Saturday, 22 October 2016

अंगदान से तीन को मिला नया जीवन

मानवता की मिशाल कायम करते हुए अंगदान

सूरत- मोटा वराछा निवासी एक महिला को ब्रेन डेड घोषित किए जाने के बाद उसके अंगदान से तीन जनों को नया जीवन मिला है। जयपुर तथा गुजरात के वेरावल निवासी दो जनों में किडनी तथा डाकोर निवासी एक महिला में लीवर ट्रांसप्लांट किया गया।

मोटा वराछा में विश्वनाथ सोसायटी निवासी जयंती जीवराज बाबरिया (51) 14 अक्टूबर को पत्नी रेखा जयंती बाबरिया (42) के साथ दोस्त से मिलने गए थे। घर लौटते समय रात 11.20 बजे रेखा बेहोश हो गई। उसे महावीर अस्पताल में डॉ. मनोज सत्यवाणी की निगरानी में भर्ती कराया गया। सीटी स्कैन में दिमाग में रक्त की गांठ की पुष्टि हुई। चिकित्सकों ने 16 अक्टूबर को क्रेन्योटोमी कर दिमाग से रक्त की गांठ दूर की। 19 अक्टूबर को न्यूरो सर्जन डॉ. अशोक पटेल, न्यूरो फिजिशियन डॉ. मनोज सत्यवाणी ने रेखा को ब्रेन डेड घोषित कर दिया। सूचना मिलने पर डोनेट लाइफ के प्रमुख नीलेश मांडलेवाला अस्पताल पहुंचे और रेखा के परिजनों को अंगदान के बारे में जानकारी दी।

परिजनों से सहमति मिलने के बाद मांडलेवाला ने आईकेडीआरसी के ट्रांसप्लांट कोर्डिनेटर प्रिया शाह और डॉ. प्रांजल मोदी से सम्पर्क किया। डॉ. विकास पटेल की टीम सूरत आई और दो किडनी तथा लीवर का दान स्वीकार किया, जबकि चक्षुओं का दान लोकदृष्टि चक्षुबैंक के डॉ. प्रफ्फुल शिरोया ने स्वीकार किया। एक किडनी राजस्थान के जयपुर निवासी इन्द्रकुमार रामपाल।  ....... आगे पढ़े   

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