Friday, 8 December 2017

RTI में खुलासा, मोदी सरकार ने अबतक प्रचार में फूंके डाले इतने करोड़

मोदी सरकार की योजनाओं की पहुँच आम जनता तक हुई हो या न हुई हो इन योजनाओं की सूचना उन तक ज़रूर पहुंची है। प्रचार, राजनीति का महत्वपूर्ण हिस्सा रहा है लेकिन ये इतना बड़ा न हो जाए कि जनता इसके सामने छोटी पड़ जाए और उसके द्वारा दिए जा रहे टैक्स का पैसा राजनेताओं के विलासी जीवन के अलावा प्रचार में भी अनगिनत तरीके से खर्च हो।

रामवीर तंवर द्वारा दायर की गई आरटीआई के जवाब से पता चला है कि मोदी सरकार ने साढ़े तीन सालों से भी कम समय में विज्ञापन पर 3600 करोड़ रुपए खर्च कर दिए हैं।
इन विज्ञापनों में पीएम मोदी और अन्य मंत्रियों की तस्वीरें इस्तेमाल की गई हैं। विज्ञापन और दृश्य प्रचार निदेशालय (डीएवीपी) द्वारा दी सूचना के मुताबिक, अप्रैल 2014 से अक्टूबर 2017 के बीच यह पैसे खर्च किए गए हैं। 

अप्रैल 2014 से जून 2017 के बीच 1600 करोड़ रुपए इलेक्ट्रॉनिक मीडिया पर दिए जाने वाले विज्ञापनों पर खर्च किए हैं। इसमें कम्युनिटी रेडियो स्टेशन, डिजिटल सिनेमा, टीवी चैनलों, इंटरनेट और जनसंपर्क द्वारा किए जाने वाले प्रचार पर खर्च किए गए हैं। सूचना और प्रसारण मंत्रालय द्वारा दिए गए जवाब में कहा गया है कि सरकार ने 1700 करोड़ अखबारों में किए गए प्रचार पर और 400 करोड़ रुपए बैनर, होर्डिंग्स और बिल बोर्ड पर खर्च किए हैं।

बता दें, कि रामवीर द्वारा ही पिछले साल दी गई एक अन्य आरटीआई के जवाब में यह बात सामने आई थी कि केंद्र सरकार ने 1100 करोड़ ढाई सालों में उन विज्ञापनों पर खर्च किए थे जिनमें प्रधानमंत्री मोदी को दिखाया गया था। इस साल मार्च में दिल्ली के उप-राज्यपाल अनिल बैजल ने यह आदेश दिया था कि आम आदमी पार्टी से 97 करोड़ रुपए वसूले जाएं जो उन्होंने कथित तौर पर ‘शेखी बघारने के चक्कर में’ विज्ञापन पर खर्च किए थे। इसके लिए उन्होंने जांच की भी बात की थी।

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