Thursday, 26 January 2017

दिल्ली के राजपथ से राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने इंडिया गेट पर तिरंगे को फहरा

नई दिल्ली: देश आज अपना 68वां गणतंत्र दिवस धूमधाम से मना रहा है। इसी दौरान राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने इंडिया गेट पर तिरंगे को फहराया।  इसके फौरन बाद प्रणब मुखर्जी ने देश की रक्षा में शहीद हुए हवलदार हंगपन दादा को अशोक चक्र से सम्मानित किया गया। अबु धाबी के शहजादे मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान गणतंत्र दिवस परेड में मुख्य अतिथि हैं। इस साल के गणतंत्र दिवस की परेड में राजपथ पर मुख्य आकर्षण है यूएई के 149 प्रेसिडेंशियल गार्ड, एयरफोर्स, नेवी, आर्मी और बैंड की टीम। इस टीम ने राजपथ पर राष्ट्रपति को सलामी दी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ट्वीट कर देशवासियों को गणतंत्र दिवस की शुभकामनाएं दी। राजपथ पर आज सुबह गणतंत्र दिवस परेड में भारत की सैन्य शक्ति और विभिन्न क्षेत्रों में उसकी उपलब्धियों और विविधतापूर्ण संस्कृति को प्रदर्शित किया जाएगा।
दूबे के नेतृत्व में परेड की होगी शुरूआत
विंग कमांडर रमेश कुमार दूबे के नेतृत्व में परेड की शुरूआत होगी। चार एमआई-17 हेलिकॉप्टर आकाश से पुष्प वर्षा करेंगे। इनमें से एक हेलिकॉप्टर तिरंगा लेकर उड़ेगा जबकि तीन अन्य हेलिकॉप्टरों पर सेना, नौसेना और वायु सेना की पताका फहराएगी। इसके बाद परेड कमांडर लेफ्टिनेंट जनरल मनोज नरवाने और उनके नायब मेजर जनरल राजेश सहाय सशस्त्र बलों के सर्वोच्च कमांडर भारत के राष्ट्रपति के प्रति सम्मान प्रकट करेंगे। परमवीर चक्र और अशोक चक्र से सम्मानित सैनिक भी परेड कमांडर का अनुसरण करेंगे। यूएई के सैनिकों की एक टुकड़ी के साथ उसका संगीत बैंड परेड की अगुवाई करेगा। परेड का सबसे बड़ा आकषर्ण भारत के एकमात्र कैवेलरी का अपने प्रतापी घोड़ों के साथ मार्च होगा। परेड में रक्षाकर्मियों का दुस्साहसी मोटरबाइक स्टंट भी होगा। परेड के बड़े आकर्षण में से एक एमआई-35 हेलिकॉप्टरों, स्वदेशी हल्के लड़ाकू विमान तेजस, जगुआर और सुखोई का सलामी उड़ान होगा। हालांकि, ये दोनों कार्यक्रम परेड के आखिरी चरण में होंगे।
परेड में दिखेगी पूर्व सैन्यकर्मियों की झांकी – सेना अपने टैंक टी-90 और इन्फैन्ट्री कॉम्बैट व्हीकल और ब्रह्मोस मिसाइल, हथियार का स्थान बताने वाले रडार स्वाति, ढुलाई करने लायक उपग्रह टर्मिनल और आकाश हथियार प्रणाली को भी दर्शाएगी। एक और आकर्षण धनुष तोप प्रणाली होगा। इसके बाद एडवांस्ड लाइट हेलिकॉप्टर रूद्र सलामी उड़ान भरेगा। गणतंत्र दिवस परेड में मेकैनाइज्ड इन्फैन्ट्री रेजीमेंट, बिहार रेजीमेंट, गोरखा ट्रेनिंग सेंटर और पंजाब रेजीमेंटल सेंटर, सिख रेजीमेंटल सेंटर, मद्रास इंजीनियरिंग ग्रुप, इन्फैन्ट्री, बटालियन :क्षेत्रीय सेना: सिख लाइट इन्फैन्ट्री का संयुक्त बैंड भी दिखेगा। परेड में पूर्व सैन्यकर्मियों की झांकी भी दिखेगी। इसके बाद नौसेना की मार्चिंग टुकड़ी और नौसेना की भी एक झांकी दिखेगी। वायु सेना के मार्चिंग टुकड़ी के बाद वायु सेना की भी एक झांकी दिखाई जाएगी जिसमें भारतीय वायु सेना के सैन्य कौशल को प्रदर्शित किया जाएगा। रक्षा अनुसंधान विकास संगठन (डीआरडीओ) अपना एडवांस्ड टॉड आर्टिफिसियल गन सिस्टम (एटीएजीएस) और मध्यम क्षमता वाले रडार अरूद्र को प्रदर्शित करेगा।
सभी क्षेत्रों सहित चप्पे चप्पे पर सुरक्षा बल तैनात – अर्धसैनिक बल की टुकड़ी का नेतृत्व बीएसएफ का उंट बैंड करेगा। इसके बाद भारतीय तटरक्षक बल, सीआईएसएफ, दिल्ली पुलिस, एनएसजी और एनसीसी की टुकडिय़ां मार्च करेगी। ओडि़शा, अरूणाचल प्रदेश, महाराष्ट्र, मणिपुर, गुजरात, लक्षद्वीप, कर्नाटक, दिल्ली, हिमाचल प्रदेश, हरियाणा, पश्चिम बंगाल, पंजाब, तमिलनाडु, त्रिपुरा, जम्मू कश्मीर, असम समेत अन्य राज्य अपनी-अपनी झांकियों के माध्यम से अपनी परंपरा और संस्कृति की झलक पेश करेंगे। वित्त मंत्रालय के तहत केंद्रीय उत्पाद शुल्क एवं सीमा शुल्क बोर्ड विभाग के साथ कौशल विकास मंत्रालय की भी झांकी गणतंत्र दिवस परेड में देखने को मिलेगी। दिल्ली सहित पूरे देश में सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली समेत देशभर में कल गणतंत्र दिवस पर सुरक्षा के कडे प्रबंध किये गये हैं और संवेदनशील क्षेत्रों सहित चप्पे चप्पे पर सुरक्षा बल तैनात हैं। वहीं जानवरों के आवागमन पर भी नजर रहेगी क्योंकि ऐसी गुप्तचर जानकारी है कि आतंकवादी समूह उनका इस्तेमाल आत्मघाती हमलावर के तौर पर कर सकते हैं।
आतंकवादी समूह कर सकते हैं नई तकनीकों का इस्तेमाल- साथ ही जगह जगह बैरिकेट लगाकर आने जाने वाले वाहनों की जांच की जा रही है। दिल्ली पुलिस को आज एक विशेष परामर्श भेजकर सूचना दी गई कि आतंकवादी समूह रेलवे स्टेशन जैसे महत्वपूर्ण प्रतिष्ठानों को निशाना बनाने के लिए जानवरों का इस्तेमाल कर सकते हैं ताकि अफरा तफरी मचायी जा सके। दिल्ली पुलिस को पहले यह परामर्श भेजा गया था कि आतंकवादी समूह नई तकनीकों का इस्तेमाल कर सकते हैं। आज उसे एक विशेष परामर्श मिला जिसमें इस तरह के हमले की चेतावनी दी गई। परामर्श दिल्ली पुलिस की विशेष इकाई द्वारा जारी किया गया जिसमें कर्मियों से चुराये गए पालतू जानवरों को ध्यान में रखने के लिए कहा गया क्योंकि हो सकता है कि आतंकवादी समूहों ने उन्हें आतंकवादी हमले करने के लिए चुरा लिया हो।
करीब 60 हजार जवान रखेंगे चौकसी
दिल्ली में पुलिस और अर्धसैनिक बल के करीब 60 हजार जवान कड़ी चौकसी रखेंगे। इस दौरान गुप्तचर जानकारी के मद्देनजर विशेष जोर हवाई आधारित खतरों को निष्क्रिय करने पर रहेगा। ऐतिहासिक राजपथ पर विशेष इंतजाम किये गए हैं जहां राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी देश की प्रदर्शित होने वाली सैन्य ताकत देखेंगे। राष्ट्रपति सशस्त्र बलों के सर्वोच्च कमांडर हैं। विशेष पुलिस आयुक्त (नयी दिल्ली क्षेत्र) मुकेश कुमार मीणा ने कहा, च्चाक चौबंद सुरक्षा की गई है। दिल्ली पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी क्षेत्र में गश्त करेंगे जबकि सीमाओं को सील कर दिया गया है।ज् हाल में आयी इस गुप्त सूचना के मद्देनजर कि हो सकता है कि लश्करे तैयबा जैसे आतंकवादी समूह हेलीकाप्टर चार्टर सेवाएं और चार्टर उड़ानों का इस्तेमाल करते हुए हवा के जरिये हमले की योजना बना रहें हो, दिल्ली पुलिस अन्य सुरक्षा एजेंसियों के साथ मिलकर कड़ी सतर्कता रख रही है।
ड्रोन निरोधक तकनीक का इस्तेमाल कर रही है पुलिस
पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि पुलिस किसी भी हमले को विफल करने या उडऩे वाली संदिग्ध वस्तुओं की पहचान करने के लिए ड्रोन निरोधक तकनीक का इस्तेमाल कर रही है। अधिकारी ने कहा कि इसके अलावा सुरक्षा कर्मी विमान निरोधक बंदूकों के साथ उंची इमारतों पर तैनात रहेंगे। सीसीटीवी कैमरे लगाये गए हैं और नियंत्रण कक्ष स्थापित किये गए हैं ताकि कैमरों से मिलने वाली फीड की निगरानी की जा सके। सुरक्षा एजेंसियों को जारी परामर्श में कहा गया है कि सुरक्षा बलों के लिए यह जरूरी है कि वे खतरों के दायरे को समझें और उससे निपटने के लिए उपयुक्त रास्ते अपनायें। सुरक्षा बलों से कहा गया है कि पुलिस एवं अन्य सुरक्षा कर्मियों की भी ठीक से जांच की जाए क्योंकि ऐसी आशंका है कि आतंकवादी सुरक्षा बलों का वेश धारण कर सकते हैं।  परामर्श के अनुसार, आतंकवादी फिदायीन हमला करने के लिए सुरक्षा बलों की वर्दी का इस्तेमाल कर सकते हैं और इसलिए गणतंत्र दिवस समारोह के दौरान तैनात होने वाले सुरक्षा कर्मियों की पहचान और जांच की पर्याप्त व्यवस्था की जाए।
सुरक्षा बलों को दी गई है चेतावनी
सुरक्षा बलों को चेतावनी दी गई है कि कुछ मुस्लिम चरमपंथी संगठन हवाईजहाजों का इस्तेमाल करके 9/11 हमला जैसे हमले की योजना बना रहे हैं। 26 जनवरी को सुबह 10 बजकर 35 मिनट से सवा बारह बजे के बीच इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे से किसी भी वाणिज्यिक उड़ान को उड़ान भरने या उतरने की अनुमति नहीं दी जायेगी। वहीं गणतंत्र दिवस कार्यक्रमों के मद्देनजर पंजाब, हरियाणा और दोनों राज्यों की संयुक्त राजधानी चंडीगढ़ में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किये गए हैं। अधिकारियों ने बताया कि जोखिम वाले स्थानों एवं प्रमुख प्रतिष्ठानों पर अतिरिक्त बलों की तैनाती की गई है। इसमें परेड मैदान भी शामिल है जहां परेड होती और इसके अलावा इसमें महत्वपूर्ण बस स्टैंड, रेलवे स्टेशन और सरकारी इमारतें शामिल हैं। पंजाब में पहले से ही पर्याप्त सुरक्षा इंतजाम किये गए हैं जहां चार फरवरी को चुनाव होना है।
सार्वजनिक स्थलों की सुरक्षा में तैनात रहेंगे सुरक्षाकर्मी
अधिकारियों ने बताया कि पुलिस, अर्धसैनिक बल एवं अन्य सुरक्षाकर्मी सार्वजनिक स्थलों की सुरक्षा में तैनात रहेंगे। उन्होंने बताया कि पंजाब और हरियाणा में सभी अंतरराज्यीय सीमा स्थित सभी जांच चौकियों को अधिकतम अलर्ट पर रखा गया है। अगरतला से मिली सूचना के मुताबिक कल गणतंत्र दिवस कार्यक्रम के मद्देनजर पूरे त्रिपुरा और राज्य की बांग्लादेश से लगने वाली 856 किलोमीटर लंबी सीमा पर सुरक्षा बढ़ा दी गई है। पुलिस अधीक्षक (सुरक्षा) कमल चक्रवर्ती ने कहा, च्पूरे राज्य में सुरक्षा उपाय कड़े कर दिये गए हैं एवं बीएसएफ को अलर्ट कर दिया गया है।  राजभवन, सिविल सचिवालय और विधानसभा जैसे महत्वपूर्ण प्रतिष्ठानों पर अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात किये गए हैं। उन्होंने बताया कि त्रिपुरा स्टेट राइफल्स एवं अन्य केंद्रीय अर्धसैनिक बलों की दूरदराज और पर्वतीय क्षेत्रों में तैनाती करके गश्त बढ़ा दी गई है। त्रिपुरा पुलिस मुख्यालय ने बीएसएफ, टीएसआर और असम राइफल्स को अधिकतम अलर्ट पर रखा है और सीमा पर गश्त बढ़ा दी गई है।

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