Saturday, 18 February 2017

पलानीसामी ने जीता विश्वासमत, विधानसभा में जमकर हंगामा

तमिलनाडु विधानसभा में शनिवार को हाईवोल्टेज हंगामे और द्रमुक सदस्यों के एक साथ बेदखली के बीच मुख्यमंत्री ई के पलानीसामी ने अपनी सरकार के समर्थन में विश्वास मत हासिल कर लिया। विधानसभा अध्यक्ष पी धनपाल ने पलानीसामी के विश्वास मत जीतने की घोषणा की। उन्होंने बताया कि प्रस्ताव के पक्ष में 112 विधायकों ने वोट दिया जबकि 11 विधायक प्रस्ताव के विरोध में मत दिया।
राज्यपाल सी विद्यासागर राव ने दो दिन पहले ही पलानीसामी को मुख्यमंत्री पद की शपथ दिलाई थी। सदन की कार्यवाही अपराह्न तीन बजे पुन: शुरू होने पर पलानीसामी ने विश्वास प्रस्ताव रखा और इसके बाद मतदान का क्रम चला। मत विभाजन के बाद अध्यक्ष ने घोषणा की कि मुख्यमंत्री ने विश्वासमत हासिल कर लिया और उन्हें 122 विधायकों का समर्थन मिला जबकि 11 विधायक प्रस्ताव के विरोध में रहे। अध्यक्ष ने कहा कि पलानीसामी ने विश्वास मत हासिल कर लिया है। इसके बाद उन्होंने विधानसभा के सत्र को अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दिया।
      
पलानीसामी विश्वास मत हासिल करने के तत्काल बाद अपने मंत्रिमंडलीय सहयोगियों के साथ पूर्व मुख्यमंत्री जे जयललिता की समाधि पर गए और उन्हें श्रद्धांजलि दी। 
डीएमके विधायकों ने तोड़ी कुर्सियां, कागज फाड़े
डीएमके  विधायकों ने हंगामे के दौरान सारी मर्यादाएं तोड़ दी। इन लोगों ने कुर्सियां तोड़ी, माइक तोड़े, कागज फाड़ दिये। इतना ही नहीं  डीएमके के विधायक कु का सेल्वम तो विरोध में स्पीकर की कुर्सी पर जा बैठे। इस पूरे हाईवोल्टेज के दौरान  हालत को संभालने के लिए मार्शल को बुलाना पड़ा। इस हंगामे के दौरान एक अधिकारी घायल हो गए जिन्हें फौरन अस्पताल में जाकर भर्ती कराया गया।
डीएमके ने की गुप्त मतदान की मांग
इससे पहले डीएमके के कार्यवाहक अध्यक्ष और विपक्ष के नेता एमके स्टालिन ने सवाल उठाया कि जब राज्यपाल ने बहुमत साबित करने के लिए 15 दिन दिए हैं तो इतनी जल्दबाजी क्यों दिखाई जा रही है। इसके बाद डीएमके विधायक ने बेंच पर खड़े होकर गुप्त मतदान कराने को लेकर नारेबाजी करने लगे। बहुमत परीक्षण के दौरान कांग्रेस ने भी गुप्त मतदान की मांग की। इसके अलावा इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग ने भी गुप्त मतदान की मांग की। लेकिन स्पीकर ने इनकी मांग खारिज कर दी। विधानसभा में मतदान के दौरान ब्रीफिंग रूम के बाहर लगे टीवी और स्पीकर्स को बंद कर दिये गए। इसके अलावा मीडिया को भी विधानसभा कार्यवाही की जानकारी देने से इनकार कर दिया गया।
हंगामे के चलते विश्वास मत की प्रक्रिया बाधित
पलानीसामी की सरकार द्वारा आज लाए गए अहम विश्वास प्रस्ताव पर मतदान से पहले तमिलनाडु विधानसभा में विपक्षी सदस्यों ने भारी हंगामा कर कार्यवाही को बाधित कर दी। मामले के बढ़ जाने पर विधानसभा अध्यक्ष पी धनपाल मार्शलों के साथ विधानसभा से निकल गए। इस हंगामे के बीच कार्यवाही बाधित हो गई। कुछ विपक्षी सदस्यों ने गुप्त मतदान की मांग की थी।
दो दिन पहले मुख्यमंत्री के तौर पर शपथ लेने वाले पलानीसामी को राज्यपाल सी विद्यासागर राव ने बहुमत साबित करने के लिए 15 दिन का समय दिया था लेकिन उन्होंने आज ही अपना बहुमत साबित करने का विकल्प चुना। कोयंबटूर उत्तर के विधायक अरूण कुमार की ओर से मतदान में अनुपस्थित रहने की घोषणा किए जाने पर विद्रोही ओ पनीरसेल्वम खेमे को बल मिला था। इससे पहले मेलापोर के विधायक और पूर्व डीजीपी आर नटराज ने सरकार के खिलाफ मतदान का फैसला किया था।
इन दोनों के फैसले के बाद पलानीसामी खेमे के पास अब एक रिक्ति वाले 234 सदस्यीय सदन में 122 विधायक रह गए हैं। द्रमुक प्रमुख एम करूणानिधि खराब स्वास्थ्य के चलते सदन में मौजूद नहीं थे। वहीं, पनीरसेल्वम के खेमे ने सेम्मलई को विधानसभा में पार्टी का सचेतक नियुक्त किया है और इस संदर्भ में विधानसभा अध्यक्ष को पत्र भेज दिया है।

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