Sunday, 27 August 2017

लालू की रैली से RJD में तेजस्‍वी युग की शुरूआत, पार्टी को दिखी नई उम्‍मीद

भाजपा भगाओ रैली के माध्‍यम से राजद में तेजस्‍वी के नए युग का आरंभ हो रहा है। लालू प्रसाद भी तेजस्‍वी को स्‍थापित करने की कोशिश में हैं। 


पटना - पटना के गांधी मैदान में राजद की 'भाजपा भगाओ रैली' का भाजपा पर जो भी असर पड़े, इससे राजद में तेजस्‍वी युग के नए दौर का आरंभ होना तय माना जा रहा है। बिहार की राजनीति में तेजस्‍वी एक चेहरा बनकर उभरे हैं। राजद को उनमें भविष्‍य की उम्‍मीद दिख रही है। रैली स्‍थल पर उनके नारे व पोस्‍टर छाए हुए हैं।हालांकि, रैली की टाइमिंग को लेकर हमलावर विपक्ष का कहना है कि बिहार में अभी बाढ़ का दौर है, ऐसे में राजनीति ठीक नहीं।
बिहार में महागठबंधन में डिप्‍टी सीएम रहे लालू प्रसाद यादव के छोटे बेटे तेजस्‍वी यादव ने अपने छोटे से कार्यकाल में छाप छोड़ी। राजद के कद्दावर नेता व राष्‍ट्रीय उपाध्‍यक्ष रघुवंश प्रसाद सिंह सहित बड़े नेताओं ने समय-समय पर माना कि तेजस्‍वी में राजद का भविष्‍य छिपा है। लालू को भी उनमें राजनीतिक उत्‍तराधिकारी नजर आया।
लालू का मकसद,  तेजस्वी को स्‍थापित करना
लालू यादव चारा घोटाला में सजा के कारण तथा भ्रष्‍टाचार के कई अन्‍य मामलों में फंसने के कारण चुनाव नहीं लड़ सकते। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि उनका मकसद अपने बाद तेजस्‍वी को राजनीति में स्‍थापित कर देना है। लालू ने इसे ध्‍यान में रखकर हाल ही में 'जनादेश अपमान यात्रा' में तेजस्‍वी को पहले भेजा था। अब रैली में भीड़ को लेकर लालू यह भी कह रहे हैं कि तेजस्‍वी ही भीड़ को बुला रहा है।
राजद की रैली इस मायने में खास है कि लालू प्रसाद यादव अपनी सियासी ताकत का प्रदर्शन कर पूरे देश में भाजपा विरोधी पार्टियों को गोलबंद करने की कोशिश कर रहे हैं। इसके साथ ही तेजस्‍वी यादव भाजपा विरोधी चेहरे के रूप में सामने आते दिख रहे हैं। साथ ही पार्टी में उनकी स्‍वीकार्यता बढ़ेगी।
तेजस्‍वी में समर्थक देख रहे भविष्य- रैली में आने वाले समर्थक भी तेजस्‍वी में भविष्‍य का चेहरा देख रहे हैं। मधेपुरा से आए संजय यादव, पूर्वी चंपारण के सियाराम सिंह, अररिया के शमशाद आदि वैसे समर्थकों के प्रतिनिधि हैं, जो तेजस्‍वी में भविष्‍य का मुख्‍यमंत्री देख रहे हैं। अनेक समर्थकों के अनुसार लालू के बाद राजद का नेतृत्‍व तेजस्‍वी ही करने वाले हैं। 
बैनर-पोस्‍टर व नारों में छाए तेजस्वी - रैली की बात करें तो आज तेजस्‍वी को केंद्र में रख कर नारे लिखे दिख रहे हैं। मंच पर सबसे बड़ा कट-आउट तेजस्‍वी का ही है। रैली स्‍थल पर बस तेजस्‍वी ही छाए हुए हैं। कह सकते हैं कि राजद की इस रैली के साथ राजद में तेजस्‍वी के नए युग की शुरूआत होती दिख रही है

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