Friday, 1 September 2017

50 घंटों में अलग-अलग तीन लोगों से बकाया वसूली को अपहरण, मारपीट-धमकी के बाद सभी को छोड़ा

      पुलिस की पेट्रोलिंग व कानून व्यवस्था पर उठ रहे हैं सवाल 
सूरत -(विद्रोही आवाज ) शहर में कानून व्यवस्था की हालत कितनी दुरुस्त है। इसका अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि शहर में 50 घंटे के अंदर तीन अलग-अलग जगहों से तीन लोगों के अपहरण की घटनाएं सामने आई हैं। तीनों का अपरण पैसे के लिए किया गया था। मारपीट कर धमकाने के बाद तीनों को छोड़ दिया।  वेडरोड पर सिंगणपोर चार रास्ता के पास वास्तुकला अपार्टमेंट निवासी 19 वर्षीय आकाश लक्ष्मण नावडिया, भगवान महावीर कॉलेज में सेकंड ईयर का छात्र है। साथ ही एसवीएनआईटी कॉलेज के पास स्थित एक रेस्टोरेंट में काम भी करता है। 28 अगस्त को वह रेस्टोरेंट के पास खड़ा था। तभी विपाल टेलर और भावेश नामक व्यक्ति उसे जबरन कार में उठा ले गए। भावेश रास्ते में उतर गया। विपाल कार से आकाश को नवसारी ले गया। वहां विपाल ने आकाश से 5 लाख रुपए मांगे। विपाल क्रिकेट पर सट्टा लगाता है और लोगों को खिलाता भी है। आकाश का दोस्त मोटा वराछा निवासी विकास रंगाडा ने आकाश की मदद से विपाल से सट्टे का अकाउंट खोला था। अप्रैल में आईपीएल मैच पर सट्टा खेलते वक्त विकास विपाल से 5 लाख रुपए हार गया। विकास रुपए नहीं दे रहा था। इसी के लिए विपाल ने आकाश का अपहरण कर लिया। नवसारी ले जाकर आकाश ने पिता लक्ष्मण भाई को फोन किया। लक्ष्मण भाई तब मध्यप्रदेश में नौकरी पर थे। उन्होंने वहां से आकाश के दोस्तों के अकाउंट में 10 हजार रुपए डाले। तब जाकर उसको छोड़ा।
1.90 लाख के लिए दोस्त को किया अगवा - लक्ष्मणनगर निवासी हितेन्द्र बोरड ने पार्टनर हितेश खिचड़िया, गौतम मायाणी, भावेश चारोडिया, काना भरवाड, संजय चारोडिया और हितेन जोगानी पर 1.90 लाख रुपए के लिए 30 अगस्त को अपहरण करने का अरोप लगाया है। हितेन्द्र ने सरथाणा पुलिस स्टेशन में मामला दर्ज कराया है। 
20 लाख के लिए व्यापारी का अपहरण - कामरेज निवासी चिराग नरसिंह वघासिया की है। हीरा व्यापार से जुड़े चिराग ने जीतू काछडिया और शंभू नागजी डोबरिया से 10-10 लाख रुपए के हीरे उधार में खरीदे थे। दोनों के पैसे उसने नहीं चुकाए थे। चिराग ने पुलिस को बताया कि 30 अगस्त की शाम 7 बजे नाना वराछा स्थित रुक्मणी सोसाइटी के पास वह खड़ा था तभी जीतू, शंभु तथा उसके दो साथियों ने चिराग को जबरन कार में बिठाकर भरूच की तरफ निकल गए। रास्ते में चिराग की पिटाई की, जिससे उसका हाथ फैक्चर हो गया। 

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