सूरत- शांति के लिए पहचाने जाने वाले सूरत की पुलिस को पिछले कुछ दिनों में तीन बार निशाना बनाकर हमला किया जा चुका है। इसके पीछे सोची-समझी साजिश नजर आ रही है। सूरत में धार्मिक भावना भड़काने वाला वीडियो वायरल होने के बाद पहली बार लिम्बायत पुलिस को निशाना बनाया गया था। इस मामले में आरोपियों को पुलिस ने पकड़ लिया था। इसके बावजूद शहर के अलग-अलग इलाकों से असामाजिक तत्वों ने जाकर पुलिस थाने पर हमला बोल दिया, जिसमें कई पुलिसवाले घायल हुए थे। लिम्बायत पुलिस ने थाने पर हमला करने वाले सैकड़ों दंगाइयों के खिलाफ मामला तो दर्ज किया, लेकिन उन्हें गिरफ्तार करने की हिम्मत नहीं जुटा पाई।
पुलिस ने महज 10 लोगों को गिरफ्तार कर खानापूर्ति कर ली। इसी तरह सूरत के उमरा पुलिस थाने का भी घेराव किया गया था। व्हाटसऐप पर आए फॉरवर्ड मैसेज को दूसरे ग्रुप में भेजने वाले युवक की गिरफ्तारी भी पुलिस ने कर ली थी, लेकिन फिर भी हजारों लोगों ने पुलिस को निशाना बनाने का प्रयास किया था, लेकिन वो सफल नहीं हो पाए थे।
इसी तरह बुधवार की रात तीसरी बार शहर के सलाबतपुरा पुलिस थाने को हजारों की भीड़ ने निशाने पर लिया। यहां यह बात फैलाई गई कि एक ज्योतिष ने एक लड़के की बलि चढ़ाने के लिए अपहरण किया है। पुलिस ने फौरन ही इस मामले में ज्योतिष को हिरासत में ले लिया था। पूछताछ में पता चला कि ऐसा कोई मामला था ही नहीं लेकिन, ज्योतिष के बहाने हजारों लोगों की भीड़ ने सलाबतपुरा थाने का घेराव कर पथराव किया। इस पथराव में कई पुलिस वाले घायल हुए हैं।
अब सवाल ये उठता है ........

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