M.I के 27 वे अंतर्राष्ट्रीय अधिवेशन को अद्वितीय व अनुपम बनाने हेतु अजमेर झोन सहित देश भर के तमाम वीर-विराओं का ह्रदय पूर्वक आभार-वीर विजय बापना
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प्रिय वीर बन्धुओं एंव वीरा बहिनों
सादर जय महावीर
जैसा की आप सभी को विदित ही हैं कि महावीर इंटरनेशनल का 27 वां अंतर्राष्ट्रीय अधिवेशन गत 7 व 8 जनवरी 2016 को अजमेर झोन की मेजबानी में तीर्थराज पुष्कर के राम स्नेही मैरिज गार्डन के विशाल प्रांगण में आयोजित हुआ था, यह अधिवेशन हर दृष्टि से अद्वितीय व बेजोड़ था, द्विदिवसीय अधिवेशन के दौरान देश के कौने-कौने से पधारे तकरीबन 1800 वीर-वीरा अजमेर झोन के समर्पित तथा कर्मठ वीर-विराओं की अनुपम मेहमाननवाजी के कायल हो गए, क्या भोजन व्यवस्था, क्या आवास व्यवस्था और क्या परिवहन व्यवस्था तथा पण्डाल व्यवस्था, सभी के सभी इंतजाम अपने आप में अनूठे थे, 7 जनवरी की शाम को आयोजित सांस्कृतिक सन्ध्या में एक से बढ़ कर एक नयनाभिराम प्रस्तुतियों ने उपस्थित वीर-विराओं का मन मोह लिया, इस सांस्कृतिक सन्ध्या को अविस्मरणीय बनाने में वीरा इन्दु जैन एंव वीरा अल्का दुधोड़िया का उल्लेखनीय योगदान रहा हैं, बहरहाल अजमेर की मेहमाननवाजी हर किसी के लिए प्रेरणा का स्त्रोत रहीहैं. जहां तक अधिवेशन की उपलब्धियों का प्रश्न हे तो हर किसी वीर का मानना हैं कि यह अधिवेशन हर दृष्टि से विभिन्नता भरा था, अधिवेशन से एक दिन पूर्व 6 जनवरी की शाम M.I के करीब 30 वीर-विराओं की उपस्थिति में संगठन को और ऊंचाइयों तक पहुंचाने के उद्देश्य से एक चिन्तन बैठक प्रारम्भ हुई, जिसमें अनेक महत्वपूर्ण बिन्दु उभर कर आए, सभी उपस्थित वरिष्ठ जनों ने एक से बढ़ कर एक सुझाव दिए, 7 जनवरी के उदघाटन सत्र में उपस्थित मुख्य अतिथि श्री आनन्द राठी (पूर्व अध्यक्ष- स्टॉक एक्सेंज. मुम्बई) वरिष्ठ अतिथि श्री सुरेन्द्र सिंह रावत (विधायक एंव संसदीय सचिव राजस्थान सरकार) श्री कमल पाठक ( चेयरमेन- नगरपालिका पुष्कर) स्वंय महावीर इंटरनेशनल की सेवा भावना के कायल हो गए और उन्होंने इस संगठन की भुरी-भुरी प्रशंसा भी की, उदघाटन सत्र में दिल्ली शाखा के श्री एस के जैन, बरोडा शाखा के अध्यक्ष डॉ बी सी जैन तथा उदयपुर M.I दक्ष के वीर श्री सुनील जैन एंव वीर श्री पुनीत तलेसरा का प्रजेंटेशन अद्वितीय व अनूठा था, चेयरमेन वीर श्री पी एस तलेसरा के अथक प्रयासों से उदयपुर में स्किल डेवलॅपमेंट प्रोजेक्ट को नई ऊंचाइयां मिल पाई है, वीर श्री पुनीत तलेसरा ने स्किल डेवलॅपमेंट फ़ंड हेतु अपनी और से 10 लाख रुपये की राशी प्रदान करने की घोषणा की, दिल्ली के वीर-विराओं द्वारा 7 हॉस्पिटलों के संचालन पर प्रति वर्ष 4 करोड़ की राशी से जरूरतमन्द व गरीब रोगियों की चिकित्सा सेवा उपलब्ध कराना, बरोडा के समर्पित वीर-विराओं द्वारा गरीब व आभाव में पल रहे विद्यार्थियों की प्रतिभा को निखारने हेतु प्रति वर्ष 2 करोड़ की छात्रवृति प्रदान करना तथा सेकड़ों फुटपाथ के बच्चों को उनके द्वार पर पाठशाला के द्वारा शिक्षा प्रदान करना व उदयपुर के दक्ष केंद्र द्वारा इस देश के बेरोजगार नोजवानो को रोजगार दिलाने के प्रयासों से युक्त प्रजेंटेशन को देख उपस्थित वीर-विराओं ने खड़े होकर तालियों से सभागार को गुंजायमान कर दिया, पूर्व अंतर्राष्ट्रीय अध्यक्ष वीर श्री शांतिलाल जी कंवाड के जोशीले उदबोधन से वीर-विराओं में प्रेरणा का ज्वार उमड़ पड़ा, भोजन अवकाश के पश्चात प्रारम्भ हुए सत्र में पूर्व अध्यक्ष वीर श्री आर एस बापना एंव वीर श्री पुष्प जैन ने प्रेरणादायी वक्तव्य से वीर-विराओं का हौसला बढ़ाया, इसी सत्र के अंतर्गत जिज्ञासाओं के समाधान भरे प्रयास हुए, पूर्व अंतर्राष्ट्रीय सेक्रेटरी वीर श्री नवरत्न पारख ने संगठन की 42 वर्ष की उपलब्धियों पर आधारित टॉक शो के कार्यक्रम का बेजोड़ संचालन किया, गवरनिंग काउन्सिल की मिटिंग में भी अनेक निष्कर्ष निकले, द्वितीय दिवस में शपथ ग्रहण कार्यक्रम में मुझे पुनः आपने M.I के उच्च पद की जिम्मेदारी सम्भालने हेतु कमान सौंपी तथा देश भर के तमाम गवरनिंग काउन्सिल सदस्यों ने भी मेरे साथ कन्धे से कन्धा मिला कर सेवा कार्यों को अंजाम देने हेतु शपथ ग्रहण की, मेरे प्रति अथाह विश्वास दर्शाने हेतु में आप सभी का ह्रदय पूर्वक आभार व्यक्त करता हूँ तथा में आपको विश्वाश दिलाता हूँ कि तमाम वीर-विराओं के सहयोग व सहकार से इस संगठन को नई ऊंचाइयां प्रदान करेंगे एंव इस संगठन के गौरव में और अभिवृद्धि करेंगे, में वीर श्री शांतिलाल जी का शुक्रगुजार हूँ कि उन्होंने इस संगठन को और तीव्रता से विकास पथ पर ले जाने हेतु मेरा उत्साह वर्धन किया तथा मेरा हौसला बढ़ाया, श्री कंवाड के हम सभी वीर-वीरा आभारी हैं कि उन्होंने डायमण्ड पैट्रन सदस्य के रूप में स्वीकृति प्रदान कर संगठन के आर्थिक विकास में योगदान प्रदान किया, मेरा सभी MIF सदस्यों से अनुरोध हैं कि वे और दो-दो सदस्य MIF के बनाएं, मेरा देश के समस्त केंद्रों के वीर-विराओं एंव भामाशाहों से विनम्र अनुरोध हैं कि आप डायमण्ड पैट्रन, गोल्ड पैट्रन एंव MIF स्वंय तो बनने का प्रयास करे ही तथा अन्य वीर-विराओं को भी प्रेरित करें। हम सभी वीर-वीर आगामी वर्षों में निश्चित लक्ष्यों को हासिल करेंगे एंव M.I के वर्तमान स्वरूप को और निखारेंगे, इस अधिवेशन में वीर-विराओं तथा विभिन्न पदों पर आसीन पदाधिकारियों का उत्साह तारीफे काबिल था, सभी ने यह दृढ़ निश्चय किया कि देश भर में नई शाखाओं की संख्या में सन्तोष जनक इजाफा करेंगे, अनेक सेन्टरों ने मुझे भरोसा दिलाया कि आगामी दिनों में अनेक नई शाखाएं स्थापित करने में योगभूत बनेंगे, शाखाओं के विस्तार में बीकानेर झोन 60 शाखाएं, साऊथ झोन 50, राजसमन्द झोन 33 शाखाएं, बालाघाट-छतीसगढ 30 शाखाएं तथा न्यूजीलैंड, आस्ट्रेलिया, सऊदी अरब, कुवैत, यु एस ए जैसे सात समुन्द्र पार देशों में लगभग 8 शाखाएं प्रारम्भ करने का लक्ष्य निर्धारित किया हैं,सचमूच में ये लक्ष्य उम्मीद से बढ़ कर है, में आशा करता हूँ कि नई शाखाओं का यह आंकड़ा आगामी दिनों में 400 शाखाओं के लक्ष्य को छु ही देगा, मुझे प्रसन्नता हैं कि वर्ष 2015-17 के दौरान अनेक शाखाओं तथा उनके पदाधिकारियों व झोन चेयरमैनों आदि ने अपने अपने क्षेत्रों में सेवा के क्षेत्र में अद्वितीय भूमिका निभा कर अनेकों अवार्ड हासिल किए हैं, में सभी सम्मानित सदस्यों व शाखाओं को इस उपलब्धी पर बधाई प्रदान करता हूँ, तथा जो इन अवार्डों को हासिल करने से वंचित रह गए हैं उम्मीद करता हूँ कि वे आगामी कार्यकाल में अपना प्रदर्शन और भी श्रेष्ठ करेंगे, दूसरे सत्र में मौजूद रहे अतिथि न्यायधीश श्री एस एस कोठारी भी महावीर इंटरनेशनल के सेवा कार्यों के कायल हो गए, में देश भर के उन तमाम वीर विराओं का ह्रदय पूर्वक आभार व्यक्त करता हूँ कि जो अपना अमूल्य समय नियोजित कर इस अधिवेशन में पधारे तथा इस आयोजन के गौरव में अभिवृद्धि की, इस अधिवेशन को भव्य रूप देने में तथा बेजोड़ बनाने में योगभूत रहे वीर श्री पदमचन्द जी, वीर श्री अनिल लोढा, वीर श्री अनिल दुधोड़िया, वीर श्री अभय सांखला तथा उनकी सम्पुर्ण टीम व अजमेर झोन के तमाम वीर विराओं की ऊर्जा को में नमन करता हूँ कि उन्होंने दिन रात एक कर अथाह परिश्रम के बल पर इस अधिवेशन को अद्वितीय व अनुपम बनाया, हम अजमेर झोन के सभी पदाधिकारियों व सदस्यगणों के आभारी हैं कि उन्होंने आतिथ्य सत्कार के तहत 7 जनवरी को सांयकालीन स्नेहिल भोज की मेजबानी का सुअवसर मुझे तथा मेरे सहयोगी एंव महासचिव वीर डॉ श्री विनय शर्मा को तथा एक समय के प्रातःकालीन स्नेह भोज का आतिथ्य का सुअवसर पूर्व अध्यक्ष वीर श्री शांतिलाल कंवाड़ तथा वीर श्री अनिल दुधोड़िया को प्रदान किया, अधिवेशन के दौरान किसी भी वीर-वीरा को किसी भी प्रकार की जाने अंजाने से असुविधा हुई हो या आयोजन में किसी भी प्रकार की त्रुटि रही हो या किसी की भी भावना को प्रत्यक्ष या परोक्ष ठेस पहुंची हो तो में क्षमा प्रार्थी हूँ। पुनः आपका आभार, में उम्मीद करता हूँ कि आपका सहयोग व सहकार इसी उत्साह व उमंग से प्राप्त होता रहेगा। आपका यह सहयोग संगठन को असीम ऊंचाइयों तक पहुंचाने में योगभूत बनेगा,
अंत में कवि की इन पंक्तियों के साथ में अपनी बात को विराम देता हूँ,
जीवन में असली उड़ान बाकी है
हमारे इरादों का इम्तिहान बाक़ी है
अभी तो मापी है सिर्फ मुट्ठी भर जमीन
अभी तो नापने के लिए सारा आसमां बाक़ी है
जय महावीर
वीर विजय बापना
अंतर्राष्ट्रीय अध्यक्ष-महावीर इंटरनेशनल
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