सुरक्षा बलों और आतंकियों के बीच पांपोर में मुठभेड़ 57 घंटे बाद समाप्त हो गई। श्रीनगर-जम्मू हाईवे से लगती सात मंजिली उद्यमिता विकास संस्थान (ईडीआइ) बिल्डिंग में मोर्चाबंद दो आतंकियो-
हथियारों के साथ मिले कुछ दस्तावेजों के आधार पर दोनों लश्कर से संबंधित पाकिस्तानी मूल के आतंकी बताए जा रहे हैं। इससे पहले लंबी मुठभेड़ सितंबर-1994 को श्रीनगर के छन्नपोरा और नवंबर-2003 में श्रीनगर के इंदिरानगर में हुई थी। दोनों जगहों पर मुठभेड़ 72 घंटे चली थी।
ईडीआइ बिल्डिंग में इसी साल 20 फरवरी को भी लश्कर के आतंकी घुस गए थे। उस दौरान 48 घंटे चली मुठभेड़ में सेना के दो नौजवान अफसरों सहित छह सुरक्षाकर्मी शहीद हो गए थे। ईडीआइ का एक कर्मचारी और तीन आतंकी भी मारे गए थे। पिछली बार हुए भारी नुकसान को ध्यान में रखते हुए सुरक्षा बलों ने काफी सतर्कता बरती।
झेलम दरिया के पूर्वी किनारे पर साढे़ तीन एकड़ में फैले ईडीआइ परिसर की बिल्डिंग में घुसे आतंकियों को मार गिराने का अभियान सोमवार सुबह छह बजे शुरू हुआ था, जो बुधवार को अपराह्न तीन बजे दो आतंकियों के शवों की बरामदगी के बाद समाप्त हुआ। एक आतंकी मंगलवार की शाम को साढ़े पांच बजे के करीब मारा गया था। दूसरे आतंकी ने मोर्चा संभाला जो बुधवार दोपहर बाद मारा गया।
मेजर जनरल अशोक नरूला ने बताया कि हमने अपनी रणनीति के तहत समय लिया। आतंकियों के सफाए में ज्यादा क्षति न हो, इसको ध्यान में रखा गया। साथ ही सात मंजिली बिल्डिंग के चप्पे-चप्पे की तलाशी भी ली गई, जिससे सुरक्षा बलों के अभियान में ज्यादा समय लगा। इस बार किसी तरह की नागरिक या सुरक्षाबलों की क्षति नहीं हुई है।
सुरक्षाबलों ने फरवरी के दौरान हुई मुठभेड़ से सबक लेते हुए ........

No comments:
Post a Comment