जोधपुर -नोटबंदीके बाद आरबीआई की ओर से जारी गाइड लाइन के अनुसार सप्ताह में एकबार 24 हजार रुपए विड्राल करने की व्यवस्था की थी, मगर बागोड़ा एसबीबीजे ब्रांच के असिस्टेंट मैनेजर धन्नाराम ने दूसरी ही व्यवस्था कर रखी थी कि जिसे भी 24 हजार रुपए चाहिए उसे पांच सौ से एक हजार रुपए तक की रिश्वत देनी होगी। मजबूरी में लोगों ने रिश्वत देकर जरूरत का पैसा निकाला। मगर एक व्यक्ति ने इसकी शिकायत सीबीआई से कर दी जिसपर सीबीआई ने असिस्टेंट मैनेजर को पांच सौ रुपए की रिश्वत लेते रंगे-हाथ गिरफ्तार कर गुरुवार को उसे कोर्ट में पेश करने के साथ एक दिन का रिमांड भी लिया है। विड्राल को लेकर किसी बैंक कर्मचारी की ओर से रिश्वत लेने का ऐसा पहला मामला सामने आया हैं।
सीबीआई ने बताया कि जोधपुर ब्रांच को जालोर जिले के सायला निवासी हरिसिंह ने बुधवार को शिकायत कर बताया कि जालोर के बागोड़ा गांव स्थित एसबीबीजे की ब्रांच में उसका खाता है। उसे पैसों की जरूरत होने पर वह बैंक गया, मगर पैसा नहीं मिला। दो-तीन दिन तक चक्कर लगाए तो दूसरे लोगों से पता चला कि असिस्टेंट मैनेजर धन्नाराम पांच सौ से एक हजार रुपए लेकर 24000 रुपए तक देता है। तब वह असिस्टेंट मैनेजर से मिला तो उसने कहा बैंक के पास कैश नहीं है इसलिए उसे 24 हजार रुपए नहीं मिल सकते। इसपर हरिसिंह ने इमरजेंसी बताई तो असिस्टेंट मैनेजर ने कहा 500 रुपए दोगे तो वह 24 हजार रुपए दिलवा देगा। इसके बाद हरिसिंह ने सीबीआई को फोन किया तो बुधवार को उसकी शिकायत का सत्यापन कराया। सत्यापन के समय भी असिस्टेंट मैनेजर ने रिश्वत मांगी तो सीबीआई ने शाम के समय हरिसिंह को विड्राल के लिए भेजा और रिश्वत लेते असिस्टेंट मैनेजर को गिरफ्तार कर ब्यूरो की टीम उसे जोधपुर लेकर आए और कोर्ट में पेश कर एक दिन का रिमांड लिया है।
खातेफ्रीज करने का कह कर भी करता था वसूली : सीबीआईके पास ऐसी भी कई शिकायतें आई जिनमें ग्रामीण क्षेत्रों की ब्रांचों में लोगों को उनके खाते फ्रीज होने का बता पैसा वसूला जा रहा है। यह उन लोगों के साथ हो रहा है जिन्होंने अपने खातों में 50 हजार रुपए से ऊपर के पुराने नोट जमा कराए हैं। ऐसे लोग जब 24 हजार रुपए निकालने जाते हैं तो उन्हें कहा जाता है कि आरबीआई के निर्देश से उनके खाते होल्ड यानि फ्रीज किए हुए हैं इसलिए विड्राल नहीं कर सकते। फिर रिश्वत लेकर उनका विड्राल करवा रहे हैं, ब्यूरो ऐसी ब्रांचों की भी जांच कर रही है।
सीबीआई ने बताया कि जोधपुर ब्रांच को जालोर जिले के सायला निवासी हरिसिंह ने बुधवार को शिकायत कर बताया कि जालोर के बागोड़ा गांव स्थित एसबीबीजे की ब्रांच में उसका खाता है। उसे पैसों की जरूरत होने पर वह बैंक गया, मगर पैसा नहीं मिला। दो-तीन दिन तक चक्कर लगाए तो दूसरे लोगों से पता चला कि असिस्टेंट मैनेजर धन्नाराम पांच सौ से एक हजार रुपए लेकर 24000 रुपए तक देता है। तब वह असिस्टेंट मैनेजर से मिला तो उसने कहा बैंक के पास कैश नहीं है इसलिए उसे 24 हजार रुपए नहीं मिल सकते। इसपर हरिसिंह ने इमरजेंसी बताई तो असिस्टेंट मैनेजर ने कहा 500 रुपए दोगे तो वह 24 हजार रुपए दिलवा देगा। इसके बाद हरिसिंह ने सीबीआई को फोन किया तो बुधवार को उसकी शिकायत का सत्यापन कराया। सत्यापन के समय भी असिस्टेंट मैनेजर ने रिश्वत मांगी तो सीबीआई ने शाम के समय हरिसिंह को विड्राल के लिए भेजा और रिश्वत लेते असिस्टेंट मैनेजर को गिरफ्तार कर ब्यूरो की टीम उसे जोधपुर लेकर आए और कोर्ट में पेश कर एक दिन का रिमांड लिया है।
खातेफ्रीज करने का कह कर भी करता था वसूली : सीबीआईके पास ऐसी भी कई शिकायतें आई जिनमें ग्रामीण क्षेत्रों की ब्रांचों में लोगों को उनके खाते फ्रीज होने का बता पैसा वसूला जा रहा है। यह उन लोगों के साथ हो रहा है जिन्होंने अपने खातों में 50 हजार रुपए से ऊपर के पुराने नोट जमा कराए हैं। ऐसे लोग जब 24 हजार रुपए निकालने जाते हैं तो उन्हें कहा जाता है कि आरबीआई के निर्देश से उनके खाते होल्ड यानि फ्रीज किए हुए हैं इसलिए विड्राल नहीं कर सकते। फिर रिश्वत लेकर उनका विड्राल करवा रहे हैं, ब्यूरो ऐसी ब्रांचों की भी जांच कर रही है।
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