तेरापंथ युवक परिषद द्वारा आचार्य श्री महाश्रमण जी का 46 वां दीक्षा दिवस "युवा दिवस" के रूप में मनाया गया।
तेरापंथ धर्मसंघ के वर्तमान अधिशास्ता महा तपस्वी आचार्य श्री महाश्रमणजी का 46 वां दीक्षा दिवस "युवा दिवस" के रूप में समग्र देश में मनाया गया। अखिल भारतीय तेरापंथ युवक परिषद् के तत्वावधान में तेरापंथ युवक परिषद् की सूरत, उधना, लिंबायत एवं पर्वत पाटिया शाखाओं द्वारा संयुक्त रूप से "युवा दिवस" का आयोजन आचार्य श्री महाश्रमणजी के सुशिष्य "उग्र विहारी" "तपोमूर्ति" मुनि श्री कमलकुमार जी के सान्निध्य में तेरापंथ भवन, सिटीलाइट में किया गया।
इस अवसर पर एक विशाल रैली का आयोजन भी किया गया। रैली को सूरत महानगरपालिका के पार्षद तेरापंथी सुश्राविका श्रीमती सुधाजी नाहटा ने हरी झंडी दिखाकर प्रस्थान करवाया।तेयुप. सूरत के अध्यक्ष श्री संजयजी भंशाली ने युवाओं को मार्गदर्शन दिया। यह रैली वी.आई.पी. रोड स्थित श्री श्यामबाबा मंदिर से प्रारंभ होकर न्यू सिटीलाइट रोड होते हुए तेरापंथ भवन, सिटी लाइट पहुंची,और वहां विशाल धर्मसभा के रूप में परिवर्तित हो गई। धर्मसभा को संबोधित करते हुए तपोमूर्ति मुनि श्री कमलकुमारजी ने कहा -- आचार्य श्री महाश्रमणजी इस कलयुग में भी सतयुग की सौरभ फैलाने वाले महान संत हैं। वर्तमान भौतिक युग में भी वे प्रखर संयम की अनुपालना कर रहे हैं। जन-जन में आध्यात्मिक चेतना का जागरण करने हेतु वे चिलचिलाती धूप या कड़कड़ाती ठंड की परवाह किए बिना कोलकाता से कन्याकुमारी तक निरंतर पदयात्रा कर रहे हैं और बैगलुरू चातुर्मास हेतु प्रवासरत हैं। उनकी अहिंसा, उनकी साधना, उनका संयम, उनका अनुशासन सब कुछ अनुत्तर एवं अद्वितीय है। ऐसे महान गुरु के प्रति श्रावक समुदाय की प्रगाढ़ आस्था सोने में सुहागा बन रही है। यह आस्था विकास का नया मार्ग प्रशस्त करेगी। पूज्य आचार्य श्री के जीवन से हम सब को विशेष रूप से युवाओं और किशोरों को प्रेरणा लेने की जरूरत है।
मुनि श्री ने युवाओं और किशोरों को नसीहत देते हुए प्रतिदिन कम से कम एक सामायिक अवश्य करने की प्रेरणा दी। मुनि श्री ने हाल ही में आकस्मिक दिवंगत हुए गंगाशहर निवासी सुरत प्रवासी सुश्रावक श्री पूनमचंद जी गुलगुलिया की स्मृति सभा में परिवारजनों को संबल दिया। मुनि श्री ने दिवंगत पूनमचंदजी की सेवाओं और संघनिष्ठा को अनुकरणीय बताया।
मुनि श्री नमिकुमार जी ने कहा -- आचार्य श्री महाश्रमणजी समूची मानव जाति के उत्कर्ष के लिए विरल पुरुषार्थ कर रहे हैं। वे हम सबके प्रेरणा स्त्रोत हैं। उनके जीवन से सभी प्रेरणा लें और अपने जीवन को अध्यात्म की ओर मोड़ें। उन्होंने कहा पूज्य प्रवर की मुझ पर असीम कृपा रही है। और उनकी कृपा से ही मुझे आत्म कल्याण का मार्ग प्राप्त हुआ है। मुनि श्री अमन कुमार जी ने सुंदर मधुर गीत का संगान किया।
तेरापंथी सभा, सूरत के अध्यक्ष श्री सुशीलजी सुराणा, मंत्री श्री जीतूभाई मेहता, "अणुव्रत सेवी" श्री अर्जुनजी मेड़तवाल, तेरापंथ युवक परिषद्, सूरत, उधना, लिंबायत एवं पर्वत पाटिया के अध्यक्ष /पदाधिकारी क्रमशः श्री प्रकाशजी छाजेड़, सुभाषजी चपलोत, सुशीलजी रांका, युवा दिवस के गुजरात राज्य प्रभारी श्री कुलदीपजी कोठारी आदि ने प्रासंगिक अभिव्यक्ति की। तेयुप. सूरत के पूर्व अध्यक्ष श्री नरपतजी कोचर ने मुनि श्री के आगामी प्रवास की जानकारी दी। तेरापंथ किशोर मंडल ने इस अवसर पर रोचक परिसंवाद प्रस्तुत किया।
संकलन -- अर्जुन मेड़तवाल
उपाध्यक्ष, तेरापंथी सभा, उधना (सूरत)
प्रिन्ट मीडिया विभाग प्रमुख,
अणुव्रत महासमिति, नई दिल्ली


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