माँ बाप को अपने से जुदा मत करना !!
वेसे तो सूरत शहर में हजारो कवि सम्मेलन प्रति वर्ष लाखो के बजट में होते रहते हे किंतु सूरत के इतिहास में पहली बार वृद्धाश्रम के बुजुर्गो की सहायता हेतु हास्य कवि सम्मेलन का जॉली करुणा भक्ति ग्रुप एवं हिंदी काव्य मंच सूरत द्वारा 04/03/2017 को जॉली रेजीडेंसी, वेसु में शाम को 07.30 बजे आयोजन किया गया था और 05/03/2017 को भाटा स्थित वृद्धाश्रम में सुबह 9.30 बजे किया गया था जिस के मुख्य अतिथि वेसु रोड पर स्थित वृद्धाश्रम के बुजुर्ग थे,
इस कवि सम्मेलन का सञ्चालन सूरत के जाने माने हास्य कवि सुरेन्द्र ठाकुर अज्ञानी जी ने किया,
बेवफा से उम्मीदे वफ़ा मत करना,
लुट जाओगे दरवाजा खुला मत करना,
हो ख्वाहिश अगर जन्नत में जाने की तो,
माँ बाप को अपने से जुदा मत करना !
कार्यक्रम की शुरुवात सरस्वती वंदना से सूरत की कवयित्री सोनल जैन ने किया था
गीत प्रेम भरे ,गुनगुनायेगे हम
धर्म अपना है ये ,बस निभायेंगे हम
कर्म है माँ तेरा ,जो है हमको चुना..
तेरे चरणों में शीश झुकायेगे हम
फिर वीनू गौतम द्वारा कृष्ण मीरा के प्यार के छंद कहा और माँ के प्रकारों का वर्णन किया
मातृभूमि पदचाप धरना सिखाती मां
उनके बाद डॉ. प्रेमदान "भारतीय" जी ने कहा कि
मैं दिल के सुकून के लिए लिखता हूँ महफ़िलों के लिए नही
मेरे लफ़्ज जांबाजों के लिए है बुजदिलों के लिए नही
हर शख़्श को काफिला बनाने का जानता हूँ हुनर
काफिले मेरे लिए रुकते है मैं काफिलों के लिए नहीं !!
उनके बाद मुम्बई से आय वाह वाह क्या बात है के जाने माने हास्य कवि डॉ. रजनीकांत मिश्र ने राजनीती के ज्वलंत मुद्दे गधे को शीर्षक रखते हुई अपनी काव्य यात्रा शुरू किया
इंसानी सरोकारों से,वो बधा नहीं है
लक्ष्य आप सबों का ,जी सधा नहीं है
वोटों का गणित ,समझ आये है उसको
मानो यक़ीन, उतना भी, वो गधा नहीं है ।।
इनके बाद डॉ. पूनम गुजरानी ने अपने अंदाज़ में गीत ग़ज़ल कही
एक शेर
"मेरे जज्बातों ने मुझको तोङ दिया चाहे लेकिन
अब भी अक्स नजर आता है चकनाचूर हूए तो क्या।"
फिर सोनल जैन ने अपनी दूसरी पारी में प्रेम और श्रृंगार की बात कही
प्यार लगता मैरा,तुमको काफी नहीं,
जलती बलती रहूं,मैं वो बाती नहीं,
तेरे जुल्मो सितम,मैने भूलें बहुत
अब की जो खता ,तो माफी नहीं।
और अंत में मंच संचालक सुरेन्द्र ठाकुर अज्ञानी जी ने हास्य के कुछ मुक्तक पढ़कर लोगो को लोटपोट होते तक हंसाया
मुझे अब मेरी जिंदगी खास नजर आती है,
क्योंकि मुझे मेरी मंज़िल पास नज़र आती है,
कम्बख्त जवानी का खुमार तो देखो,
हर खूबसूरत लड़की की अम्मा मुझे सास नज़र आती है ।

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