Thursday, 2 February 2017

बजट में किस सेक्टर को क्या मिला

वित्त मंत्री अरुण जेटली ने यूनियन बजट पेश करते हुए 92 साल पुरानी परंपरा खत्म की और इसी बजट में रेल बजट की घोषणाएं भी कर दीं। , रक्षा से लेकर रेलवे तक, किस सेक्टर को मिली क्या सौगात...
1. रेलवे
-रेलवे के लिए 1 लाख 31 हजार करोड़ का प्रावधान
-रेलवे के ई टिकट पर सर्विस टैक्स नहीं लगेगा
-साल 2020 तक ब्रॉडगेज पर मानवरहित क्रॉसिंग खत्म
-स्टेशनों पर लिफ्ट-एस्केलेटर्स, 300 स्टेशन से शुरुआत
-कोच मित्र सुविधा की शरुआत, कोच संबंधी सारी सुविधा
-3,500 किमी की नई रेलवे लाइन बिछाई जाएगी
-कृषि उत्पादों की ढुलाई के लिए विशेष व्यवस्था
-रेल कंपनियों को शेयर बाजार में लिस्ट किया जाएगा
ई-टिकट सस्ता, जानें रेलयात्रियों को यह मिला-
2. रक्षा
-रक्षा क्षेत्र के लिए 2,74,114 करोड़ रुपये का आवंटन
-इसमें 86,488 करोड़ रुपये की रक्षा पूंजी भी शामिल
-इसमें रक्षाकर्मियों की पेंशन शामिल नहीं
-रक्षा पेंशनरों के लिए वेब आधारित इंटरैक्टिव पेंशन वितरण प्रणाली की घोषणा
-रक्षाकर्मियों के लिए अलग से ऑनलाइन टिकट बुकिंग प्रणाली की घोषणा
3. आयकर
-ढाई लाख से 5 लाख रुपये तक की सालाना आय पर टैक्स आधा
-10 की जगह 5 प्रतिशत देना होगा टैक्स
-3 से साढ़े 3 लाख इनकम वालों को बस 2500 रुपये बतौर टैक्स देने होंगे
-5 लाख और उससे अधिक आय वालों को टैक्स में अधिकतम करीब 12,500 रुपये की छूट
4. शिक्षा
-शिक्षा के क्षेत्र में 1 लाख 30 हजार करोड़ रुपये के आवंटन का प्रस्ताव
-350 ऑनलाइन कोर्स के लिए 'स्वयं' नाम का डिजिटल चैनल लॉन्च होगा
-600 से ज्यादा जिलों में होगा 'स्किल इंडिया' का विस्तार, खुलेंगे 100 सेंटर्स
-4,000 करोड़ रुपये की संकल्प योजना शुरू की जाएगी
-CBSE नहीं लाएगी नई परीक्षा, IIT जैसी परीक्षाओं और NET के लिए नई बॉडी का होगा गठन
5. कृषि
-कृषि ऋण का लक्ष्य बढ़ाकर 10 लाख करोड़ रुपये
-नाबार्ड के कंप्यूटरीकरण की ओर ध्यान
-कृषि विज्ञान क्षेत्र में 100 नए लैब बनेंगे
-प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के लिए 9 हजार करोड़ रुपये
-कॉन्ट्रैक्ट फॉर्मिंग का मॉडल लाया जाएगा
-मनरेगा का बजट बढ़कर 48 हजार करोड़ रुपये
-साल 2019 तक एक करोड़ लोगों को पक्का घर

एच-1बी वीजा नियमों में बदलाव से भारतीयों पर होंगे ये असर

अमेरिकी संसद में एच-1बी वीजा के नियमों में संशोधन को लेकर विधेयक लाने पर विचार चल रहा है। इस विधेयक की चर्चा के चलते मंगलवार को भारतीय शेयर बाजार में आईटी कंपनियों के स्टॉक्स में 9 पर्सेंट की गिरावट हुई है। इससे इन कंपनियों को 9 फीसदी तक का नुकसान हुआ है। जानें, भारतीयों और भारतीय कंपनियों पर इसके क्या होंगे असर...'इमिग्रेशन रिफॉर्म्स' का हिस्सा
प्रेजिडेंट डॉनल्ड ट्रंप के एक सहायक ने बताया कि उनका यह कार्यकारी आदेश 'इमिग्रेशन रिफॉर्म्स' का हिस्सा होगा। इससे विदेशी वर्कर्स को एच-1बी वीजा हासिल करने में मुश्किल होगी। कार्यकारी आदेश पर हस्ताक्षर के बाद अमेरिकी सरकार 90 दिनों के भीतर वीजा नियमों की समीक्षा करेगी और यह पता लगाएगी कि आखिर किन नियमों से अमेरिकी हित प्रभावित होते हैं।
 एच1बी और एल-1 वीजा
एच1बी वीजा प्रोग्राम 1990 में शुरू किया गया था। इसके तहत अमेरिकी कंपनियां इंजिनियरिंग और आईटी जैसे कुछ खास प्रफेशन में स्टाफ की कमी को पूरा करती हैं। हर साल करीब 85 हजार वीजा दिए जा रहे हैं। एल-1 वीजा छोटी अवधि के लिए होते हैं और इनका ज्यादातर इस्तेमाल टॉप मैनेजमेंट के लिए किया जाता है।
क्यों हावी हैं भारतीय 
एच-1 बी का अधिकांश हिस्सा भारतीयों को ही मिलता रहा है। वीजा के करीब दो तिहाई आवेदक भारतीय होते हैं। अमेरिकी वर्करों के मुकाबले भारतीय वर्कर सस्ते रहे हैं। एक रिपोर्ट के मुताबिक, भारतीय एच1बी वर्करों को सालाना 65 से 70 हजार अमेरिकी डॉलर की सैलरी मिलती रही है, वहीं अमेरिकी वर्करों को 90 हजार से 1,10,000 अमेरिकी डॉलर मिलते हैं।
बिल से क्या मुश्किल
अमेरिकी संसद में रखे गए बिल के मुताबिक, कंपनियों को सालाना सैलरी कम से कम 60 हजार डॉलर की जगह 1,30,000 डॉलर करनी होगी। अब अगर भारतीय एच1बी वीजा वर्कर को इतनी सैलरी देनी पड़ी तो कंपनियों के लिए भारतीय वर्कर अमेरिकियों से भी महंगे पड़ेंगे।
कंपनियों पर भी असर
नए नियमों का असर उन भारतीय कंपनियों पर भी पड़ेगा, जो अपने अमेरिकी दफ्तरों में भारतीय वर्कर रखती हैं। नए नियमों से उन पर भी आर्थिक बोझ बढ़ेगा। इन्हीं वजहों से मंगलवार को भारतीय शेयर बाजारों में आईटी स्टॉक क्रैश कर गए।
बिल में क्या अच्छा है
कहा जा रहा है कि यह बिल एफ-1 स्टूडेंट्स के लिए फायदेमंद होगा, जो अमेरिका में पढ़ाई करना चाहते हैं। बिल स्टूडेंट स्टैटस और परमानेंट रेजिडेंसी के बीच गैप कम करेगा। लेकिन ऐसे स्टूडेंट्स को वह नौकरी तलाशनी होगी, जो 1,30,000 डॉलर सैलरी दे। इस बिल में पेपरवर्क की जरूरतों को कम करने पर भी जोर दिया गया है।
इन्फोसिस के 60% एंप्लॉयी एच-1बी वीजा पर
अमेरिकी में इन्फोसिस के 60 फीसदी से ज्यादा एंप्लॉयीज एच-1बी वीजा धारक हैं। कंपनी ने अपनी सालाना रिपोर्ट में कहा है कि वीजा की कीमत में इजाफे से उसका कारोबारी मुनाफा प्रभावित होगा।
जीवनसाथी को भी होगी मुश्किल
नए नियमों के मुताबिक एच-1बी वीजा पर अमेरिका में रह रहे लोगों के पति या पत्नी वहां काम नहीं कर सकेंगे।

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