सूरत। मदर्स डे पर जहां लोग अपनी मां के लिए बच्चे बहुत कुछ करते हैं, वहीं एक पिता ने लिंबायत मीठीखाड़ी के पासअपने बच्चों के सामने ही उनकी मां की गला दबाकर हत्या कर दी। हत्या का कारण पत्नी के किसी से अवैध संबंध था। ऐसी शंका पिता को थी। इसलिए उसने सुबह चार बजे पत्नी के दुपट्टे से गला दबाकर हत्या कर दी। उसके बाद नमाज पढ़कर दुपट्टा और पत्नी की चिट्ठी लेकर वह पुलिस थाने पहुंच गया। लिंबायत मीठीखाड़ी के पास स्थित नूरानी नगर में शेख याकूब शेख ने रविवार की सुबह पत्नी समीनाबी की दुपट्टे से गला दबाकर हत्या कर दी। जब वह पत्नी का गला दबा रहा था, तब समीनाबी छटपटा रही थी। जिससे बच्चे जाग गए। हत्या के बाद याकूब ने बच्चों को पड़ोस में रहती मां के यहां छोड़ अाया। उस वक्त नमाज के लिए अजान हो गई, तब उसने नमाज पढ़ी और पत्नी का लेटर और दुपट्टा लेकर पुलिस थाने पहुंच गया।
पति के काम पर जाने के बाद युवक उनके घर आता- शेख याकूब के बयान के अनुसार मैं मध्यप्रदेश के बुरहानपुर का हूं। दस साल पहले मेरी शादी समीनाबी से हुई थी। उसके बाद घर में बेटे वसीम और बेटी मुबत्सरा और राेजमीन का जन्म हुआ। 5 साल पहले जब मेरा परिवार बुरहानपुर में रहता था, तब मेरी बहन शबाना और मुमताज ने बताया कि तुम जब काम पर जाते हो, तब सद्दाम उर्फ सईद तुम्हारे घर आता है। फिर वह घंटों समीना के साथ बातें करता रहता है। हमें शंका है कि दोनों के बीच प्रेम-संबंध हैं। इससे मैं अपने परिवार को यहां लिंबायत मीठीखाड़ी के पास नूरानीनगर में रहने आ गया।
सद्दाम के भाई ने दिया मुझे लेटर- दो महीने पहले में बुरहानपुर के इच्छापुर एक शादी में गया। वहां सद्दाम का बड़ा भाई कादर मिला,जिसने मुझे सद्दाम के कमरे से मिला एक लेटर दिया। जिस पर आई लव यू... लिखा था, साथ ही दिल का आकार बना था, उस पर समीना का नाम लिखा था। मैंने उस लेटर के बारे में समीना से पूछा। इससे हमारे बीच झगड़ा शुरू हो गया। इसके बाद तो हमारे बीच छोटी-छोटी बातों पर झगड़ा होने लगा। रविवार की सुबह पौने चार बजे समीना अचानक जागकर मुझे अनाप-शनाप बोलने लगी। इससे मैंने उसे शांत करने की कोशिश की। पर वह नहीं मानी, इससे मुझे गुस्सा आ गया, मैंने उसके दुपट्टे से उसका गला दबा दिया, करीब दस मिनट तक मैंने उसका गला दबाए रखा, इस बीच वह छटपटाती रही, जिससे तीनों बच्चे जाग गए। इस बीच समीना मर गई। तब बच्चे रोने लगे। मैंने रोते हुए बच्चों को उसी समय पड़ोस में रहने वाली अपनी मां के पास छोड़ दिया। इतने में नमाज के लिए अजान हुई। मैंने नमाज पढ़ी, उसके बाद समीना का वह दुपट्टा और वह लेटर लेकर पुलिस थाने पहुंच गया। वहां जाकर मैंने बता दिया कि मैंने अपनी पत्नी समीना की हत्या कर दी है

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