राजस्थान के कुख्यात गैंगस्टर आनंदपाल की फरार मामले में गुरुवार को एक और चौंकाने वाला खुलासा हुआ. एसओजी को आनन्दपाल के खास गुर्गे श्रीवल्लभ से पूछताछ के दौरान अहम जानकारी मिली है. श्रीवल्लभ को नागौर पुलिस ने मंगलवार को गिरफ्तार किया था. जिसे बुधवार को एसओजी जयपुर ले आई थी. श्रीवल्लभ के मुताबिक कमांडो शक्ति सिंह को एक करोड़ रुपए का लालच दिया गया था.उल्लेखनीय है कि राजस्थान की पुलिस के लिए सिरदर्द व खौफ का प्रर्याय बन चुके गैंगस्टर आनंदपाल की कहानी किसी थ्रिलर फिल्म की कहानी से कम नहीं है. खुद आनंदपाल भी जिदंगी को गैंगेस्टरों पर बनी फिल्मों की तरह जीता है. आनंदपाल की जिदंगी के कुछ अनछुए पहलुओं का खुलासा हुआ है.
थ्रिलर फिल्म से कम नहीं गैंगस्टर आनंदपाल की कहानी, पढ़ें मां की जुबानी
- आनंदपाल की मां निर्मल कंवर व पिता स्वर्गीय हुकम सिंह चाहते थे कि आनंदपाल भी हुकम सिंह की तरह फौजी बने, लेकिन वह गैंगेस्टर बन गया. आनंदपाल के सामने कुछ ऐसे हालात आए कि उनके आगे किसी का इस पर बस नहीं चला. आनंदपाल के इन सब हालातों के पीछे लाडनूं की स्थानीय प्रधान चुनाव की राजनीति को माना जा रहा है. वर्षों पहले लाडनूं की स्थानीय राजनीति में कूदते ही आनंदपाल के खिलाफ मुकदमें हुए और धीरे-धीरे संख्या बढ़ती गई. डीडवाना के जीवन गोदरा हत्याकांड के बाद आनंदपाल चर्चा में आया और धीरे-धीरे गुर्गों की संख्या बढ़ाकर कुख्यात गैंगेस्टर बन गया.
- जीवन गोदारा हत्याकांड की फरारी के दौरान फागी के फार्म हाऊस पर जब उसने सरेंडर किया तो एके-47 व बुलेटप्रूफ जैकेट सहित हथियारों का असला मिलने से एसओजी भी सकते में आ गई थी, लेकिन तब तक आनंदपाल बहुत ताकतवर हो गया था.
- आनंदपाल की मां ने बताया कि आनंदपाल ने बीएड की. बीएड करने के बाद उसने सीमेंट की दुकान डाली. इसके बाद लोगों के कहने पर उसने चुनाव लड़ा और चुनाव जीत गया. पंचायत समिति सदस्य के चुनाव में जीतने के बाद प्रधान के चुनाव में खड़ा हुआ. यही से रंजिश का दौर शुरू हो गया और उसके खिलाफ हत्या का मामला दर्ज हुआ. आनंदपाल की मां कहती है कि छोटे बेटे विक्की और मंजीत को इससे कोई लेना देना नहीं, फिर भी मुकदमों में फंसा दिया. कमाने वाले हुए तभी से तीनों जेल में हैं.
- आनंदपाल की मां निर्मल कंवर सहित परिवार ने आनंदपाल को अंतिम बार पिता हुकम सिंह के अंतिम संस्कार के दौरान दूर से देखा. पास में बैठकर बातें करते और घर में परिवार के सदस्यों के साथ उसे देखे हुए कई वर्ष बीत चुके हैं. लाडनूं स्थित आनंदपाल के घर में आनंदपाल की मां निर्मल कंवर के अलावा उसकी दादी सोहन कंवर, अजमेर जेल में बंद मन्जले भाई मंजीत सिंह की पत्नी रहती है. आनंदपाल की बुढ़ी दादी की आंखें भी अपने तीनों पौती को देखने के लिए तरस रही हैं, लेकिन आनंदपाल व रूपेंद्र पाल उर्फ विक्की फरारी काट रहे हैं, वहीं मंजीत सिंह अजमेर जेल में बंद हैं.
- आंनदपाल की मां निर्मल कंवर भी चाहती है कि आनंदपाल सरेंडर कर दे. आनंदपाल की मां ने ईटीवी को बताया कि वह जानती हैं कि आनंदपाल का यह रास्ता सही नहीं है. उसे अच्छे से पता है. वह भी चाहती है कि या तो वह सरेंडर कर दे या पुलिस उसे पकड़ ले. अब क्या पता वह कहां रहता होगा. एक मां के नजरिए से आनंदपाल की मां ने कहा कि उसे हर वक्त फरार चल रहे आनंदपाल व विक्की की चिंता सताती रहती है. कई वर्ष हो गए परिवार को एक साथ देखे हुए.
- आनंदपाल के सांवराद गांव में खेती की काफी जमीन है, लेकिन अब खेती नहीं होती. आनंदपाल की मां ने बताया कि एक समय घर में भैंस और गायें रखते थे. उनके पास दर्जनों पशु थे और खेती करते थे, लेकिन अब आए दिन पुलिस आती है. खेत में काम करते तो भी पुलिस आ जाती है. इसके चलते मजदूर भी खेतों में आना बंद हो गए.
- आनंदपाल के बारे में जानकारी मिली है कि उसने गांव सावंराद व लाडनूं में कभी किसी से कोई लड़ाई नहीं की और न ही कभी उसका ऐसा व्यवहार देखा गया. मां, दादी सहित परिवार ने भी कभी आनंदपाल को किसी से बात करते वक्त अभद्र शब्दों का इस्तेमाल करते भी नहीं देखा.
- आनंदपाल की मां निर्मल कंवर, दादी व मन्जले भाई मंजीत की पत्नी लाडनूं स्थित आविका (घर का नाम) में रहती है. यहां के हालात बेहद सामान्य हैं. देखने और आसपास के माहौल से भी नहीं लगता कि यह घर प्रदेश के कुख्यात गैंगेस्टर आनंदपाल का है, लेकिन इस घर पर पुलिस की बराबर नजर रहती है. सूत्रों ने बताया कि आनंदपाल के विश्वासपात्र लोग भी आसपास के एरिए में पूरा ध्यान रखते हैं. आनंदपाल के जीवन के बारे में बताते-बताते उसकी दादी सोहन कंवर की आंखों से आंसू निकल आए. दादी ने कहा कि अब कुछ नहीं बचा बस मौत नहीं आती.

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