Thursday, 31 August 2017

गुजरात में मानसून की जोरदार वापसी, वलसाड़ में 10 इंच बारिश

सूरत-  गुजरात में पहले दौर में तबाही मचाने के बाद एक बार फिर से मानसून की जोरदार वापसी हुई है। दक्षिण गुजरात में पिछले 24 घंटे में 10 इंच बारिश होने से जनजीवन अस्तव्यस्त हो गया है। यहां की तमाम नदी-नाले उफान पर है।

प्रशासन द्वारा नीचे वाले क्षेत्रों को खाली कराया जा रहा है । राज्य सरकार ने प्रदेश में भारी बारिश की आगाही चलते पहले से ही प्रशासन तथा एनडीआरएफ और एलडीआरएफ की टीमों को अलर्ट पर कर दिया है। उधर मौसम विभाग ने अति भारी बारिश की संभावना के चलते मच्छुआरों को समुद्र में न जाने की सलाह दी है।

अबरसागर में पैदा हुए अपर साइक्लोनिक सिस्टम के चलते प्रदेश में पिछले 24 घंटे से बारिश शुरु हो गई है। दक्षिण गुजरात के वलसाड़ में 10 इंच बारिश के कारण जनजीवन अस्तव्यस्थ हो गया है। यहां आसपास वापी, पारड़ी, सूरत शहर में 6 से 8 इंच बारिश होने के कारण दमणगंगा, औरंगा , पाल और कोल नदी जैसी नदियां उफान पर है।

मध्यगुजरात में अहमदाबाद , वड़ोदरा, भरुच, गांधीनगर, आणंद छोटाउदयपुर सहित के शहरो में सोमवार रात से शुरु हुई बारिश मंगलवार पूरे दिन जारी रही । वड़ोदरा में बारिश के कारण आजवा डेम ओवरफ्लो हो गया है। डेम के 11 दरवाजे खोलकर विश्वामित्री नदी में पानी छोड़ा जा रहा है। जिसके कारण विश्वामित्री के किनारे बसते लोगों को सावधान कर दिया गया है। अहमदाबाद, हिम्मतनगर, गांधीनगर 4 इंच बारिश के होने से जगह-जगह पानी भर गया है।

सौराष्ट्र की बात की जाए तो यहां कच्छ भावनगर, जूनागढ़ , साबरकांठा, इडर , राजकोट अमरैली, केशोद सहित के क्षेत्रों में एक से छह इंच हुई है। यहां भी जलभराव की स्थिति पैदा हुई है। गौरतलब है कि मौसम विभाग ने आगामी तीन दिन तक भारी से अति भारी बारिश की चेतावनी जारी की है।
गुजरात में भारी बारिश का कहर जारी है। राजकोट और बनासकांठा 22 घंटे में 24 इंच बारिश होने से जनजीवन ठप्प हो गया है। तमाम नदी-नाले उफान पर है। वर्षाजनित हादसों में करीब 10 लोगों की मौत हो गई है। प्रशासन द्वारा लोगों को सुरक्षित स्थलों पर पहुंचाया जा रहा है।

राज्य सरकार ने स्कूल-कालेजों में दो दिन की छुट्टी की घोषणा की है। सरकार ने एयरफोर्स को भी अलर्ट कर दिया है। तमाम जिला कलेक्टरों को अपने-अपने क्षेत्र का दौरा कर लोगों की मदद करने के आदेश दिये गये है। वायु सेना के हेलिकोप्टर से लोगों को बचाया जा रहा है। उधर राष्ट्रीय आपदा नियंत्रण दस्ता ने प्रदेश में जगह-जगह रेस्क्यु कर कुल 500 से अधिक लोगों को बचाया है।

मौसम विभाग की आगाही की मुताबिक अगले 24 घंटे राज्य में भारी से अति भारी बारिश होगी। शुक्रवार रात से सौराष्ट्र सहित समग्र गुजरात में बारिश शुरू हो गई है। राजकोट और बनासकांठा में पिछले 22 घटों में 24 इंच बारिश होने से यहां जनजीवन अस्त व्यस्थ हो गया है। यहां नदी नाले उफान पर है। राजकोट में आजी नदी में बाढ़ आने से इसका पानी आसपास के कई गांवों में घुस गया है।

यहां लालबाग क्षेत्र में तालाब की दीवार टूटने से निकट स्थित मंदिर पूरा पानी भर गया है। रचोटिला, मोरबी, सुरेन्द्रनगर, टंकारा , जामनगर, भाववनगर, अमरैली सहित सौराष्ट्र भर में 10 से 18 इंच बारिश हुई है। मध्य गुजरात की बात की जाये तो अहमदाबाद, गांधीनगर, वडोदरा, भरुच में भी अच्छी बारिश हो रही है। यहां एक से पांच इंच बारिश हुई है।

गुजरात में पड़ रही बारिश के चलते शनिवार को राजधानी गांधीनगर में मुख्यमंत्री विजय रुपाणी के नेतृत्व में एक बैठक आयोजन किया गया है। मुख्यमंत्री ने बैठक में मंत्रियों व अधिकारियों को अलर्ट रहने का आदेश दिया है। गांधीनगर में अग्र सचिव पंकज कुमार ने पत्रकारों को बताया कि, राज्य में बारिश के कारण बाढ़ के हालत पैदा हुए है। प्रशासन ने बाढ़ में फंसे 1587 लोगों को सुरक्षित स्थान पर भेजा है।

राज्य के 124 गांवों में बिजली गुल हो गई है। 100 से अधिक गांवों का संपर्क टूट गया है। प्रदेश महत्वपूर्ण 31 हाइवे बंद कर दिये गये है। प्रदेश के 203 बांधों में पानी की अच्छी आवक हुई है। जिसमें से आजी बांध, मच्छु-2 सहित सौराष्ट्र के 4 बांधों को हाईअलर्ट पर रखा गया है।

अग्र सचिव पंकज कुमार ने बताया कि राहत व बचाव कार्रवाई में कोई अड़चन पैदा न हो इसलिए बाढ़ प्रभावित इलाकों में फंसे लोगों को हेलिकोप्टर से बचाया जा रहा है। एयरफोर्स के एम-आई वी-5 विमान को स्टेंट बाय रखा गया है। पकंज कुमार ने बताया कि राज्य में अभी तक कुल 33 प्रतिशत बारिश हुई है।

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