Monday, 5 March 2018

अंश प्रकाश की याचिका पर दिल्ली हाईकोर्ट ने LG-केजरीवाल सरकार को दिया नोटिस

नई दिल्ली । दिल्ली सरकार में मुख्य सचिव अंशु प्रकाश की एक याचिका पर सुनवाई के लिए दिल्ली हाईकोर्ट ने सोमवार को मंजूरी दे दी है। यह याचिका दिल्ली विधानसभा की विशेषाधिकार समिति की बैठक में कथित रूप से भाग नहीं लेने के कारण जारी नोटिस के खिलाफ दी गई थी। मामला सुनवाई के लिए कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश गीता मित्तल और न्यायमूर्ति सी. हरी शंकर की पीठ के समक्ष आया था। उन्होंने निर्देश दिया कि मामले को आज ही सुनवाई के लिए उचित पीठ के समक्ष सूचीबद्ध किया जाए। अब इस मामले में दिल्ली हाईकोर्ट ने उपराज्यपाल, दिल्ली सरकार और विधानसभा की प्रश्न एवं संदर्भ समिति और प्रिवलेज कमेटी को नोटिस जारी कर अंशु प्रकाश की याचिका पर दो सप्ताह की भीतर अपना पक्ष रखने लिए कहा है। इस मामले में अगली सुनवाई 12 अप्रैल को होगी।
कोर्ट ने सोमवार को सुनवाई के दौरान विधानसभा की प्रश्न एवं संदर्भ समिति और प्रिवलेज कमेटी को भी जमकर फटकार लगाई है। हाई कोर्ट ने कहा कि कितनी बार ऐसी कमेटी ने मुख्य सचिव को बुलाया है? आप अपने मुख्य सचिव का ही सम्मान नहीं करते?
सुनवाई में मुख्य सचिव की ओर से पेश हुए वकील विवेक चिब ने नोटिस रद करने का अनुरोध करते हुए कहा कि प्रकाश को जांच के लिए विशेषाधिकार समिति के समक्ष पेश होने को कहा गया था, लेकिन उन्हें ना तो शिकायत की प्रति दी गई और ना ही उस पर जवाब देने का अवसर दिया गया।
बता दें कि दिल्ली विधानसभा की प्रश्न एवं संदर्भ समिति के अध्यक्ष सौरभ भारद्वाज ने आरोप लगाया है कि दिल्ली नागरिक सहकारी बैंक लिमिटेड में हुए कथित 100 करोड़ रुपये के घोटाले में बचने के लिए मुख्य सचिव अंशु प्रकाश झूठ का सहारा ले रहे हैं।

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