Monday, 27 November 2017

सूरत के व्यापारियो को लोलीपोप, कमेटी बनाकर दिल्ली आओ, निकालेंगे रास्ता -जेटली

सूरत.गुजरात विधानसभा चुनाव को लेकर रविवार को सूरत पहुंचे वित्तमंत्री अरुण जेटली ने सूरत के कपड़ा व्यापारियों से मुलाकात कर जीएसटी सहित कई मुद्दों पर बात की। सूरत के वीवर्स, ट्रेडर्स और प्रोसेसर्स इसमें शामिल रहे। इस मीटिंग में कपड़ा व्यापारियों ने खुलकर अपनी मांग अरुण जेटली के समक्ष रखा। अरुण जेटली ने सभी की बात सुनी। ज्ञात हो सूरत मे टेक्सटाइल व्यापारियो ने ताराचंद कासट के नेतृत्व मे जीएसटी के विरुद्ध एक बड़ा आंदोलन किया था उस समय सूरत के व्यापारी के प्रतिनिधि मण्डल को साफ शब्दो मे जीएसटी नही हटेगा बोलने के साथ सूरत व्यापारीयो की बात सही से नहीं सुनी थी ! 
ई-वे बिल, क्वार्टरली रिटर्न, इनपुट टैक्स क्रेडिट, ओपनिंग स्टॉक पर क्रेडिट सहित कई समस्या पर अरुण जेटली ने कहा कि देश भर में एक समान ई-वे बिल लागू करने और टेक्सटाइल की समस्याओं के निराकरण के लिए 4 लोगों की कमेटी बनाकर दिल्ली आने को कहा। उन्होंने कहा कि जीएसटी बाद टैक्स चुकाने वाले शहरों में सूरत का 53वां नंबर है। इन डाइरेक्ट 17 फीसदी टैक्स था, जिसमें राज्यों को स्टैंडर्ड एक्साइज 12.5 और वैट 14.4 फीसदी था। उल्लेखनीय है कि जीएसटी के खिलाफ चल रहे आंदोलन के दौरान जीएसटी हटाने की मांग को लेकर सूरत से जीएसटी संघर्ष समिति 17 जुलाई को अरुण जेटली से मिली थी। उस समय उन्होंने साफ कहा था कि जीएसटी नहीं हटेगा, सरलीकरण के मुद्दे हो तो बताइए। उस समय मनसुख मंडविया द्वारा दिए गए 13 मुद्दों पर चर्चा तो हुई थी।
फोस्टा : जीएसटी से व्यापारी अभी भी परेशान- फोस्टा प्रमुख मनोज अग्रवाल ने कहा, जीएसटी से पहले प्रतिदिन 4 करोड़ मीटर कपड़ा उत्पादन होता था, लेकिन अब घटकर 2.5 करोड़ मीटर हो गया है। समस्या जीएसटी नहीं पर जीएसटी की प्रक्रिया और कुछ नियमों से है। कुछ कठिनाइयों के कारण कारोबार कठिन होता जा रहा है। ट्रेडर की मुख्य मांग है कि सभी के लिए क्वार्टरली रिटर्न रखा जाए, आरसीएम को हमेशा के लिए मुक्त किया जाए ओर इ-वे बिल नेशनलाइज किया जाए।

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