Saturday, 2 December 2017

जातिवाद-परिवारवाद से मुक्त हुअा उत्तरप्रदेश - योगी आदित्यनाथ

निकाय चुनाव में शानदार जीत के बाद यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ ने  कहा कि प्रदेश का विकास ही मुख्य एजेंडा है।
 उत्तर प्रदेश के निकाय चुनाव में शानदार जीत दर्ज करके भाजपा ने जहां तगड़ी जीत से बढ़त हासिल कर ली है, वहीं गुजरात में भी मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस को भी अपने चुनावी पाले में खींच कर लड़ने को मजबूर कर दिया है। कांग्रेस के भावी अध्यक्ष राहुल गांधी जो पहले विकास को पागल बताते फिर रहे थे, वही अब जनेऊ दिखाते घूम रहे हैं। इधर, उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ बड़ी विनम्रता से जीत का श्रेय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की नीतियों, पार्टी अध्यक्ष अमित शाह की रणनीति और उत्तर प्रदेश सरकार के कामकाज के ऊपर डालते हैं। वह कहते हैं कि उत्तर प्रदेश जातिवाद व परिवाद की जकड़न से मुक्त हो रहा है।
उत्तर प्रदेश को जातिवाद व परिवादवाद की राजनीति के निकालने के लिए प्रधानमंत्री मोदी जी के नेतृत्व में हमारे राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह जी की रणनीति के तहत लड़ा गया। उत्तर प्रदेश का चुनाव नतीजा प्रधानमंत्री के विजन और राष्ट्रीय अध्यक्ष के संगठनात्मक कौशल की परिणति है। प्रधानमंत्री के आर्थिक सुधारों पर राज्य की जनता की ओर से लगाई गई मुहर है। आर्थिक सुधारों के क्षेत्र में जो कड़े कदम उठाये गये हैं, वे प्रदेश के हित में हैं। प्रदेश की पांच करोड़ की शहरी जनता ने उस पर मुहर लगाई है। यूपी के नगर निकाय चुनाव के परिणाम यह भी साबित करते हैं कि जो लोग जातिवाद व परिवारवाद की राजनीति करते रहे हैं, उन लोगों के लिए राजनीति में कोई जगह नहीं रह गई है।
 खासतौर गुजरात के विकास पर जो सवाल उठा रहे हैं, इस चुनाव ने उन्हें जवाब दे दिया है। अपनी सीमाओं में रहो। उत्तर प्रदेश में कांग्रेस का पूरी तरह सफाया होना, खासतौर पर अमेठी की सीट भी कांग्रेस ने बचा पाई है, यह कांग्रेस के लिए एक सबक होना चाहिए। दरअसल, कांग्रेस के लोगों को जमीनी समझ नहीं है। बहुजन समाज पार्टी सोलह में से दो नगर निगमों में चुनाव जीती है। हम लोग इसका अवलोकन कर रहे हैं। लेकिन यह समाजवादी पार्टी के लिए खतरे की घंटी है। उसका परंपरागत वोट शिफ्ट हो गया है। और अगर यह शिफ्ट होता रहा तो समाजवादी पार्टी का सफाया होना तय है।
 योगी आदित्यनाथ ने कहा गुजरात चुनाव में भारतीय जनता पार्टी की जीत में कोई संदेह नहीं है। वहां पर कांग्रेस ने सर्वाधिक समय तक शासन किया है, लेकिन वहां जो विकास हुआ है वह भाजपा ने किया है। मोदी जी जब सीएम थे जो काम किया है वह मानक बना है देश और दुनिया के लिए। कांग्रेसी शासन के कार्यकाल में 1995 से पहले वहां सड़कें नहीं थीं, बिजली नहीं, पेयजल और सिंचाई के पानी का भीषण संकट था। बुनियादी ढांचागत विकास की दिशा में कांग्रेस ने कुछ नहीं किया था। गुजरात में मोदी जी के आने के पहले कांग्रेस के जमाने में गुजरात में कानून व्यवस्था का बुरा हाल था, वहां गैंगवार हुआ करते थे। कोई व्यक्ति सुरिक्षत नहीं था। लेकिन वहां की सत्ता में भाजपा के आने के बाद राज्य में हर व्यक्ति को सुरक्षा की गारंटी दी गई।
 यह प्रधानमंत्री जी के विकास के विजन की जीत है। केंद्र और राज्य सरकार ने जो भी लोक कल्याणकारी कार्यक्त्रम लागू किये हैं, उन सभी कार्यक्त्रमों को पार्टी के द्वारा लोगों तक पहुंचाया गया। यह जीत उसकी सफल परिणति है। कांग्रेस की फितरत है विभाजन करना। देश के विभाजन से लेकर इस समाज को जाति, मजहब, भाषा और क्षेत्र में बांट करने को जो प्रवृत्ति कांग्रेस की रही है, उसी से वह हिंदुओं को बांटना चाहती है। जनेऊधारी और गैर जनेऊधारी के रूप में। जबकि हिंदुओं के लिए यह बहुत आवश्यक नहीं है। तिलक लगाता है नहीं लगाता है। जनेऊ धारण करता है, नहीं करता है। 
यह उसका विषय है। चोटी रखता है नहीं रखता है, यह उसका विषय है। लेकिन जो कहा जाता है न, नया मुल्ला ज्यादा प्याज खाता है। यह राहुल गांधी पर फिट बैठता है। जो पहले हिंदुओं को कोसते थे, हिंदुओं को अपमानित करते थे। हिंदुओं की तुलना लश्कर से भी घटिया स्तर पर करते थे, उन्हें आज हिंदू याद आने लगे हैं। मंदिर याद आने लगा है। जो भगवान राम और कृष्ण के अस्तित्व पर ही प्रश्न खड़ा करते थे। आज उन्हें मंदिर नजर आ रहे हैं। गुजरात का चुनाव विशुद्ध रूप से गुजरात के विकास की गौरव गाथा है। गुजरात का हर व्यक्ति प्रबुद्ध है, प्रगतिशील है और विकास के प्रति आग्रही है। वह मोदी जी और भारतीय जनता पार्टी के अलावा अन्य किसी पर विश्र्वास नहीं करता है।

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