मुहम्मद अहमद मीर के पोते अब्दुल कादिर अपने दादा के पदचिह्नों पर चलते हुए गांधीजी के आदर्शों को आत्मसात किया
सूरत.गांधी जयंती के मौके पर सोमवार, 2 अक्टूबर को रामपुरा के मीर महल में जमीयत ए उलमा ने एक कार्यक्रम का आयोजन किया है। सुबह 10 बजे से आयोजित इस कार्यक्रम में 2 जनवरी 1916 को गांधीजी की सूरत में हुई सभा की यादों को ताजा किया जाएगा, जिसमें गांधीजी ने देश की मजबूती के लिए हिंदू-मुस्लिम एकता को अनिवार्य बताया था। रंगभेद के खिलाफ दक्षिण अफ्रीका में गांधी जी के आंदोलन में सूरत के जिन लोगों ने उनका साथ दिया था उनमें प्रमुख तौर से मुहम्मद अहमद मीर आैर सेठ अहमद काछलिया भी शामिल थे।
मीर महल में किया गया था गांधी जी का सम्मान----
गांधीजी 9 जनवरी 1915 में दक्षिण अफ्रीका से भारत लौटे थे। इस घटना के एक वर्ष पूरा होने की खुशी में 2 जनवरी 1916 को सूरत के रामपुरा स्थित मुहम्मद अहमद मीर के ‘मीर महल’ में सैयदपुरा मुस्लिम एसोसिएशन ने गांधीजी का सम्मान समारोह आयोजित किया। समारोह की अध्यक्षता सैयद अली अल एद्रुस ने की थी।
गांधीजी के विचारों पर चले---
मुहम्मद अहमद मीर के पोते अब्दुल कादिर अपने दादा के पदचिह्नों पर चलते हुए गांधीजी के आदर्शों को आत्मसात किया। वह सूरत कांग्रेस के बड़े नेताओं में शामिल रहे। वह 9 जुलाई 1969 से 1 फरवरी 1971 तक सूरत मनपा में डिप्टी मेयर रहे और बाद में मेयर बने।
सेठ मुहम्मद मीर ने किया था गांधीजी का सहयोग---
1882 में केवल 17 वर्ष की उम्र में बिजनेस के लिए सूरत से दक्षिण अफ्रीका गए मुहम्मद अहमद मीर ने गांधीजी के नाताल निवास के दौरान काफी सहयोग किया। वह गांधीजी के रंगभेद विरोधी कई आंदोलनों में शामिल हुए। महात्मा गांधीजी उन्हें मीर सेठ के नाम से संबोधित करते रहते थे। 1971 में नेल्सन मंडेला ने सेठ मुहम्मद मीर की पोती फातिमा मीर से अपनी जीवनी ‘हायर देन हॉप’ लिखाई थी। फातिमा ने रंगभेद के खिलाफ न केवल मंडेला के आंदोलन को देखा था, बल्कि वह स्वयं उसका एक हिस्सा थीं।सूरत शहर जमीयत ए उलमा के अध्यक्ष मौलाना अरशद मीर (मुहम्मद अहमद मीर के पड़पोते) ने बताया कि गांधीजी ने हमेशा से हिंदू-मुस्लिम एकता की वकालत की। चाहे वह दक्षिण अफ्रीका हो या भारत, उन्होंने हमेशा अहिंसा, सांप्रदायिक सौहार्द आैर भारतीयता की बात की। सौ वर्ष पहले बापू के कदम मीर महल में पड़े थे। उसी की याद को ताजा करने के लिए हमने सोमवार को विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया है।

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