नई दिल्ली- एक फरवरी को लोकसभा में केंद्र सरकार केंद्रीय बजट पेश करेगी। इसी सिलसिले में सोमवार को विपक्षी पार्टियों ने कहा है कि को बजट सत्र के दौरान विमुद्रीकरण का मुद्दे को उठाएंगी।
संसद ग्रंथालय भवन में सर्वदलीय बैठक के बाद संवाददाताओं से बातचीत में कांग्रेस नेता ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कहा कि आगामी बजट का निर्णय लोकतांत्रिक प्रथाओं के खिलाफ है।
उन्होंने कहा कि जिस तरह से केंद्र सरकार ने 1 फरवरी को बजट पेश करने का फैसला किया है,यह अलोकतांत्रिक है। साल 2012 में हमारी सरकार ने चुनावों तक बजट स्थगित कर दिया था।
संसद में बजट को बिना किसी हंगामे के पेश करने की सरकार की कोशिशों के चलते बुलाई गई सर्वदलीय बैठक में तृणमूल कांग्रेस और शिवसेना के सांसद शामिल नहीं हुए। साथ ही एक फरवरी को संसद में पेश होने वाले बजट के दौरान भी तृणमूल कांग्रेस के सांसद मौजूद नहीं रहेंगे।
टीएमसी नेता डेरेक ओ ब्रायन की ओर से कहा गया कि एक फरवरी को सरस्वती पूजा होने की वजह से टीएमसी नेता संसद में मौजूद नहीं रह सकेंगे। डेरेक ने कहा कि परंपरा के मुताबिक पूजा वाले दिन काम नहीं किया जाता यहाँ तक की औजारों को छुआ भी नहीं जाता है।
लोकसभा स्पीकर सुमित्रा महाजन ने बजट स्तर से पहले सोमवार को सर्वदलीय बैठक बुलाई है,आज ही पश्चिम बंगाल की सीएम ममता बनर्जी ने सभी टीएमसी नेताओं को अपने कालीघाट के आवास पर होने वाली मीटिंग में मौजूद रहने का निर्देश दिया है।
तृणमूल कांग्रेस ने नोटबंदी के बाद से पीएम नरेंद्र मोदी और केंद्र सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल रखा है। ममता बनर्जी ने नोटबंदी के कदम को गरीब विरोधी करार दिया था।

No comments:
Post a Comment