Wednesday, 11 January 2017

सपा संकट: मुलायम बोले, सपा का नाम और निशान नहीं बदलने देंगे

समाजवादी पार्टी में बीते कई दिनों से चल रहे विवाद के बीच आज मुलायम सिंह यादव पार्टी कार्यालय पहुंचे। उनके साथ शिवराज सिंह भी मौजूद थे। यहां मुलायम सिंह ने कार्यकर्ताओं से कहा कि पार्टी को टूटने नहीं देंगे और मैं पार्टी में एकता चाहता हूं। उन्होंने कहा कि कोई पार्टी की एकता में बाधा न डाले। मुलायम आज दिल्ली भी जाएंगे।
मुलायम ने कहा कि न हम अलग पार्टी बना रहे हैं, न पार्टी का निशान बदल रहे हैं। उन्होंने कहा कि मेरे पास जो था वो सब देश का है और मेरे पास क्या है? आप सब है। 
उन्होंने कहा कि आपकी चिंता स्वाभाविक है क्योंकि समाजवादी पार्टी संघर्ष से बनी है। मैं दिल्ली गया था ताकि हमारी पार्टी की एकता में कोई बाधा ना डाल पाए। पार्टी की एकता के लिए हमने पूरा समय दिया है। 
मुलायम सिंह यादव ने रामगोपाल पर निशाना साधते हुए कहा कि रामगोपाल ने चुनाव आयोग से मोटर साईकिल सिम्बल व् अलग नाम मांगा है। ऐसे लोग दूसरी पार्टी से जाकर मिल गए हैं। इनके बेटे व् बहु फंसे हैं। उन्‍हीं को बचाने के लिए दूसरी पार्टी के मुखिया से तीन बार मिल आए।
उन्होंने आगे कहा कि अखिलेश उनके (रामगोपाल) चक्कर में क्यों पड़े हैं। अखिल भारतीय समाजवादी पार्टी व् मोटर साइकिल निशान किसने मांगा। रामगोपाल ने। मेरे पास जो था अखिलेश को दे दिया। मेरे पास अब क्या है? हम  पार्टी व् सिम्बल बचाने की पूरी कोशिश करेंगे।
मंगलवार को मुलायम और अखिलेश के बीच हुई थी बैठक
वहीं, मुलायम सिंह यादव ने मंगलवार को बेटे अखिलेश यादव के साथ अपने आवास पर डेढ़ घंटे तक बातचीत की थी। मुलायम से मुलाकात के बाद सीएम अखिलेश हाथ हिलाते हुए निकले और ओके जैसा मैसेज दिया था। सूत्रों के अनुसार, बैठक के दौरान पिता-बेटे के बीच अध्यक्ष पद को लेकर पेंच फंसा रहा।
सूत्रों की मानें तो बैठक के दौरान मुलायम ने सीएम को समझाते हुए कहा था कि तुम चुनाव आयोग से अपनी दावेदारी वापस ले लो। तुम सीएम पद के उम्मीदवार होगे और अगले मुख्यमंत्री बनोगे। टिकट बांटने में ही तुम्हारा ही रोल रहेगा। पर अध्यक्ष मुझे ही रहने दो। इस पर सीएम राजी नहीं हुए। कहा, अगर मैं अध्यक्ष नहीं रहा तो अमर सिंह आप से कोई फैसला करा सकते हैं।
कई बार हो चुकी है मुलायम-अखिलेश के बीच सुलह की कोशिश 
मुलायम सिंह यादव और बेटे अखिलेश के बीच कई बार सुलह की कोशिशें हो चुकी हैं। दोनों के बीच कई बार बैठकों का दौर चला लेकिन सुलह नहीं हो सकी। यूपी के कैबिनेट मंत्री आजम खां ने भी दोनों के बीच सुलह कराने की कोशिशें की हैं।

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