Sunday, 22 January 2017

34 लोगों की हत्या मामले में 4 दोषियों की फांसी की सजा माफ

राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने केंद्रीय गृह मंत्रालय के सुझावों को दरकिनार कर चार लोगों की फांसी की सजा को आजीवन कारावास की सजा में तब्दील कर दिया जो बिहार में 1992 में अगड़ी जाति के 34 लोगों की हत्या के मामले में दोषी थे।राष्ट्रपति ने नववर्ष पर कष्णा मोची, नन्हे लाल मोची, वीर कुंवर पासवान और धमेर्न्द्र सिंह उर्फ धारू सिंह की फांसी की सजा को आजीवन कारावास की सजा में तब्दील कर दिया।गृह मंत्रालय ने बिहार सरकार की अनुशंसा पर आठ अगस्त 2016 को चारों की दया याचिका को खारिज करने की अनुशंसा की थी।बहरहाल राष्ट्रपति ने मामले में विभिन्न तथ्यों पर विचार किया जिसमें राज्य सरकार द्वारा चारों दोषियों की दया याचिका को सौंपने में विलंब करना और राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग के विचार शामिल थे।एनएचआरसी ने पिछले वर्ष अपने आदेश में कहा था कि आयोग के समक्ष रखे गए तथ्यों और सामग्री के विश्लेषण पर पता चलता है कि चारों दोषियों ने अपनी दया याचिका सात जुलाई 2004 से पहले दायर की थी। इसने कहा, यह बिहार सरकार के महानिरीक्षक (जेल और सुधार सेवाएं) की स्वीकारोक्ति से स्पष्ट है कि सात जुलाई 2004 को बिहार सरकार के गह विभाग के माध्यम से राष्ट्रपति सचिवालय को चारों दोषियों की दया याचिका भेज दी गई थी। 

No comments:

Post a Comment

जीवन के मकान में रहे अच्छाइयों का प्रवास : आचार्य महाश्रमण

कडूर और बिरूर में अहिंसा यात्रा का भव्य स्वागत  कडूर, कर्नाटक-  सद्भावना नैतिकता और नशामुक्ति इन तीनों आयामों से जन-जीवन का कल्याण कर...