां मौजूद महिलाओं ने अपनी समस्याओं से अवगत कराया, विराओं ने उन्हें आश्वस्त किया कि उनकी तकलीफों को दूर करने के हर सम्भव प्रयास किया जाएगा, विराओं ने महिलाओं को अल्पाहार सामग्री व उपहार आदि वितरित किए, विराओं ने बताया कि प्रत्येक माह में वहां महिलाओं को सेनेटरी पेड वितरित किए जाएंगे, सेवा के इस अभियान में वीरा ममता बोथरा, वीरा पूनम गुजरानी, वीरा मनीषा बरड़िया, वीरा नीतू बोथरा आदि विराओं के अलावा एम आई के चेयरमेन वीर राजेश बोथरा, सचिव वीर राजेन्द्र बरड़िया, वीर प्रदीप गुजरानी, वीर विजय बोथरा, वीर सुशील लुनिया व वीर अरिहंत जैन मौजूद रहे। सेवा अभियान प्रारम्भ करने से पूर्व एम आई कि वीर प्रार्थना का संगान किया।

जुड़वा बेटियों के जन्म पर बेटी बचाओ की इकाई "अस्मिता" द्वारा थाली व ढोल-नगाड़े बज कर किया खुशी का इजहार

सूरत 23 अप्रेल 18 ( विद्रोही आवाज )
गणपत भंसाली
अब युग बदल रहा हैं, लोगों में अब जागरूकता पैदा हो रही हैं, बेटे व बेटी में कोई फर्क नही देखा जाता, जो खुशियां व जो उमंग भरा माहौल पुत्र जन्म पर नजर आता हैं, आज-कल पुत्री के जन्म पर भी परिवार जनों में ऐसी ही खुशियां छाई रहती हैं, ऐसा ही हर्षोल्लास भरा वातावरण नजर आता हैं, इसका ज्वलंत उदाहरण सूरत के न्यू सिटीलाइट स्थित चाइना टाउन के बंगले नम्बर 25 में निवास कर रहे श्री प्रफुल्ल जी टिबड़ेवाल के यहां देखा गया, इस परिवार में गत दिनों प्रज्ज्वल टिबड़ेवाल की धर्मपत्नी निधि टिबड़ेवाल को जुड़वां बच्चियों का जन्म हुआ, तो समस्त टिबड़ेवाल परिवार ने इन अम्बा, सरस्वती व दुर्गा स्वरूपा देवियों के शुभागमन पर जम कर खुशियों का इजहार किया, दोनों नवजात बच्चियों के नामकरण नित्या एंव निविया के रूप में किया गया, जब यह शुभ समाचार हमारे बेटी बचाओ राष्ट्रीय अभियान (जो कि अब यह संगठन "अस्मिता" के रूप में जाना जाएगा) के सदस्यों को मिला तो वे पहुंच गए सभी राजस्थानी पगड़ी पहन कर टिबड़ेवाल परिवार के बंगले पर, औऱ थाली तथा ढोल-नगाड़ों बजा कर इन जुड़वा बच्चियों के शुभागमन पर खुशियां प्रकट की ("अस्मिता" संगठन द्वारा बेटियों के जन्म पर इस तरह खुशियां प्रकट की जाती हैं ) हर्षोल्लास के इन लम्हों में जो साक्षी बने उनमें संगठन की सक्रिय सदस्याएं श्रीमती कुसुम टिबड़ेवाल, श्रीमती अंजू ढांढनिया, के अलावा संस्थापक अध्यक्ष श्री नरेश मंडरेलिया, सचिव श्री अशोक टिबड़ेवाल, सह सचिव श्री विमल अग्रवाल, कोषाध्यक्ष श्री अनिल गोयल, मार्गदर्शक श्री गणपत भंसाली, श्री राजकुमार ढांढनिया, श्री सुभाष टिबड़ेवाल, श्री राकेश टिबड़ेवाल, श्री सुरेश जालान, श्री संजय बजाज आदि सदस्य उपस्थित थे, टिबड़ेवाल परिवार ने "अस्मिता" संगठन के सदस्यों का आभार प्रकट किया।- 

Wednesday, 7 March 2018

रेस की होड़ में 70 बारातियों से भरा ट्रक पुल से गिरा, 31 की मौत

भावनगर.गुजरात के भावनगर-राजकोट हाईवे पर रंघोला गांव के पास मंगलवार सुबह 7.30 बजे हुए सड़क हादसे में 31 बारातियों की मौत हो गई। 30 घायल हैं। 26 लोगों ने मौके पर ही दम तोड़ दिया। मृतकों में 12 महिलाएं हैं। हादसे की वजह दो ट्रकों में रेस की होड़ बताई जा रही है, जिसके कारण 70 बारातियों से भरा एक ट्रक बेकाबू होकर पुल से 22 फीट नीचे गिर गया। हताहतों में आठ गांवों के लोग शामिल हैं। अधिकांश पीड़ितों की मौत ब्रेन हैमरेज से हुई। दूल्हे के माता-पिता-बहन सहित दादा, चचेरे भाई-बहन, बहन-बहनोई और भांजे के साथ ही नौ निकट परिजनों की भी मौत हो गई। सभी लोग अनिडा गांव निवासी विजय वाघेला की बारात में टाटम गांव जा रहे थे। दूल्हा भी ट्रक में ही बारात के साथ जाने वाला था, लेकिन अंतिम क्षणों में कार की व्यवस्था हो जाने से वह बच गया। ढाई घंटे बाद दूल्हे ने रोते हुए फेरे लिए।
4-4 लाख की मदद का ऐलान - विधानसभा के बजट सत्र के दौरान मंगलवार को सदन में हादसे की जानकारी दी गई। मृतकों के निकट परिजनों को चार-चार लाख रुपए की सहायता और घायलों के इलाज का खर्च उठाने का सरकार ने ऐलान किया है। संत मोरारी बापू ने भी पीड़ितों की मदद के लिए पहल की है। श्रद्दांजलि अर्पित करते हुए पांच-पांच हजार रुपए देने का ऐलान किया। रंगोला ट्रक हादसे में हताहत लोग आठ गांवों के हैं। ये अनिडा निवासी परिवार के बेटे की शादी के लिए इकठ्‌ठे हुए थे। अनिडा के अलावा वरल, सिहोर, सीदसर, खरकडी, तलाजा, सांढीडा, भीकडा।
संकरा पुल आते ही बेकाबू ट्रक 22 फीट नीचे जा गिरा- - इस हादसे के चश्मदीद दशरथ सिंह गोहिल ने बताया, ''भावनगर की तरफ से दो ट्रक राजकोट की ओर जा रहे थे। फोर-लेन रोड पर दोनों ट्रक के बीच एक-दूसरे से आगे निकलने की रेस लगी हुई थी। एक-दूसरे को ओवरटेक करने की होड़ में संकरे पुल में घुस गए। इस संकरे पुल से एक ही ट्रक गुजर सकता था। बारातियों को लेकर जा रहा ट्रक अनियंत्रित होकर रेलिंग तोड़ता हुआ सड़क से 22 फुट नीचे जा गिरा। समय सुबह लगभग 07:25 बजे का था। मैं होटल के बाहर कुर्सी पर बैठा था। दूर से ट्रक परस्पर रेस करते हुए मेरी आंखों के सामने संकरे पुल में घुसे। बारातियों वाले ट्रक का चालक नियंत्रण खो बैठा। इसी समय ट्रक में सवार बाराती एक ओर झुक गए जिससे पूरे ट्रक का संतुलन बिगड़ा और ट्रक पुल से नीचे जा गिरा। इस पुल को चौड़ा करने का काम चल रहा है जिससे पुल के नीचे का स्ट्रक्चर आरसीसी है-बाराती इसी पर गिरे। मैं तुरंत ही सहयोगी कुलदीप सिंह, सामने गैरेज वालों के साथ दौड़ कर पुल के नीचे पहुंचे। जहां चीख-पुकार ही सुनाई दे रही थी। तुरंत तो कुछ सूझा ही नहीं कि कैसे मदद करें-कैसे बाहर निकालें। ट्रक गिरने की आवाज सुन कर समीप के गांव वाले भी दौड़ कर घटनास्थल पर आ गए। दुर्घटनाग्रस्त हुआ ये ट्रक दो पिलर के बीच फंसा था, इसलिए क्रेन भी काम नहीं आई। ग्रामीणों की मदद से हम-सबने जैक लगा कर-ट्रक को उठाया। हताहतों को बाहर निकाला। जीकाभाई के वाहनों में इन्हें रख कर सिहोर-टींबी एवं भावनगर भेजा। 108 भी इसी बीच पहुंच गई। ट्रक से हमने 7 महीने के बच्चे को घायल अवस्था में बाहर निकाला। हालांकि इस नवजात ने इलाज मिलने से पहले ही हमारी गोद में दम तोड़ दिया।''

Monday, 8 January 2018

दानह के शोरूम से चोरी हुए मोबाइल फोन मेरठ से बरामद, 2 गिरफ्तार

सूरत( विद्रोही आवाज़ )- मेरठ पुलिस ने शनिवार को गुजरात के दादर एंड नगर हवेली के एक शोरूम से चोरी किए गए 107 मोबाइल बरामद किए हैं। गुजरात पुलिस ने टीपीनगर थाना क्षेत्र के शिवपुरम में एक मकान पर छापा मारकर दो आरोपियों को गिरफ्तार किया था। पुलिस बरामद मोबाइल और आरोपियों को साथ लेकर गुजरात रवाना हो गई है। बता दें, कि दादरनगर हवेली में प्रकाश चंद की ‘रामदेव मोबाइल शॉप है। 23 दिसंबर को इस शॉप से करीब 150 मोबाइल चोरी कर लिए गए थे। इस चोरी के बाद दुकान का नौकर धर्मेंद्र निवासी धोलपुर, बहादुरगढ़ (हापुड़) अचानक लापता हो गया था। पुलिस ने धर्मेंद्र को इस दुकान पर नौकरी दिलाने वाले व्यक्ति को पकड़ लिया। पूछताछ में उसने बताया कि चोरी में धर्मेंद्र का हाथ है। उसने ही दुकान की डुप्लीकेट चाभी बनवाकर इस चोरी की घटना को अंजाम दिया था। धर्मेंद्र के मोबाइल नंबर को सर्विलांस पर लेकर गुजरात पुलिस ने मेरठ पुलिस की मदद से आरोपियों को गिरफ़्तार किया है। पुलिस टीम ने धर्मेंद्र और उसके साथी उमेश यादव निवासी गोपालगंज (बिहार) को गिरफ्तार कर लिया। वहीं छापेमारी के दौरान तीन डिब्बों में भरे मोबाइल भी बरामद हुए है।पुलिस ने गिनती की तो इन डिब्बों से 107 मोबाइल बरामद हुए।

Thursday, 4 January 2018

एंबुलेंस में सिलेंडर ब्लास्ट कांच और दरवाजे तक टूट गए

सूरत. मोटा वराछा में महादेव चौक के पास धर्मनंदन रो-हाउस-शिव पार्क के पास रोड पर पार्क की गई एंबुलेंस में सिलेंडर ब्लास्ट हो गया, जिससे आसपास के एरिया में दहशत मच गई। ब्लास्ट इतना जोरदार था कि नजदीक के घरों के कांच टूट गए। कुछ घरों के दरवाजे और छज्जे तक उखड़ गए। ब्लास्ट की आवाज तकरीबन एक किमी तक सुनी गई।लोगों का कहना था कि ब्लास्ट के बाद भूकंप की तरह बिल्डिंग में कंपन होने लगी। लोग दहशत के मारे घर से बाहर निकल आए। वहीं, ब्लास्ट के बाद एंबुलेंस के छत का हिस्सा दूर जाकर गिरा, जिससे एक ही परिवार के चार लोग घायल हो गए। बताया जा रहा है कि सिलेंडर ब्लास्ट से पहले एंबुलेंस मालिक व ड्राइवर कुछ काम कर रहे थे। इसी दौरान उसमें आग लग गई, जिससे दोनों वहां से भाग निकले। उसके थोड़ी देर बाद ही एंबुलेंस में रखे ऑक्सीजन के सिलेंडर में ब्लास्ट हो गया। इस ब्लास्ट में 9 लोगों के घायल होने की जानकारी सामने आई है।

अचानक आग लग गई- प्राप्त जानकारी के अनुसार, मोटा वराछा में लजामनी चौक से आगे महादेव चौक के पास धर्मनंदन रो-हाउस और शिव पार्क के पास संदीप सावलिया की निजी एंबुलेंस पार्क की गई थी। एंबुलेंस का ड्राइवर गाड़ी स्टार्ट कर पानी लेने बाहर निकला था तभी किसी कारणवश अचानक आग लग गई। आग धीरे-धीरे बढ़ने लगी। तकरीबन पांच मिनट बाद एंबुलेंस में जोरदार ब्लास्ट हुआ, जिससे एंबुलेंस के परखच्चे उड़ गए। बॉडी के अलग-अलग हिस्से दूर जाकर गिरे। ब्लास्ट इतना जोरदार था कि एक किलोमीटर तक इसकी आवाज सुनाई दी। आस-पास के घरो में कंपन की वजह से 10 घरों के खिड़की-दरवाजों के कांच टूट गए। घर के बाहर बने छज्जे भी टूट गए। घटना की जानकारी मिलते ही फायर ब्रिगेड और पुलिस मौके पर पहुंच गई। एंबुलेंस मालिक का कहना है कि गाड़ी एक महीने पहले खरीदी थी। मोडीफाइड होकर दो दिन पहले उन्हें मिली थी। आग कैसे लगी समझ में नहीं आ रही है।


रजिस्ट्रेशन बाकी है एंबुलेंस का- जिस एंबुलेंस में ब्लास्ट हुआ है वह संदीप सावलिया नामक व्यक्ति का है। उन्होंने फायर ऑफिसर को बताया कि एंबुलेंस एक महीने पहले खरीदा था, लेकिन उसे मोडिफाइ करवाने के लिए दिया था। दो दिन पहले ही उन्हें एंबुलेंस मिली थी। उसका रजिस्ट्रेशन भी अभी बाकी है। यह कहना मुश्किल है कि ब्लास्ट ऑक्सिजन के सिलेंडर से हुआ या किसी अन्य कारण से। फिलहाल पुलिस ने सैंपल लिए हैं। अब एफएसएल की रिपोर्ट के बाद ही स्पष्ट होगा कि आग कैसे लगी।

गाड़ी स्टार्ट करने के बाद आग- एंबुलेंस के मालिक संदीप का कहना है कि एंबुलेंस के ड्राइवर ने गाड़ी को स्टार्ट कर उसके घर पानी लेने गया था। इसी बीच आग लग गई। जब तक कुछ समझ पाते अाग बढ़ गई। लेकिन विस्फोट कैसे हुआ समझ में नहीं आ रहा है।

लापरवाही : फोन नहीं किया, खुद मोटर साइकल पर गए- एंबुलेंस में जब आग लगी तब मालिक संदीप वहीं पर थे। फायर कंट्रोल को फोन करने की बजाय मोटा वराछा फायर स्टेशन बाइक पर गए। वहां पहुंचने के बाद उन्होंने एंबुलेंस में आग लगने की जानकारी दी। प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि अगर समय पर फायर ब्रिगेड को सूचना दे दी गई होती तो शायद ब्लास्ट से पहले ही उस पर काबू पाया जा सकता था।

पड़ताल : एफएसएल की टीम ने मौके पर पहुंच कर लिए सैंपल
ब्लास्ट के बाद मौके पर पहुंचकर पुलिस ने मामले को संभाला। और आग किस वजह से और ब्लास्ट की असली वजह जानने के लिए अमरोली पुलिस ने एफएसएल को भी बुलाया। एफएसएल की टीम तत्काल मौके पर पहुंच गई। उन्होंने मौके से कुछ सैंपल भी लिए, ताकि आग और ब्लास्ट के सही कारण का पता लगाया जा सके।

गाड़ी के टूटे हिस्से से एक ही परिवार के चार लोग घायल- ब्लास्ट की भयावहता का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि एंबुलेंस की बॉडी का एक हिस्सा उड़कर शिवपार्क के एक घर की खिड़की के कांच को तोड़ते हुए अंदर जाकर गिरा। आनंद भाई के इस मकान में किराए पर रहने वाले विजय खीमजी मांडानी(35 वर्ष), उनकी पत्नी बीना बेन(35 वर्ष), बेटी जानवी(6 वर्ष) और बेटा लक्ष्य(2 वर्ष) घायल हो गए, जिन्हें आस-पास के लोगों ने इलाज के लिए निजी हॉस्पिटल ले गए। हालांकि चोट ज्यादा गंभीर नहीं थी, इसलिए प्राथमिक इलाज के बाद सभी को घर भेज दिया गया। इसके अलावा शिव पार्क निवासी राजू गोरधन भालाणा, उनकी पत्नी शोभा और बेटा हेत, राजू भालाणा के भाई मुकेश, मुकेश की बेटी हिमांशी को भी मामूली चोटें आईं। धर्मनंदन रो-हाउस निवासी भीखा अटालिया, वीनू भाई वेकरिया, संजय कथीरिया, मानित तरैया और मगन भाई के घर के कांच और कारों को नुकसान हुआ। इसके अलावा अन्य घरों को भी नुकसान पहुंचा है।

Saturday, 30 December 2017

गुजरात की सरकार में फूट नितिन का अल्टिमेटम, हार्दिक पटेल का न्योता

अहमदाबाद - गुजरात की नई सरकार में सब कुछ ठीक नहीं चल रहा है। ऐसा माना जा रहा था कि विभागों के बंटवारे को लेकर शुरू हुआ ड्रामा गुरुवार को खत्म हो गया है लेकिन खुद को कोई अहम विभाग न दिए जाने से नाराज उप मुख्यमंत्री नितिन पटेल ने सख्त तेवर अपना लिए हैं। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, नितिन पटेल ने पार्टी को 48 घंटे का अल्टिमेटम तक दे दिया है। कैबिनेट के अंदर कलह की खबरों के बाद पाटीदार नेता हार्दिक पटेल ने नितिन को बीजेपी छोड़ कांग्रेस में शामिल होने तक का न्योता दिया है।
सीएम विजय रुपाणी फिलहाल इसपर किसी भी तरह की बयानबाजी से बचते दिख रहे हैं। शनिवार को हार्दिक पटेल ने कहा है कि अगर नितिन पटेल बीजेपी छोड़ना चाहते हैं तो वह कांग्रेस से बात कर सकते हैं। हार्दिक ने कहा कि सभी पटेलों को नितिन का साथ देना चाहिए। अगर बीजेपी उनका सम्मान नहीं कर रही है तो उन्हें पार्टी छोड़ देनी चाहिए।
गुरुवार रात विजय रुपाणी ने विभागों का बंटवारा किया था। ऐसा माना जा रहा है कि उप मुख्यमंत्री नितिन पटेल को नई सरकार में साइडलाइन कर दिया गया है। उनके पास अब शहरी विकास और वित्त विभाग नहीं रहे। नई सरकार में उन्हें अब सड़क और बिल्डिंग तथा स्वास्थ्य मंत्री की जिम्मेदारी दी गई है।

रुपाणी ने शहरी विकास मंत्रालय अपने पास रखा - मुख्यमंत्री विजय रुपाणी ने शहरी विकास विभाग को नितिन पटेल से लेकर अपने पास रख लिया है। कद्दावर मंत्री सौरभ पटेल को वित्त और ऊर्जा विभाग दिया गया है। बंटवारे में रुपाणी ने अपने पास कई महत्वपूर्ण विभाग रखे हैं जिनमें जीएडी, उद्योग, गृह, शहरी विकास, बंदरगाह, खनन, पेट्रोलियम, विज्ञान और टेक्नॉलजी शामिल हैं। विभागों के बंटवारे को लेकर राज्य में करीब तीन दिन तक ड्रामा चला और अंतत: दिल्ली में केंद्रीय नेतृत्व से सलाह के बाद इसका समापन हुआ था।

विभागों के बंटवारे के बाद जब रुपाणी मीडिया से बात कर रहे थे, उस समय उपमुख्यमंत्री नितिन पटेल थोड़ा निराश लग रहे थे। पटेल इस बात से नाखुश दिखाई पड़ रहे थे कि उनसे शहरी विकास, वित्त, पेट्रोकेमिकल्स, टॉउन प्लानिंग जैसे विभाग ले लिए गए जो पिछली सरकार में उनके पास थे। उन्हें केवल रोड और बिल्डिंग तथा स्वास्थ्य विभाग दिया गया है।

वित्त मंत्रालय नहीं मिलने से नाराज हैं नितिन पटेल दे सकते हैं इस्तीफा

अहमदाबाद: गुजरात में नवनिर्वाचित विजय रूपाणी सरकार में नया विवाद शुरू हो गया है. सूत्रों से प्राप्त जानकारी के अनुसार मनमाफिक मंत्रालय नहीं मिलने से उपमुख्यमंत्री नितिन पटेल नाराज हैं और उन्होंने अभी तक कार्यभार नहीं संभाला है.

पिछली सरकार में नितिन पटेल के पास वित्त मंत्रालय था, लेकिन इस बार यह मंत्रालय सौरभ पटेल को दे दिया गया है, जिससे वे नाराज दिख रहे हैं. खबर है कि नितिन पटेल कैबिनेट की बैठक में भी बेमन से पहुंचे थे, वह भी तब जब मुख्यमंत्री विजय रुपाणी उन्हें मनाने खुद गये थे.

सूत्रों के हवाले से ऐसी जानकारी मिल रही है कि नितिन पटेल वित्त मंत्रालय नहीं मिलने से इतने नाराज हैं कि वे इस्तीफा भी दे सकते हैं. हालांकि मुख्यमंत्री विजय रूपाणी उन्हें मनाने में जुटे हैं. हाल ही में गुजरात में नयी सरकार का गठन हुआ है और विजय रुपाणी मुख्यमंत्री बने हैं, जबकि नितिन पटेल को उपमुख्यमंत्री बनाया गया है. 182 सीट में से भाजपा ने 99 सीट पर जीत दर्ज की जबकि कांग्रेस को 80 सीट पर विजय मिली है.

Tuesday, 26 December 2017

गुजरात में शपथग्रहण समारोह में शंकरसिंह वाघेला से पीएम नरेंद्र मोदी की आत्मीय मुलाकात

अहमदाबाद - मौका था गुजरात में मुख्यमंत्री विजय रुपाणी के शपथ ग्रहण का लेकिन सबसे ज्यादा चर्चा हो रही है इस तस्वीर की, जिसमें एक ही फ्रेम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गुजरात के दो पूर्व मुख्यमंत्री शंकरसिंह वाघेला और केशुभाई पटेल दिख रहे हैं। कहा जाता है कि एक तस्वीर हजार शब्दों से ज्यादा बोलती है, लेकिन यह तस्वीर लाख शब्दों के बराबर है।
रुपाणी के शपथ ग्रहण समारोह में हाल ही में कांग्रेस से नाता तोड़ चुके शंकरसिंह वाघेला अपने पूर्व साथी केशुभाई पटेल और पूर्व मुख्यमंत्री आनंदीबेन पटेल के साथ बैठे थे। मुख्यमंत्रियों और मंत्रियों के शपथ लेने के बाद मोदी और वाघेला इस तरह गलबहियां करते देखे गए कि गुजरात के सियासी गलियारे में कानाफूसी शुरू हो गई और लोग कयास लगाने लगे हैं कि बापू के नाम से मशहूर वाघेला का अगला कदम क्या होगा।
रही-सही कसर मोदी ने वाघेला की आत्मीय बातों ने कर दी। इसके बाद तो शपथ ग्रहण में मौजूद पत्रकार भी कौतूहल छिपा नहीं सके और वाघेला से पूछ ही लिया कि मोदी ने उनके कान में क्या कहा। हालांकि, सियासत के मंझे हुए खिलाड़ी वाघेला ने अपने ही अंदाज में निहितार्थ से कह दिया कि इस राज़ को वह फिर कभी खोलेंगे। उन्होंने मंत्रिमंडल की जमकर तारीफ की और कहा कि सभी बातों का ध्यान रखा गया है।

इसी साल उत्तर प्रदेश में योगी आदित्यनाथ के शपथ ग्रहण समारोह में भी मोदी और मुलायम सिंह की कानाफूसी काफी चर्चा में रही थी। यहां यह बात भी गौर करने लायक है कि प्रधानमंत्री बनने के बाद जब मोदी गुजरात विधानसभा पहुंचे थे तो अपने विदाई भाषण के बाद शंकरसिंह वाघेला के कान में कुछ कहा था। इसके बाद तत्कालीन विधानसभा अध्यक्ष वजूभाई वाला ने मजाक-मजाक में कहा था कि दोनों एक ही मूंग के दाने हैं।

अब देखने यह है कि 'एक ही मूंग के दो दाने' जो 21 साल पहले अलग हो गए थे क्या एक होंगे। वाघेला ने 1996 बीजेपी से अलग होकर राष्ट्रीय जनता पार्टी बनाई थी और बाद में इसका कांग्रेस में विलय कर दिया था। हालांकि, 2017 के गुजरात चुनाव से ठीक पहले वह कांग्रेस से भी अलग हो गए और इस बार जन विकल्प मोर्चा नामक पार्टी बनाई है। क्या अब मोर्चा का बीजेपी में विलय होगा? अपने बेटे का राजनीतिक भविष्य संवारने में जुटे वाघेला यह कदम उठा लें तो कोई आश्चर्य नहीं है। वैसे उनका इतिहास भी इसकी गवाही देता है। 

राहुल ने गुजरात कार्यकर्ताओं को लिखा पत्र

गुजरात चुनाव के नतीजों से ठीक पहले कांग्रेस के अध्यक्ष बने राहुल गांधी कि लोकप्रियता उनकी पार्टी के कार्यकर्ताओं में भी एक नया जोश भर रही है. राहुल भी कार्यकर्ताओं के अंदर उत्साह भरने में कोई कसर नहीं छोड़ रहे हैं.
गुजरात कांग्रेस के मीडिया संयोजक मनीष दोशी को राहुल गांधी ने एक पत्र लिखा. उन्हें गुजरात चुनाव के दौरान अच्छा काम करने के लिये धन्यवाद किया है. राहुल गांधी ने लिखा है कि पूरा देश यह मान रहा है कि गुजरात चुनाव के नतीजों की वजह से कांग्रेस मजबूत हुई है और यह सब आप लोगों की मेहनत का नतीजा है.
आगे राहुल पत्र में लिखते हैं कि, देश गलत शक्तियों के हाथ में चला गया है, जो असमानता और आर्थिक लूट को बढ़ावा दे रही है और हमारे समाज में नफरत और हिंसा का बीज बो रही है. इस कठिन समय में कांग्रेस को अपनी भूमिका अदा करनी है और देश को शांति, प्रगति और प्रेम के पथ पर करना है. गांधी जी के बताए रास्ते पर ले जाना है.
 मुझे पूरा विश्वास है आने वाले समय में आप इसी लगन ईमानदारी ओर देश सेवा के साथ राष्ट्रीय कांग्रेस को आगे लाने के लिए मेहनत करेंगे. राहुल गांधी का ये लेटर पहली बार किसी कांग्रेसी को उनके अध्यक्ष बनने के बाद मिला है. जाहिर तौर पर यह पत्र गुजरात कांग्रेस के दफ्तर में सालों से काम करने वाले कार्यकर्ताओं का मनोबल बढ़ाने में मदद करेगा

विजय रुपाणी ने दूसरी बार ली सीएम पद की शपथ, इनको मंत्रिमंडल में मिली जगह

गुजरात में मंगलवार को सीएम विजय रूपाणी ने दूसरी बार राज्य के मुख्यमंत्री के तौर पर शपथ ली. शपथग्रहण से पहले वह सुबह मंदिर गए. बीजेपी के शीर्ष नेतृत्व ने कम सीटें आने के बावजूद एक बार फिर रूपाणी पर भरोसा जताया है. शपथ ग्रहण समारोह में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह, कई केंद्रीय मंत्रियों के अलावा एनडीए शासित सभी राज्यों के मुख्यमंत्री शामिल हुए. सीएम रुपाणी और डिप्टी सीएम नितिन पटेल के साथ 19 मंत्री शपथ लेंगे. इनमें 6 पाटीदार चेहरे और 6 ओबीसी चेहरे हैं.

गांधीनगर: गुजरात में मंगलवार को सीएम विजय रूपाणी ने दूसरी बार राज्य के मुख्यमंत्री के तौर पर शपथ ली. शपथग्रहण से पहले वह सुबह मंदिर गए. बीजेपी के शीर्ष नेतृत्व ने कम सीटें आने के बावजूद एक बार फिर रूपाणी पर भरोसा जताया है. शपथ ग्रहण समारोह में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह, कई केंद्रीय मंत्रियों के अलावा एनडीए शासित सभी राज्यों के मुख्यमंत्री शामिल हुए. सीएम रुपाणी और डिप्टी सीएम नितिन पटेल के साथ 19 मंत्री शपथ लेंगे. इनमें 6 पाटीदार चेहरे और 6 ओबीसी चेहरे हैं.

आर सी फलदू : (कैबिनेट मंत्री)
जामनगर दक्षिण से विधायक आर सी फलदू लेउवा पटेल समाज से ताल्लुक रखते है. 2 बार गुजरात बीजेपी के अध्यक्ष रह चुके हैं. पाटीदारो के घोर विरोध के बीच सौराष्ट्र रीजन से जीत कर तीसरी बार विधायक चुनकर आये हैं.

भूपेंद्र सिंह चुडासमा: (कैबिनेट मंत्री)
गुजरात का वरिष्ठ क्षत्रिय दरबार चेहरा हैं. गुजरात की मौजूदा रुपाणी सरकार ने सीनियर मंत्री रहे हैं. शिक्षा और राजस्व जैसे महत्वपूर्ण विभाग इनके पास थे. अहमदाबाद जिले की धोलका सीट से 5वीं बार विधायक के रूप में विधानसभा में चुनकर आये हैं.

कौशिक पटेल: (कैबिनेट मंत्री)
गुजरात बीजेपी के संगठन का एक बड़ा नाम और पटेल चेहरा. पार्टी के अध्यक्ष अमित शाह के सबसे भरोसेमंद लोगों में से एक. इस बार उन्ही की खाली की हुई सीट नारणपुरा से चुनाव जीत कर चौथी बार विधायक चुनकर आये हैं. राज्य के राजस्व मंत्री सहित कई मंत्रालयों को संभाल चुके हैं. केशुभाई और मोदी मंत्रिमंडल में काम करने का अनुभव. सौरभ पटेल राज्य में पार्टी का सबसे सॉफिस्टिकेटेड चेहरा. पाटीदार समाज से ताल्लुक रखते हैं. लगातार 5वीं बार विधायक के रूप में चुने गए हैं. मोदी और आनंदीबेन मंत्रिमंडल में फाइनांस और ऊर्जा सहित कई महत्वपूर्ण मंत्रालय संभाल चुके हैं.

गणपत वसावा: (कैबिनेट मंत्री)
गुजरात बीजेपी का इस वक्त सबसे मजबूत आदिवासी चेहरा, जिसने दक्षिण गुजरात मे पार्टी को पैंठ बनाने में खासी मदद की है. लगातार चौथी बार सूरत जिले की मांगरोल सीट से चुनाव जीते हैं. रुपाणी सरकार में कैबिनेट मंत्री रहे इसके अलावा. विधान सभा मे स्पीकर भी रह चुके हैं. मोदी और आनंदीबेन मंत्रिमंडल में भी रह चुके हैं
.
जयेश राधड़िया: (कैबिनेट मंत्री)
सौराष्ट्र के मजबूत पाटीदार नेता विट्ठल राधड़िया के पुत्र और खुद भी पाटीदार समाज मे अच्छी पकड़ रखते हैं. पाटीदार आंदोलन की आंधी के बीच जेतपुर की मुश्किल सीट बडे मार्जिन से जीते. 2007 का चुनाव कांग्रेस के टिकट पर जीते 2012 में अपने पिता के साथ बीजेपी में शामिल हुए और चुनाव जीते. मोदी मंत्री मंडल में स्थान मिला फिर आनंदीबेन और रुपाणी मंत्रिमंडल में भी मंत्री रहे. इस बार तीसरा चुनाव जीते हैं.


दिलीप ठाकोर: (कैबिनेट मंत्री)
गुजरात बीजेपी का सबसे बड़ा ठाकोर चेहरा जिसकी ओबीसी समाज मे भी अच्छी पैंठ है. उत्तर गुजरात मे इस बार ठाकोर आंदोलन की लहर के बीच भारी वोटों से चुनाव जीत कर 5वीं बार विधायक चुने गए हैं. मोदी, आनंदीबेन और रुपाणी मंत्रिमंडल में मंत्री रह चुके हैं.


परबत पटेल: उत्तर गुजरात के चौधरी पटेल समाज से आते हैं. बनासकांठा के थराद की सीट से 5वीं बार विधायक चुने गए हैं. मोदी और आनंदीबेन सरकार में मंत्री रह चुके हैं.

प्रदीप सिंह जडेजा: अमित शाह से सबसे नजदीकी लोगों में से एक. गुजरात का उभरता हुआ क्षेत्रिय-दरबार चेहरा. मौजूदा सरकार में गृह राज्य मंत्री जाडेजा लगातार चौथी बार चुनाव जीतकर विधानसभा के सदस्य बने है. मोदी, आनंदीबेन और रुपाणी तीनों के साथ काम करने का अनुभव है.

पुरुषोत्तम सोलंकी: लगातर छठी बार चुनाव जीते हैं. राज्य का सबसे बड़ा कोली चेहरा जिसने कोली समाज को बीजेपी के साथ अबतक जोड़े रखा. हालांकि इस बार पार्टी कोली सीटों पर अच्छा प्रदर्शन नही कर पाई है पर पुरुषोत्तम सोलंकी को मंत्रिमंडल से दूर करके बीजेपी कोली समाज को और नाराज नही करना चाहेगी. केशुभाई, मोदी, आनंदीबेन तथा रुपाणी मंत्रिमंडल में लगातार मंत्री बने रहे हैं.

वासन भाई आहिर: आहिर समाज के नेता हैं और कच्छ में इनका खासा प्रभाव है. भुज और अंजार सीट से चुनाव जीत चुके हैं और इस बार भी अंजार की सीट से चुनाव जीतकर 5वीं बार विधायक बने है. मोदी और आनंदीबेन सरकार में मंत्री रह चुके है और रुपाणी की पिछली सरकार में संसदीय सचिव थे

ईश्वर सिंह पटेल: कोली पटेल समाज के नेता हैं और अंकलेश्वर की सीट से चौथी बार चुनाव जीते हैं. रुपाणी और मोदी सरकार में मंत्री रह चुके है. दक्षिण गुजरात मे कोली पटेलों पर इनका खासा प्रभाव है.

कुमार कानानी: इन्हें पाटीदार आंदोलन का ऐपिसेंटर कही जाने वाली सूरत की वराछा सीट बड़े मार्जिन से जीतने का रिवार्ड मिल रहा है. हालांकि ये दूसरी बार ही विधायक बने है पर सूरत में पाटीदार आंदोलन के इफेक्ट को कम करने में इनका बड़ा हाथ रहा है और अब ये पहली बार मंत्री मंडल में स्थान पा रहे हैं.

विभावरी दवे:  रुपाणी सरकार में एक मात्र महिला चेहरा और ब्राह्मण चेहरा भी. तीसरी बार चुनाव जीतकर विधायक बनी विभावरी दवे. भावनगर की पहली महिला मेयर भी रह चुकी हैं. विजय रुपाणी की पिछली सरकार में ये संसदीय सचिव के पद पर थीं.

बचु खाबड़: दाहोद जिले की देवगढ़ बारिया सीट जोकि कांग्रेस का गढ़ मानी जाती थी उसे 2002 में जीता औऱ उसी सीट को 2012 में दोबारा जीता बचु भाई खाबड़ ने, जिसकी वजह से आनंदीबेन सरकार में मंत्री बने और रुपाणी की पिछली सरकार में भी मंत्री रहे. 2017 में तीसरी बार भी बचु भाई ने इस सीट पर अपना कब्जा बरकरार रखा है.

रमण पाटकर: दक्षिण गुजरात के एक और बड़े आदिवासी नेता है जिन्होंने 1995 में दक्षिण गुजरात के आदिवासी इलाकों में BJP की जीत की नींव रखी. गुजरात की उमरगाम की सीट पर से ये इस बार 5वीं बार चुने गए हैं जिसका रिवार्ड इन्हें पहली बार मंत्री बना कर दिया जा रहा है

ईश्वर परमार: इस बार रुपाणी सरकार का दलित चेहरा. जब गुजरात में बीजेपी के तमाम बड़े दलित नेता इस बार चुनाव हार गए हैं तो पार्टी ने इस युवा दलित नेता को आगे बढ़ाया है और पहली बार मंत्रिमंडल में शामिल किया है. हालांकि ये दूसरी बार ही विधायक बने हैं.

जेद्रथ सिंह परमार: मध्य गुजरात मे पार्टी का मजबूत क्षत्रिय चेहरा. कांग्रेस के वर्चस्व वाली पंचमहल जिले की हालोल सीट को ये 2002 से लगातार जीतते आ रहे हैं. ये मोदी , आनंदीबेन तथा रुपाणी सभी सरकारों में मंत्री रहे हैं.

शपथ ग्रहण समारोह में नीतीश के शामिल होने के सियासी मायने

गांधीनगर - गुजरात में आज होने जा रहे नये मुख्यमंत्री और सरकार के शपथ ग्रहण समारोह में जदयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष सह बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और झारखंड के मुख्यमंत्री रघुवर दास मौजूद रहेंगे. सीएम नीतीश कुमार के साथ बिहार के उपमुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी भी शपथ समारोह में शामिल होंगे. इस मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भाजपा अध्यक्ष अमित शाह के अलावा राजग शासित दूसरे राज्यों के मुख्यमंत्री भी होंगे. जानकारी के मुताबिक, गुजरात में सीएम नीतीश की पीएम मोदी के साथ औपचारिक मुलाकात हो सकती है.

बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार कई वर्षों के बाद मंगलवार को अहमदाबाद में मौजूद है. जहां वो विजय रुपाणी के नेतृत्व में नयी सरकार के शपथ ग्रहण समारोह में शामिल हो रहे है. इससे पूर्व नीतीश ने गुजरात चुनाव में जीत के बाद ट्वीट और फोन कर रूपाणी को बधाई दी थी. इस साल जुलाई में भाजपा के साथ सरकार बनाने के बाद और एनडीए में शामिल होने के बाद यह पहला मौका है जब नीतीश कुमार भाजपा के किसी मुख्यमंत्री के शपथ ग्रहण समारोह में मौजूद रहेंगे.

राजनीति जानकारों की मानें तो 2013 तक जब नीतीश भाजपा के साथ सरकार चला भी रहे थे तब नरेंद्र मोदी के शपथ ग्रहण से दूर रहते थे. हालांकि नीतीश ने भी बिहार में 2007 से 2010 तक के विधानसभा चुनाव में उन्हें प्रचार नहीं करने दिया. लेकिन, गठबंधन टूटने के बाद मोदी न केवल प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार बने बल्कि प्रधानमंत्री भी बने और उसके बाद पार्टी के प्रचार का नेतृत्व किया.

राजनीतिक गलियारों में इस बात की भी चर्चा है कि प्रधानमंत्री मोदी अब अगले लोकसभा चुनाव की तैयारी में लगे हैं और गुजरात के विधानसभा चुनाव के परिणाम के बाद इस बात का अंदाजा हो गया है कि पटेल समुदाय का एक तबका भाजपा से नाराज चल रहा है. जानकार बताते है कि नीतीश भले कोई बड़ा असर नहीं डाल सकते, लेकिन नाराज पटेलों को शांत करने में उनकी भूमिका को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता. वहीं, गुजरात में हो रहें शपथ ग्रहण समारोह को भाजपा का शक्ति प्रदर्शन माना जा रहा है क्योंकि भाजपा शासित राज्यों के मुख्यमंत्री के साथ-साथ गठबंधन के शासित राज्यों के मुख्यमंत्री भी शामिल हो रहें हैं.
उल्लेखनीय है कि भाजपा से संबंध तोड़ने के चार साल बाद बिहार के मुख्यमंत्री ने कुछ महीनों पहले ही फिर से राजग से हाथ मिलाया. उन्होंने प्रधानमंत्री के गृह राज्य में भाजपा के लिये आसान जीत की भविष्यवाणी की थी. मोदी तीन बार गुजरात के मुख्यमंत्री रह चुके हैं. हाल में हुए विधानसभा चुनावों को जीतकर भाजपा ने लगातार छठी बार गुजरात में सत्ता पर कब्जा किया है. पार्टी ने विजय रुपाणी को फिर से प्रदेश का मुख्यमंत्री और नितिन पटेल को उपमुख्यमंत्री बनाने का फैसला किया है.

Monday, 25 December 2017

रूपाणी के शपथ समारोह में शामिल होंगे CM नीतीश और रघुवर दास

बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार गुजरात के नए मुख्यमंत्री के शपथ ग्रहण समारोह में शामिल होने के लिए आज देर रात अहमदाबाद जाएंगे. सीएम नीतीश कुमार के साथ डिप्टी सीएम सुशील मोदी और संजय झा भी शपथ समारोह में शामिल होंगे.

मिली जानकारी के मुताबिक, सीएम नीतीश कुमार विशेष विमान से आज रात करीब ढाई बजे गुजरात के लिए रवाना होंगे. अभी नीतीश कुमार प्रकाशोत्सव समारोह में व्यस्त हैं. जानकारी के मुताबिक, गुजरात में सीएम नीतीश की प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ औपचारिक मुलाकात हो सकती है.

वहीं बिहार के पड़ोसी राज्य झारखंड के मुख्यमंत्री रघुवर दास भी शपथ ग्रहण समारोह में शामिल होंगे. रघुवरदास सुबह 9 बजे गुजरात के लिए विशेष विमान से रवाना होंगे. साथ ही झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के वरिष्ठ नेता अर्जुन मुंडा भी गुजरात के नवनिर्वाचित मुख्यमंत्री विजय रुपाणी के शपथ ग्रहण समारोह में शामिल होंगे. गौरतलब है कि गुजरात विधानसभा चुनाव में अर्जुन मुंडा ने कई विधानसभा क्षेत्रों में चुनाव प्रचार भी किया था

बता दें, विजय रुपाणी दूसरी बार गुजरात के मुख्यमंत्री पद की कल शपथ लेंगे. गांधीनगर में राज्य सचिवालय के समीप खुले मैदान में शपथ ग्रहण समारोह होगा. इसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह, बीजेपी और एनडीए शासित सभी राज्यों के मुख्यमंत्रियों के इस शपथ ग्रहण समारोह में पहुंचने की संभावना है.

ज्ञात हो कि गुजरात में 1995 से सत्तारूढ़ बीजेपी ने विधानसभा चुनाव में 182 में से 99 सीटों पर जीत हासिल की है. इसकी सीटों की संख्या पिछली बार के 115 से 16 कम हो गई है. लेकिन पार्टी के पास बहुमत के लिए जरूरी 92 से अधिक सीटे होने के बावजूद एक निर्दलीय ने भी अपना समर्थन दिया है. वहीं मुख्य विपक्षी कांग्रेस की सीटें पिछली बार के 61 से बढ़ कर 77 हो गई हैं. इसके अलावा उसे चार अन्य का समर्थन भी हासिल है.

रूपाणी के शपथ ग्रहण से पहले हादसा, पंडाल की छत से गिरे तीन मजदूर, एक की मौत

गुजरात में मंगलवार को विजय रूपाणी दूसरी बार मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने वाले हैं. लेकिन इस शपथ ग्रहण समारोह से पहले कार्यक्रम स्थल पर एक हादसा हो गया. ये हादसा गांधीनगर सचिवालय के हेलिपेड ग्राउंड पर पंडाल निर्माण के दौरान हुआ. पंडाल तैयार कर रहे तीन मजदूर पंडाल की छत से गिर गए. इस हादसे में एक मजदूर की मौत हो गई और दो मजदूर गंभीर रूप से घायल हुए हैं.

पंडाल की छत से गिरे मजदूर- मिली जानकारी के मुताबिक पंडाल तैयार करने की जिम्मेदारी एक निजी कंपनी को दी गई थी. पंडाल को तैयार करते वक्त क्रेन से काम कर रहे मजदूर ऊंचाई से नीचे जमीन पर गिर गए. उन्हें तुरंत ही अस्पताल ले जाया गया.   

बिना बेल्ट पहने काम कर रहे थे मजदूर- अस्पताल पहुंचने से पहले ही एक मजदूर की मौत हो गई, जबकि दो मजदूर गंभीर रूप से घायल हैं और उनका इलाज चल रहा है. ये तीनों मजदूर सेफ्टी बेल्ट पहने बिना ही काम कर रहे थे और तभी क्रेन से अचानक झटका लगने से तीनों मजदूर जमीन पर आ गिरे.

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