कर्नाटक- गुरुवार सुबह भाजपा के मुख्यमंत्री के उम्मीदवार बीएस येद्दयुरप्पा ने तीसरी बार सीएम पद की शपथ ली। भाजपा की इस जीत से बौखलाई कांग्रेस ने कर्नाटक विधानसभा के बाहर महात्मा गांधी की मूर्ति के आगे धरना-प्रदर्शन किया। कांग्रेस पार्टी के वरिष्ठ नेता अशोक गहलोत, गुलाम नबी आजाद, कर्नाटक के पूर्व मुख्यमंत्री सिद्दरमैया, लोकसभा में नेता विपक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे धरने में शामिल हैं। कांग्रेस ने कहा जिस तरह से आनन-फानन में येद्दयुरप्पा को मुख्यमंत्री पद की शपथ दिलाई गई है, यह सरासर संविधान की हत्या है। गौरतलब है कि कांग्रेस-जेडीएस राज्य में सरकार बनाने का दावा कर रही थी। कांग्रेस का अारोप है कि कुमारस्वामी ने कांग्रेस विधायकों के समर्थन से 222 सदस्यों की विधानसभा मे 116 विधायकों का समर्थन पेश किया था, इसके बावजूद राज्यपाल ने उन्हें सरकार गठन के लिए न्योता नहीं दिया। उन्होंने कहा कि 104 विधायकों वाली भाजपा को सरकार बनाने के लिए निमंत्रण दे दिया। इस बाबत कांग्रेस ने गोवा के मामले का उदाहरण दिया।
कांग्रेस ने बीएस येद्दयुरप्पा को बहुमत साबित करने के लिए 15 दिन का समय दिए जाने पर भी आपत्ति जताई और सवाल उठाए। पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस नेता सिद्दरमैया ने कहा, सरकार बनाने का मामला कोर्ट में विचाराधीन है। हम लोगों के पास जाएंगे और उन्हें बताएंगे कि भाजपा ने कैसे संविधान के खिलाफ काम किया है। उधर, कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने ट्वीट कर कहा है कि बहुमत न होने के बाद भी भाजपा की सरकार बनना संविधान का मजाक उड़ाना है। आज सुबह जब भाजपा अपनी खोखली जीत का जश्न मना रही होगी तो भारत लोकतंत्र की हार का शोक मनाएगा।
कांग्रेस ने बीएस येद्दयुरप्पा को बहुमत साबित करने के लिए 15 दिन का समय दिए जाने पर भी आपत्ति जताई और सवाल उठाए। पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस नेता सिद्दरमैया ने कहा, सरकार बनाने का मामला कोर्ट में विचाराधीन है। हम लोगों के पास जाएंगे और उन्हें बताएंगे कि भाजपा ने कैसे संविधान के खिलाफ काम किया है। उधर, कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने ट्वीट कर कहा है कि बहुमत न होने के बाद भी भाजपा की सरकार बनना संविधान का मजाक उड़ाना है। आज सुबह जब भाजपा अपनी खोखली जीत का जश्न मना रही होगी तो भारत लोकतंत्र की हार का शोक मनाएगा।

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