Tuesday, 28 November 2017

आयुर्वेद के डॉक्टर ने लगा दिया इंजेक्शन, मरीज की मौत, पुलिस ने लिखा- ‘बुखार

सूरत.बुखार से पीड़ित पांडेसरा के एक युवक को गलत इलाज की वजह से जान गंवानी पड़ गई। मौत की प्रारंभिक वजह में सामने आया कि निजी अस्पताल में आयुर्वेद के डॉक्टर यानी बैचलर ऑफ आयुर्वेद मेडिसिन एंड सर्जरी (बीएएमएस) ने इंजेक्शन लगाया, जिसके बाद हुए इंफेक्शन से गैंग्रीन हो गया। इसके बाद युवक का सिविल अस्पताल में भी इलाज चला, लेकिन जान नहीं बच पाई। युवक की मौत के बाद बीएएमएस अपना क्लिनिक बंद कर भाग गया है।

मौत के बाद बनी मेडिको लीगल केस (एमएलसी) में सिविल के डाॅक्टरों ने मौत की वजह इंफेक्शन से हुए गैंग्रीन को बताया, लेकिन पांडेसरा पुलिस ने जांच के झंझट से बचने के लिए बुखार को ही मौत की वजह बता दिया। पांडेसरा के मुक्ति नगर में रहने वाले 21 वर्षीय जगन्नाथ सावल को 22 नवम्बर को बुखार आया था। जगन्नाथ के भाई सुदर्शन ने बताया कि उसने पांडेसरा स्थित एक निजी अस्पताल में डॉ. रविंद्र पाटिल ने इंजेक्शन लगाया था। इसके बाद हुए रिएक्शन से एक पैर ने काम करना बंद कर दिया तो जगन्नाथ को सिविल अस्पताल लाया गया था, जहां केस पेपर निकालने के बाद उसे सर्जरी के यूनिट छह में भर्ती कर लिया था। सिविल अस्पताल में सोमवार सुबह इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। अब मंगलवार को फोरेंसिक पीएम होगा। इसके बाद मौत के वास्तविक कारणों का पता चल पाएगा। इलाज से पहले एमएलसी नहीं बनने की वजह से मरीज के परिजनों को परेशान होना पड़ा। सोमवार सुबह करीब 9 बजे मौत होने के बावजूद पूरे दिन पोस्टमार्टम नहीं हो सका और परिजन परेशान होते रहे। अब मंगलवार को ही पोस्टमार्टम हो पाएगा।

डॉ. सी.एल. घीया ने बताया कि गलत इलाज से सामान्य इंफेक्शन लेकर गैंग्रीन भी हो सकता है। गैंग्रीन वाली स्थिति ज्यादा खतरनाक है। क्योंकि गैंग्रीन होने पर शरीर के संबंधित हिस्से को काटकर अलग करना ही पड़ता है। यह तेजी से फैलता जाता है कई बार ऐसी जगह पर हो जाता है, जिसे काटकर अलग करना मुश्किल हो जाता है। मौत के वास्तविक कारण फोरेंसिक जांच में ही सामने आ पाएंगे।

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