पारिवारिक कलह से टूट की कगार पर पहुंची समाजवादी पार्टी (सपा) के लिए आज का दिन बेहद महत्वपूर्ण है। सपा से 6 साल के लिए निकाले गए उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने आज सुबह 9 बजे विधायकों की बैठक बुलाई है। वहीं सपा मुखिया मुलायम सिंह यादव ने भी आज सुबह 10.30 बजे पार्टी द्वारा घोषित 393 उम्मीदवारों को पार्टी दफ्तर में बुलाया है। मुलायम की सूची में ऐसे कई विधायक और उम्मीदवार हैं जो सीएम अखिलेश द्वारा जारी की गई लिस्ट में भी है। अब इन विधायकों और उम्मीदवारों के सामने दोनों बैठकों में शामिल होने का संकट है।
माना जा रहा है कि सपा मुखिया मुलायम अखिलेश की जगह किसी दूसरे को सीएम बनाने की तैयारी में हैं। दूसरी ओर पार्टी से निकाले जाने के बाद अखिलेश ने कहा कि असली समाजवादी पार्टी उनकी है, पिताजी (मुलायम सिंह यादव) के आस-पास के लोगों ने उन्हें गुमराह किया है।
मुलायम हुए कठोर फैसला, सीएम अखिलेश को पार्टी से किया बाहर
इससे पहले अभूतपूर्व घटनाक्रम के तहत मुलायम ने अपने बेटे मुख्यमंत्री अखिलेश यादव और चचेरे भाई रामगोपाल यादव को पार्टी से बाहर कर दिया है। मुलायम ने भारी मन से कहा, ‘रिश्ते से बड़ी उनके लिए पार्टी है। उन्होंने व उनके साथियों ने बड़ी मेहनत से पार्टी को खड़ा किया है और वो उसे टूटने नहीं देंगे। भला कोई बाप बेटे के खिलाफ ऐसी कार्रवाई करता है लेकिन मुझे करनी पड़ रही है।’
इस घटनाक्रम के साथ ही 25 साल पुरानी सपा मुलायम परिवार के आपसी झगड़े के चलते दो फाड़ होने की कगार पर पहुंच गई है। मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के सामने अपनी सरकार बचाने की भी चुनौती आ खड़ी हुई है। अब मुख्यमंत्री को विधायकों का बहुमत अपने पाले में करके दिखाना होगा। अपने पिता व चाचा शिवपाल से जुड़े विधायकों को अपने साथ लाए बिना अखिलेश के लिए अब बहुमत साबित करना मुश्किल होगा।
असंवैधानिक काम कर रहे हैं मुलायम : रामगोपाल
मुलायम सिंह यादव की ओर से मुख्यमंत्री अखिलेश यादव व राष्ट्रीय महासचिव प्रो. रामगोपाल यादव को छह वर्ष के लिए पार्टी से बाहर किए जाने के बाद उनके फैसले पर सवाल खड़ा करते हुए रामगोपाल ने कहा कि उन्हें असंवैधानिक तरीके से पार्टी से बाहर निकाला गया है।
लखनऊ में पत्रकारों से बातचीत करते हुए रामगोपाल ने कहा, “ पार्टी के भीतर पूरा काम ही असंवैधानिक हो रहा है। जब मुझसे जवाब मांगा गया था, तब निकालने की क्या जरूरत थी। यह तो असंवैधानिक है।”
मुलायम पर पलटवार करते हुए रामगोपाल ने कहा कि पार्टी अध्यक्ष व प्रदेश अध्यक्ष ने मिलकर टिकटों की घोषणा कर दी। क्या टिकट पर चचार् करने के लिए संसदीय बोर्ड की बैठक कभी बुलाई गई? क्या संसदीय बोर्ड का कोई मतलब नहीं है?
अखिलेश समर्थकों में भड़का आक्रोश, एक ने किया सुसाइड का प्रयास
शाम छह बजे जैसे ही सपा प्रमुख मुलायम सिंह यादव ने अखिलेश और राम गोपाल को निकालने की घोषणा….समर्थक पांच केडी पर जुटने लगे…। देखते ही देखते…अखिलेश समर्थकों का हुजूम उमड़ पड़ा। पार्टी से निकाले जाने से नाराज व दुखी तीन युवाओं ने खुद पर केरोसीन छिड़क लिया। उनमें से एक राहुल सिंह ने आग लगा ली। उसे तीस फीसदी जलने के बाद अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

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