उन्होंने कहा कि यह संभव है कि अयोध्या में राम मंदिर अगले वर्ष अक्तूबर तक लगभग तैयार हो जाए क्योंकि सब कुछ तैयार है तथा निर्माण के लिए सभी सामग्री पहले से निर्मित है. उसे केवल जोडना है, जैसा स्वामी नारायण मंदिर के मामले में हुआ था. स्वामी ने रामजन्मभूमि बाबरी मस्जिद मामले की पांच दिसम्बर को होने वाली सुनवायी से पहले कहा, इलाहाबाद उच्च न्यायालय पहले ही मामले में काफी गहरायी तक गौर कर चुका है और सुन्नी वक्फ बोर्ड के लिए इसके खिलाफ दलील देने को कुछ भी बचा नहीं है.
स्वामी ने कहा कि मैंने एक अतिरिक्त दलील दी है कि उस स्थान पर प्रार्थना करना मेरा और हिंदू समुदाय का मूलभूत अधिकार है. मुस्लिमों को वह अधिकार नहीं है, उनकी रुचि केवल सम्पत्ति में है, वह एक सामान्य बात है. भाजपा नेता ने कहा कि राम मंदिर निर्माण के लिए एक नया कानून बनाने की कोई जरुरत नहीं है.
उन्होंने दावा किया कि तत्कालीन नरसिंह राव सरकार ने उच्चतम न्यायालय में दायर एक हलफनामे में कहा था कि यदि यह स्थापित हो जाता है कि स्थान पर एक मंदिर था तो जमीन मंदिर के निर्माण के लिए दे दी जाएगी. वह अब साबित हो गया है.

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