Tuesday, 21 August 2018

संसार में भटकने एव दुखों का सबसे बड़ा कारण अज्ञानता एव अविवेक है:-उपाध्याय प्रवर मनोज्ञसागर जी म सा

                                                सूरत 20 अगस्त (चंपालाल छाजेड़)

सूरत - संसार में भटकने एव दुखों का सबसे बड़ा कारण अज्ञानता एव अविवेक है ये उदगार कुशल दर्शन दादावाड़ी में चतुर्मास हेतु विराजित खरतरगछीय उपाध्याय प्रवर श्री मनोज्ञसागर जी म सा ने अपने नियमित प्रवचन में कहे।आगे उन्होने कहा कि जानते हुए भी जानबुझ कर गलत कार्य करना अविवेक का परिचय है। अज्ञानता के कारण ही मानव संसार के भव भव के जाल में फसा हुवा है और गलत कार्य करता है जिससे वह खुद दुखों का कारण बनता है। गुरुदेव की पावन निश्रा में बाड़मेर जैन श्री संघ में 50 दिवसीय श्रेणिक तप के अलावा,साकलिया तेला,आयम्बिल,एकासना,रोजाना 5 युवाओ को 1-1 उपवास की श्रखला चल रही है।हर रविवार को नवकार मंत्र का सामूहिक जाप भी लगातार चल रहा है।अन्य कई ज्ञानवर्धक परीक्षाएं साध्वी जी श्री अनंत दर्शना श्री जी एव नयज्ञसागर जी म सा के सानिध्य में बड़े ही हर्षोलास से चल रही है।

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