Thursday, 7 December 2017

आपने मुझे नीच कहा; मेरी जाति कोई हो, संस्कार ऊंचे हैं मणिशंकर अय्यर को नरेंद्र मोदी का जवाब

आज पहले फेज का चुनाव प्रचार आज खत्म हुआ 18 को नतीजे आएंगे
सूरत. कांग्रेस नेता मणिशंकर अय्यर ने गुरुवार को नरेंद्र मोदी के बारे में विवादास्पद बयान दिया। उन्होंने कहा कि वे नीच किस्म के हैं। अय्यर का यह बयान सामने आने के कुछ ही देर बाद गुजरात के सूरत के लिंबायत में मोदी ने रैली की। उन्होंने कहा, ‘‘श्रीमान मणिशंकर अय्यर ने आज कहा कि मोदी नीच है। मोदी नीच जाति का है। क्या यही भारत की महान परंपरा है? ये गुजरात का अपमान है। मुझे तो मौत का सौदागर तक कहा जा चुका है। गुजरात की संतानें इस तरह की भाषा का तब जवाब दे देगी, जब चुनाव के दौरान कमल का बटन दबेगा। मुझे भले ही नीच कहा है। लेकिन आप लोग अपनी गरिमा मत छोड़िएगा।’’ बता दें कि अय्यर के बयान से कॉन्ट्रोवर्सी तब खड़ी हुई है जब गुजरात में 9 नवंबर को पहले फेज की 89 सीटों पर वोटिंग होनी है।
1) मणिशंकर अय्यर ने क्या कहा था?
 2014 के लोकसभा चुनाव से पहले नरेंद्र मोदी को कांग्रेस अधिवेशन में आकर चाय बेचने का न्योता देने वाले अय्यर ने गुरुवार को फिर एक विवादास्पद बयान दिया। उन्होंने कहा, ‘‘जो अंबेडकर जी की सबसे बड़ी ख्वाहिश थी, उसे साकार करने में एक व्यक्ति सबसे बड़ा योगदान था, उनका नाम था जवाहरलाल नेहरू। अब इस परिवार के बारे में ऐसी गंदी बातें करें, वो भी ऐसे मौके पर जब अंबेडकर जी की याद में बहुत बड़ी इमारत का उद्घाटन किया गया। मुझे लगता है कि ये आदमी बहुत … किस्म का है, इसमें कोई सभ्यता नहीं है। ऐसे मौके पर इस प्रकार की गंदी राजनीति की क्या आवश्यकता है।”
2) मोदी ने अय्यर को क्या जवाब दिया?
 चुनावी रैली में मोदी ने कहा, ‘‘एक नेता हैं। बड़ी-बड़ी यूनिवर्सिटी से उन्हाेंने डिग्री ली है। वे भारत के राजदूत रहे हैं। फॉरेन सर्विस के बड़े अफसर रहे हैं। मनमोहन सरकार में वे जवाबदार मंत्री थे। उन्होंने आज एक बात कही। श्रीमान मणिशंकर अय्यर ने कहा कि मोदी नीच जाति का है। मोदी नीच है। …भाइयो-बहनो! ये अपमान गुजरात का है। ये भारत की महान परंपरा है?’’
 ”क्या ये जातिवाद नहीं है? क्या ये हमारे देश के दलितों का अपमान नहीं है? क्या ये मुगलों की मानसिकता नहीं है, क्या ये सामंतवादी मानसिकता नहीं है? क्या उन्होंने मुझे नीच नहीं कहा? लेकिन, हमारे संस्कार इस तरह की भाषा की इजाजत नहीं देते। आप इसका जवाब वोटिंग मशीन से दीजिए। बताइए उन्हें कि नीच कहने का क्या मतलब होता है? क्या आप देश के किसी नागरिक को नीच कह सकते हैं? कांग्रेस के महारथियो! आप मुझे भले ही नीच जाति और नीच कहते हों। लेकिन, मैं सबकी सेवा के लिए यहां आया हूं। यही काम गांधी जी ने किया था।”
 तुम्हारी बात-तुम्हें मुबारक, मुझे नीच कहने का साहस दिखाया। लेकिन, मैं काम इस देश के लिए और ऊंचे करता हूं और साफ करता हूं। आप जिन्हें नीच कहते हैं , वो आपको कुछ सबक तो सिखा चुके हैं अब आगे और सिखाएंगे। तैयार हो जाइए।
गुजरात आगे निकल गया तो लोगों को हजम नहीं हो रहा— रैली में मोदी ने कहा कि देश में गुजरात के विकास की चर्चा हमेशा से होती रही है। पहले लोग कहते थे कि गुजरात पीछे है, अब जब वो बाकी राज्यों से आगे निकल गया है तो लोगों को हजम नहीं हो रहा।  ”गुजरात में ओखी तूफान का हल्ला था, लेकिन आया तो नहीं। यहां जो सपने देख रहे हैं वो भी नहीं आएंगे। मैं गुजरात का सीएम था तो लोग कई तरह के इल्जाम लगाते थे। पहले गुजरात ने भरोसा किया अब देश कर रहा है। उन्होंने तो सरदार पटेल की धरती का भी सम्मान नहीं किया।”  ”हमारा ट्रैक रिकॉर्ड रहा है कि हमने विकास को सामने लाकर दिखाया है। ये बीजेपी की कुशलता और ईमानदारी का प्रतीक है। हम 10 हजार करोड़ से एक लाख करोड़ के बजट तक राज्य को ले आए हैं। ये तो आठवीं का बच्चा भी समझता है। फिर तो सवा सौ करोड़ भारतीयों की बात हो रही है। गुजरात और देश ही मेरा मालिक है।’

 गुजरात पूरे देश के लिए विकास का पैमाना है– मोदी ने आगे कहा, ”आज गुजरात पूरे देश के लिए विकास का एक पैमाना है। उन्हें स्वीकार करना चाहिए कि उनके राज में क्या हालात थे? साढ़े आठ हजार करोड़ रेवेन्यू आता था आज एक लाख पांच हजार करोड़ आता है। पहले सूरत क्या था? आज ये हीरे और सिल्क उद्योग की वजह चमक रहा है। ये विकास है।”
”पहले गर्मी में लाइट नहीं आती थी। कारोबारियों को भी नहीं मिलती थी। लोकल भाषा में लंगड़ी बिजली कहा जाने लगा था। आज 24 घंटे बिजली आती है। हर गांव में बिजली आती है। हमने सवा लाख ट्रांसफार्मर लगाए और सब स्टेशन बनाए।”
– ”आज सूरत का एयरपोर्ट है। हमने इसके लिए कितनी लड़ाई लड़ी। कांग्रेस इसमें रोढ़े अटकाती थी। अब यहां के लोगों को इंटरनेशनल एयरपोर्ट चाहिए। बताइए चाहिए की नहीं? कौन कर सकता है ये काम? आज हम सूरत में दुनिया का बेहतरीन रेलवे स्टेशन बना रहे हैं।”
– ”हमारा लक्ष्य देश के सामान्य आदमी को मदद देना है उसका विकास करना है। एक परिवार ने देश में 50 साल राज किया। लेकिन, उसने एविएशन पॉलिसी नहीं बनाई। ये काम हमने कर दिखाया।”

मैं पीएम बना तो गरीबों का लगा कि अब मदद मिलेगी– ”हर आदमी का सपना एक घर होता है। कांग्रेस के राज में ये नहीं हो पाया। हमने नोटबंदी के बाद कहा कि हम देश के हर आदमी को छत देंगे। इसके लिए देश की किसी सरकार ने पहली बार योजना बनाई। एक गरीब पीएम बना तो लोगों को लगा कि मैं उनकी मदद करूंगा। विधवा और गरीब लोगों ने पेंशन के लिए मुझे खत लिखा। सात रुपए की पेंशन भी दी जाती थी।
– ”मैंने अफसरों को बुलाकर कहा कि सात रुपए तो रिक्शे वाला ही ले लेता है। हमने इसे एक हजार किया। हमारे रूपाणी जी ने इनके लिए 10 रुपए में भोजन की व्यवस्था की। एक रुपए में पेंशन की स्कीम लाए। हमारा हीरा और टेक्सटाइल कारोबार आज चमक रहा है। सूरत के हीरे के लिए रूस के प्रेसिडेंट पुतिन ने मदद का भरोसा दिलाया था।”
– ”कांग्रेस का काम करने का कल्चर क्या है? भाई-भतीजा, दामाद और रिश्तेदार यही दिखते हैं। कांग्रेस की सरकार चाहे राज्य में हो, केंद्र में हो या फिर नगर पालिका में। इनका काम लटकाना, भटकाना और अटकाना है। नर्मदा योजना को देख लीजिए। सरदार पटेल तो खुद नेहरू के पास इसके लिए गए थे। आज कच्छ से काठियावाड़ तक नर्मदा हिलोरे मार रही हैं। जीएसटी हम लाए तो इन्हें दिक्कत हो रही है।”


कई नेता कर चुके हैं लिंबायत में सभा- – इससे पहले नीलगिरी मैदान में गृहमंत्री राजनाथ सिंह और उत्तर प्रदेश के सीएम योगी आदित्यनाथ सभा कर चुके हैं।  चुनाव के दौरान मोदी तीसरी बार सूरत आ रहे हैं। इससे पहले मोदी ने 27 नवंबर को सूरत के कामरेज विधानसभा क्षेत्र के कडोदरा में सभा की थी। 3 दिसंबर को भी सूरत पहुंचे थे। यहां सर्किट हाउस में उन्होंने एक रात गुजारी थी।  5 दिसंबर को राजस्थान की मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे सिंधिया और योगी आदित्यनाथ की सभा भी होने वाली थी, लेकिन यह रद्द हो गई।

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