Tuesday, 5 December 2017

ओखी चक्रवात ने अब सूरत का किया रुख

सूरत - श्रीलंका से उठा ओखी चक्रवात सोमवार को महाराष्ट्र से गुजरात की ओर बढ़ गया। इस दौरान समुद्र में फंसे 1700 से अधिक लोगों को बचाया गया है। इनमें से भारतीय तटरक्षक जवानों ने 180 लोगों की जान बचाई है। सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए तेल कंपनियों और सूरतकोस्ट गार्ड पोस्ट को सावधान रहने को कहा गया है। 6 दिसंबर तक ओखी चक्रवात का असर रहेगा।
यह चक्रवात राजस्थान को छूता हुआ गुजरेगा लेकिन तब तक इसकी रफ्तार कम हो चुकी होगी। कोस्ट गार्ड अधिकारियों के अनुसार, ओखी चक्रवात सूरत की ओर 45 नॉटिकल माइल (85 किलोमीटर) की रफ्तार से बढ़ रहा है। गौरतलब है कि 26 नवंबर को श्रीलंका के पास से ओखी चक्रवात उठा था जो धीरे-धीरे केरल पहुंच गया। चक्रवात से समुद्र में मछली पकड़ने गए सैकड़ों मछुआरे लापता हो गए, जिनकी तलाश जारी है। महाराष्ट्र के कुछ भागों में चक्रवात का असर देखने को मिला है। महाराष्ट्र से भले ही ओखी का खतरा लगभग टल चुका है पर सूरत की ओर बढ़ता यह चक्रवात तेल के कुओं पर गहरा असर डाल सकता है। 

180 को बचाया, 28 की मौत 

सोमवार को कोस्ट गार्ड ने चक्रवात प्रभावित इलाकों में जारी बचाव अभियान के बारे में ब्योरा साझा किया। इसमें कोस्ट गार्ड के 1500 जवान शामिल होने की बात कही गई है। कोस्ट गार्ड इंस्पेक्टर जनरल कमांडेंट कृपा नॉटियाल ने बताया कि यह सुनामी के बाद दूसरा सबसे बड़ा बचाव अभियान है। कोस्ट गार्ड के 1500 से अधिक जवान तूफान प्रभावित इलाकों में बचाव अभियान को अंजाम दे रहे हैं। नॉटियाल ने बताया कि पिछले 5 दिन में कोस्ट गार्ड जवानों ने 180 लोगों की जान बचाई है। इसके अलावा, सभी जगह अलर्ट जारी कर सबको समुद्र तट से दूर रहने की सख्त हिदायत दी गई है। बचाव अभियान के लिए 13 शिप और 2 डोर्नियर और 3 एयरक्राफ्ट का उपयोग हा रहा है। नॉटियाल ने बताया कि सूरत की ऑयल कंपनियों को अलर्ट करते हुए कहा गया है कि जरूरत न हो, तो काम बंद रखा जाए। 

मछुआरों को देंगे प्रशिक्षण 

समुद्र में किसी भी प्रकार की हलचल हो तो इसका सबसे पहले शिकार होते हैं मछुआरे। मछुआरों को समुद्र में होने वाली गतिविधियों की जानकारी नहीं होती, न ही कोस्ट गार्ड और भारतीय नौसेना कोई जानकारी फौरन साझा कर पाती है। नॉटियाल ने बताया, 'हम महाराष्ट्र में मछुआरों को ऐसी स्थिति की जानकारी और इससे निबटने के लिए प्रशिक्षण देंगे। इस पर काम भी शुरू कर दिया गया है। 

No comments:

Post a Comment

जीवन के मकान में रहे अच्छाइयों का प्रवास : आचार्य महाश्रमण

कडूर और बिरूर में अहिंसा यात्रा का भव्य स्वागत  कडूर, कर्नाटक-  सद्भावना नैतिकता और नशामुक्ति इन तीनों आयामों से जन-जीवन का कल्याण कर...