Sunday, 24 June 2018

अंगदान हेतु सामाजिक स्तर पर जन-जाग्रति पैदा की जाए-श्री नीलेश भाई माण्डलेवाला


अंगदान हेतु सामाजिक स्तर पर जन-जाग्रति पैदा की जाए-श्री नीलेश भाई माण्डलेवाला







सूरत 24 जून 18 ( विद्रोही आवाज )  जैन लाइफ संगठन द्वारा रविवार सुबह 10 बजे पारले पोइन्ट स्थित विद्या-सुधा जैन भवन में अंगदान-जीवनदान विषय पर एक सेमिनार का आयोजन किया गया, सेमिनार में मुख्य वक्ता डोनेट लाइफ के अध्यक्ष श्री नीलेश भाई मांडले वाला ने बताया कि वर्तमान दौर में ऑर्गन डोनेट के बारे में लोगों में काफी जागृति पैदा हुई हैं, एक दौर था जब अनेक धार्मिक मान्यताएं बाधक बन जाती थी और लोग ब्रेन डेड व्यक्ति का अंगदान कराने से कतराते थे, हमने जब वर्ष 2005-2006 के वर्ष में अंगदान की मुहिम सूरत में प्रारम्भ की तो लोग अंगदान के नाम पर मारपीट पर उतर आते थे, लेकिन हमने धीरे-धीरे लोगों में जन-जागृति पैदा की तो अब अलबता यह मुहिम रंग लाने लगी, लेकिन आज भी अंगदान के क्षेत्र में जागरूकता की बहुत आवश्यकता हैं, श्री मांडले वाला ने कहा कि भारत मे करीब 20 लाख लोगों को किडनी की जरूरत हैं, हर वर्ष 2 लाख किडनी रोग से झुंझते नए मरीज जुड़ जाते हैं, यही स्थिति हार्ट, पेनक्रियाज आदि अंगों की हैं, किडनी ट्रांसप्लांट हेतु हमें अभी अहमदाबाद जाना पड़ता है तथा हार्ट के प्रत्यारोपण हेतु मुम्बई चेन्नई आदि शहरों के हॉस्पिटलों का सहारा हैं, सूरत से ब्रेन डेड लोगों के जो अंग मिले वे गुजरात,महाराष्ट्रा, कर्नाटका, तमिलनाडु आदि राज्यों के अलावा विदेशी मूल के मरीजों के भी उपयोग में आये व सेकड़ों लोगों को नवजीवन मिल पाया, श्री नीलेश भाई ने आगे बताया कि अंगदान करने वालों में नन्ही उम्र से बड़ी उम्र के ब्रेनडेड ग्रसित व्यक्ति भी शामिल है, यह जन जागृति से ही सम्भव हो पाया कि अब तक सूरत व आस-पास विस्तार के गांवों व शहरों से ब्रेनडेड व्यक्तियों के परिवार जनों की पहल से 264 किडनी, 107 लिवर,6 पेनक्रियाज, 17 हार्ट व 224 चक्षु मिल पाए, इस जागृति की वजह से करीब 615 लोगों को नवजीवन मिल पाया, आपने बताया कि गत 3 जून से 14 जून के 11 दिनों में 7 ब्रेन डेड व्यक्तियों से 13 किडनी, 6 लिवर,10 कॉर्निया व 26 चक्षु मिल पाए, इससे जिंदगी व मौत से झुंझते अनेक लोगों को नई जिंदगी मिल पाई। श्री नीलेश भाई ने कहा कि शरीर जल कर राख हो जाएगा लेकिन उसी ब्रेन डेड शरीर से जब अंगदान कराया जाता हैं तो अनेकों लोगों को नवजीवन मिल जाता हैं, देश मे सड़क दुर्घटनाओं में प्रतिवर्ष लाखों लोग ब्रेनडेड हो जाते हैं, लेकिन जन जागृति की कमी से उन लाखों लोगों से अंगदान नही करा पाते, अंगदान के कारण हमारे नही होने के बावजूद हम होते हैं, ब्रेन डेड व्यक्ति का हार्ट किसी औऱ व्यक्ति के सीने में धड़कता हैं, मृतक की आंखे किसी नेत्रहीन व्यक्ति को रोशनी दे देती हैं, इस अवसर पर अनेक जिज्ञासु लोगों के प्रश्नों का उत्तर देकर नीलेश भाई ने समाधान दिया, श्री नीलेश भाई का जैन लाइफ परिवार की औऱ से स्मृति चिन्ह, दुपट्टा व तिलक कर सम्मान किया गया, इस अवसर पर मंच संचालक एंव जैन लाइफ के सरंक्षक श्री गणपत भंसाली का भी दुपट्टे,स्मृति चिन्ह व तिलक से सम्मान किया गया, इस अवसर पर डोनेट लाइफ के श्री हेमंत भाई देसाई, श्री राकेश जैन, तथा दिगम्बर जैन समाज के श्री कमलेश भाई गांधी, श्री रमेश गंगवाल, विद्रोही आवाज के सम्पादक व जैन लाइफ के सरंक्षक उत्तम जैन, जिग्नेश गांधी,श्री प्रदीप शाह, तथा डॉ श्री जयेश शाह, डॉ श्री ज्ञानचंद पाटनी वाला, डॉ जयेश कोठारी, कमल विनायकिया, सुभाष रावल आदि का सम्मान किया गया, इस अवसर पर गौतम बुद्ध सोसायटी की महिलाओं का भी सम्मान किया गया, दिगम्बर जैन महा सिमिति, वेसु सम्यक मण्डल आदि का भी आभार प्रकट किया गया, स्वागत भाषण जैन लाइफ की अध्यक्षा चेलना जैन ने दिया, कार्यक्रम को सफल बनाने मद श्री संजय बड़जात्या, श्री लोकेश जैन, राजलक्ष्मी जैन, मंजू गोधा, उषा पहाड़िया व पुष्पा विनायकिया आदि का पूर्ण सहयोग रहा, कार्यक्रम का संचालन जैन लाइफ के सरंक्षक श्री गणपत भंसाली ने किया।

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