Thursday, 3 November 2016

फेसबुक पर छोटी उम्र की पल्लवी कौर जौहर की एक पोस्ट ने बदल दी सहेली की जिन्दगी

कानपुर के हरजीत सिग जौहर की बेटी जो फेसबूक पर उम्र से छोटी मगर दिमाग से मोटी अपनी हर पोस्ट फेसबूक पर व्यंग , कटु व सटीक लिखती है छोटी सी उम्र ओर अपनी सहेली के प्रति हमदर्दी ने नया संदेश दिया---
कानपुर- आप सोच भी नहीं सकते कि क्या ऐसा भी हो सकता है पर यह सच है 1 जुलाई 16 को कानपुर की पल्लवी कौर जौहर ने एक फेसबुक पर एक मुहिम चलाई थी कि जिनको आरक्षण नही मिलता है उच्च जाति के कारण उनके बारे में भी कोई बात हो| उसमे अपनी सहेली रानू दुबे के बारे में लिखा था और उसकी फोटो पोस्ट की थी| वो मुहिम सफल हो गयी, आज रानू दुबे छत्रपति शिवाजी यूनिवर्सिटी, कानपुर में गर्ल्स हॉस्टल में रह कर अपनी उच्च शिक्षा ग्रहण कर रही है| 
पल्लवी कौर जौहर ने अपनी पोस्ट में बताया था कि रानू दुवे की मां पनकी कानपुर स्टेशन के सामने एक बहुत छोटा सा ढाबा चलाती है| उन्होंने पोस्ट में अपील की थी कि ये रानू दुबे पैसे के आभाव के कारण उच्च शिक्षा से वंचित हो रही है| आज पल्लवी कौर जौहर ने बताया है कि मैंने कभी ऐसा नहीं सोचा था कि मेरी ये पोस्ट सोशल मीडिया में आग लगा देगी, पहली जुलाई को मैंने पोस्ट किया और 2 जुलाई तक मेरे पोस्ट के करीब 4500 शेयर हो गये और मेरी पोस्ट व्हाट्सअप पर घुमने लगी तो मै डर कर अपनी पोस्ट को डिलीट कर दिया| बस मन का डर था कि ये क्या हो गया? ये मेरी मुहिम थी, कि रानू दुबे को उच्च शिक्षा दिलवानी है, जिसमे उसकी जाति आड़े आ रही थी, जहाँ मै उसको गरीब होते हुए भी आरक्षण का कोई लाभ नही दिला पा रही थी|
पल्लवी कौर जौहर ने बताया है कि पोस्ट के बाद कई भाई लोग दौड़ के हकीकत पता करने आये और जब उन्होंने ओके कर दिया कि ये सही पोस्ट है और वो भी मेरी इस मुहिम से जुड़ गए, तब व्हाट्सअप और सोशल मीडिया को देखकर अमर उजाला, भोपाल के दैनिक भास्कर सहित कई अखबारों ने रानू की खबर को रानू की फ़ोटो के साथ प्रकाशित किया| और उसे मीडिया ने दरकिनार कर लिखा ये हमारी मुहिम है बेटी बचाओ, बेटी पढाओ| मैंने (पल्लवी कौर जौहर की जुबानी ) इसकी शिकायत पवन राज शुक्ल भैया को की, वो बोले बिटिया ये व्यापारी हैं, तुम अपना काम करो रानू को उच्च शिक्षा दिलवाओ, हमलोग तुम्हारे साथ है| कड़ी से कड़ी जुडती गयी| व्हाट्स अप और सोशल मीडिया पर फेली ये खबर अच्छे अच्छे लोगो को जोड़ने लगी|
पल्लवी कौर जौहर ने बताया कि इस मुहिम में बहुत बड़ा योगदान देने वाले बरेली की मंजू आंटी, मेरठ से अमित अग्रवाल जी, कानपुर से ही जज पूजा दीदी, इलाहाबाद के SP साहब श्री तिवारी जी सहित बहुत लोग आये, बहुत अच्छे अच्छे लोग आये| जिनसे मुझे बहुत कुछ सीखने को मिला, जिन्होंने हर प्रकार से रानू का साथ दिया|
पल्लवी कौर जौहर ने विद्रोही आवाज़ को बताया है कि पोस्ट के बाद के कुछ बुरे अनुभव भी हैं| कुछ लोगो ने पोस्ट का मजाक भी उड़ाया| किसी ने लिखा ये क्या नया पैसा कमाने का जरिया बना है? ऐसे लोगों से मैं कहना चाहूंगी कि हमेशा किसी भी बात को खासकर जब वह किसी के जीवन से जुडी हो, नकारात्मक रूप से ही ना सोचें, सकारात्मक सोचें या फिर पहले हकीकत पता करें या फिर चुप रहें|

                                 देखें रानू दुबे  छत्रपति शिवाजी यूनिवर्सिटी से वापस आई है आपनी ढाबे पर—-

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