राजग सरकार के पहले साल 2014-15 में राष्ट्रीय राजमार्गो के निर्माण की धीमी रफ्तार की हकीकत को झुठला नहीं सके।
नई दिल्ली- सड़क मंत्रालय के अफसरों ने दस साल में एक लाख किलोमीटर प्रादेशिक राजमार्गो को राष्ट्रीय राजमार्ग का दर्जा देकर सड़क निर्माण का वर्ल्ड रिकार्ड बनाने का मंसूबा बांधा है। इसके बावजूद वे राजग सरकार के पहले साल 2014-15 में राष्ट्रीय राजमार्गो के निर्माण की धीमी रफ्तार की हकीकत को झुठला नहीं सके। सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने 2014 में कार्य भार संभालने के साथ ही दो साल में रोजाना 30 किलोमीटर सड़कें बनाने (एक साल में 15 किमी रोजाना) का लक्ष्य रखा था। ताकि संप्रग सरकार के समय में नीचे आ गई सड़क निर्माण की रफ्तार को तेज किया जा सके। अफसर जानते थे कि यह असंभव है। लिहाजा उन्होंने प्रादेशिक राजमार्गो (एसएच) को राष्ट्रीय राजमार्ग (एनएच) में तब्दील करने का आसान नुस्खा सुझा दिया। फिर क्या था, देखते-देखते न केवल लक्ष्य प्राप्त कर लिए गए बल्कि उन्हें आंकड़ों के रूप में सरकारी फाइलों में सजा भी दिया गया?
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