Friday, 3 August 2018

विनम्रता एव विनय से ही पुरुष आगे बढ़ता है :-उपाध्याय प्रवर श्री मनोज्ञसागर जी म सा


सूरत - कुशल दर्शन दादावाड़ी,पर्वत पाटिया में चतुर्मास हेतु विराजित खरतरगछिय उपाध्याय प्रवर श्री मनोज्ञसागर जी म सा ने अपने नियमित प्रवचन में कहा कि विन्रमता एव विनय रखने वाला पुरुष ही आगे बढ़ता है।उन्होंने आगे कहा कि विवेक शील आदमी हमेशा नम्र स्वभाव का रहता है ओर व्व हमेशा आगे बढ़ता है क्रोध वाला व्यक्ति कभी भी आगे नही बढ़ता है।
उपाध्याय प्रवर श्री मनोज्ञसागर जी म सा की पावन निश्रा में संघ में 50 दिवसीय पच परमेष्टि श्रेणिक तप,साकलिया तेला,उपवास,आयम्बिल,एकासना एव 5 अलग अलग युवाओ को रोजाना 1 उपवास की श्रंखला चल रही है।हर रविवार को दोपहर में लाटरी द्वारा चयनित भाग्यशाली परिवार के घर पर सकल चतुर्विद संघ के साथ नवकार मंत्र का जाप जारी है।प्रवचन श्रंखला में राजा चंद की कहानी चल रही है।
आगामी रविवार को सामूहिक एकासना है जिसमे एकासना वालो को कोई भी एक आइटम अपने घर से बनाकर उपाश्रय में लाना है तथा वही पर सभी को तपस्वियों द्वारा लाये गए 56 भोग से ही एकासना करना है।
रिपोर्ट -समाचार संकलन चंपालाल छाजेड़ सूरत

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