श्री नाकोडा पार्श्वनाथ तीर्थ राजस्थान के उन प्राचीन जैन तीर्थो में से एक है आज मेवानगर की ऐतिहासिक सम्रद्ध, संस्कृतिक धरोहर का श्रेष्ठ प्रतीक है संवत १९५९ - ६० में साध्वी प्रवर्तिनी श्री सुन्दरश्रीजी म.सा. ने इस तीर्थ के पुनउद्धार का काम प्रारंभ कराया और गुरु भ्राता आचार्य श्री हिमाचलसूरीजी भी उनके साथ जुड़ गये । इनके अथक प्रयासों से आज ये तीर्थ विकास के पथ पर निरंतर आगे बढता विश्व भर में ख्याति प्राप्त कर चूका है । वह भूमि कभी बहुत सोभाग्यशाली हो उठती है, जो तीर्थ स्थल बन जाती है । जहा जाने पर एक पवित्र भाव आने वाले के ह्रदय में सहज पैदा हो जाता है श्रधा और आस्था से मन भर जाता हो ! मुझे याद कुछ समय पूर्व नाकोड़ा तीर्थ भूमि पर पहली बार इंदौरवासियो ने भव्य नाकोड़ा भैरव का 1008 चालीसा अनुष्ठान- सिद्ध महापूजन किया था ओर एक इतिहास बनाया था ! उसी क्रम मे सदेव फेसबूक पर मे एक नाकोड़ा भक्त से प्रभावित हुआ उनकी भक्ति व नाकोड़ा भेरव चालीसा के प्रति सजगता व श्रदा देख मे खुद सोचने को विवश हो गया ! सदेव दादा की भक्ति मे झुमते हुए जब मे देखता मुझे लगा इन महानुभाव के बारे मे मुझे कुछ समझना चाहिए ! मेने एक पत्रकार होने के नाते जब उन महानुभाव से बात की वो थे श्री अक्षय जैन जो वर्तमान मे श्री नाकोड़ा जैन कोन्फ्रेंस के राष्ट्रीय अध्यक्ष है जब ओपचारिक बात के बाद मुझे अक्षय जी ने बताया मे आज अपने व्यवसाय से कुछ हद तक निवृत हो गया हु ओर अब मेरा एक ही लक्ष्य है घर घर मे नाकोड़ा चालीसा पाठ हो इस हेतु मेने निस्वार्थ भाव से श्री नाकोड़ा जैन कोन्फ्रेंस का गठन किया है ! जब मुझे अक्षय जी ने बताया श्री नाकोड़ा जैन कांफ्रेस भैरव भक्तो का समुदाय ग्रुप है। यह नाकोड़ा जैन कांफ्रेस किसी भी तरह से कोई शुल्क आर्थिक लेनदेन इत्यादि नही लेता है, न ही कोई गुप्त एजेंडा और राजनितिक महत्वाकांक्षा जैसा कोई मकसद को जगह नही है। कांफ्रेस भैरव की उपासना भक्ति साधना का एक फोरम है। इसमें राजनितिक विवाद और मनभेद को कतई स्थान नही है। कांफ्रेस के संरक्षक श्री प्रकाश जी सुराणा का अद्वितिय सहयोग मिलता है। कांफ्रेस परिवार विस्तार के लिए राजस्थान ,महाराष्ट्र अध्यक्ष श्री मोहन लाल जी जैन, गुजरात कार्यकारी अध्यक्ष राकेश जी कोठारी, कांफ्रेस के उपाध्यक्ष श्री गुलाब जी भंडारी (पाली)श्री प्रवीण जी जोशी(रायपुर) सौ.पलीता जी कर्णावट राष्ट्रीय महामन्त्री श्री सिद्धार्थ जी कोठारी महिला अध्यक्ष सीमा जी भंडारी महामन्त्री स्मिता सांखला श्री नाकोड़ा जैन कांफ्रेस की राष्ट्रीय और राज्यवार इकाइयां भैरव भक्ति उपासना साधना और समाजिक समरसता के पथ पर अग्रसर है। तमिलनाडू से आर.चन्द्रशेखर जी पगारिया पंजाब से अध्यक्ष गोरव जी जैन कर्नाटक इकाई अध्यक्ष पुखराज जी बेताला भी सक्रियता से जुड़ अभियान को आगे बढ़ रहे है। राष्ट्रीय कार्यसमिति सदस्य श्री सुशील जी जैन बंगलोर, श्री विक्रम जी शाह , अशोक जी बावेल,सुशील जैन नालछा वाले, ज्योत्स्ना सांकला , निर्मल जी सखलेचा तेजमल जी सराफ ,सभी पधाधिकारी की मेहनत और भैरव भक्ति उपासना भैरव भक्तो के एकीकरण को नई ऊर्जा दे रही है। । श्री नाकोड़ा जैन कांफ्रेस एक डायरेक्ट्री प्रकाशित करने जा रहा है जिसमे भैरव भक्ति , पूनम मण्डल नाकोड़ा पैदल संघ , अनवतरनाकोड़ा यात्रा करने वाले भक्तो का परिचय और देश के प्रमुख शहरों में स्थित नाकोड़ा भैरव मन्दिरो का उल्लेख प्रकाशित किया जा रहा है। यह डायरेक्ट्री निशुल्क होगी। नाकोड़ा जैन कांफ्रेस की डायरेक्ट्री का कुशल सम्पादन श्री पार्थ जी जैन सम्पादन यश बोथरा ऋषभ मेहता की टीम मिलकर कर रहे है। इस में अब तक 19500 से अधिक नाकोड़ा भैरव भक्तो का डाटा एकत्रित हो गया है। साथ मे नाकोड़ा ट्रस्ट के रणवीर जी भी अपनी अनूठी भक्ति से सेवा दे रहे है मुझे लगा एक भेरव भक्त श्री अक्षय जी जैन को नाकोड़ा भेरव का आशीर्वाद ही प्राप्त है की आज तन मन धन से नाकोड़ा चालीसा पाठ घर घर मे हो मिशन के साथ आगे बढ़ रहे है !सबसे बड़ी बात उनकी अस्वस्थता के बाद भी नित्यक्रम मे 51 चालीसा का पाठ करना शामिल है यह आगाढ आस्था का मे कायल हो गया ! मे अगर कहु कबीर दास का एक दोहा है गुरु गोविंद दोहु खड़े कांके लागू पाये , बलिहारी गुरु आपने गोविंद दियो बताए ! यही हुआ मेरे साथ जब से मेरा अक्षय जी से संपर्क हुआ मेरा नित्य क्रम चालीसा पाठ का हो गया यही नही मेरे पुत्र भी नाकोड़ा चालीसा पाठ नित्य करने लगे है ! मुझे दादा के दरबार तक पहुचाने मे मेरे गुरु की भूमिका निभाने वाले श्री अक्षय जी जैन है ! मुझे महसूस होता है दादा का आशीर्वाद है पुत्रो मे अच्छे संस्कारो का जन्म हुआ है ! एक ओर परिचय हुआ जैन संगीतकार मीनाक्षी नागोरी का जब भी मेने देखा है कोन्फ्रेंस से हर भक्तो को जोड़ना ओर नाकोड़ा चालीसा पाठ करने का संदेश देना जेसे एक जुनून चढ़ा है ! दादा नाकोड़ा जैन कोन्फ्रेंस के मिशन को सदेव आगे बढ़े ऐसी शक्ति राष्ट्रीय कमेटी व सभी राज्य स्तरीय कमेटी को दे की जन जन अपने दिनचर्या की शुरुआत नाकोड़ा चालीसा से करे ! मे उन भेरव भक्तो से अनुरोध करना चाहूँगा जो कोन्फ्रेंस की गतिविधियो पर आक्षेप लगते है एक बार श्री नाकोड़ा जैन कोन्फ्रेंस से बिना पद लोलुपता से जुड़े ओर फिर देखे भक्ति मे शक्ति ....... जय श्री नाकोड़ा भेरव की
एक भेरव भक्त --- उत्तम जैन ( विद्रोही )

No comments:
Post a Comment