देश को बदलने के लिए शिक्षा की जरूरत पर जोर देते हुए दिल्ली के उप मुख्यमंत्री एवं शिक्षा मंत्री मनीष सिसोदिया ने कहा कि प्रधानमंत्री या मुख्यमंत्री बदलने से देश की सूरत नहीं बदलेगी, बल्कि शिक्षा के प्रसार से ही राष्ट्र में अमूल-चूल परिवर्तन हो सकता है.
सिसोदिया ने यह भी कहा कि पुल और इमारतें बनाना ही विकास नहीं है ! उन्होंने कहा कि राजधानी के सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले करीब 16 लाख छात्रों को उनकी प्रतिभा और विश्वास के साथ खड़ा करना दिल्ली सरकार का सपना है ! वह ‘अमेरिकन फेडरेशन ऑफ मुस्लिम्स ऑफ इंडियन ऑरिजन’ के दो दिवसीय 25वें शिक्षा सम्मेलन में बोल रहे थे !इस सम्मेलन में भारत के विभिन्न राज्यों के उन 135 छात्रों को पुरस्कृत किया जायेगा और छात्रवृत्ति दी जायेगी जिन्होंने 10वीं और 12वीं कक्षा में उच्चतर अंक हासिल किए हैं !सिसोदिया ने कहा, ”शिक्षा के बिना देश को नहीं बदला जा सकता. भले ही आप प्रधानमंत्री बदल दीजिए, मुख्यमंत्री बदल दीजिए या पार्टी बदल दीजिए, अगर शिक्षा नहीं होगी तो इस देश नहीं बदला जा सकता.” उन्होंने कहा, ”अक्सर यह सवाल आता है कि आप लोग पूंजी में निवेश नहीं करते हैं तो मैं बार-बार पूछता हूं कि स्कूल कैपिटल निवेश है या नहीं. उन्होंने कहा कि बड़े-बड़े पुल बनाना और इमारतें बनाना ही विकास नहीं है.”पूर्व मुख्य चुनाव आयुक्त एसवाई कुरैशी ने कहा कि मुसलमानों की मजहबी किताब में सबसे ज्यादा जोर शिक्षा पर दिया गया है जबकि लोग इस बात को नहीं समझते.
सिसोदिया ने यह भी कहा कि पुल और इमारतें बनाना ही विकास नहीं है ! उन्होंने कहा कि राजधानी के सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले करीब 16 लाख छात्रों को उनकी प्रतिभा और विश्वास के साथ खड़ा करना दिल्ली सरकार का सपना है ! वह ‘अमेरिकन फेडरेशन ऑफ मुस्लिम्स ऑफ इंडियन ऑरिजन’ के दो दिवसीय 25वें शिक्षा सम्मेलन में बोल रहे थे !इस सम्मेलन में भारत के विभिन्न राज्यों के उन 135 छात्रों को पुरस्कृत किया जायेगा और छात्रवृत्ति दी जायेगी जिन्होंने 10वीं और 12वीं कक्षा में उच्चतर अंक हासिल किए हैं !सिसोदिया ने कहा, ”शिक्षा के बिना देश को नहीं बदला जा सकता. भले ही आप प्रधानमंत्री बदल दीजिए, मुख्यमंत्री बदल दीजिए या पार्टी बदल दीजिए, अगर शिक्षा नहीं होगी तो इस देश नहीं बदला जा सकता.” उन्होंने कहा, ”अक्सर यह सवाल आता है कि आप लोग पूंजी में निवेश नहीं करते हैं तो मैं बार-बार पूछता हूं कि स्कूल कैपिटल निवेश है या नहीं. उन्होंने कहा कि बड़े-बड़े पुल बनाना और इमारतें बनाना ही विकास नहीं है.”पूर्व मुख्य चुनाव आयुक्त एसवाई कुरैशी ने कहा कि मुसलमानों की मजहबी किताब में सबसे ज्यादा जोर शिक्षा पर दिया गया है जबकि लोग इस बात को नहीं समझते.

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