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Saturday, 27 July 2019

मोहन भागवत की मोजूदगी मे संघ की दो दिवसीय बैठक वृंदावन मे आज से



वृंदावन - राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) की 'सामाजिक सद्भाव गतिविधि की अखिल भारतीय बैठक' शनिवार और रविवार को वृंदावन स्थित वात्सल्य ग्राम में आयोजित की जाएगी। एजेंडा रहेगा, जातिवाद की खाई को खत्म कर हिंदू समाज को एकजुट करना। इसके लिए आरएसएस के सरसंघचालक मोहन भागवत शुक्रवार की शाम को ही वात्सल्य ग्राम पहुंच गए हैं। जबकि संघ के सहकार्यवाह भईयाजी जोशी, दत्तात्रेय होसबोले और कृष्णगोपाल जैसे बड़े संघ पदाधिकारी देर रात पहुंचेंगे।
आरएसएस में जिस तरह कई कार्य विभाग, जैसे भारतीय जनता पार्टी, विश्व हिंदू परिषद, बजरंग दल, हिंदू जागरण और अधिवक्ता परिषद आदि होते हैं। इसी तरह संघ की विभिन्न प्रकार की गतिविधियां भी संचालित होती हैं। इनमें सामाजिक सदभाव, गो संरक्षण, धर्म जागरण, सामाजिक समरसता और पर्यावरण संरक्षण आदि गतिविधियां प्रमुख हैं। इन्हीं में से शनिवार और रविवार की वात्सल्य ग्राम में आयोजित होने वाली बैठक सामाजिक सदभाव की है। इस बैठक में उप्र के सभी प्रांतों के दो-दो पदाधिकारी शामिल होंगे। लगभग 110 लोग इस बैठक का हिस्सा होंगे।
बैठक में मुख्य रूप से इस बात पर मंथन किया जाएगा कि समाज के सभी वर्गों को हिंदुत्व की विचारधारा से कैसे जोड़ा जाए। खासकर पिछड़ी जातियों की ओर संघ का खासा ध्यान है। इसके लिए संघ ने जातिवाद की खाई को भरने का फैसला किया है। इसी के लिए प्रांतीय पदाधिकारियों को निर्देशित किया जाएगा, कि वे ऐसे कार्यक्रम आयोजित करें, जिससे हिंदू समाज एकजुट हो सके।  इस बैठक की खास बात यह है कि बैठक को गोपनीय तरीके से सम्पन्न कराया जाएगा। जबकि कार्यक्रम से मीडिया को दूर रखा जाएगा। 

Sunday, 16 June 2019

श्वेताम्बर महासंघ की बैठक में छाया मांसाहार परोसने वाले स्थल पर अनुष्ठान न होने का मुद्दा


इंदौर।  23 जून को होने वाले उव्सगगररह अनुष्ठान  के स्थान नक्षत्र को लेकर उपजा विवाद आज अ.भा. श्वेताम्बर जैन महासंघ की बैठक में  अध्यक्ष की अनुमति के बाद आक्रोशित श्रावको ने पुर जोर ढंग से उठाया। जिसे सकल जैन समाज ने माना कि मांसाहार परोसने वाली जगह पर महापूजन विधान अनुष्ठान नही हो सकता है। 
समाज के वरिष्ठ श्रावक सुभाष विनायकिया ने अध्यक्ष से अनुमति लेकर श्वेताम्बर महिला संघ द्वारा 23 जून को नक्षत्र ब्रिलिएंट कन्वेन्शन परिसर में उव्सगगररह महापूजन करने का पुरजोर विरोध किया
 सर्वप्रथम नाकोड़ा भैरव उपासक अक्षय जैन ने सोशल मीडिया पर प्रसारित कर समाज को जागरूक किया । अब यह मामला धर्म।भावना आहत करने वाला निरूपित हो चुका है 20 से ज्यादा आचार्यो गुरु भगवंतों ने इस पर मुखरता से धर्म मर्यादानुसार पूजन नही हो सकने के ऐलान किया। इस मसले पर सबसे कड़े ओर तल्ख अंदाज में सन्तोषमामा ने महासंघ की सभा में सभी वरिष्ठ एवं समाज जनों के नाम अपील करते हुए कहा कि  अगर महिला मंडल अपने अहंकार में मांसाहार वाले स्थान पर महापूजन करेगा तो हम धार्मिक भावनाओं के आहत करने की कानूनी जंग भी लड़ेंगे।मामा ने सभी वरिष्ठ समाज जनों को बताया कि हम कभी भी उव्सगगरहं महापूजन आयोजन के विरोध में न बोले है न खड़े है। हमारा विरोध सिर्फ मांसाहार परोसे जाने वाले स्थल परिसर से है। 
आयोजक स्थान परिवर्तन की घोषणा कर दे सकल समाज उस आयोजन का हिस्सेदार बनेगा। इस विरोध का अंतर्मन से समर्थन उपस्थित सभी श्रावको  अध्यक्ष चन्दनमल चौरड़िया डॉ प्रकाश बांगानी  डॉ.मनोहर दलाल डॉ.नरेंद्र धाकड़ हंसराज जैन विजय मेहता भंवरलाल कासवा सोहनलाल पारीक प्रकाश कांकरिया संपतसिंह संचेती महेश डाकोलिया विमल नाहर कैलाश नाहर  गोपीलाल समोता  पारसमल बेताला मुकुंदचंद मेहता  हस्तीमल जामड़ प्रकाश जैन राजकुमार सुराणा शेखर गेलड़ा  यशवन्त जैन जितेंद्र मालू  नरेंद्र भटेवरा  सुमेरमल चौरड़िया राजकुमार पंजाबी प्रदीप चोरड़िया  अशोक जैन राजगढ़ वाला मनोहरलाल जैन हंसकुमार जैन  किशोर पोरवाल  जिनेश्वर जैन  गजेंद्र बोडाना विजयसिंह नहार सोभागमल झामड वीरेंद्र मारू मनोहर लोढा पुखराज पामेचा अभिषेक नाहर सहित उपस्थित  सभी समाज प्रमुखों  ने स्थान परिवर्तन करने की मांग का समर्थन किया और कहा कि जब धर्म गुरुओं ने  स्पष्ठ कर दिया कि अपवित्र अशुद्ध परिसर में परमात्मा पूजन अनुष्ठान नही हो सकता है तो इस बात को महिला मंडल को मानकर  विवाद का पटाक्षेप कर देना चाहिए। इस मीटिंग के बाद भाई अक्षय जी जैन ने बताया कि समाज प्रमुख श्री प्रकाश भटेवरा ने सोशल मीडिया पर आयोजक महिला मंडल इकाई की प्रमुख रेखा वीरेंद्र जैन के हवाले से सूचना प्रसारित की है कि  कल दिनांक 17 जून को दोपहर 3 बजे 23 जून के उव्सगगररह महापूजन स्थान परिवर्तन करने के बारे मे निर्णय लेने हेतू अहम बैठक 165 आर एन टी मार्ग पर  होगी है ।
श्री अक्षय जैन एवं संतोष मामा ने बताया कि हमारा विरोध सिर्फ स्थल की अपवित्रता से है  अनुष्ठान के आयोजन से नहीं ।सभी को विश्वास है कि आयोजक महिला संघ के वरिष्ठ पदाधिकारी धार्मिक भावनाओं को आहत न पहुंचे  इस हेतु जन भावनाओं का सम्मान करते करते हुए नवीन स्थल की शीघ्र घोषणा करेंगे।

Friday, 14 June 2019

‘वायु’ से अब और खतरा नहीं, अपने-अपने घर लौट सकते हैं लोग: रुपाणी

गुजरात के मुख्यमंत्री विजय रुपाणी ने शुक्रवार को कहा कि चक्रवाती तूफान ‘वायु’ से राज्य को अब और खतरा नहीं है क्योंकि इसने पश्चिम दिशा की ओर रुख कर लिया है। गांधीनगर में शीर्ष अधिकारियों के साथ बैठक के बाद रुपाणी ने प्रशासन को सुरक्षित जगह पर भेजे गए करीब 2.75 लाख लोगों को उनके अपने-अपने घर वापस भेजने का निर्देश दिया। 

अहमदाबाद-  गुजरात के मुख्यमंत्री विजय रुपाणी ने शुक्रवार को कहा कि चक्रवाती तूफान ‘वायु’ से राज्य को अब और खतरा नहीं है क्योंकि इसने पश्चिम दिशा की ओर रुख कर लिया है। गांधीनगर में शीर्ष अधिकारियों के साथ बैठक के बाद रुपाणी ने प्रशासन को सुरक्षित जगह पर भेजे गए करीब 2.75 लाख लोगों को उनके अपने-अपने घर वापस भेजने का निर्देश दिया।  मुख्यमंत्री ने कहा, ‘गुजरात अब पूरी तरह सुरक्षित है। चक्रवाती तूफान ‘वायु’ से अब कोई खतरा नहीं है क्योंकि तूफान अब अरब सागर में पश्चिम की ओर बढ़ गया है।’ उन्होंने पत्रकारों को बताया, ‘तटीय इलाकों से करीब 2.75 लाख लोगों को सुरक्षित जगह पहुंचाया गया था जो अब अपने-अपने घरों को लौट के लिये स्वतंत्र हैं।’

उन्होंने घोषणा की कि राज्य सरकार अगले तीन दिनों तक शरणार्थियों के दैनिक खर्च के लिए तकरीबन 5.50 करोड़ रुपये की राशि का भुगतान करेगी। यहां के मौसम विज्ञान केंद्र के ताजा मौसम रिपोर्ट के अनुसार तूफान तट से धीरे-धीरे दूर जा रहा है और फिलहाल यह पोरबंदर से करीब 150 किलोमीटर दूर अरब सागर में स्थित है।  रुपाणी ने कहा, ‘स्कूल और कॉलेज कल से अपने नियत समय पर शुरू हो जाएंगे। राहत और बचाव अभियान की निगरानी के लिए तटीय जिलों में नियुक्त किए गए वरिष्ठ अधिकारियों और मंत्रियों को भी वापस आने का निर्देश दे दिया गया है। उन इलाकों में आज से सड़कों पर बस सेवा शुरू हो गई है।’ उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ) अगले 48 घंटे तक तटीय इलाकों में बने रहेंगे

बंगाल में रहना है तो बोलनी होगी बांग्ला- सीएम ममता बनर्जी

पश्चिम बंगाल  की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने शुक्रवार को कहा कि पश्चिम बंगाल में रहने वालों को बांग्ला भाषा में बोलना सीखना होगा। तृणमूल कांग्रेस प्रमुख ने दोहराया कि बाहरी लोग राज्य में डॉक्टरों के आंदोलन को उकसा रहे हैं। ममता ने भाजपा पर बंगालियों और अल्पसंख्यकों को निशाना बनाने का आरोप लगाया। ममता बनर्जी ने एक रैली को संबोधित करते हुए कहा कि बाहरी लोग डॉक्टरों को उकसा रहे हैं। मैंने सही कहा था कि वे कल के प्रदर्शन में शामिल थे। मैंने (एसएसकेएम अस्पताल में) कुछ बाहरियों को नारेबाजी करते हुए देखा। ममता ने आरोप लगाया कि हाल में हुए लोकसभा चुनावों में ईवीएम में गड़बड़ी की गई थी। उन्होंने कहा कि चुनाव कराने के लिए मतपत्रों का इस्तेमाल होना चाहिए।

ममता ने आगे कहा कि सिर्फ इसलिए कि वे (भाजपा) ईवीएम में गड़बड़ी करके कुछ सीटें जीत गए, इसका मतलब यह नहीं कि वे बंगालियों और अल्पसंख्यकों को पीट सकते हैं। हम इसे बर्दाश्त नहीं करेंगे। उन्होंने कहा कि पुलिस हंगामा करने वालों के खिलाफ कार्रवाई करेगी। अगर कोई बंगाल में रह रहा है तो उसे बांग्ला (भाषा) सीखनी पड़ेगी।

कोलकाता में डॉक्टरों पर हुए हमले के खिलाफ और सुरक्षा की मांग को लेकर हड़ताल

कोलकाता- कोलकाता के एनआरएस मेडिकल कॉलेज में अस्पताल में एक मरीज के परिजनों द्वारा कथित रूप से दो जूनियर डॉक्टरों की पिटाई के बाद पश्चिम बंगाल के जूनियर डॉक्टर पिछले मंगलवार से हड़ताल पर हैं। इंडियन मेडिकल एसोसिएशन ने इस घटना के विरोध में शुक्रवार को ऑल इंडिया प्रोटेस्ट डे के रूप में मनाने का आह्वान किया है। चिकित्सकों ने चिकित्सकीय कॉलेजों एवं अस्पतालों में पर्याप्त सुरक्षा की मांग की है।

बंगाल से लेकर दिल्ली तक में डॉक्टरों ने हड़ताल किया और आज काम का बहिष्कार किया। कोलकाता में डॉक्टरों पर हुए हमले के खिलाफ और सुरक्षा की मांग को लेकर आज बंगाल के साथ-साथ दिल्ली, यूपी और छत्तीसगड़ में डॉक्टरों का हड़ताल देखने को मिला।  पश्चिम बंगाल में विभिन्न सरकारी अस्पतालों के 100 से अधिक चिकित्सकों ने इस्तीफे की पेशकश की है। कलकत्ता उच्च न्यायालय ने दो चिकित्सकों पर हुए हमले के विरोध में सरकारी अस्पतालों के कनिष्ठ चिकित्सकों की हड़ताल पर कोई अंतरिम आदेश देने से शुक्रवार को इनकार कर दिया।

मुख्य न्यायाधीश टीबीएन राधाकृष्णन और न्यायमूर्ति सुव्रा घोष की खंडपीठ ने राज्य सरकार से कहा कि वह हड़ताल कर रहे चिकित्सकों को काम पर लौटने और मरीजों को सामान्य सेवाएं देने के लिए राजी करे। अदालत ने ममता बनर्जी के नेतृत्व वाली पश्चिम बंगाल सरकार को यह भी निर्देश दिया कि वह सोमवार रात को शहर के एक अस्पताल में कनिष्ठ चिकित्सकों पर हमले के बाद उठाए गए कदमों के बारे में उसे बताए। जनहित याचिका की सुनवाई के दौरान मुख्य न्यायाधीश ने हड़ताल कर रहे चिकित्सकों को याद दिलाया कि उन्होंने सभी मरीजों की भलाई सुनिश्चित करने की शपथ ली थी। पीठ ने मामले की आगे की सुनवाई के लिए 21 जून की तिथि तय की है।

कोलकाता में आंदोलन कर रहे जूनियर डॉक्टरों के समर्थन में देश के विभिन्न हिस्सों से चिकित्सक बिरादरी के आ जाने के मद्देनजर केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री हर्षवर्धन ने पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री को इस संवेदनशील मामले को प्रतिष्ठा का मुद्दा नहीं बनाने और सौहार्द्रपूर्ण तरीके से आंदोलन खत्म कराने का अनुरोध किया। बनर्जी को एक पत्र में केंद्रीय मंत्री ने उनसे सौहार्द्रपूर्ण तरीके से प्रदर्शन खत्म कराने और डॉक्टरों के लिए काम-काज का सुरक्षित माहौल उपलब्ध कराने का अनुरोध किया। 

उन्होंने खासकर पश्चिम बंगाल के हड़ताली डॉक्टरों से सांकेतिक प्रदर्शन करने और काम पर लौटने की अपील की ताकि मरीजों को दिक्कतें नहीं हो।  केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री ने कहा, ''डॉक्टरों को दूसरे सामान्य या सांकेतिक तरीके से प्रदर्शन करना चाहिए। चिकित्सा पेशेवर होने के नाते अपने मरीजों की रक्षा करना उनका दायित्व है। हड़ताल प्रदर्शन का श्रेष्ठ तरीका नहीं है। मरीजों को त्वरित और आपात चिकित्सा सुविधा से वंचित नहीं करना चाहिए। उन्होंने पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी से अपील करते हुये कहा कि वह इस संवेदनशील मामले को 'प्रतिष्ठा का मुद्दा न बनाएं और कहा कि इस बारे में उन्हें पत्र लिखेंगे।

समाज को इससे मुक्त कराना जरूरी पीएम मोदी का आतंक का समर्थन करने वाले देशों पर हमला

बिश्केक। शंघाई को-ऑपरेशन समिट में हिस्सा लेने के लिए गए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को सम्मेलन में दिए अपने संबोधन में सीधे तौर पर आतंकवाद और आतंक का समर्थन करने वाले देशों पर हमला किया। प्रधानमंत्री मोदी ने अपने संबोधन में साफ कहा कि पिछले दिनों श्रीलंका दौरे पर आतंकवाद का घिनौना चेहरा देखा। इस आतंकवाद के खिलाफ सभी देश मिलकर लड़ें और इस आतंकवाद को लेकर एक अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन आयोजित किया जाना चाहिए। 

प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में HEALTH को-ऑपरेशन की बात कही और इसमें टी शब्द को टेररिज्म से अंकित करते हुए कहा कि पिछले रविवार को श्रीलंका में आतंकी हमले के शिकार हुए चर्च का दौरा किया तो आतंकवाद के घिनौने रूप का स्मरण हो आया। इस आतंकवाद से निपटने के लिए सभी मानवतावादी देशों को अपनी संकिर्णता से ऊपर उठकर एकजुट होने की जरूरत है।

मोदी ने कहा कि आतंकवाद को बढ़ावा देने वाले, संरक्षण देने वाले और फंडिंग करने वालों को जिम्मेदार ठहराया जाना चाहिए और दुनिया को इसके खिलाफ एकजुट होना होगा। दुनिया की सभी मानवतावादी ताकतें एक हों। आतंकवाद के खिलाफ एक वैश्विक सम्मेलन का हम आह्वान करते हैं। इसके अलावा मोदी ने कहा कि लोगों का आपसी संपर्क अहम है, आज खुली व्यापार प्रणाली की आवश्यकता है। प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत पिछले दो साल से इस संगठन का सदस्य है और हमने संगठन की हर गतिविधी को सकारात्मक समर्थन दिया है। अंतरराष्ट्रीय मंच पर हमने एससीओ की भूमिका को बेहतर करने के लिए काम किया है। 

UPA सरकार ने की देरी, कांग्रेस ने जताया विरोध -इसरो के पूर्व चेयरमैन जी माधवन नायर

नई दिल्ली। जहां एक तरफ इसरो अंतरिक्ष में स्पेस स्टेशन बनाने के अलावा चंद्रयान-2 मिशन की तैयारियों में लगा है वहीं दूसरी तरफ ISRO के पूर्व चेयरमैन के बयान से राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। अपने बयान में इसरो के पूर्व चेयरमैन जी माधवन नायर ने चंद्रयान मिशन में देरी के पीछे यूपीए सरकार की नीतियों को जिम्मेदार ठहरा दिया है।

जानकारी के अनुसार, नायर ने कहा था कि यूपीए सरकार के राजनीतिक फैसले के कारण चंद्रयान-2 अभियान में देरी हुई। नायर ने बुधवार को कहा था कि यूपीए सरकार 2014 के आम चुनाव से पहले कुछ बड़ा (मंगलयान मिशन) करना चाहती थी। इस मकसद को पाने के लिए यूपीए सरकार ने चंद्रयान अभियान के स्थान पर मंगलयान मिशन को तरजीह दी।

नायर के अनुसार यूपीए सरकार ने चंद्रयान-2 को 2012 में छोड़ा जाना था लेकिन यूपीए सरकार की नीतियों की वजह से यह लेट हो गया। लेकिन मोदी जी के सत्ता में आने के बाद उन्होंने इस तरह के प्रोजेक्ट्स को आगे बढ़ाया, खासतौर पर गगनयान और चंद्रयान-2 को।

चांद पर मानवरहित चंद्रयान-1 अभियान के ऑर्किटेक्ट रहे नायर ने 2009 में कहा था कि चंद्रयान-2 अभियान 2012 के आखिर तक छोड़ा जाएगा।नायर की टिप्पणी के बाद कांग्रेस ने इसकी निंदा की है। इस बारे में पूछे जाने पर कांग्रेस नेता अभिषेक मनु सिंघवी ने कहा कि वह बयान की निंदा करते हैं। वह एक वैज्ञानिक हैं। सरकार की आलोचना करना उनका काम नहीं है। बता दें कि पिछले साल अक्टूबर में नायर भाजपा में शामिल हो गए थे।

Tuesday, 11 June 2019

साबरमती नदी में कुड़ा फेकने वालों पर होगी कार्रवाई

                                                       साबरमती के आए अच्छे दिन 
vidrohiawaz
अहमदाबाद। गुजरात की महत्वपूर्ण नदियों में से एक साबरमती नदी में कुड़ा फेकने वालों के खिलाफ अब कड़ी कार्रवाई की जाएगी। अहमदाबाद महानगर पालिका ने साबरमती नदी को स्वच्छ बनाने का अभियान चलाया है। इसके तहत अब साबरमती नदी में पूजा सामाग्री सहित कुड़ा फेकने वालों को 200 रुपये से लेकर 500 रुपये का दंड किया जाएगा। इसके लिए प्रशासन ने शहर के बीच से गुजरती साबरमती नदी के दोनों तरफ सीसीटीवी कैमरा लगाने का निर्णय किया है।
अहमदाबाद महानगर पालिका ने बताया कि गुजरात के मुख्यमंत्री विजय रुपाणी ने साबरमती नदी को स्वच्छ बनाने के लिए अनोखा अभियान चलाया है। इसके तहत केवल पांच दिनों में नदी में से कुल 500 टन कुड़ा बाहर निकाला गया है। इसमें से 352 टन अर्थात 65 फीसदी पूजा सामाग्री है। मनपा अधिकारियों के मुताबिक नदी में विविध धार्मिक त्यौहारों के दौरान भगवान की मूर्ति विसर्जित की जाती है। इसी समय लोगों द्वारा नदी में पूजा साम्रागी भी फेंक दी जाती है। प्रशासन ने पिछले कई वर्षों से नदी के किनारे एक कुंड बनाकर मूर्ति उसमें वसर्जित करने का आदेश दिया है। लेकिन, इसके बाद भी लोगों द्वारा नदी में मूर्तियां विसर्जित की जाती है। इस दौरान पूजा सामाग्री भी विर्सजित की जाती है।

अवध एक्सप्रेस के यात्री राजधानी की चपेट में आए 4 की मौत

इटावा - उत्तरप्रदेश  के इटावा के बलरई रेलवे स्टेशन पर खड़े अवध एक्सप्रेस के चार यात्रियों की राजधानी की चपेट में आने से मौत हो गई। इसके अलावा आधा दर्जन घायल हो गए।  अवध एक्सप्रेस मुजफ्फरपुर से बांद्रा टर्मिनल जा रही थी। बलरई स्टेशन के प्लेटफॉर्म पर अवध को लूप लाइन पर खड़ा करके कानपुर की ओर से दिल्ली जा रही राजधानी एक्सप्रेस ट्रेन को पास कराया जा रहा था।  गर्मी के चक्कर में अवध एक्सप्रेस के कई यात्री उतर कर खड़े हो गए। तभी राजधानी आ गयी और यात्रियों को अपनी चपेट में ले लिया। इससे 4 की मौके पर मौत हो गई जबकि कई घायल हो गए। घटना से अफरातफरी मच गई। घायलों को सैफई और टूण्डला भेजा गया।

मलबा मिला लापता हुए विमान- AN 32 का इसमें 13 लोग सवार थे

भारतीय वायुसेना ने मंगलवार को कहा कि आठ दिन पहले अरुणाचल प्रदेश में लापता हुए विमान एएन 32 का मलबा तलाशी दल ने देखा है। असम को जोरहाट से उड़ान भरने के कुछ वक्त बाद ही यह विमान गायब हो गया था। इसमें कुल 13 लोग सवार थे। रूसी मूल के एएन-32 विमान का संपर्क असम से जोरहाट से अरुणाचल प्रदेश के मेचुका एडवांस्ड लैंडिंग ग्राउंड के लिए उड़ान भरने के बाद तीन जून की दोपहर को टूट गया था। 

विमान के हिस्से, जो लापता हुए एएन-32 के माने जा रहे हैं, विमान के उड़ान मार्ग से 15-20 किलोमीटर उत्तर में अरुणाचल प्रदेश में मिले हैं। तीन जून को लापता हुए इस विमान को तलाशने के अभियान में भारतीय वायुसेना के हेलीकॉप्टर भी शामिल थे। वायुसेना का विमान एएक-32 3 जून को उस वक्त अचानक लापता हो गया जब जोरहाट हवाई अड्डे से उड़ान भरी थी। इसका मलबा अरूणाचल प्रदेश के लिपो में मिला है। इस विमान को ढूंढ़ने में लगातार वायुसेना कर्मी लगे हुए थे। हालांकि, अभी इसे वैरिफाई किया जा रहा है। 

रूस निर्मित विमान ने अरुणाचल प्रदेश के शि-योमि जिले के मेचुका एडवांस्ड लैंडिंग ग्राउंड के लिए असम के जोरहाट से उड़ान भरी थी। जमीनी नियंत्रण कक्ष के साथ विमान का संपर्क दोपहर एक बजे टूट गया। रूसी एएन-32 विमान से सम्पर्क 3 जून को दोपहर में असम के जोरहट से चीन के साथ लगी सीमा के पास स्थित मेंचुका उन्नत लैंडिंग मैदान के लिए उड़ान भरने के बाद टूट गया था। विमान में चालक दल के आठ सदस्य और पांच यात्री सवार थे। 

मुलायम सिंह यादव के स्वास्थ्य में हुआ थोड़ा सुधार मधुमेह अब भी अनियंत्रित

गुरुग्राम - गुरुग्राम के मेदांता अस्पताल में भर्ती उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और समाजवादी पार्टी (सपा) संरक्षक मुलायम सिंह यादव के स्वास्थ्य में थोड़ा सुधार हुआ है। हालांकि, उनके ब्लड में शुगर की मात्रा अभी भी ऊपर-नीचे हो रही है। डॉक्टरों के अनुसार, वे पूरी तरह ठीक हैं अगले 24 घंटे में और सुधार की उम्मीद है। डॉ. सुशीला कटारिया के नेतृत्व में एक टीम उनकी निगरानी कर रही है।
 मुलायम सिंह यादव को सोमवार रात करीब सवा आठ बजे उन्हें ब्लड में शुगर की मात्रा बढ़ने पर मेदांता अस्पताल में भर्ती कराया गया था। उन्हें आइसीयू में रखा गया है। गौरतलब है कि शुगर बढ़ने के कारण स्वास्थ्य बिगड़ने के बाद उन्हें रविवार को लखनऊ के पीजीआई में भर्ती कराया गया था। डॉक्टरों के रिपोर्ट सामान्य बताने के बाद पूर्व मुख्यमंत्री को घर ले जाया गया था। इधर, सोमवार को फिर उनकी तबीयत खराब हो गई। इस पर उन्हें गुरुग्राम के मेदांता लाया गया।
मेदांता में उनका इलाज सीनियर फिजिशियन डॉ. सुशीला कटारिया की देख-रेख में किया जा रहा है। मुलायम सिंह इससे पहले भी कई बार मेदांता में डॉ. कटारिया की देख-रेख में इलाज करा चुके हैं। उन्हें लखनऊ से हवाई जहाज से आईजीआई दिल्ली एयरपोर्ट ले जाया गया। वहां से निजी गाड़ी में उन्हें मेदांता पहुंचाया गया। सूत्रों के अनुसार बुखार और शुगर बढ़ने के कारण उनका स्वास्थ्य खराब हुआ है। डॉक्टर ने उनकी बीमारी से जुड़ी कई जांच कराई, जिनकी रिपोर्ट के बाद बताया गया है कि उनका हालत अब स्थिर है

Sunday, 9 June 2019

दुनिया के लिए सबसे बड़ा खतरा राष्ट्र प्रायोजित आतंकवाद - नरेंद्र मोदी

मालदीव -  नरेंद्र मोदी अपनी पहली विदेश यात्रा पर शनिवार को मालदीव पहुंचे। इस  दौरान मोदी ने राष्ट्र प्रायोजित आतंकवाद को दुनिया के लिए सबसे बड़ा खतरा बताया। मोदी ने मालदीव की संसद ‘मजलिस’ को संबोधित करते हुए बिना नाम लिए पाकिस्तान पर भी निशाना साधा। मोदी ने सरकार प्रायोजित आतंकवाद से निपटने के लिए एकजुट होने की जरूरत है और इसे धन तथा प्रश्रय देने वालों को अलग-थलग किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि आतंकियों के न तो अपने बैंक होते हैं और न ही हथियारों की फैक्ट्री, फिर भी उन्हें धन और हथियारों की कभी कमी नहीं होती। 

संसद को संबोधित करते हुए मोदी ने कहा कि भारत और मालदीव के रिश्ते इतिहास से भी पुराने हैं। आज मैं इस बात पर जोर देना चाहता हूं कि मालदीव में लोकतंत्र को मजबूत करने के लिए हर भारतीय आपके साथ है। 

भारत और मालदीव रक्षा सूचनाएं साझा करेंगे- प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मालदीव के राष्ट्रपति इब्राहिम मोहम्मद सोलिह ने शनिवार को कई मुद्दों पर बातचीत की। दोनों देशों ने रक्षा और समुद्र समेत महत्वपूर्ण क्षेत्रों में द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत करने के लिए छह समझौतों पर हस्ताक्षर किए। मोदी ने कहा कि भारत हरसंभव तरीके से मालदीव की मदद करने को प्रतिबद्ध है। पहला समझौता ज्ञापन जल विज्ञान संबंधी मामलों के क्षेत्र में सहयोग के लिए किया गया।

मालदीव का सर्वोच्च सम्मान   - प्रधानमंत्री मोदी को मालदीव के सर्वोच्च सम्मान ‘रूल ऑफ निशान इज्जुद्दीन’ से शनिवार को सम्मानित किया गया। मोदी दो दिवसीय दौरे पर मालदीव की यात्रा पर हैं। यहां एक समारोह में मालदीव के राष्ट्रपति इब्राहिम मोहम्मद सोलिह ने मोदी को इस प्रतिष्ठित पुरस्कार से सम्मानित किया।

ढाई साल की मासूम ट्विंकल की हत्या असलम के घर की गई थी

अलीगढ़ -- ढाई साल की मासूम को अगवाकर उसकी हत्या को अंजाम असलम के घर में दिया गया था।  अलीगढ़ के एसएसपी ने आकाश कुलहरि बताया कि असलम आपराधिक प्रवृत्ति का है। जिसकी वजह से उसकी पत्नी छोड़कर जा चुकी है। गांव के ही जाहिद से असलम की दोस्ती थी। 30 मई को जब मासूम अपने घर के बाहर थी, तभी उसका अपहरण कर लिया गया था। जिसके बाद असलम ने अपने ही घर में जाहिद के साथ मिलकर घटना को अंजाम दिया। वारदात के समय जाहिद की पत्नी शाइस्ता और भाई मेहंदी हसन भी वहां मौजूद थे। रात करीब एक से डेढ़ बजे के बीच शाइस्ता के दुपट्टे में लपेटकर घर के सामने खाली पड़े प्लाट में पड़े कूड़े के ढेर पर फेंक दिया था।

एसआईटी ने भी टप्पल थाने से की जांच की शुरुआत-  मासूम की हत्या की जांच को गठित एसआईटी  शनिवार को थाना टप्पल पहुंची। नोडल अधिकारी एसपी देहात मणिलाल पाटीदार ने टीम के सभी सदस्यों के साथ बैठक की। फॉरेंसिक टीम ने भी घटना स्थल, आरोपियों के घर जाकर साक्ष्य जुटाने का कार्य किया। एसआईटी टीम ने मामले से जुड़े लोगों की एक सूची तैयार की है। जिनसे अलग-अलग पूछताछ की जाएगी। तीन सप्ताह के भीतर एसआईटी मामले की जांच कर रिपोर्ट देगी।  डीएम चंद्रभूषण सिंह ने बताया है कि थाना टप्पल क्षेत्र में मासूम की हत्या के बाद से तनावपूर्ण स्थिति बनी हुई है। शांति व कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए सात मजिस्ट्रेट ड्यूटी लगाई गई है। पीड़ित परिजनों को इंसाफ दिलाया जाएगा।

लाड़ली के परिवार को निर्भया कोष से दिलाएंगे मदद -  टप्पल में मासूम की हत्या के मामले की जांच करने के लिए शनिवार को राज्य बाल संरक्षण आयोग की टीम पीड़ित परिजनों से मिली। आयोग के अध्यक्ष डा. विशेष गुप्ता ने बताया कि पूरे मामले की रिपोर्ट मुख्यमंत्री को सौंपी जाएगी। वहीं परिवार को निर्भया कोष से आर्थिक मदद दिलाए जाने के साथ ही आरोपियों पर गैंगेस्टर एक्ट के तहत कार्यवाही करने के लिए लिखा जाएगा।

टप्पल में आसपास के गांव के युवाओं ने किया प्रदर्शन-  वहीं जिलेभर में लाडली को इंसाफ दिलाए जाने की मांग को लेकर प्रदर्शन हुए। टप्पल क्षेत्र में स्थानीय लोगों ने हत्यारों को फांसी दो-फांसी दो लिखी तख्तियां हाथों में लेकर नारेबाजी की। भाजपा युवामोर्चा, अखंड भारत हिन्दू सेना, यूथ कांग्रेस, भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी सहित कई सामाजिक संगठनों ने मासूम की हत्या के विरोध में प्रदर्शन किया। 

Friday, 7 June 2019

तड़पा-तड़पा कर मासूम को दरिंदों ने मारा पीएम रिपोर्ट में चौंकाने वाला खुलासा- अलीगढ़ मामला

अलीगढ़ - किसी मासूम के साथ कोई इतनी हैवानियत कैसे कर सकता है। टप्पल में मारी गई ढाई साल की बच्ची की पोस्टमार्टम रिपोर्ट देखने के बाद रोंगटें खड़े हो जाते हैं। मन कांप जाता है, दिल दहल जाता और दिमाग सुन्न हो जाता है। दरिंदगी की इंतहा हो गई। बच्ची की किडनी तक दरिंदों ने निकाल ली। एक हाथ भी शरीर से अलग कर दिया। मासूम को दरिंदों ने इस कदर मारा कि उसकी नेजल ब्रिज (नाक व माथे को जोड़ने वाली हड्डी) और एक पैर में फ्रेक्चर तक हो गया। जिसके चलते बच्ची की मौत शॉक (सदमा) की वजह से होना पीएम रिपोर्ट में आया है।

अलीगढ़ के टप्पल थाना क्षेत्र के मोहल्ला कानून गोयान निवासी ढाई साल की मासूम 30 मई को लापता हो गई थी। दो जून की सुबह शव घर के पास ही कूड़े के ढेर पर मिला था। शव का पोस्टमार्टम तीन डॉक्टरों के पैनल द्वारा किया गया था। डॉ. नवीन कुमार, डॉ. केके शर्मा और डॉ. उज्मा शामिल थीं। पोस्टमार्टम रिपोर्ट के अनुसार मरने के बाद शरीर में जो बदलाव होते हैं। उसके बारे में एंटीमार्टम इंजरी (एएमआई) में डॉक्टरों ने विस्तार से लिखा है।

रिपोर्ट में सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि बच्ची की किडनी व यूरिनली ब्लेडर नहीं पाया गया। बच्ची का सीधा हाथ धड़ से अलग था। जिसकी वजह से उस जगह पर कीड़े पड़ चुके थे। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में डॉक्टरों ने हत्या तीन से चार दिन पूर्व होने की आशंका जताई है। यानि बच्ची की हत्या 30 मई को लापता होने के बाद ही कर दी गई थी। इस वजह से शव सड़ चुका था। जगह-जगह कीड़े पड़ चुके थे। 

दूसरी सबसे बड़ी बात रिपोर्ट में यह है कि मासूम की मौत शॉक यानि सदमे की वजह से हुई है। रिपोर्ट में मौत का कारण डॉक्टरों ने शॉक ड्यू टू एंटी मार्टम इंजरी लिखा है। मेडीकल एक्सपर्ट के मुताबिक ऐसी स्थिति जब होती है जब किसी को कोई सदमा बैठता है।

 पोस्टमार्टम रिपोर्ट की मुख्य बातें:
-शव में नाक-मुंह, वैजानिया, छाती के पीछे लेफ्ट साइड में कीड़े पड़ चुके थे।
-शरीर पर जगह-जगह से खाल छूटी हुई थी।
-सर के बाल व नाखून आसानी से निकल रहे थे।
-नेजल ब्रिज टूटा हुआ था।
-बायें घुटने के पांच सेंटीमीटर नीचे फ्रेक्चर था।
-दोनों आंखें बंद थीं।
-पेट पर काले-सफेद धब्बे पड़े हुए थे।
-सीधा हाथ खींचकर शरीर से अलग मिला।  जिसकी वजह से उस जगह पर इतने कीड़े पड़ चुके थे कि हड्डी तक नजर आ रही थी।
-लेफ्ट साइड-छाती के नीचे पसलियां दिख रहीं थीं। एक्सपर्ट डॉक्टरों के पैनल ने मासूम बच्ची के शव का पोस्टमार्टम किया है। रेप की पुष्टि नहीं हुई है। क्योंकि शव इतनी बुरी तरह से सड़ चुका था। जिसके चलते स्लाइड बनाकर प्रयोगशाला भेज दी गई है। बच्ची के पैर, नेजल ब्रिज में फ्रेक्चर मारने-पीटने की वजह से हुआ है।
-डॉ. एमएल अग्रवाल, सीएमओ।

पिता ने की सरकार से मांग- दोषी को मिले फांसी की सजा - 

अलीगढ़ में करीब तीन साल की बच्ची की हत्या की झकझोर देने वाली वारदात में लापरवाही बरतने के आरोप में सम्बन्धित थाना प्रभारी समेत पांच पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया गया है। इस मामले में मृतक मासूम बच्ची के पिता ने सरकार से मांग की है कि दोषी को फांसी की सजा दी जाए। समाचार एजेंसी एएनआई के मुताबिक, अलीगढ़ में बच्ची की हत्या मामले में उसके पिता बनवारी लाल ने कहा है कि हम सरकार से मांग करते हैं कि आरोपी को फांसी की सजा दी जाए।  बता दें कि वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक आकाश कुलहरि ने  बताया कि पुलिस क्षेत्राधिकारी पंकज श्रीवास्तव द्वारा की गयी जांच के आधार पर गुरूवार को थाना प्रभारी समेत पांच पुलिसकर्मियों के निलंबन की कार्रवाई की गयी है। उन्होंने बताया कि मामले की आगे जांच के लिए पुलिस अधीक्षक ग्रामीण एवं एक महिला इंस्पेक्टर सहित छह सदस्यीय विशेष जांच टीम (एसआईटी) बनायी गयी है ।

ताकतवर और प्रभावी मंत्री मोदी सरकार में शाह का कद और बढ़ा

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सरकार में भाजपा अध्यक्ष व गृहमंत्री अमित शाह कामकाज व अहमियत के हिसाब से सबसे सशक्त केंद्रीय मंत्री बन गए हैं। शाह को बुधवार को गृहमंत्री होने के नाते केंद्रीय मंत्रिमंडल की सुरक्षा संबंधी समिति (सीसीएस) में शामिल करने के साथ नवगठित दो मंत्रिमंडलीय समितियों में दूसरे नंबर पर रखा गया है। 
प्रधानमंत्री की अध्यक्षता में निवेश व रोजगार को लेकर बनाई गई दो नई कैबिनेट समितियों में शाह को शामिल करने के साथ दूसरे स्थान पर रखा गया है। शाह ने सरकार में आते ही जिस तेजी से काम शुरू किया है उससे उनकी भूमिका बढ़ने लगी है। अब निवेश व रोजगार जैसे मसलों में भी उनको अहमियत दी गई है। इससे सरकार में शाह का कद साफ हो गया है। इन समितियों में वित्त मंत्री होने के नाते निर्मला सीतारमण व उद्योग व वाणिज्य मंत्री होने के नाते पियूष गोयल को भी शामिल किया गया है। केंद्र सरकार में शाह का नाम भले ही तीसरे नंबर पर हो, लेकिन जिस तरह से उनको सरकार में जगह मिल रही है, उससे वह मोदी सरकार के सबसे ताकतवर व प्रभावी मंत्री बन गए हैं। मोदी सरकार के दूसरे कार्यकाल में सरकार के कामकाज पर शाह का असर भी जल्दी ही सामने आएगा। साफ है कि सरकार में उनकी भूमिका गृह मंत्रालय के बाहर भी विभिन्न मंत्रालयों में रहेगी।  
भाजपा में जल्द शुरू होगी संगठन चुनाव प्रक्रिया  
भाजपा में संगठन चुनावों की प्रक्रिया जल्द ही शुरू होने जा रही है, जिसके तहत मंडल, जिले व प्रदेश के साथ राष्ट्रीय अध्यक्ष का निर्वाचन किया जाएगा। इस प्रक्रिया में चार से छह माह का समय लग सकता है। आमतौर पर निवर्तमान अध्यक्ष के रहते ही नए अध्यक्ष का चुनाव होता है। इस समय राष्ट्रीय अध्यक्ष के केंद्र सरकार में गृह मंत्री बन जाने पर वे खुद ही अध्यक्ष रहते नए अध्यक्ष के चुनाव की प्रक्रिया पूरा कर सकते हैं या उनके पद छोड़ने की स्थिति में पार्टी का केंद्रीय संसदीय बोर्ड अंतरिम अध्यक्ष नियुक्त कर सकता है। 

Saturday, 1 June 2019

राजनाथ सिंह ने दी शहीदों को श्रद्धांजली

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने राष्ट्रीय युद्ध स्मारक पर दी श्रद्धांजलि। सेना प्रमुख जनरल बिपिन रावत, एयर चीफ मार्शल बीएस धनोआ, नौसेना प्रमुख एडमिरल करमबीर सिंह भी मौजूद रहे। राजनाथ सिंह आज रक्षा मंत्री के रूप में औपचारिक रूप से कार्यभार संभालेंगे। राजनाथ सिंह के समक्ष ढेरों चुनौतियों में सर्वाधिक महत्वपूर्ण चुनौती तीनों सेवाओं के आधुनिकीकरण के काम में तेजी लाना है। उनके लिए अन्य बड़ी चुनौती चीन के साथ लगी सीमाओं पर शांति बनाए रखने की है।
वह रक्षा मंत्री का पदभार  ऐसे समय संभाल रहे हैं जबकि भारत ने तीन महीने पहले पाकिस्तान के बालाकोट में आतंकवादी शिविरों पर हवाई हमला किया और माना जा रहा है कि सीमा पार आतंकवाद से निपटने के लिए भारत इसी नीति पर आगे भी चलेगा।
सिंह को सेना, नौसेना और वायुसेना की युद्धक क्षमताओं को मजबूत बनाने की चुनौती का सामना करना है। इसकी वजह यह है कि क्षेत्रीय सुरक्षा के समीकरणों और भू राजनीतिक परिदृश्य में परिवर्तन आ रहा है।
सिंह के पास पूर्ववर्ती मोदी सरकार में गृह मंत्रालय था लेकिन अब नए मंत्रिमंडल में शामिल होने के बाद उन्हें रक्षा मंत्रालय का जिम्मा दिया गया है। उनसे पहले यह मंत्रालय निर्मला सीतारमण के पास था। अधिकारियों के अनुसार सिंह शनिवार को रक्षा मंत्रालय का पदभार  संभालेंगे। 

 


Friday, 31 May 2019

मोदी सरकार में अमित शाह गृह मंत्री तो राजनाथ सिंह बने रक्षा मंत्री

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की नई राजग सरकार में शुक्रवार को राजनाथ को रक्षा मंत्रालय, निर्मला सीतारमण को वित्त और पूर्व नौकरशाह एस जयशंकर को विदेश मंत्रालय का प्रभार सौंपा गया। बीजेपी के कद्दावर नेता अमित शाह देश के नए गृह मंत्री होंगे। इसके साथ ही  नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व वाली पहली सरकार में राजनाथ सिंह गृह मंत्री थे जबकि निर्मला सीतारमण रक्षा मंत्री थीं। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के पास कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग, परमाणु ऊर्जा एवं महत्वपूर्ण नीति से जुड़े मुद्दों वाले तथा बिना आवंटित विभाग रहेंगे।
राष्ट्रपति भवन से प्राप्त जानकारी के अनुसार, पूर्व विदेश सचिव रहे एस जयशंकर भारत के नए विदेश मंत्री बनाए गए हैं। अमेठी की सांसद स्मृति ईरानी को महिला एवं बाल विकास तथा कपड़ा मंत्रालय मिला । पीयूष गोयल फिर से रेल मंत्री बनाये गए हैं। निर्मला सीतारमण को वित्त मंत्रालय का प्रभार दिया गया है जबकि प्रकाश जावड़ेकर को सूचना एवं प्रसारण तथा वन एवं पर्यावरण मंत्रालय दिया गया है।
नितिन गडकरी सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री बने रहेंगे और इसी प्रकार धर्मेन्द्र प्रधान के पास पेट्रोलियम एवं इस्पात मंत्रालय बना रहेगा । गजेन्द्र सिंह शेखावत को नये जल शक्ति मंत्रालय का प्रभार दिया गया है। राम विलास पासवान उपभोक्ता मामलों के मंत्री बने रहेंगे । नरेन्द्र सिंह तोमर नये कृषि मंत्री होंगे, उनके पास ग्रामीण विकास मंत्रालय भी रहेगा। डॉ हर्षवर्द्धन को स्वास्थ्य, परिवार कल्याण, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी तथा पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय दिया गया है।
रविशंकर प्रसाद दूरसंचार के अलावा विधि एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री होंगे जबकि रमेश पोखरियाल निशंक नये मानव संसाधन विकास मंत्री बनाये गए हैं। डी वी सदानंद गौड़ा रसायन एवं उर्वरक मंत्री तथा अर्जुन मुंडा आदिवासी मामलों के मंत्री बनाये गए हैं। हरसिमरत कौर बादल खाद्य प्रसंस्करण मंत्री बनी रहेंगी। थावर चंद गहलोत को सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री बनाया गया है। प्रह्लाद जोशी संसदीय मामलों के मंत्री होंगे तथा कोयला एवं खनन मंत्रालय भी संभालेंगे। महेन्द्र नाथ पांडे को कौशल विकास एवं उद्यमिता मंत्रालय तथा गिरिराज सिंह को पशुपालल, डेयरी तथा मत्स्य मंत्रालय दिया गया है।
मुख्तार अब्बास नकवी को अल्पसंख्यक मामलों के मंत्रालय की जिम्मेदारी सौंपी गयी है। संतोष कुमार गंगवार श्रम एवं रोजगार राज्य मंत्री स्वतंत्र प्रभार, राव इंद्रजीत सिंह सांख्यिकी एवं कार्यक्रम अनुपालन राज्य मंत्री स्वतंत्र प्रभार, श्रीपद यशो नाइक को आयुर्वेद, योग एवं रक्षा राज्य मंत्री स्वतत्र प्रभार, जितेन्द्र सिंह को प्रधानमंत्री कार्यालय में राज्य मंत्री स्वतंत्र प्रभार, किरण रिजिजू को युवा एवं खेल मामलों के मंत्री का स्वतंत्र प्रभार, प्रह्लाद पटेल को संस्कृति एवं पर्यटन राज्य मंत्री स्वतंत्र प्रभार, आर के सिंह ऊर्जा राज्य मंत्री स्वतंत्र प्रभार, हरदीप सिंह पुरी को आवास एवं शहरी मामलों के राज्य मंत्री का स्वतंत्र प्रभार तथा मनसुख मंडाविया को पोत परिवहन तथा रसायन एवं उर्वरक राज्य मंत्री का स्वतंत्र प्रभार दिया गया है। गौरतलब है कि नरेन्द्र मोदी ने बृहस्पतिवार को राष्ट्रपति भवन के प्रांगण में आयोजित एक भव्य समारोह में प्रधानमंत्री पद की शपथ ली थी। उनके साथ 24 कैबिनेट मंत्रियों, नौ राज्य मंत्रियों (स्वतंत्र प्रभार) और 24 अन्य ने राज्य मंत्रियों के रूप में शपथ ली थी।

Monday, 18 March 2019

ट्विटर प्रोफाइल पर‘मैं भी चौकीदार' मुहिम से जुड़े भाजपा के शीर्ष नेता व प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी


नयी दिल्ली : भाजपा ने रविवार को अपनी ‘मैं भी चौकीदार' मुहिम तेज कर दी और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एवं पार्टी अध्यक्ष अमित शाह समेत पार्टी के अन्य नेताओं ने अपने ट्विटर प्रोफाइल पर अपने नाम के आगे 'चौकीदार' शब्द जोड़ा.   पार्टी नेताओं ने छोटे विज्ञापन वीडियो को भी अपने अकाउंट से साझा किया, जिनमें यह दिखाया गया है कि विभिन्न क्षेत्रों के लोग किस प्रकार मोदी की तरह देश के लिए योगदान देकर 'चौकीदार' बन रहे हैं. 

पीएम मोदी की अपील करने के कुछ ही घंटों बाद मध्य प्रदेश में भी भाजपा नेताओं एवं कार्यकर्ताओं में ¯‘मैं भी चौकीदार’ मुहिम शुरू हो गयी. मुहिम के तहत मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान, प्रदेश भाजपा अध्यक्ष राकेश सिंह एवं पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव कैलाश विजयवर्गीय सहित पार्टी के अनेक नेताओं एवं कार्यकर्ताओं ने अपने-अपने ट्विटर प्रोफाइल पर अपने नाम के आगे शनिवार की रात से ‘चौकीदार' शब्द जोड़ दिया है. इन नेताओं में कई केंद्रीय मंत्री और मुख्यमंत्री भी शामिल हैं. 

मोदी के ट्विटर प्रोफाइल पर उनका नाम 'चौकीदार नरेंद्र मोदी' लिखा हुआ है और अन्य भाजपा नेताओं ने भी समन्वित मुहिम के तहत ऐसा किया है. उधर तृणमूल कांग्रेस ने रविवार को भाजपा पर आरोप लगाया कि राजनीतिक प्रचार वीडियो में 14 वर्ष से कम आयु के बच्चों का इस्तेमाल कर उसने चुनाव आयोग के नियमों का उल्लंघन किया है

मनोहर पर्रिकर, अंतिम संस्‍कार आज, एक दिन के राष्‍ट्रीय शोक की घोषणा

पणजी : गोवा के मुख्यमंत्री मनोहर पर्रिकर का रविवार को उनके निजी आवास पर निधन हो गया. वह 63 वर्ष के थे. उनका अंतिम संस्कार पूरे राजकीय सम्मान के साथ सोमवार को शाम में किया जाएगा. चार बार के मुख्यमंत्री और पूर्व रक्षा मंत्री पर्रिकर फरवरी 2018 से ही अग्नाशय संबंधी बीमारी से जूझ रहे थे. पिछले एक साल से बीमार चल रहे भाजपा के वरिष्ठ नेता का स्वास्थ्य दो दिन पहले बहुत बिगड़ गया था. सूत्रों ने बताया कि पूर्व रक्षा मंत्री पर्रिकर शनिवार देर रात से ही जीवनरक्षक प्रणाली पर थे. राज्य सरकार के वरिष्ठ अधिकारी ने को बताया कि मुख्यमंत्री का निधन रविवार शाम छह बजकर चालीस मिनट पर हुआ. पर्रिकर के परिवार में दो पुत्र और उनका परिवार है. उनकी पत्नी का पहले ही निधन हो चुका है
भाजपा के एक प्रवक्ता ने बताया कि पर्रिकर का पार्थिव शरीर सोमवार को सुबह साढ़े नौ से साढ़े दस बजे तक भाजपा मुख्यालय में रखा जाएगा. उसके बाद पार्थिव शरीर को कला अकादमी ले जाया जाएगा उन्होंने बताया कि लोग सुबह 11 बजे से लेकर शाम चार बजे तक कला अकादमी में पर्रिकर के अंतिम दर्शन कर उन्हें श्रद्धांजलि दे सकेंगे. पर्रिकर की अंतिम यात्रा शाम चार बजे शुरू होगी. उनकी अंतिम संस्कार शाम करीब पांच बजे मिरामर में किया जाएगा
केंद्र सरकार ने उनके निधन पर सोमवार को राष्ट्रीय शोक की घोषणा की है. इस दौरान राष्ट्रीय राजधानी, केंद्र शासित प्रदेशों और राज्य की राजधानियों में राष्ट्रीय ध्वज आधा झुका रहेगा. पर्रिकर को श्रद्धांजलि देने के लिए सोमवार सुबह 10 बजे केंद्रीय मंत्रिमंडल की विशेष बैठक होगी.
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रचारक के तौर पर शुरुआत कर गोवा के मुख्यमंत्री और देश के रक्षा मंत्री बनने वाले पर्रिकर की छवि हमेशा ही बहुत सरल और सामान्य व्यक्ति की रही. वह सर्वस्वीकार्य नेता थे. ना सिर्फ भाजपा बल्कि दूसरे दलों के लोग भी उनका मान-सम्मान करते थे. उन्होंने गोवा में भाजपा को मजबूत आधार प्रदान किया. लंबे समय तक कांग्रेस का गढ़ रहने वाले गोवा में क्षेत्रीय संगठनों की पकड़ के बावजूद भाजपा उनके कारण मजबूत हुई.
मध्यमवर्गिय परिवार में 13 दिसंबर, 1955 में जन्मे पर्रिकर ने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रचारक के रूप में करियर शुरू किया. यहां तक कि आईआईटी बंबई से स्नातक करने के बाद भी वह संघ से जुड़े रहे. सक्रिय राजनीति में पर्रिकर का पदार्पण 1994 में पणजी सीट से भाजपा टिकट पर चुनाव जीतने के साथ हुआ। वह 2014 से 2017 तक प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की कैबिनेट में रक्षा मंत्री रहे.
राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने ट्वीट किया है, ‘‘गोवा के मुख्यमंत्री मनोहर पर्रिकर के निधन की सूचना पाकर शोकाकुल हूं.' उन्होंने कहा कि सार्वजनिक जीवन में वह ईमानदारी और समर्पण की मिसाल हैं. गोवा और भारत की जनता के लिए उनके काम को कभी भुलाया नहीं जा सकेगा.
पर्रिकर के निधन पर शोक जताते हुए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने ट्वीट किया है, ‘श्री मनोहर पर्रिकर बेमिसाल नेता थे. एक सच्चे देशभक्त और असाधारण प्रशासक थे, सभी उनका सम्मान करते थे. देश के प्रति उनकी निस्वार्थ सेवा पीढ़ियों तक याद रखी जाएगी. उनके निधन से बहुत दुखी हूं. उनके परिवार और समर्थकों के प्रति संवेदनाएं. शांति.'
गोवा की राज्यपाल मृदुला सिन्हा ने पर्रिकर के निधन पर शोक व्यक्त करते हुए उन्हें ऐसा सामाजिक कार्यकर्ता और कुशल प्रशासक बताया जिन्होंने अपने राज्य को नयी ऊंचाइयों पर पहुंचाया. उन्होंने कहा कि पर्रिकर के जाने से उत्पन्न हुए शून्य को भरा नहीं जा सकता. सिन्हा ने पर्रिकर के परिजन से मिलकर उन्हें सांत्वना दिया.

Friday, 28 December 2018

तीन तलाक: बिल को सिलेक्ट कमिटी के पास भेजने पर अड़े राज्यसभा में विपक्ष एकजुट



                                                                                विद्रोही आवाज़                                                                            सरकार ने तीन तलाक बिल को पास कराने के लिए पूरा जोर लगा दिया है। लोकसभा में बिल गुरुवार को पास भी हो गया पर राज्यसभा में बिल को पास कराना आसान नहीं होगा। विपक्ष इसे सिलेक्ट कमिटी के पास भेजने पर अड़ा है।राज्यसभा में UPA के पास 112 सदस्य है जबकि NDA के पास 93। एक सीट खाली है। बाकी दूसरी पार्टियों के 39 सदस्य NDA या UPA से संबद्ध नहीं हैं और ऐसे में वे इस विवादास्पद कानून को पास कराने या रोकने में बड़ी भूमिका निभा सकते हैं। वैसे, 245 सदस्यीय सदन में 123 के आधे आंकड़े से NDA दूर है लेकिन यह भी सच है कि राज्यसभा के डेप्युटी चेयरमैन के चुनाव में उसे जीत मिली थी। 

RS डेप्युटी चेयरमैन चुनाव में मिली थी जीत
NDA की ओर से जनता दल (युनाइटेड) के उम्मीदवार हरिवंश को 125 वोट मिले थे जबकि विपक्ष समर्थित कांग्रेस के बीके हरिप्रसाद को 101 वोट मिले थे। ऐसे में सरकार इस बिल को लेकर आश्वस्त दिखाई दे रही है। इस कानून के तहत मुस्लिम व्यक्ति के द्वारा एक बार में तीन तलाक देना अपराध घोषित किया गया है। सरकार को उम्मीद है कि राज्यसभा में उसे पर्याप्त समर्थन मिलेगा, जो इस बिल के कानून बनने के लिए जरूरी है।

गुरुवार को लोकसभा में बिल पास
इससे पहले गुरुवार को तीखी बहस के बाद एक साल में दूसरी बार लोकसभा ने इस बिल को पास कर दिया। सदन में मौजूद 256 सांसदों में से 245 सदस्यों ने इसके पक्ष में मतदान किया, जबकि 11 सदस्यों ने इसके खिलाफ अपना वोट दिया। असदुद्दीन ओवैसी के तीन संशोधन प्रस्ताव भी सदन में गिर गए। कई अन्य संशोधन प्रस्तावों को भी मंजूरी नहीं मिली।

सोमवार को राज्यसभा की बारी
सूत्रों का कहना है कि विपक्षी दलों ने इस बात को लेकर चर्चा की है कि इस बिल को सिलेक्ट कमिटी के पास भेजने की मांग की जाएगी। माना जा रहा है सोमवार को यह बिल उच्च सदन में लाया जा सकता है। सूत्रों का कहना है कि इससे पहले सोमवार सुबह में राज्यसभा में कांग्रेस के सभी सदस्य संसद में बैठक करेंगे, जिससे कार्यवाही की रणनीति तैयार की जा सके।

'विपक्ष के पास संख्या है'
CPI मेंबर डी. राजा ने कहा कि विपक्ष के पास संख्या है और इस बिल को सिलेक्ट कमिटी के पास भेजने का दबाव बनाएंगे। राजा ने कहा, 'विपक्षी पार्टियां तीन तलाक बिल को आगे जांच के लिए सिलेक्ट कमिटी के पास भेजने के लिए कह रही हैं जब यह बिल सोमवार को राज्यसभा में लाया जाएगा।' उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार राजनीतिक मकसद के लिए बिल का इस्तेमाल करना चाहती है।  उन्होंने कहा, 'उनकी (सरकार) रुचि सचमुच में लैंगिक समानता और लैंगिक न्याय में नहीं है।' एक अन्य नेता ने दावा किया है कि विपक्षी पार्टियां इस बिल के खिलाफ एकजुट हैं और वे इसकी ठीक तरह से जांच कराना चाहती हैं। विपक्षी नेताओं ने दावा किया है कि वे किसी भी हाल में इस बिल को पास नहीं होने देंगे। आपको बता दें कि सिलेक्ट कमिटी के पास बिल भेजने की मांग सरकार पहले ही खारिज कर चुकी है। ऐसे में राज्यसभा से बिल को पास कराना सरकार के लिए बड़ी चुनौती होगी।

जीवन के मकान में रहे अच्छाइयों का प्रवास : आचार्य महाश्रमण

कडूर और बिरूर में अहिंसा यात्रा का भव्य स्वागत  कडूर, कर्नाटक-  सद्भावना नैतिकता और नशामुक्ति इन तीनों आयामों से जन-जीवन का कल्याण कर...