महक मानवता की
अनाथों-असहायों-दिव्यांग बच्चों के सच्चे तारणहार मोखुन्दा-सूरत के श्री सुरेश पोखरणा की परोपकारी वृति को सौ सौ सलाम
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'हर दीन, दुःखी, दरिद्र में नारायण होता है, उसकी सेवा कर लो,तो समझो भगवान की पूजा हो गयी' किसी विद्वान् द्वारा व्यक्त इन विचारों को सचमूच में राजस्थान के भीलवाड़ा जिले के मोखुन्दा निवासी एंव सूरत प्रवासी समाजसेवी श्री सुरेश जैन पोखरणा ने हृदयंगम ही कर दिया है. 1 जनवरी 1963 को मोखुन्दा में जन्में श्री सुरेश पोखरणा सादा जीवन उच्च विचार के धनी हैं, सरलता. विनम्रता, सादगी, परोपकारिता जैसे मानवीय गुणों के धनी श्री सुरेश पोखरणा ने अपना जीवन अनाथों, असहायों, गरीबों, जरूरतमंदों व अभावग्रस्त लोगों के कल्याणार्थ ही समर्पित कर दिया हैं, सूरत में स्वस्तिक ज्वेलरी के नाम से ज्वेलरी व्यवसाय से जुड़े श्री पोखरणा पिछले 36 सालों से सूरत में निवासरत हैं, काका के नाम से मशहूर श्री पोखरणा को दीन-दुखियों की सेवा करने की प्रेरणा गुजराती भाषा के प्रमुख दैनिक गुजरात समाचार में प्रकाशित प्रबुद्ध लेखक एंव चिन्तक डॉ शरद ठाकर ( वीर नर्मद यूनिवर्सिटी सूरत के वाइस चांसलर डॉ श्री दक्षेश ठाकर के भ्राता) के आलेख 'डॉक्टर की डायरी' से मिली, उक्त लेख में अहमदाबाद के सटे कलोल शहर के निकट हाजीपुर के एक विकलांग (दिव्यांग) स्कुल के बच्चों की पीड़ा पर प्रकाश डाला गया था. इस लेख को पढ़ कर श्री पोखरणा हाजीपुर की उक्त स्कुल में पहुंच गए. वहां उस दौर में 35 दिव्यांग लड़कियां अध्ययन रत थी.(इन दिनों 350 दिव्यांग छात्राएं हैं) स्कुल आर्थिक अभाव के दौर से गुजर रहा था. अतः वहां की लड़कियों की परवरिश ढंग सर नही हो रही थी, यानि स्थिति दयनीय थी. उन दिव्यांग लड़कियों की पीड़ा को देख पोखरणा का ह्रदय पसीज गया और आँखों में अश्रुधारा बह उठी. पोखरणा ने ह्रदय को विचलित करने वाले इस दृश्य को देख यह संकल्प कर दिया कि अब वे अपना जीवन इन दिव्यांगों अनाथों व असहायों के कल्याणार्थ समर्पित कर देंगे, तथा जीवन भर मिठाई का स्वाद तक नहीं चखेंगे, लड़कियों के प्रति अपार वात्सल्य भाव रखने वाले सुरेश पोखरणा के दीपक, मुकेश व राजू तीनों पुत्र ही हैं, श्री पोखरणा व उनकी धर्म पत्नि श्रीमती सुशीला बेन के मन में घर आँगन में लड़की न होने का सदैव मलाल रहा, तथा यह कमी सताती रही, जब पोखरणा दम्पति को दो पुत्रों के पश्चात तीसरा भी पुत्र हुआ तो पोखरणा की मातु श्री ने अपने मन की पीड़ा को व्यक्त करते हुए कहा कि अगर तीसरी सन्तान पुत्री के रूप में होती तो आँगन कुंआरा नही रहता, तो पोखरणा ने अपनी माँ से कहा कि माँ अगर आप कहे तो में अनाथ आश्रम से लड़की को गौद लें लूँ, बस घर में लक्ष्मी रूपा लड़की की इस कमी ने पोखरणा को अनाथ व असहाय लड़कियों की सेवा में समर्पित कर दिया, हालाँकि वे सेवा के मसले में लड़कों व लड़कियों में भेद नही रखते, उनकी एक ही प्राथमिकता है, और वो हे गरीब, असहाय, अनाथ, मूक-बधिर, विकलांग व अभावों अभियोगों की पीड़ा भोगते हर लड़के लड़की की तन-मन व धन के साथ समर्पित भाव से सेवा करना, हालाँकि इस तरह की विरली सेवा की प्रेरणा प्रबुद्ध लेखक डॉ श्री शरद ठाकर के एक आलेख से तो मिली ही थी, लेकिन इस सेवा भावना की प्रेरणा में कुछ और भी पहलु जुड़े हैं, जिसमें परिवार में लड़की का न होना भी एक कारण हैं, परन्तु इसमें जैन सन्त श्री रत्न सुंदर विजय जी की प्रेरणा भी एक बड़ा कारण हैं. बहरहाल प्रेरणा के इन तमाम स्त्रोतो ने श्री पोखरणा में सेवा भावना का अद्वितीय जज्बा पैदा कर दिया, श्री पोखरणा ने अनेकों अनाथ लड़कियों की अपने खर्चे से शादियां करवा कर कन्यादान का पूण्य कमाया हैं, आगामी 12 जनवरी को भी एक अनाथ कन्या की शादी श्री पोखरणा कराने वाले हैं, इन अनाथ कन्याओं का अपने काका से इतना वात्सल्य हैं कि विदाई के समय सगी बेटी की तरह अपने काका से अश्रुधारा बहाते हुए गले मिलती हैं, और काका भी फूट-फुट कर रोने लग जाते हैं, वो करुण दृश्य देख कर हर प्रत्यक्ष दर्शी की आँखें नम हुए बिना नही रहती, पोखरणा के व्यक्तित्व की ये बड़ी खूबी हैं कि वे होली, दीपावली, दशहरा, नवरात्री, भाई दूज, रक्षा बन्धन, गणेश चतुर्थी,मकर सक्रांति, अनन्त चतुर्थी, गुड़ी पड़वा जैसे अगिनित त्यौहार सिर्फ और सिर्फ अनाथो-असहायों व दिव्यांगों के साथ ही मनाते हैं, वे ऐसे अवसरों पर मिठाइयाँ, चोकलेटें, वड़ा पांव, सेन्डविच, नमकीन, कचोरी, समोचे, खिचड़ी, भोजन आदि इन बच्चों के अपने हाथों से परोसते ही नही बल्कि कुदरत की मार से पीड़ित इन बच्चों के हाथों से खुद भी ग्रहण करते हैं, (जबकि सम्भ्रांत कहे जाने वाले कुछ लोग इन दुखियारों की ऐसी दशा देख नाक भोह सिकोड़ने लग जाते हैं) सिर्फ भोजन ही नही, इन बच्चों के लिए खिलोने,कपड़े, चप्पल, बूंट तथा जरूरत की हर वस्तु ये मुहैया करवाते हैं, पोखरणा के सहयोग से 150 अनाथ लड़कियों नर्सिंग कोर्स कर अपने भविष्य को उज्ज्वल बना रही हैं, पोखरणा की एक सेवा तो बड़ी निराली हे वे हर त्यौहार या अपने परिवार के सदस्यों के जन्म दिवस, मैरिज एनीवर्सरी आदि प्रसङ्गों पर अनाथ, दिव्यांग व गरीब बच्चों के साथ-साथ आवासीय सोसायटियों, कॉम्पलेक्सों, व्यवसाहिक परिसरों में सेवारत वॉचमेनो को मिठाई-चॉकलेटों द्वारा मुंह मीठा कराना नही भूलते, पोखरणा का कहना हैं कि वॉचमेन दिन-रात सोसायटियों-एपार्टमेंटों आदि में मुस्तैदी के साथ दिन-रात सेवा में रहते, लेकिन अपना घर-बार तथा बुजुर्ग माता-पिता व परिवार जनों को अपने गाँवो-कस्बों में छोड़ कर आए इन वॉचमेनो की सुध लेने वाला कोई नही दिखता, उल्टा सेवा में थोड़ी सी कमी रह जाने या तनिक त्रुटि हो जाने से इन्हें हर कोई डांटने-फटकारने लग जाता हैं तो ऐसे हालातों में मेने इन वॉचमेनो को विभिन्न त्योहारों पर मिठाइयाँ आदि व्यंजन अपने हाथों से खिलाने का निश्चय किया,पोखरणा के जीवन का एक ही मूलमन्त्र हे और वह हे हर उदास व पीड़ित चेहरे पर रौनक पैदा करो और उन्हें भी खुशियां प्रदान करने में सहायक बनो, पोखरणा के जीवन में वैसे तो परोपकार व सेवा की भावना वर्षों पहले से हैं. वे जब कुंवारे थे तब सिनेमा हॉलों में पिक्चर देखने की बजाय उन पैसों का सदुपयोग गरीब बच्चों के कल्याणार्थ करते थे, श्री सुरेश पोखरणा की पारिवारिक पृष्ठ भूमि भी काफी सुदृढ़ हैं, वे सूरत की टॉप 10 व्यवसाहिक प्रतिष्ठानों में से एक शहर के प्रतिष्ठित ओद्योगिक समूह 'राजहंस ग्रुप' (देसाई-जैन ग्रुप) के साझेदार श्री शिवलाल जी पोखरणा के सगे भाई हैं, ये उल्लेखनीय हैं कि राजहंस ग्रुप शहर में जाना-माना बिल्डर समूह हे तथा डूमस रोड व अडाजन आदि विस्तारों में उनके मल्टीप्लेक्स हॉल भी हैं, यह भी उल्लेखनीय हैं कि `स्मिटन' नाम से विश्व स्तर की चॉकलेट कम्पनी जो केडबरी जैसे प्रॉडक्ट को टक्कर देने का सामर्थ्य रखती है,भी इसी 'राजहंस समूह' की हैं, श्री सुरेश पोखरणा के अनुसार बाबा रामदेव के पतंजलि प्रॉडक्ट के तहत एनर्जी बॉर जैसा उत्पाद भी इसी राजहंस समूह की स्मिटन चॉकलेट कम्पनी में निर्मित होता हैं। श्री पोखरणा जैन आचार्य एंव प्रबुद्ध वक्ता श्री विमलसागर जी के श्रद्धावान श्रावक हे, यह भी उल्लेखनीय हैं कि प्रसिद्धि से सदैव दुरी रखने वाले पोखरणा फेसबुक पर कुछ माह पूर्व ही जुड़े हैं और वो भी समाजसेवी श्री दिनेश जी बोल्या की प्रेरणा से, Suresh Pokhrna के नाम से फेसबुक पर सर्च करते ही उनकी वॉल पर सेवा कार्यों के बोलते सेकड़ों चित्र नजर आएंगे, पोखरणा के सेवा कार्यों की 32 रिकॉर्डेड वीडियो क्लिपिंग उपलब्ध है, ऐसे सेवा भावी व्यक्तित्व के धनी श्री सुरेश जी पोखरणा की परोपकारी वृति को ह्रदय की अंतरंगता से नमन....
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गणपत भंसाली
Jasolwala@gmail.com
9426119871
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