लोकमान्य सन्त शेरेराजस्थान वरिष्ठ प्रवर्तक पूज्य गुरुदेव रूपमुनिजी म सा रजत
उपप्रवर्तक सलाहकार मरुधरा भूषण
पूज्य गुरुदेव श्री सुकनमुनि जी म सा
तपस्वी रत्न ज्योतिषसम्राट श्री अमृतमुनिजी म सा
युवप्रज्ञ डॉ अमरेश मुनि जी म सा
आदि ठाणा 14 के पावन सान्निध्य में
आश्विन शुक्ला दशमी दिनांक 30 सितम्बर 2017 (विजय दशमी )
के पावन दिवस पर महावीर काम्प्लेक्स जोधपुर में वैरागी वरुण जैन , जैन भागवती दीक्षा अंगीकार करेंगे ।
वैरागी वरुण जैन निवासी सारण- सिरियारी श्रीमान वच्छराज जी पीतलिया व श्रीमती संतोषी देवी के सुपुत्र हैं । वैरागी भाई पिछले 7 वर्षों से गुरु सान्निध्य में रहकर जैन धर्म के गूढ़ सिद्धान्त रहस्य व जगत की नश्वरता को जानकर वैराग्य के पथ पर गुरु अमृत की प्रेरणा से बढ़े हैं । आपने अभी तक व्यावहारिक शिक्षा में बी ए , एम ए और भारतीय दर्शनों की तत्व मीमांसा का समीक्षात्मक अध्यनन विषय पर पीएचडी कर रहे हैं व जैन धर्म की शिक्षा में जैन सिद्धान्त आचार्य तक परीक्षा में उत्तीर्णता प्राप्त की है । आपकी योग्यता व संयम पथ पर चलने की दृढ़ निश्चयता को देखते हुए पूज्य गुरुदेव श्री रूपमुनिजी म सा ने दिनांक 6 अगस्त 2017 को गुरुद्वय जन्म जयंती महोत्सव के पावन अवसर पर भरी सभा में मुमुक्षु वरुण जैन की दीक्षा की घोषणा की है , इस मौके पर मुमुक्षु वरुण जैन ने हर्षाभिव्यक्त करते हुए सभी गुरुभक्तों को दीक्षा महोत्सव में पधारने की भाव भरी विनंती की , इस पावन अवसर पर हिंदुस्तान के कई क्षेत्रों के गुरुभक्त उपस्थित थे ।
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