सच्चा प्रयास कभी निष्फल नहीं होता है , लम्बी छलांगों से कहीं बेहतर है निरंतर बढ़ते कदम जो एक दिन आपको मंजिल तक ले जायेंगे ! ये पंक्तियां AlwAys Help Others Hope के लिए बहुत ही सही बैठती हैं

सूरत - एक सामाजिक सेवा कार्य करने वाली संस्था है जिसका गठन जिग्नेश गांधी द्वारा 2016 मे 22 सदस्यों द्वारा किया गया आज इस सामाजिक मानवीय संवेदनाओं को जागरूक अभियान में जुड़ी करीब 62 महिलाएं कार्यरत है,और अपनी सेवाएं दे रही है।इस संस्था द्वारा 2016 में धमराड एवं 2017 में चिखली गांव के 300 बच्चों के शिक्षण की जिम्मेदारी उठाई है और अभी गरीब और जरूरतमंद बच्चों की पढ़ाई और परवरिश की जिम्मेदारी से लेकर बड़े बुजुर्गो की चिकित्सा,अनाथालय , वृद्धाश्रम को अपनी सेवाएं दे रही है।संस्था द्वारा आदिवाशी बच्चों को गोद लेकर उनको शिक्षण एवं उनकी मूलभूत सुविधाएँ प्रदान कर रही है।स्लम एरिया एवं आर्थिक रूप से कमजोर परिवार के बच्चों को गंदगी से होने वाली बीमारियों से अवगत करवाते हुए जीवन में सफाई के महत्व को समझाते हुए अच्छा जीवन जीने की प्रेरणा देते है ।इस प्रकार अनेक सामाजिक एवं मानवीय गतिविधियों से जुड़कर सभी जरूरत मन्द परिवार उम्मीद एवं आशा(HoPe)की नई किरण जगाने की सफल कोशिश की है,
आज Hope संस्था के माध्यम से शहर एवं ग्रामीण अंचल के करीब 2000 बच्चों को गोद लेकर बच्चों में एक नई आशा की किरण पैदा की है। सूरत से दूर बाहर उचछल ग्राम में स्कूल में सभी बच्चों को शारीरिक सफाई से संबंधित वस्तुओं का स्वास्थ्य पेकेट जिसमें सभी वस्तुओं का समावेश है और इसी तरह पढ़ाई - लिखाई से संबंधित जुड़े सभी वस्तुओं का समावेश करके इन सभी वस्तुओं का वितरण ग्रामीण क्षेत्र में कर महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है
इस संस्था के संस्थापक श्री जिग्नेश भाई गांधी टेक्सटाइल मशीनरी के व्यवसाय से जुड़ने के साथ साथ सही मायने में विकास की दौड़ से बाहर रह जाने वाले सभी जरूरत मंद लोगो के लिए (Hope संस्था) के रूप में एक आधार स्तम्भ है।

सूरत - एक सामाजिक सेवा कार्य करने वाली संस्था है जिसका गठन जिग्नेश गांधी द्वारा 2016 मे 22 सदस्यों द्वारा किया गया आज इस सामाजिक मानवीय संवेदनाओं को जागरूक अभियान में जुड़ी करीब 62 महिलाएं कार्यरत है,और अपनी सेवाएं दे रही है।इस संस्था द्वारा 2016 में धमराड एवं 2017 में चिखली गांव के 300 बच्चों के शिक्षण की जिम्मेदारी उठाई है और अभी गरीब और जरूरतमंद बच्चों की पढ़ाई और परवरिश की जिम्मेदारी से लेकर बड़े बुजुर्गो की चिकित्सा,अनाथालय , वृद्धाश्रम को अपनी सेवाएं दे रही है।संस्था द्वारा आदिवाशी बच्चों को गोद लेकर उनको शिक्षण एवं उनकी मूलभूत सुविधाएँ प्रदान कर रही है।स्लम एरिया एवं आर्थिक रूप से कमजोर परिवार के बच्चों को गंदगी से होने वाली बीमारियों से अवगत करवाते हुए जीवन में सफाई के महत्व को समझाते हुए अच्छा जीवन जीने की प्रेरणा देते है ।इस प्रकार अनेक सामाजिक एवं मानवीय गतिविधियों से जुड़कर सभी जरूरत मन्द परिवार उम्मीद एवं आशा(HoPe)की नई किरण जगाने की सफल कोशिश की है,
आज Hope संस्था के माध्यम से शहर एवं ग्रामीण अंचल के करीब 2000 बच्चों को गोद लेकर बच्चों में एक नई आशा की किरण पैदा की है। सूरत से दूर बाहर उचछल ग्राम में स्कूल में सभी बच्चों को शारीरिक सफाई से संबंधित वस्तुओं का स्वास्थ्य पेकेट जिसमें सभी वस्तुओं का समावेश है और इसी तरह पढ़ाई - लिखाई से संबंधित जुड़े सभी वस्तुओं का समावेश करके इन सभी वस्तुओं का वितरण ग्रामीण क्षेत्र में कर महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है
इस संस्था के संस्थापक श्री जिग्नेश भाई गांधी टेक्सटाइल मशीनरी के व्यवसाय से जुड़ने के साथ साथ सही मायने में विकास की दौड़ से बाहर रह जाने वाले सभी जरूरत मंद लोगो के लिए (Hope संस्था) के रूप में एक आधार स्तम्भ है।

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