नोटबंदी और प्रधानमंत्री के कथित व्यक्तिगत भ्रष्टाचार पर हमला तेज करने के लिए कांग्रेस द्वारा आज बुलाई गई बैठक से पहले ही विपक्षी एकता में दरार दिखने लगी है। वाम दलों के साथ जेडीयू के भी इसमें शामिल नहीं होने के आसार हैं। वामदल ने पहले ही घोषणा कर दी है कि वे इस बैठक से दूर रहेंगे वहीं जेडीयू ने भी संकेत दिया है कि वह भी ऐसा ही कदम उठा सकती है। बिहार में जेडीयू नीत नीतीश कुमार सरकार में कांग्रेस भी शामिल है। इसमें अलावा एनसीपी ने भी बैठक का बहिष्कार किया है। कांग्रेस की बैठक में सोनिया गांधी और राहुल गांधी के मौजूद रहने की उम्मीद है।दूसरी ओर नोटबंदी को लेकर मोदी सरकार के खिलाफ अभियान को तेज करने की कवायद के तहत पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी दिल्ली पहुंच गई हैं। वे आज विपक्षी दलों के नेताओ के साथ बैठक में हिस्सा लेंगी। वह कांग्रेस, द्रमुक, राजद एवं अन्य दलों के साथ संयुक्त संवाददाता सम्मेलन को भी संबोधित करेंगी। सपा और बसपा की ओर से अभी कोई बात नहीं कही गयी है। राकांपा की ओर से तारिक अनवर को इसमें शामिल होना था लेकिन पिछले दिनों पटना में उनकी मां का निधन हो गया और उन्हें दिल्ली आने का कार्यक्रम रदद करना पड़ा।कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने बैठक में कई दलों के शामिल नहीं होने की योजना को तवज्जो नहीं दिया। उल्लेखनीय है कि विपक्षी दलों की बैठक के बाद संयुक्त संवाददाता सम्मेलन भी आयोजित किया जाएगा। उन्होंने कुछ दलों के एकसाथ मंच पर नहीं आने के लिए स्थानीय और क्षेत्रीय बाध्यताओं का भी जिक्र किया। रमेश ने दार्शनिक अंदाज में कहा, जो कोई आते हैं, वे कल आएंगे। जो नहीं आते, वे अगली बार आएंगें। जो लोग आएंगे, आप उन्हें देखेंगे। उन्होंने हालांकि इस बात को खारिज कर दिया कि आज होने वाली बैठक वैसी ही चाय पार्टी है जैसी 1998 में हुयी थी और अंतत: तत्कालीन अटल बिहारी वाजपेयी सरकार गिर गयी थी। रमेश ने कहा, सबसे बड़ा मुददा आज नोटबंदी है और दूसरा मुद्दा प्रधानमंत्री का भ्रष्टाचार है, बैठक में ये प्रमुख मुद्दे होंगे।
कांग्रेस की बैठक का बहिष्कार करेगी एनसीपी- राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) ने कहा कि वह नोटबंदी के मुददे पर पीएम मोदी सरकार पर हमला तेज करने के लिए कांग्रेस द्वारा बुलायी गयी बैठक का बहिष्कार करेगी। एनसीपी प्रवक्ता नवाब मालिक ने कहा, पिछले पांच छह संसद सत्रों में एनसीपी सभी विपक्षी दलों के साथ रही है। लेकिन कांग्रेस नेता हाल ही में सभी अन्य दलों को छोड़कर प्रधानमंत्री से मिलने अकेले चले गए। विपक्षी दलों के बीच एकता पर इससे सवाल खड़ा होता है। मलिक कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी की अगुवाई में पार्टी के एक प्रतिनिधिमंडल की प्रधानमंत्री मोदी के साथ हुई बैठक का जिक्र कर रहे थे।
कांग्रेस पांच जनवरी से नोटबंदी के खिलाफ देशव्यापी प्रदर्शन करेगी- कांग्रेस ने ऐलान किया कि वह नोटबंदी की वजह से आम लोगों को हुई परेशानियों और पीएम मोदी के निजी भ्रष्टाचार को उजागर करते हुए पांच जनवरी को सभी जिला मुख्यालयों और आठ जनवरी को विकास खंड के स्तर पर प्रदर्शन करेगी। कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी की अध्यक्षता में हुई पार्टी के वरिष्ठ नेताओं की बैठक में फैसला किया गया कि नोटबंदी के खिलाफ लड़ाई में आम लोगों को शामिल किया जाएगा।सूत्रों ने कहा कि कांग्रेस 29 और 30 दिसंबर को केंद्रीय एवं राज्य के स्तर पर संवाददाता सम्मेलन का आयोजन करेगी जिसमें पीएम मोदी के निजी भ्रष्टाचार और नोटबंदी से आम लोगों को हुई परेशानियों का उल्लेख किया जाएगा। पार्टी दो जनवरी को जिला स्तर पर पत्रकार सम्मेलन का आयोजन करेगी। इस बैठक में पार्टी के सभी महासचिव और सचिव, प्रदेश कांग्रेस कमेटी के प्रमुख और केंद्रीय एवं राज्य स्तर के वरिष्ठ नेता शामिल हुए। सूत्रों ने कहा कि पहले चरण में कांग्रेस पांच जनवरी को आंदोलन करेगी और दूसरे चरण में आठ जनवरी को विकास खंड के स्तर पर प्रदर्शन करेगी।
नोटबंदी के यज्ञ में गरीब की बलि: राहुल
नोटबंदी को एक यज्ञ और उस यज्ञ में मजदूरों की बलि दिए जाने का आरोप लगाते हुए कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी ने कहा कि पीएम मोदी ने 30 दिसंबर के बाद नोटबंदी से उत्पन्न समस्या का समाधान होने का आश्वासन दिया है लेकिन आर्थिक तालाबंदी उसके बाद भी लोगों को आहत करती रहेगी। उन्होंने कहा कि नोटबंदी का असर छह-सात महीने तक और इसके बाद भी रहेगा।
राहुल ने कहा, राष्ट्र के सुपर अमीर परिवारों के फायदे के लिए गरीब, मजदूर और मध्यम वर्ग की नोटबंदी के यज्ञ में बलि दी जा रही है। मोदी बार बार नोटबंदी अभियान को भ्रष्टाचार और काले धन के खिलाफ यज्ञ बताते रहे हैं। नोटबंदी के मसले पर दबाव बनाते हुए राहुल ने आरोप लगाया कि केन्द्र की मोदी सरकार और राज्य की राजे सरकार ने न तो किसानों के कर्ज माफ किए और न ही उन्हें उनकी बबार्द फसल का मुआवजा दिया।राहुल गांधी ने कहा, देश के 99 प्रतिशत लोगों के पास कालाधन नहीं है और नोटबंदी के जरिये इन्हीं लोगों को निशाना बनाया गया है। वहीं दूसरी तरफ 50 परिवार ऐसे है जिनके पास लाखों और करोड़ों रुपये का कालाधन है। उन्होंने कहा कि केवल छह प्रतिशत कालाधन नकदी के रूप में रखा गया है, जबकि बाकी सोना और जमीनों और स्विस बैंक खातों में जमा किया गया है।
राहुल ने कहा, राष्ट्र के सुपर अमीर परिवारों के फायदे के लिए गरीब, मजदूर और मध्यम वर्ग की नोटबंदी के यज्ञ में बलि दी जा रही है। मोदी बार बार नोटबंदी अभियान को भ्रष्टाचार और काले धन के खिलाफ यज्ञ बताते रहे हैं। नोटबंदी के मसले पर दबाव बनाते हुए राहुल ने आरोप लगाया कि केन्द्र की मोदी सरकार और राज्य की राजे सरकार ने न तो किसानों के कर्ज माफ किए और न ही उन्हें उनकी बबार्द फसल का मुआवजा दिया।राहुल गांधी ने कहा, देश के 99 प्रतिशत लोगों के पास कालाधन नहीं है और नोटबंदी के जरिये इन्हीं लोगों को निशाना बनाया गया है। वहीं दूसरी तरफ 50 परिवार ऐसे है जिनके पास लाखों और करोड़ों रुपये का कालाधन है। उन्होंने कहा कि केवल छह प्रतिशत कालाधन नकदी के रूप में रखा गया है, जबकि बाकी सोना और जमीनों और स्विस बैंक खातों में जमा किया गया है।

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