Sunday, 25 December 2016

जब गुस्सा होने के बजाए सहयोगी से बोले अटल, मुझे भी फिल्म दिखा देते

प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के सहयोगी शिवकुमार पारिक बताते हैं कि अटल जी जैसा सहज स्वभाव का व्यक्ति विरले ही देखने को मिलते हैं। वह कहते हैं कि एक बार की बात है अटल जी भारतीय जनसंघ के अध्यक्ष थे। तब अटलजी का निवास फिरोजशाह रोड पर हुआ करता था। वे किसी काम से बैंगलोर गए हुए थे। उस दिन उनकी वापसी थी और मुझे उन्हें लेने एयरपोर्ट जाना था। मेरे साथ जनसंघ के ही एक और बड़े नेता स्व. जगदीश माथुर भी थे। उन्होंने कहा कि चलिए फिल्म देखने चलते हैं। उस समय हमारी उम्र महज 28-30 साल थी। मैने मना किया लेकिन उनके दबाव में मुझे भी जाना पड़ा। फिल्म देर से छूटी। हमलोग जल्दी से एयरपोर्ट भागे लेकिन तब तक प्लेन आ चुका था और अटल जी प्राइवेट टैक्सी लेकर आवास आ गए थे।चाबी हमारे ही पास थी, लिहाजा अटल जी चुपचाप बरामदे में टहल रहे थे। हमलोग काफी देर बाद पहुंचे तो मैं जल्दी से दरवाजा खोला। लेकिन उन्होंने कुछ बोला नहीं। पूछा, कहां चले गए थे।हमलोगों ने बताया फिल्म देखने गए थे तो हंसते हुए बोले, मुझे भी लेते चलते। चलिए, मैं जल्दी से तैयार हो जाऊं। राजमाता के साथ मेरी मीटिंग है।

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