Saturday, 24 December 2016

राहुल के बयान का मजाक उड़ाने पर चिदंबरम ने मोदी को आड़े हाथ लिया

कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी के बयान का मजाक उड़ाने पर पार्टी के वरिष्ठ नेता पी चिदंबरम ने आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को आड़े लिया 

कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी के बयान का मजाक उड़ाने पर पार्टी के वरिष्ठ नेता पी चिदंबरम ने आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को आड़े लिया । चिदंबरम ने कहा कि मजाक उड़ाने को तो वह भी मोदी का मजाक उड़ा सकते हैं, लेकिन वह ऐसा नहीं करेंगे और बेहतर होगा कि मोदी पूछे गए सवालों के जवाब दें ।
चिदंबरम ने कहा, ‘राहुल कह रहे हैं कि मेरा मजाक उड़ाइए, लेकिन लोगों के सवालों के जवाब दीजिए, सवाल के जवाब देना प्रधानमंत्री की ड्यूटी है , लेकिन वह मजाक उड़ा रहे हैं और अभिनय कर रहे हैं । पूर्व केंद्रीय वित्त मंत्री चिदंबरम ने कहा, ‘‘मैं भी प्रधानमंत्री की तरह बोल सकता हूं…..और मजाक उड़ा सकता हूं, लेकिन मैं ऐसा नहीं करूंगा क्योंकि वह भारत के प्रधानमंत्री हैं ।’ चिदंबरम ने यह भी याद दिलाया कि पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने कबूल किया था कि आपातकाल लागू करना एक भूल थी । उन्होंने कहा कि मोदी को इसी तरह कबूल कर लेना चाहिए कि नोटबंदी एक ‘त्रुटिपूर्ण’ फैसला था, जिससे लोग बुरी तरह प्रभावित हुए हैं । नोटबंदी पर भाजपा सरकार और मोदी को आडे हाथ लेते हुए उन्होंने कहा, नोटबंदी एक ऐसा कदम है जिससे 45 करोड़ लोग भिखारियों जैसे बन गए और मध्यम वर्ग भी 45 दिन से परेशान है । एक जनसभा को संबोधित करते हुए उन्होंने यहां कहा कि इससे कोई इनकार नहीं कर सकता कि नोटबंदी के कारण पैदा हुई परेशानियां और छह महीने कायम रहेंगी ।गौरतलब है कि इससे पहले चिदंबरम ने नोटबंदी के फैसले को लेकर आरबीआई और वित्‍तमंत्री अरुण जेटली को निशाने पर लिया था। चिदंबरम के अनुसार, नोटबंदी के बाद से रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया नए नियम बना रहा है और जेटली उसे बदल रहे हैं। मंगलवार को चिदंबरम ने कहा कि नागरिकों को पता नहीं कि किसपर भरोसा करें कि क्‍योंकि दोनों अपनी साख गंवा चुके हैं। चिदंबरम ने ट्विटर के जरिए केंद्र सरकार पर हमला किया। उन्‍होंने लिखा, ”8 नवंबर को पीएम का वादा और 11 नवंबर को वित्‍तमंत्री का आश्‍वासन। आरबीआई जमा पर नया नियम बनाता है और वित्‍तमंत्री विरोधाभासी बयान देते हैं। नागरिक किसपर भरोसा करें? दोनों में किसी की साख नहीं रह गई।” रिजर्व बैंक ने 19 दिसंबर को 5000 रुपये से ऊपर की रकम एक ही बार में जमा कराने का निर्देश जारी किया था। इसमें कहा गया था कि अब तक रकम जमा क्‍यों नहीं कराई, यह भी बताया जाए। हालांकि मंगलवार को जेटली ने सफाई देते हुए कहा कि ऐसी कोई लिमिट नहीं लगाई गई है और कोई कितनी भी रकम जमा करा सकता है। चिदंबरम ने ट्वीट कर पूछा कि लोग 30 दिसंबर तक नोट जमा क्‍यों नहीं कर सकते, जैसा 8 नवंबर को सरकार द्वारा वायदा किया गया था। उन्‍होंने कहा, ”पुराने नोट 15 दिसंबर तक इस्‍तेमाल किये जा सकते थे। जैसा बताया गया था, वैसे हम 30 दिसंबर तक बचे हुए नोट जमा क्‍यों नहीं कर सकते?

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