देश आज 68वां गणतंत्र दिवस मना रहा है. पहले प्रधानमंत्री अमर जवान ज्योति पहुंचे और उन्होंने शहीदों को श्रद्धांजलि दी. उन्होंने विजिटर्स बुक पर अपना संदेश लिखा. राष्ट्रपति के साथ क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन जायद भी राजपथ पहुंच चुके हैं. प्रधानमंत्री ने वीरता प्राप्त पुरस्कार लोगों से मुलाकात की. राष्ट्रगान के साथ समारोह की शुरुआत हुई और राष्ट्रपति ने तिरंगे को सलामी दी. राष्ट्रपति ने हवलदार हंगपन दादा को मरणोपरांत आशोक चक्र से सम्मानित किया. हंगपन दादा की पत्नी ने यह सम्मान ग्रहण किया.
-केंद्रीय विद्यालय , पीतमपुरा दिल्ली के छात्रों ने तिरंगा नृत्य पेश कर देशभक्ति का समां बांध दिया.
-माउंट आबू पब्लिक स्कूल, दिल्ली के छात्रों ने असम का टोकड़ी लोक नृत्य पेश कर असम के लोक जीवन का रंग जीवंत कर दिया.
-इसके बाद स्कूली बच्चों के सांस्कृतिक कार्यक्रमों की शुरुआत हुई. दिल्ली के सर्वोदय कन्या विद्यालय की क्षात्राओं ने अपने गुलाबी हरे परिधान के साथ मोहक गीत पेश किया.
- राष्ट्रपति भवन से राजपथ सलामी मंच के ऊपर से हेलीकॉप्टरों का दस्ता अपने जलवे दिखाते हुए गुजरा.
- यूएई के मिलिट्री बैंड के सदस्यों का दस्ता देखने लायक था. इसके बाद 61 कैवेलरी के अश्वरोहियों का दस्ता राजपथ से गुजरा.
- टी-90 टैंक का मैकेनाइज्ड दस्ता देख लोग चकित रह गए. इसके पीछे था इन्फैंट्री कॉम्बैक्ट व्हीकल का दस्ता. इसके बाद दिखी ब्रम्होस हथियार प्रणाली और उसके बाद हथियार खोजी रडार स्वाति. स्वाति स्वदेश निर्मित रडार है. इसके बाद रासायनिक जैविक विकिरण नाभिकीय अतिरक्षण स्वदेश निर्मित वाहन ने देश की ताकत दिखाई. कैप्टन अनिल बंसल के नेतृत्व में स्वदेशी आकाश मिसाइल का प्रदर्शन किया गया.
इसके बाद देखने लायक था स्वेदश में ही निर्मित धनुष तोप सिस्टम. यह विश्व के सबसे आधुनिक और उच्च तकनीक वाले तोप में से है. इसके बाद मार्चिंग दस्ते की शुरुआत हुई मैकेनाइज्ड इन्फैंट्री रेजिमेंट के साथ. इसके बाद बिहार रेजिमेंट के जवानों ने मार्च किया.
-इसके बाद फूलों से सजी कारों में गुजरते हुए बहादुरी पुरस्कार प्राप्त बहादुर बच्चों ने राजपथ पर सबका आह्वान किया.
कौशल विकास और उद्यमिता मंत्रालय की झांकी में कार्यकुशलता और दक्षता के महत्व को दर्शाया गया.
-केंद्रीय लोक निर्माण विभाग की फूलों से सजी झांकी पर्यावरण अनुकूल निर्माण का संदेश देते हुए सबका मन मोहने वाली थी.
-केंद्रीय लोक निर्माण विभाग की फूलों से सजी झांकी पर्यावरण अनुकूल निर्माण का संदेश देते हुए सबका मन मोहने वाली थी.
-इसके बाद नंबर था वैज्ञानिक एवं औद्योगिक अनुसंधान परिषद की झांकी, जिसके 75 साल पूरे हुए हैं.
-इसके बाद आई आवास एवं शहरी गरीबी उन्मूलन मंत्रालय की झांकी, जिसमें 2022 तक सबके लिए आवास योजना के महत्व को पेश किया गया.
-इसके बाद आई आवास एवं शहरी गरीबी उन्मूलन मंत्रालय की झांकी, जिसमें 2022 तक सबके लिए आवास योजना के महत्व को पेश किया गया.
-सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम मंत्रालय की झांकी में खादी के महत्व को दर्शाया गया था.
-केंद्रीय उत्पाद एवं सीमा शुल्क बोर्ड की झांकी में जीएसटी के महत्व को प्रदर्शित किया गया.
-केंद्रीय उत्पाद एवं सीमा शुल्क बोर्ड की झांकी में जीएसटी के महत्व को प्रदर्शित किया गया.
-असम की झांकी में वहां के प्रसिद्ध कामाख्या देवी मंदिर का मॉडल पेश किया गया था. यह देश के प्रमुख शक्तिपीठों में से एक है.
-जम्मू-कश्मीर की झांकी में बर्फबारी का खूबसूरत प्रदर्शन देखने लायक था.
-त्रिपुरा की झांकी में होजगिरी नृत्य का प्रदर्शन किया था. इस नृत्य में शरीर के सिर्फ निचले हिस्से का इस्तेमाल किया जाता है.
-गोवा की झांकी में पुर्तगाली असर वाले नृत्य और संगीत का प्रदर्शन किया गया, वहां के रंग-बिरंगे फूल भी देखने लायक थे.
-हरियाणा की झांकी में बेटियों के साथ समानता के व्यवहार का संदेश दिया गया था.
-हिमाचल प्रदेश की झांकी में कसीदाकारी को दर्शाया गया था.
- मामूली बारिश से लोगों ने छतरियां निकाल ली हैं, लेकिन लोगों को उत्साह कम नहीं हुआ है.
-महाराष्ट्र की झांकी लोकमान्य तिलक पर केंद्रित थी.
-राजपथ पर तमाम राज्यों की खूबसूरत झांकियां देखकर लोग दंग रह गए.
- 32 साल में पहली बार NSG के कमांडोज ने राजपथ पर परेड में लिया हिस्सा, बता दें कि इस बल का गठन 1984 में हुआ था. मुंबई हमलों में एनएसजी कमांडो ने ही 9 पाकिस्तानी आतंकवादियों को मार गिराया था.
नौसेना का ब्रास बैंड अपनी धुन से लोगों को मोहित कर गया. इसके बाद आया नौसेना का मार्चिंग दस्ता.
इसके बाद भारतीय वायुसेना के मार्चिंग दस्ते ने राजपथ पर अपने शौर्य का प्रदर्शन किया. इसके बाद नौसेना का बैंड सलामी मंच के सामने से गुजरा. इसके बाद थी भारतीय वायुसेना की झांकी अपने साजो-सामान का प्रदर्शन करते हुए.
अरुध्र स्वदेशी रडार एक मीडियम पावर रडार राजपथ से गुजरा और लोगों को देश की ताकत का लोहा मनवा गया.
इसके बाद देखने लायक था सीमा सुरक्षा बल का ऊंट सवार दस्ता

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