मिर्जापुर। यूपी चुनाव के आखिरी चरण में मिर्जापुर की विधानसभा सीटों पर भी मतदान हो रहा है। मिर्जापुर सदर सीट से भाजपा ने रत्नाकर मिश्रा को टिकट दिया है। मिश्रा एक तरह से भाजपा के तीर्थ पुरोहित हैं।
जब भी भाजपा का कोई बड़ा नेता पूजा-अर्चना करता है तो इसकी जिम्मेदारी मिश्रा को दी जाती है। यह पहला मौका है जब पार्टी ने अपने तीर्थ पुरोहित को टिकट दिया है।
58 वर्षीय मिश्रा का कहना है कि वे लालकृष्ण आडवाणी से लेकर अमित शाह तक के लिए धार्मिक अनुष्ठान कर चुके हैं। यही नहीं उनके जजमानों में राजनाथ सिंह, उमा भारती भी शामिल हैं।
2014 के लोकसभा चुनावों में नरेंद्र मोदी की जीत के लिए भी उन्होंने विशेष पूजा की थी। पार्टी में मिश्रा की पैठ का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि मोदी के शपथग्रहण समारोह में उन्हें भी आमंत्रित किया गया था।
यजमान का रिटर्न गिफ्ट- स्थानीय लोगों के मुताबिक, मिश्रा को टिकट मिलना 'यजमान' का रिटर्न गिफ्ट है। साथ ही यह राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ (RSS) में उनकी लोकप्रियता का फल है। मिश्रा भी इस बात को सही ठहराते हुए कहते हैं, मैं 1977 से संघ की शाखा की जुड़ा हूं।
बकौल मिश्रा, मैं मिर्जापुर को बचाने के लिए चुनाव मैदान में कूदा हूं। विंध्याचल पूरी दुनिया में सकारात्मक ऊर्जा का स्रोत है, लेकिन अब यह क्षेत्र पिछड़ता जा रहा है। विकास की दौड़ में मिर्जापुर बहुत पीछे रह गया है। क्षेत्रीय दलों में आपसी लड़ाई के कारण ऐसा हुआ है। मैं वादा करता हूं कि विधायक चुना गया तो शहर को उसका हक दिलाऊंगा।
चुनाव प्रचार के दौरान एक इंटरव्यू में उन्होंने कहा था, शहर का ऐतिहासिक महत्व है, लेकिन सड़कें जर्जर हैं। टूरिस्ट यहां आते हैं तो बदनामी होती है। मौका मिला तो सबसे पहले मैं शहर की सड़कें बनवाऊंगा।
मुकाबला मौजूदा विधायक से- मिश्रा का मुकाबला, मौजूदा सपा विधायक कैलाश चौरसिया से है। वहीं बसपा ने परवेज खान को टिकट दिया है। स्थानीय लोगों का मानना है कि तीनों के बीच कड़ा मुकाबला होगा।

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