Monday, 17 October 2016

4 साल के भतीजे ने जब दी शहीद को मुखाग्नि तो फफक पड़ा पूरा गांव,यूं हुई अंतिम विदाई

दौसा- श्रीनगर में आतंकी हमले के दौरान शहीद हुए घनश्याम गुर्जर की अंत्येष्टि रविवार को उनके पैतृक गांव खवारावजी में की गई। शहीद को अंतिम विदाई देने के लिए जन सैलाब उमड़ पड़ा। सेना के अधिकारियों, जवानों और जनप्रतिनिधियों के अलावा बड़ी संख्या में लोगों ने शहीद को नम आंखों से विदाई दी।
नन्हे-मुन्ने भतीजे ने दी शहीद को मुखाग्नि… सुबह 11:30 बजे ढाणी नई कोठी में शहीद का शव तिरंगे में लिपटा हुआ सेना के फूल मालाओं से लदे ट्रक से लाया गया तो वहां मौजूद सैकड़ों गांवों के लोगों के ये नारे…. घनश्याम तेरा यह बलिदान कभी न भूले हिंदुस्तान, जब तक सूरज चांद रहेगा घनश्याम तेरा नाम रहेगा.. गूंजने लगे। शव देखते ही दादी सुशीला देवी, मां जानकी देवी सहित पूरे परिवार के सदस्य होश खो बैठे, लेकिन सेना के अधिकारियों ने परिजनों को देश के लिए शहीद सपूत के लिए गर्व होने की बात कही। अंत्येष्टि से पूर्व शहीद का शव घर के आगे नीम के पेड़ के नीचे एक तख्ते पर रखा गया। अंत्येष्टि स्थल पर सशस्त्र सीमा सुरक्षा बल के 26 जवानों ने तीन बार फायर कर शहीद को सलामी दी। इससे पूर्व सेना के बैंड ने मातमी धुन बजाई। सीमा सुरक्षा बल के डीआईजी प्रदीप गुप्ता व डिप्टी कमांडेंट अनिल शर्मा, खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री हेमसिंह भड़ाना, कलेक्टर अशफाक हुसैन, एसपी योगेश यादव ने पुष्प चक्र अर्पित किए। कर्नल किरोड़ी सिंह बैसला, बांदीकुई विधायक अलका सिंह, पूर्व संसदीय सचिव ममता भूपेश, पूर्व मंत्री गोलमा देवी, कांग्रेस प्रदेश सचिव जीआर खटाणा, पूर्व मंत्री रामकिशोर मीणा, गुर्जर आरक्षण समिति के प्रदेश प्रवक्ता हिम्मत सिंह पाड़ली, प्रधान डी.सी. बैरवा ने पुष्प अर्पित किए।
भतीजे ने दी मुखाग्नि-  ....... 

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